मोकामा में 300 साल पुराने वटवृक्ष को काटने की कोशिश | ग्रामीणों के विरोध के बाद वन विभाग ने लगाई मोकामा। मोकामा नगर परिषद क्षेत्र के धवलरानी टोला में स्थित करीब 300 साल पुराने ऐतिहासिक वटवृक्ष को काटने की कोशिश के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। ग्रामीणों के कड़े विरोध और शिकायत के बाद वन विभाग ने तत्काल प्रभाव से पेड़ की कटाई पर रोक लगा दी है और इसे अपने संरक्षण में ले लिया है। यह ऐतिहासिक बरगद का पेड़ गंगा किनारे स्थित प्रसिद्ध सिद्धनाथ मंदिर परिसर में है। स्थानीय लोगों के लिए यह सिर्फ एक पेड़ नहीं, बल्कि आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। वट सावित्री व्रत पर यहां बड़ी संख्या में महिलाएं पूजा करती हैं, जबकि शादी-विवाह जैसे शुभ अवसरों पर भी वटवृक्ष और मंदिर परिसर के कुएं की पूजा की परंपरा वर्षों से चली आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि गंगा तट पर स्थित इस विशाल वटवृक्ष की मजबूत जड़ें धवलरानी टोला को कटाव से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। साथ ही यह सैकड़ों पक्षियों का प्राकृतिक आश्रय स्थल भी है। बताया जा रहा है कि मोहल्ले के एक व्यक्ति ने जमीन पर दावा करते हुए चौथी बार इस पेड़ को काटने की कोशिश की, जिसके बाद ग्रामीणों और उसके बीच तीखी नोकझोंक हो गई। इसके बाद ग्रामीण मोकामा थाना पहुंचे और थानाध्यक्ष कुणाल कुमार से वटवृक्ष की सुरक्षा की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष कुणाल कुमार और बाढ़ वन प्रक्षेत्र की रेंजर खुशबू ने तुरंत कार्रवाई की। वन विभाग ने पेड़ की कटाई पर रोक लगा दी और स्पष्ट किया कि 300 साल पुराने इस धरोहर वटवृक्ष को किसी भी कीमत पर काटने नहीं दिया जाएगा। विभाग अब इसकी सुरक्षा और संरक्षण स्वयं करेगा। प्रशासन के इस फैसले के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने राहत जताई और ऐतिहासिक वटवृक्ष को बचाने के लिए वन विभाग का आभार व्यक्त किया।
मोकामा में 300 साल पुराने वटवृक्ष को काटने की कोशिश | ग्रामीणों के विरोध के बाद वन विभाग ने लगाई मोकामा। मोकामा नगर परिषद क्षेत्र के धवलरानी टोला में स्थित करीब 300 साल पुराने ऐतिहासिक वटवृक्ष को काटने की कोशिश के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। ग्रामीणों के कड़े विरोध और शिकायत के बाद वन विभाग ने तत्काल प्रभाव से पेड़ की कटाई पर रोक लगा दी है और इसे अपने संरक्षण में ले लिया है। यह ऐतिहासिक बरगद का पेड़ गंगा किनारे स्थित प्रसिद्ध सिद्धनाथ मंदिर परिसर में है। स्थानीय लोगों के लिए यह सिर्फ एक पेड़ नहीं, बल्कि आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। वट सावित्री व्रत पर यहां बड़ी संख्या में महिलाएं पूजा करती हैं, जबकि शादी-विवाह जैसे शुभ अवसरों पर भी वटवृक्ष और मंदिर परिसर के कुएं की पूजा की परंपरा वर्षों से चली आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि गंगा तट पर स्थित इस विशाल वटवृक्ष की मजबूत जड़ें धवलरानी टोला को कटाव से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। साथ ही यह सैकड़ों पक्षियों का प्राकृतिक आश्रय स्थल भी है। बताया जा रहा है कि मोहल्ले के एक व्यक्ति ने जमीन पर दावा करते हुए चौथी बार इस पेड़ को काटने की कोशिश की, जिसके बाद ग्रामीणों और उसके बीच तीखी नोकझोंक हो गई। इसके बाद ग्रामीण मोकामा थाना पहुंचे और थानाध्यक्ष कुणाल कुमार से वटवृक्ष की सुरक्षा की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष कुणाल कुमार और बाढ़ वन प्रक्षेत्र की रेंजर खुशबू ने तुरंत कार्रवाई की। वन विभाग ने पेड़ की कटाई पर रोक लगा दी और स्पष्ट किया कि 300 साल पुराने इस धरोहर वटवृक्ष को किसी भी कीमत पर काटने नहीं दिया जाएगा। विभाग अब इसकी सुरक्षा और संरक्षण स्वयं करेगा। प्रशासन के इस फैसले के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने राहत जताई और ऐतिहासिक वटवृक्ष को बचाने के लिए वन विभाग का आभार व्यक्त किया।
