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जनगणना कार्य के दौरान एक व्यक्ति को इतना आदर और सम्मान मिला कि उसे महसूस हुआ जैसे यह उसकी अपनी सगी माँ का दिया हुआ सम्मान हो। इस अनुभव पर व्यक्ति ने बताया कि ऐसा सम्मान तो अमीरों के घरों में भी नहीं मिलता है।
रवि मौर्या राज वंश
जनगणना कार्य के दौरान एक व्यक्ति को इतना आदर और सम्मान मिला कि उसे महसूस हुआ जैसे यह उसकी अपनी सगी माँ का दिया हुआ सम्मान हो। इस अनुभव पर व्यक्ति ने बताया कि ऐसा सम्मान तो अमीरों के घरों में भी नहीं मिलता है।
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- जनगणना कार्य के दौरान एक व्यक्ति को इतना आदर और सम्मान मिला कि उसे महसूस हुआ जैसे यह उसकी अपनी सगी माँ का दिया हुआ सम्मान हो। इस अनुभव पर व्यक्ति ने बताया कि ऐसा सम्मान तो अमीरों के घरों में भी नहीं मिलता है।1
- बदायूँ जिले के ग्राम करेंगी में हनुमान मंदिर के पास स्थित सरकारी हैंडपंप पिछले कई दिनों से खराब पड़ा है और पूरी तरह से टूट गया है। यह नल गाँव और रास्ते से आने-जाने वाले लोगों के लिए पीने के पानी का एक महत्वपूर्ण साधन है, लेकिन गाँव का कोई भी व्यक्ति इसकी मरम्मत कराने के लिए तैयार नहीं है। इस समस्या के समाधान के लिए संबंधित विभाग से विनम्र निवेदन किया गया है कि कृपया इस नल को जल्द से जल्द ठीक कराया जाए।4
- संभल राजघाट पर गंगा बबराला की स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखने के प्रशासन के दावों पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं। स्थानीय प्रशासन की लचर व्यवस्था को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। इस पूरे घटनाक्रम से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- जनपद संभल में नदियों और तालाबों की 700 बीघा से अधिक जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त करा लिया गया है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद की गई है, जिन्होंने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को तालाबों और नदियों से अवैध कब्जों को हटाने के निर्देश दिए थे। संभल के जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि शासन के आदेशों के अनुसार, जनपद के जलीय स्रोतों को उनके मूल स्वरूप में वापस लाने की कार्यवाही की जा रही है। पूरे जनपद में ऐसे 65 तालाब चिह्नित किए गए हैं जिनका क्षेत्रफल 2 हेक्टेयर से अधिक है, और इन्हें अतिक्रमण मुक्त कराकर तालाबों के तौर पर पुनर्जीवित किया जाना है। इसके साथ ही, पुरानी नदियों और उनके स्रोतों पर भी काम किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने बताया कि पिछले लगभग 7 से 10 दिनों के भीतर 700 बीघा से अधिक ऐसी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया गया है, और विकास विभाग द्वारा इस जमीन को उसके मूल स्वरूप में लाने का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस प्रकार की कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।4
- संभल के ग्राम कसेरुआ में किसानों ने कृषि भूमि अधिग्रहण के विरोध में एक विशाल किसान महापंचायत का आयोजन कर सरकार के खिलाफ अपना रोष व्यक्त किया। इस महापंचायत में भूमि अधिग्रहण, खेती की बढ़ती लागत और फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी जैसे प्रमुख मुद्दों को लेकर आवाज बुलंद की गई, साथ ही संघर्ष को तेज करने का भी संकल्प लिया गया। यह कार्यक्रम ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन (AIKKMS) के बैनर तले गोकुल सिंह एवं तेजपाल सिंह के बाग में आयोजित किया गया था, जिसमें क्षेत्र के सैकड़ों किसान शामिल हुए। महापंचायत की अध्यक्षता अमर सिंह ने की। