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मध्य प्रदेश में नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन सामने आया है। टिकट मिलने से इनकार के बाद कुछ कार्यकर्ताओं ने 'मोहन यादव मुर्दाबाद' और 'बीजेपी मुर्दाबाद' के नारे लगाए। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब इन्हीं कार्यकर्ताओं के बारे में कहा जा रहा है कि कल तक ये पार्टी और नेतृत्व के नाम पर राष्ट्रभक्ति के बड़े भाषण देते थे। इस स्थिति पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं कि क्या यह विचारधारा की राजनीति है या केवल सत्ता की, क्योंकि एक टिकट कटने से ही निष्ठा बदलती दिखाई दे रही है। यह स्थिति स्पष्ट तौर पर राजनीतिक दल के भीतर के विरोधाभासों और दोहरेपन को दर्शाती है, जिसे लेकर तीखी टिप्पणी की गई है कि ऐसा दोगलापन ज्यादा दिन नहीं छिपता।
Deepak kushwaha
मध्य प्रदेश में नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन सामने आया है। टिकट मिलने से इनकार के बाद कुछ कार्यकर्ताओं ने 'मोहन यादव मुर्दाबाद' और 'बीजेपी मुर्दाबाद' के नारे लगाए। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब इन्हीं कार्यकर्ताओं के बारे में कहा जा रहा है कि कल तक ये पार्टी और नेतृत्व के नाम पर राष्ट्रभक्ति के बड़े भाषण देते थे। इस स्थिति पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं कि क्या यह विचारधारा की राजनीति है या केवल सत्ता की, क्योंकि एक टिकट कटने से ही निष्ठा बदलती दिखाई दे रही है। यह स्थिति स्पष्ट तौर पर राजनीतिक दल के भीतर के विरोधाभासों और दोहरेपन को दर्शाती है, जिसे लेकर तीखी टिप्पणी की गई है कि ऐसा दोगलापन ज्यादा दिन नहीं छिपता।
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- मध्य प्रदेश में नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन सामने आया है। टिकट मिलने से इनकार के बाद कुछ कार्यकर्ताओं ने 'मोहन यादव मुर्दाबाद' और 'बीजेपी मुर्दाबाद' के नारे लगाए। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब इन्हीं कार्यकर्ताओं के बारे में कहा जा रहा है कि कल तक ये पार्टी और नेतृत्व के नाम पर राष्ट्रभक्ति के बड़े भाषण देते थे। इस स्थिति पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं कि क्या यह विचारधारा की राजनीति है या केवल सत्ता की, क्योंकि एक टिकट कटने से ही निष्ठा बदलती दिखाई दे रही है। यह स्थिति स्पष्ट तौर पर राजनीतिक दल के भीतर के विरोधाभासों और दोहरेपन को दर्शाती है, जिसे लेकर तीखी टिप्पणी की गई है कि ऐसा दोगलापन ज्यादा दिन नहीं छिपता।1
- सागर जिले के बीना शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों को मृत करार देते हुए कांग्रेस द्वारा विरोध स्वरूप अर्थी यात्रा निकाली जा रही है। कांग्रेस ने इस प्रदर्शन के दौरान दो अर्थियां निकाली हैं, जिनमें से एक नगर के लिए और दूसरी पूरे विधानसभा क्षेत्र के लिए समर्पित है।1
- मध्य प्रदेश के बीना में करीब 78.33 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित खिमलासा-कजिया मार्ग भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण के कारण जानलेवा साबित हो रहा है। गुरुवार को इस सड़क की एक गहरी दरार में बाइक का पहिया फंसने से उमरिया निवासी लंबरदार भगवान सिंह की दर्दनाक मौत हो गई। इस दुखद घटना के साथ ही इस मार्ग पर अब तक हादसों में मरने वालों की संख्या पांच हो गई है। लगभग 36.8 से 37 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) के माध्यम से न्यू डेवलपमेंट बैंक वित्तपोषित परियोजना के तहत किया गया था, लेकिन निर्माण के कुछ ही समय बाद सड़क पर गहरी दरारें और सतह उखड़ने जैसी समस्याएं सामने आने लगीं। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और पूर्व जनपद अध्यक्ष इंदर सिंह ठाकुर के नेतृत्व में भानगढ़ में उग्र प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सड़क की दयनीय स्थिति और दरारों की जानकारी प्रशासन व निर्माण एजेंसी को लंबे समय से थी, लेकिन जानबूझकर मरम्मत में लापरवाही बरती गई। स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाए हैं कि गुणवत्ता मानकों को ताक पर रखकर निर्माण कार्य किया गया और अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदार को भुगतान भी जारी कर दिया गया। लोगों का कहना है कि एमपीआरडीसी के कई अन्य निर्माण कार्यों की स्थिति भी इसी तरह खराब है, जो विभागीय अधिकारियों की निरीक्षण और गुणवत्ता परीक्षण में बरती गई गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। इंदर सिंह ठाकुर ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क की दरारों की मरम्मत नहीं हुई और जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो आमजन बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय एवं स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए, गुणवत्ता रिपोर्ट सार्वजनिक हो, दोषी ठेकेदार व लापरवाह अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए और मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा मिले। खराब सड़क, बेईमान कंपनी और लापरवाह प्रशासन के इस 'मौत वाले खेल' ने पूरे क्षेत्र में व्यवस्था के प्रति गहरा रोष पैदा कर दिया है।3