- मोकामाघाट में CRPF के 88वें स्थापना दिवस पर शहीदों को श्रद्धांजलि, जवानों ने दिखाई शान बिहार के मोकामाघाट स्थित सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल का 88वां स्थापना दिवस पूरे उत्साह, गरिमा और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पुलिस उप महानिरीक्षक रविन्द्र भगत द्वारा शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर अमर जवानों को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। इसके बाद स्पेशल गार्ड ने उन्हें औपचारिक सलामी दी और उन्होंने गार्ड का निरीक्षण किया। सैनिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए डीआईजी रविन्द्र भगत ने सभी अधिकारियों, जवानों और उनके परिजनों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि वर्ष 1939 में स्थापित सीआरपीएफ आज देश की आंतरिक सुरक्षा का सबसे मजबूत स्तंभ बनकर राष्ट्र सेवा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बल की गौरवशाली परंपरा, शौर्य और समर्पण का उल्लेख करते हुए कहा कि संसद भवन पर आतंकी हमले को विफल करने से लेकर नक्सलवाद, आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ सफल अभियानों तक सीआरपीएफ ने हर चुनौती का साहस और दक्षता के साथ सामना किया है। स्थापना दिवस के अवसर पर ग्रुप सेंटर परिसर में केंद्रीय विद्यालय एवं केवीए द्वारा बच्चों के लिए चित्रकला और खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। साथ ही अंतर-कंपनी वॉलीबॉल प्रतियोगिता और सभी मेस में विशेष भोज का भी आयोजन हुआ। कार्यक्रम में उप महानिरीक्षक (चिकित्सा) डॉ. सुरेन्द्र प्रसाद यादव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, अधीनस्थ अधिकारी, जवान एवं उनके परिवार बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।1
- बिहार की राजधानी पटना के पांडरक में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के नए कार्यालय का उद्घाटन हुआ। इस कार्यक्रम में मुंगेर के सांसद ललन सिंह, मोकामा के विधायक अनंत कुमार सिंह और ग्रामीण मंत्री श्रवण कुमार शामिल हुए। इन दिग्गज नेताओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और भी महत्वपूर्ण बना दिया। इस अवसर पर जदयू के स्थानीय पदाधिकारियों ने भी शिरकत की।1
- बेगूसराय के बालिका गृह से पांच बच्चियों के एक साथ गायब होने की घटना. अनुमंडल अधिकारी SDO नें बयान देते हुऐ मीडिया क़ो . बेगूसराय के बालिका गृह से पांच बच्चियों के एक साथ गायब होने की घटना ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी है। इस चौंकाने वाले मामले के सामने आते ही प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। आखिर इतनी कड़ी निगरानी वाले बालिका गृह से बच्चियां बाहर कैसे निकल गईं, यह सवाल अब जांच के घेरे में है।1
- बेगूसराय- कार्यालय कक्ष में SP ने लगाया जनता दरबार, 20 फरियादियों की सुनी फरियाद कार्यालय कक्ष में एसपी मनीष में जनता दरबार का आयोजन किया. इस दौरान कुल 20 फरियादियों की फरियाद सुनी. इस बात की जानकारी सोमवार की देर रात 10:00 बजे एसपी मनीष ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए दी. एक-एक फरियादियों की फरियाद सुनते हुए संबंधित पुलिस पदाधिकारी को मामलों के निष्पादन के लिए निर्देशित किया. इस मौके पर एसपी ने कहा कि जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता है. इसके लिए सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को अपने-अपने क्षेत्र के गंभीर मामलों का लगातार अवलोकन करने का निर्देश दिया है.1
