सोमवार को कोलेबिरा प्रखंड कांग्रेस कमेटी द्वारा धरती आबा बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर, कांग्रेस के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने बिरसा मुंडा के चित्र पर पुष्पांजलि चढ़ाकर उनके संघर्ष, त्याग और सामाजिक न्याय के प्रति समर्पण को याद किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रखंड अध्यक्ष राकेश कोनगाड़ी ने बिरसा मुंडा को आदिवासी समाज का महानायक, समाज सुधारक और स्वतंत्रता संग्राम का अग्रदूत बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बिरसा मुंडा ने अंग्रेजी शासन के शोषण और अन्याय के खिलाफ आदिवासी समाज को संगठित कर उनके अधिकारों की रक्षा के लिए ऐतिहासिक संघर्ष किया। उनके नेतृत्व में चला 'उलगुलान' आंदोलन आज भी लोगों को अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने की प्रेरणा देता है। वक्ताओं ने कहा कि बिरसा मुंडा का जीवन साहस, स्वाभिमान और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा का प्रतीक है, और हालाँकि उनका निधन मात्र 25 वर्ष की आयु में 9 जून, 1900 को हो गया था, उनके विचार आज भी समाज को दिशा दे रहे हैं। इस कार्यक्रम में जिला सचिव सह विधायक प्रतिनिधि सुलभ नेल्सन डुंगडुंग, सांसद प्रतिनिधि सुनील खड़िया, अल्पसंख्यक प्रखंड अध्यक्ष तजमुल अहमद, पंचायत अध्यक्ष कुलदीप सोरेंग, कंदरू नायक, प्रफुल्ल पहान, कुलदीप टेटे, बसंत डुंगडुंग, रोशन टेटे सहित कई अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।
सोमवार को कोलेबिरा प्रखंड कांग्रेस कमेटी द्वारा धरती आबा बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर, कांग्रेस के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने बिरसा मुंडा के चित्र पर पुष्पांजलि चढ़ाकर उनके संघर्ष, त्याग और सामाजिक न्याय के प्रति समर्पण को याद किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रखंड अध्यक्ष राकेश कोनगाड़ी ने बिरसा मुंडा को आदिवासी समाज का महानायक, समाज सुधारक और स्वतंत्रता संग्राम का अग्रदूत बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बिरसा मुंडा ने अंग्रेजी शासन के शोषण और अन्याय के खिलाफ आदिवासी समाज को संगठित कर उनके अधिकारों की रक्षा के लिए ऐतिहासिक संघर्ष किया। उनके नेतृत्व में चला 'उलगुलान' आंदोलन आज भी लोगों को अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने की प्रेरणा देता है। वक्ताओं ने कहा कि बिरसा मुंडा का जीवन साहस, स्वाभिमान और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा का प्रतीक है, और हालाँकि उनका निधन मात्र 25 वर्ष की आयु में 9 जून, 1900 को हो गया था, उनके विचार आज भी समाज को दिशा दे रहे हैं। इस कार्यक्रम में जिला सचिव सह विधायक प्रतिनिधि सुलभ नेल्सन डुंगडुंग, सांसद प्रतिनिधि सुनील खड़िया, अल्पसंख्यक प्रखंड अध्यक्ष तजमुल अहमद, पंचायत अध्यक्ष कुलदीप सोरेंग, कंदरू नायक, प्रफुल्ल पहान, कुलदीप टेटे, बसंत डुंगडुंग, रोशन टेटे सहित कई अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।
- गुमला के चैनपुर स्थित कमलपुर में आदिवासी समाज की सामाजिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से अतखा पड़हा का उन्नीसवां महासम्मेलन हर्षोल्लास और पारंपरिक गरिमा के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस कार्यक्रम का आयोजन राजी पड़हा एवं मूली पड़हा मुख्यालय दीपु बगीचा जशपुर के तत्वावधान में किया गया था, जिसकी जानकारी सोमवार शाम चार बजे दी गई। महासम्मेलन में आदिवासी रूढ़ी प्रथा आधारित स्वशासन व्यवस्था को सशक्त बनाने, सामाजिक जनगणना कराने, पड़हा का निबंधन करने, जनजागरण अभियान चलाने और समाज की एकता व