- मध्य प्रदेश बिजली उपभोक्ता एसोसिएशन ने मुंगावली के जयस्तंभ चौराहा स्थित बस स्टैंड पर बिजली के स्मार्ट मीटर जबरन लगाए जाने, पहले से लगे स्मार्ट मीटर हटाए जाने, बिजली की बढ़ती कीमतों और बिलों में हो रही बढ़ोतरी के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने इस मुद्दे को लेकर एस.डी.एम. को ज्ञापन सौंपा है। एसोसिएशन के राज्य समिति सदस्य श्री सचिन जैन जी ने बिजली को आधुनिक सभ्यता की धुरी बताते हुए कहा कि स्मार्ट मीटर के माध्यम से आम जनता की जेब खाली की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि उपभोक्ताओं द्वारा मना करने के बावजूद कंपनी जबरन स्मार्ट मीटर लगा रही है, जिससे बिलों में बेतहाशा वृद्धि हो रही है और जो उपभोक्ता मोबाइल का उपयोग नहीं करते, उन्हें ऑफलाइन बिल भी नहीं मिल रहे हैं। सभा को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के वक्ताओं ने स्मार्ट मीटर से जुड़े तकनीकी खतरों और बिलिंग प्रणालियों जैसे टी.ओ.डी., डायनेमिक प्राइसिंग और रियल टाइम मॉनिटरिंग पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए नियंत्रित होने वाले ये मीटर सॉफ्टवेयर में बदलाव और मनमानी रीडिंग की संभावना बढ़ाते हैं, जिससे उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। एसोसिएशन ने विद्युत अधिनियम 2003 का हवाला देते हुए दावा किया कि मौजूदा डिजिटल मीटर को बदलना गलत है। इसके साथ ही, केंद्र सरकार की रियैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आर.डी.एस.एस.) को सिर्फ एक योजना बताते हुए उन्होंने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर जी के संसद में दिए उस बयान का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं पर जबरन नहीं थोपे जाएंगे और इन्हें लगाना अनिवार्य नहीं है। इस प्रदर्शन का संचालन शिशुपाल ने किया और इसमें एसोसिएशन के सदस्य देवेंद्र विजोरे, राखी, भागीरथ दादा सहित सैकड़ों उपभोक्ता शामिल हुए। कालीचरण, नितिन, अभिषेक, दिनेश, उधमसिंह, रविंद्र गुर्जर, जाहिद खान, दीपक योगी और रूपसिंह जैसे अन्य लोग भी इस विरोध में मौजूद रहे। एसोसिएशन ने अपनी मांगों के तहत किसी भी सुविधा के नाम पर जबरन स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगाने, लगे हुए स्मार्ट मीटर को तुरंत हटाने, बढ़े हुए बिजली बिल वापस लेने और बिजली के निजीकरण पर अंकुश लगाने की मांग की है।1
- सागर जिले के खिमलासा में चोरों ने एक बार फिर आतंक मचाते हुए दो दुकानों के ताले तोड़कर चोरी की घटना को अंजाम दिया है। पहली वारदात राधिका ऑनलाइन दुकान में हुई, जहाँ से चोर फोटो कॉपी मशीनें, प्रिंटर और कंप्यूटर के साथ-साथ करीब 10 क्विंटल गेहूं, चना और अन्य सामान ले उड़े। संचालक नकुल चंदेल के अनुसार, इस चोरी में लगभग 1,50,000 रुपये का नुकसान हुआ है। इसके कुछ ही दूरी पर स्थित बंटी साहू की किराना दुकान को भी निशाना बनाया गया, जहाँ से चोर लगभग 50,000 से 60,000 रुपये का किराना सामान चोरी कर ले गए। इलाके में चोरियों का सिलसिला थम नहीं रहा है। खिमलासा थाना अंतर्गत एक सप्ताह के भीतर यह दूसरी चोरी है। स्थिति यह है कि इसी सप्ताह कंजिया रोड से चोर एक मोटरसाइकिल भी लूट ले गए थे। फिलहाल, खिमलासा पुलिस चोरों को पकड़ने का प्रयास कर रही है।4
- भारतीय जनता पार्टी ने दतिया उपचुनाव 2026 के लिए आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। इस घोषणा के साथ ही नरोत्तम मिश्रा को एक बड़ा राजनीतिक झटका लगा है।1
- Post by Mahesh Nagaich1
- भोपाल में दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने आशुतोष तिवारी को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। अपनी उम्मीदवारी की घोषणा के बाद आशुतोष तिवारी ने पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन ने उन पर भरोसा जताया है। इस चुनावी मुकाबले को लेकर उन्होंने पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को अपना अभिभावक संबोधित किया। आशुतोष तिवारी ने स्पष्ट किया कि वे नरोत्तम मिश्रा के मार्गदर्शन में पूरी ताकत के साथ यह चुनाव लड़ेंगे। दतिया में भाजपा ने अपनी चुनावी गतिविधियों और अभियान को अब और अधिक तेज कर दिया है।1