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय नेता सत्यभान सिंह ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि विकास के नाम पर उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण किसानों के अस्तित्व पर सीधा हमला है। उन्होंने कृषि भूमि की सुरक्षा और किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक व्यापक जनसंघर्ष खड़ा करने का आह्वान किया। सत्यभान सिंह ने किसानों को समय पर खाद न मिलने और उर्वरकों की बढ़ती कीमतों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि सरकार एमएसपी की कानूनी गारंटी की किसानों की पुरानी मांग पर कोई गंभीर कदम नहीं उठा रही है। महापंचायत में कृषि भूमि अधिग्रहण के विरोध, किसानों के अधिकारों की सुरक्षा, बढ़ती खेती की लागत और ग्रामीण रोजगार जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई, और भविष्य के किसान आंदोलनों की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया। किसानों ने स्पष्ट संदेश दिया कि विकास के नाम पर उनकी उपजाऊ जमीन छीनी जा रही है और वे अपनी जमीन, आजीविका तथा अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करेंगे। उन्होंने संकल्प लिया कि एमएसपी की कानूनी गारंटी मिलने और किसानों की समस्याओं का समाधान होने तक यह आंदोलन जारी रहेगा। महापंचायत में जिला अध्यक्ष सोमपाल सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष भगवान सिंह, जिला सचिव संजय राघव सहित बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और एकजुट होकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष तेज करने की प्रतिज्ञा ली।2
- उत्तर प्रदेश के अनिरुद्धपुर गांव में ग्रामीणों ने विकास कार्यों की घोर उपेक्षा पर गंभीर चिंता जताई है। उनका कहना है कि गांव में पिछले 15 सालों से खड़ंजा जर्जर हालत में पड़ा है, जिस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। इसके अतिरिक्त, गांव के लिए लाई गई सीसी सड़क योजना भी केवल आधे गांव में ही लागू की जा सकी है, जिससे पूरे गांव को इसका लाभ नहीं मिल पाया है। ग्रामीणों का आरोप है कि विकास योजनाओं की इस अनदेखी के कारण गांव में अपेक्षित सुधार नहीं हो पा रहा है। इस स्थिति के मद्देनजर, ग्रामीण अब जनता से सुझाव मांग रहे हैं कि इस समस्या और मौजूदा प्रधान के प्रति क्या कार्रवाई की जानी चाहिए।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली में एक बारात घर में दहेज को लेकर हुई मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि दूल्हे पक्ष के लोगों ने लड़की के पिता के साथ मारपीट की, जिसका एक वीडियो भी सामने आया है। पीड़ित ने इस संबंध में शनिवार को पुलिस शिकायत दर्ज कराई है। यह पूरा मामला आंवला थाना क्षेत्र का है। फुंदन नगर गांव के रहने वाले नन्हें ने थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि 3 जून को उनकी बेटी की शादी थी, जिसमें उन्होंने अपनी क्षमतानुसार दान-दहेज दिया था, जिसमें एक मोटरसाइकिल भी शामिल थी। बारात पहुंचने के बाद दूल्हे पक्ष के लोग मोटरसाइकिल से असंतुष्ट दिखे और उन्होंने बुलेट मोटरसाइकिल के साथ-साथ ₹2 लाख नकद की मांग शुरू कर दी। कथित तौर पर उन्होंने धमकी दी कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई, तो बारात दुल्हन के बिना वापस लौट जाएगी। इसी बात पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद दूल्हे पक्ष के कुछ लोग, जो नशे में बताए गए हैं, अपनी गाड़ियों से डंडे और लोहे की रॉड निकालकर लाए और हमला कर दिया। इस मारपीट में लड़की के पिता गंभीर रूप से घायल हो गए, उनके सिर में चोट आई और उन्हें सुनने में भी दिक्कत होने लगी। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि हंगामे के दौरान महिलाओं और युवतियों के साथ अभद्रता की गई और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ भी मारपीट की गई। विरोध करने पर उन्हें जान से मारने और लड़की का तलाक कराने की धमकी भी दी गई। पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।2
- एक गाय एक खेत में लगातार परिक्रमा कर रही है और रुकने का नाम नहीं ले रही है। यह गाय न तो कुछ खा रही है और न ही कहीं ठहर रही है, जिससे वहाँ मौजूद लोग आश्चर्यचकित हैं। इस अजीबोगरीब घटना को देखने के लिए खेत के पास लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई है, जहाँ इस बात पर चर्चा हो रही है कि यह किस देवी का साया हो सकता है।1