अधिकारों की रक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। वक्ताओं ने सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देने के साथ ही समाज को व्याप्त कुरीतियों से दूर रखने का भी पुरजोर आह्वान किया। कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह साढ़े ग्यारह बजे पारंपरिक पूजा-अर्चना के साथ हुआ, जिसके उपरांत अतिथियों का स्वागत-सम्मान किया गया। इस दौरान समाज के उत्थान और संगठन की मजबूती को लेकर गहन विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में राजी पड़हा राजी देवान बसंत कुमार भगत ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि विशिष्ट अतिथियों में सतमनी भगत, शिवशंकर उरांव, नेलशन भगत, राजू उरांव, चुईया कुजूर, देवराम लाल उरांव, गौरी किंडो, राजबेल उरांव, सोनो मिंज और महेंद्र उरांव सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए। जशपुर मूली पड़हा के प्रतिनिधियों और युवा संघ अतखा पड़हा कमलपुर के सदस्यों की भी इसमें सक्रिय भागीदारी रही। महासम्मेलन के समापन पर श्रद्धालुओं और समाज के लोगों के बीच महाप्रसाद एवं भोजन का वितरण किया गया। इस सफल आयोजन में पड़हा पदाधिकारियों, महिला प्रतिनिधियों, युवा साथियों एवं समस्त कुड़ुख उरांव समाज के लोगों का सराहनीय योगदान रहा।1
- कांसाबेल में स्व. शशि प्रसाद मेमोरियल हेल्थ क्लीनिक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई पहचान बना रहा है। यहां अनुभवी जनरल फिजिशियन और कान, नाक, गला रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक कुमार गुप्ता (MBBS, M.S. ENT) द्वारा कान, नाक, गला तथा सिर-गर्दन से संबंधित सभी प्रकार की समस्याओं का विश्वसनीय और किफायती इलाज प्रदान किया जा रहा है। परामर्श का समय सुबह 8:00 से 9:00 बजे और शाम 5:00 से 7:00 बजे तक है। क्लीनिक स्टेट बैंक के पास, चर्च रोड, कांसाबेल में स्थित है, और अधिक जानकारी के लिए 9977502622 या 8269870861 पर संपर्क किया जा सकता है।1
- खुंटी एस्ट्रो टर्फ स्टेडियम में हाल ही में एक समारोह आयोजित किया गया, जहाँ पदक विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में खुंटी के विधायक राम सूर्या मुंडा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।1
- ग्रामीणों ने गलत तरीके से हो रहे सड़क निर्माण कार्य को रुकवा दिया है। निर्माण की विधि में त्रुटियों के कारण ग्रामीणों ने हस्तक्षेप करते हुए काम बंद करवाया।1
- वफादार कुत्ते आज देर रात में वापस घर लौठा वफादार कुत्ते आज देर रात में वापस घर लौठा , लेकिन रात में घर सुरक्षा देता है वफादार कुत्ते आज देर रात में वापस घर लौठा , लेकिन रात में घर सुरक्षा देता है वफादार कुत्ते आज देर रात में वापस घर लौठा , लेकिन रात में घर सुरक्षा देता है वफादार कुत्ते आज देर रात में वापस घर लौठा , लेकिन रात में घर सुरक्षा देता है वफादार कुत्ते आज देर रात में वापस घर लौठा , लेकिन रात में घर सुरक्षा देता है1
- खुंटी से मिली जानकारी के अनुसार, अंडर-18 एशिया कप में भारतीय महिला हॉकी टीम ने बेहद शानदार प्रदर्शन किया है। इसी उपलब्धि के संबंध में खुंटी की श्रुति कुमारी ने टूर्नामेंट से जुड़े अपने अनुभव साझा किए हैं।1
