अनुज चौहान ने 'मनुज क्रांति न्यूज़' के माध्यम से वीआईपी संस्कृति पर कड़ा प्रहार करते हुए एक परेशान करने वाली घटना उजागर की है। उन्होंने बताया कि एक वीआईपी काफिले के लिए एक महिला के ठेले पर गर्म पानी डाल दिया गया, जिससे वह बुरी तरह झुलस गई, और इस पर प्रशासन पूरी तरह खामोश है। चौहान ने सवाल उठाया कि जब 'डिजिटल इंडिया' और 'स्मार्ट सिटी' की बातें की जा रही हैं, तब हकीकत यह है कि गरीब की पहचान सिर्फ एक 'वोटर' बनकर रह गई है। इस घटना पर रोष व्यक्त करते हुए, उन्होंने प्रशासन से सीधा प्रश्न किया कि क्या अब एक गरीब इंसान को अपनी रोजी-रोटी कमाने के लिए भी अनुमति लेनी होगी और अगर वह अपना ठेला भी नहीं लगा सकता, तो वह कहाँ जाएगा। अनुज चौहान ने जोरदार ढंग से पूछा कि क्या न्याय केवल अमीरों के लिए है और क्या वीआईपी संस्कृति इंसानियत से ऊपर है। 'मनुज क्रांति न्यूज़' ने कहा कि जनता अब अंधी नहीं है, वह सब देख रही है, और उसने इस 'सिस्टम की नाकामी' के खिलाफ 'गरीबों के लिए न्याय' की पुरजोर माँग की है।
अनुज चौहान ने 'मनुज क्रांति न्यूज़' के माध्यम से वीआईपी संस्कृति पर कड़ा प्रहार करते हुए एक परेशान करने वाली घटना उजागर की है। उन्होंने बताया कि एक वीआईपी काफिले के लिए एक महिला के ठेले पर गर्म पानी डाल दिया गया, जिससे वह बुरी तरह झुलस गई, और इस पर प्रशासन पूरी तरह खामोश है। चौहान ने सवाल उठाया कि जब 'डिजिटल इंडिया' और 'स्मार्ट सिटी' की बातें की जा रही हैं, तब हकीकत यह है कि गरीब की पहचान सिर्फ एक 'वोटर' बनकर रह गई है। इस घटना पर रोष व्यक्त करते हुए, उन्होंने प्रशासन से सीधा प्रश्न किया कि क्या अब एक गरीब इंसान को अपनी रोजी-रोटी कमाने के लिए भी अनुमति लेनी होगी और अगर वह अपना ठेला भी नहीं लगा सकता, तो वह कहाँ जाएगा। अनुज चौहान ने जोरदार ढंग से पूछा कि क्या न्याय केवल अमीरों के लिए है और क्या वीआईपी संस्कृति इंसानियत से ऊपर है। 'मनुज क्रांति न्यूज़' ने कहा कि जनता अब अंधी नहीं है, वह सब देख रही है, और उसने इस 'सिस्टम की नाकामी' के खिलाफ 'गरीबों के लिए न्याय' की पुरजोर माँग की है।
- मनुज क्रांति न्यूज़ के रिपोर्टर अनुज चौहान ने पुलिस के एक मानवीय और प्रेरणादायक कार्य की जानकारी साझा की है, जिसमें कुछ मासूम बच्चों को अंधेरे और मजबूरी की बेड़ियों में जकड़े बंधुआ मजदूरी के चंगुल से मुक्त कराया गया। इस कार्रवाई को केवल एक कानूनी पहल नहीं, बल्कि मानवता का एक बड़ा और प्रेरणादायक उदाहरण बताया गया है। बच्चों की रिहाई के बाद, पुलिस अधिकारियों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उन्हें न केवल सुरक्षा प्रदान की, बल्कि अपने हाथों से भरपेट खाना भी खिलाया। इस दौरान पुलिस बल ने बच्चों के प्रति अपनेपन का भाव जगाकर उनके मानवीय पक्ष का प्रदर्शन किया। रिपोर्टर अनुज चौहान ने इस तरह की पुलिसिंग की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी खबरें अक्सर दबा दी जाती हैं, लेकिन हमें उन प्रयासों को महत्व देना चाहिए जो पीड़ित को केवल 'केस' नहीं, बल्कि एक इंसान समझते हैं। उनके अनुसार, न्याय का असली अर्थ केवल कानून लागू करना नहीं, बल्कि पीड़ित को सहारा देना भी है। मुक्त कराए गए इन बच्चों को अब समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। रिपोर्टर ने समाज से ऐसे ही सकारात्मक प्रयासों का मिलकर समर्थन करने का आह्वान किया, और मनुज क्रांति न्यूज़ ने अपने संकल्प को दोहराया कि उनका लक्ष्य हर गरीब को न्याय और सम्मान दिलाना है।1
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- Post by Ramakant1