- श्रावणी मेले की तैयारियों का डीएम-एसपी ने लिया जायजा, अशोक धाम में सुरक्षा और सुविधाओं के होंगे व्यापक इंतजाम1
- #छात्र_आंदोलन के दौरान गिरफ्तार छात्रों की रिहाई की मांग अब और तेज होती दिख रही है। AISA की अध्यक्ष #नेहा_बोरा ने घोषणा की है कि 30 जुलाई 2026 को गिरफ्तार छात्रों की रिहाई की मांग! Mobile Tv News 👈 चैनल को #यूट्यूब_फेसबुक पर फॉलो करें1
- मोकामा में 300 साल पुराने वटवृक्ष को काटने की कोशिश | ग्रामीणों के विरोध के बाद वन विभाग ने लगाई मोकामा। मोकामा नगर परिषद क्षेत्र के धवलरानी टोला में स्थित करीब 300 साल पुराने ऐतिहासिक वटवृक्ष को काटने की कोशिश के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। ग्रामीणों के कड़े विरोध और शिकायत के बाद वन विभाग ने तत्काल प्रभाव से पेड़ की कटाई पर रोक लगा दी है और इसे अपने संरक्षण में ले लिया है। यह ऐतिहासिक बरगद का पेड़ गंगा किनारे स्थित प्रसिद्ध सिद्धनाथ मंदिर परिसर में है। स्थानीय लोगों के लिए यह सिर्फ एक पेड़ नहीं, बल्कि आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। वट सावित्री व्रत पर यहां बड़ी संख्या में महिलाएं पूजा करती हैं, जबकि शादी-विवाह जैसे शुभ अवसरों पर भी वटवृक्ष और मंदिर परिसर के कुएं की पूजा की परंपरा वर्षों से चली आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि गंगा तट पर स्थित इस विशाल वटवृक्ष की मजबूत जड़ें धवलरानी टोला को कटाव से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। साथ ही यह सैकड़ों पक्षियों का प्राकृतिक आश्रय स्थल भी है। बताया जा रहा है कि मोहल्ले के एक व्यक्ति ने जमीन पर दावा करते हुए चौथी बार इस पेड़ को काटने की कोशिश की, जिसके बाद ग्रामीणों और उसके बीच तीखी नोकझोंक हो गई। इसके बाद ग्रामीण मोकामा थाना पहुंचे और थानाध्यक्ष कुणाल कुमार से वटवृक्ष की सुरक्षा की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष कुणाल कुमार और बाढ़ वन प्रक्षेत्र की रेंजर खुशबू ने तुरंत कार्रवाई की। वन विभाग ने पेड़ की कटाई पर रोक लगा दी और स्पष्ट किया कि 300 साल पुराने इस धरोहर वटवृक्ष को किसी भी कीमत पर काटने नहीं दिया जाएगा। विभाग अब इसकी सुरक्षा और संरक्षण स्वयं करेगा। प्रशासन के इस फैसले के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने राहत जताई और ऐतिहासिक वटवृक्ष को बचाने के लिए वन विभाग का आभार व्यक्त किया।1
- तेल के पैसे मांगने पर बवाल, 10 लोगों पर हमला करने का आरोप; कोसुम्भा थाने में शिकायत शेखपुरा। भारत पेट्रोलियम रक्षा फ्यूल सर्विस पर कर्मियों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का पूरा घटनाक्रम पेट्रोल पंप के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है। पेट्रोल पंप संचालक विक्रम पासवान ने बताया कि एक व्यक्ति ने अपनी गाड़ी में तेल भरवाया, लेकिन भुगतान मांगने पर गाली-गलौज करने लगा। विरोध करने पर करीब 10 लोग मौके पर पहुंच गए और पैसे देने से इनकार करते हुए कर्मियों के साथ मारपीट करने लगे । घटना के बाद कोसुम्भा थाना में लिखित आवेदन देकर पेट्रोल पम्प संचालक कार्रवाई और न्याय की मांग की है। पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है तथा जांच के बाद उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है। उल्लेखनीय है कि जिले में हाल के दिनों में पेट्रोल पंपों पर मारपीट और चोरी की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। जिले में कानून का डर थोड़ा कमा है जिससे अपराधी के हौसले बढ़े है. कोसुम्भा थाना क्षेत्र के जियन बीघा गांव के समीप स्थित पेट्रोल पम्प की घटना.1