- लातेहार के महुआडांड़ में P.M.K.K.K.Y. (D.M.F.T) योजना के तहत नवीन के घर से सिविरियुस कुजूर के घर तक प्रस्तावित पीसीसी पथ निर्माण का शिलान्यास केवल कागजों और शिलापट्ट तक ही सीमित होकर रह गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि जिस सड़क का शिलान्यास उनके गांव कुरुंद में हुआ था, वह बनी ही नहीं, बल्कि उसी योजना की राशि का उपयोग किसी और जगह सड़क बनाने में कर दिया गया, जिससे सरकारी पैसे का "बंदरबांट" हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, नवीन के घर से आगे सिर्फ कुछ दूरी तक ही काम हुआ है, और सिविरियुस कुजूर के घर तक पहुंचने के लिए करीब 150 मीटर का हिस्सा आज भी कच्चा पड़ा है। ग्रामीणों ने बताया कि कुरुंद के लिए स्वीकृत इस सड़क की राशि से पंचायत की किसी दूसरी जगह पूरी सड़क बना दी गई, जिससे उनका 150 मीटर का हिस्सा अधूरा रह गया है। शिलापट्ट पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, चतरा सांसद कालीचरण सिंह, मनिका विधायक रामचन्द्र सिंह और जिला डीसी उत्कर्ष गुप्ता जैसे बड़े नामों की उपस्थिति में शिलान्यास का उल्लेख है। इसके बावजूद, ग्रामीण बरसात में कीचड़ और दलदल से होकर गुजरने को मजबूर हैं, जिससे स्कूली बच्चों और मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आक्रोशित ग्रामीणों ने इसे DMFT फंड का "खुला दुरुपयोग" बताते हुए "गरीबों के हक पर डाका" करार दिया है। उन्होंने कहा कि खनन प्रभावित क्षेत्र के विकास के लिए आया पैसा दूसरी जगह सड़क बनाकर उनके साथ "धोखा" किया गया है। ग्रामीणों ने उपायुक्त लातेहार से एक उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। वे चाहते हैं कि तकनीकी टीम भेजकर स्थल की जांच की जाए कि कुरुंद की सड़क अधूरी क्यों छोड़ी गई और उसी फंड से दूसरी जगह सड़क कैसे बनी। ग्रामीणों ने दोषी ठेकेदार और अधिकारियों पर कार्रवाई के साथ-साथ बचे हुए 150 मीटर के निर्माण की भी तत्काल मांग की है।4
- महुआडांड़ के शास्त्री चौक से पेट्रोल पंप तक नाली की सफाई और मरम्मत के लिए स्वीकृत ₹2.50 लाख की योजना अब स्थानीय लोगों के लिए गंभीर परेशानी और खतरे का सबब बन गई है। करीब चार महीने पहले शुरू हुआ यह कार्य बीच में ही ठप पड़ गया है, जिसके कारण सड़क किनारे की नालियां खुली और क्षतिग्रस्त हालत में छोड़ दी गई हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि संवेदक ने काम को अधूरा ही छोड़कर क्षेत्र में दुर्घटनाओं का जोखिम लगातार बढ़ा दिया है। खुली हुई ये नालियां अब 'मौत का जाल' बन चुकी हैं। स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों के अनुसार, कई जगहों पर पुराने स्लैब हटा दिए गए हैं और नालियां 3 से 4 फीट गहरे गड्ढों के रूप में खुली पड़ी हैं। आए दिन स्कूली बच्चे, बुजुर्ग और दोपहिया वाहन चालक इनमें गिरकर चोटिल हो रहे हैं, और शाम तथा रात के समय स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। इसके साथ ही, अधूरी मरम्मत और जाम नालियों के कारण गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे दुकानों के सामने जल-जमाव और कीचड़ की स्थिति बनी हुई है। इससे ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, और लोगों का कहना है कि बारिश शुरू होने के बाद यह समस्या और गंभीर हो जाएगी, जिससे सड़क पर चलना मुश्किल हो जाएगा। नालियों में जमा इस गंदे पानी और बढ़ती गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ने लगा है, जिससे स्थानीय नागरिक डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका जता रहे हैं। स्थानीय दुकानदारों, अभिभावकों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस मामले की तत्काल जांच कर संवेदक के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांग है कि अधूरे पड़े कार्य को अविलंब पूरा कराया जाए और कार्य की गुणवत्ता व प्रगति की जांच के बाद ही किसी प्रकार का भुगतान किया जाए। ग्रामीणों ने यह चेतावनी भी दी है कि यदि जल्द ही निर्माण कार्य फिर से शुरू नहीं कराया गया, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे, क्योंकि जनता की सुरक्षा और सुविधा से जुड़ी योजनाओं में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।3