- उन्नाव जिले के सफीपुर स्थित मोहल्ला जोगियाना में अराजकतत्वों ने खुलेआम उत्पात मचाते हुए नगर पंचायत निधि से लगे इंडिया मार्का हैंडपंप के बोर, वाटर कूलर और उसकी जाली को तोड़कर फेंक दिया। बायां तालाब के पास हुए इस घटना का वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें अराजकतत्वों की गुंडई साफ नजर आ रही है। मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी के स्पष्ट आदेश हैं कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वाले किसी भी व्यक्ति पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए और उसकी भरपाई भी उसी से की जाए। इसके ठीक विपरीत, सफीपुर में इस तरह खुलेआम सरकारी संपत्ति को तोड़ना अराजक तत्वों की गुंडई का स्पष्ट उदाहरण है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन लोगों द्वारा पहले भी ऐसी हरकतें और मारपीट कई बार की जा चुकी हैं, और इन पर प्रशासन का कोई दबाव नहीं है। लोगों ने प्रशासन से तुरंत सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ न हों। स्थानीय लोगों के अनुसार, शमशाद पुत्र जहूर, बबलू पुत्र जहूर, समीर पुत्र शमशाद, मुकर्रम अली, निसार पुत्र जहूर, मो आजम, साहिद, सरफराज पुत्र निसार, मारूफ पुत्र शमशाद और अन्य लोगों ने इस तोड़फोड़ में शामिल होकर जमकर उत्पात मचाया। इस मामले में, नगर पंचायत अधिशासी अधिकारी विनीत श्रीवास्तव ने थाना समाधान दिवस पर उपस्थित एसडीएम शिवेंद्र वर्मा को तहरीर देकर उपरोक्त सभी लोगों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश के रायबरेली स्थित राणा बेनी माधव सिंह जिला अस्पताल में मरीजों को एक्सपायरी डेट का ग्लूकोज और इंजेक्शन लगाए जाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और तीमारदारों के दावों के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। आरोपों के अनुसार, इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कई मरीजों की तबीयत मेडिकल सामग्री चढ़ाए जाने के बाद बिगड़ गई, जिसके चलते परिजनों में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, फुरसतगंज निवासी अमित कुमार वर्मा ने दावा किया है कि पैरालिसिस से पीड़ित उनके चाचा सहित अन्य मरीजों को मार्च 2026 में एक्सपायर हो चुकी ग्लूकोज की बोतलें और इंजेक्शन दिए गए। परिजनों ने इन संबंधित बोतलों और दवाओं को सबूत के तौर पर सुरक्षित रखने का भी दावा किया है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। मामले के तूल पकड़ने के बाद, जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. पुष्पेंद्र कुमार ने तत्काल एक जांच समिति का गठन कर विस्तृत छानबीन के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि यदि जांच में कोई भी कर्मचारी या डॉक्टर दोषी पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध सख्त विभागीय और वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने सरकारी अस्पतालों में दवा प्रबंधन और मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो के अनुसार, कानपुर नगर के रायपुर थाना क्षेत्र की नाबालिग प्रतिभा राजपूत का अपहरण कर दिल्ली में जबरन शारीरिक शोषण किया गया है। पीड़िता की मां कविता राजपूत और पीड़िता प्रतिभा राजपूत ने पीयूष नामक व्यक्ति पर शादी का झांसा देकर दिल्ली बुलाने और उसके दोस्तों, रोहित और सनी, द्वारा शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाया है। यह घटनाक्रम तब सामने आया जब प्रशासन द्वारा समस्या का समाधान न हो पाने की शिकायत की गई। पीड़िता प्रतिभा राजपूत, जिसकी उम्र लगभग 14 वर्ष बताई गई है, कुछ दिन पहले अपने घर से लापता हो गई थी। उसकी मां कविता राजपूत ने 15 जून, 2026 को रायपुर थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें बताया गया था कि प्रतिभा 48 घंटे से लापता थी। इसके उपरांत, 25 जून, बृहस्पतिवार को प्रतिभा और उसकी मां ने रायपुर थाने में एक नई सूचना दी। उन्होंने बताया कि अपराधी पीयूष ने नाबालिक प्रतिभा को प्रेम जाल में फंसाकर, गुमराह कर फुसलाया और शादी का झांसा देकर दिल्ली बुलाया। जब प्रतिभा बिना अपने माता-पिता को बताए दिल्ली पहुंची, तो पीयूष वहां मौजूद नहीं था। पीयूष ने प्रतिभा को फोन पर अपने दोस्त रोहित और सनी के कमरे में रुकने को कहा। पीड़िता जब रोहित और सनी के कमरे पर गई, तो उन दोनों ने उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए और पुलिस को बताने पर जान से मार देने की धमकी देकर वहां से भगा दिया। घटना के बाद डरी-सहमी प्रतिभा कानपुर आकर अपनी मां कविता राजपूत को आपबीती सुनाई। मां कविता राजपूत अपनी बच्ची को लेकर रायपुर थाने पहुंची, लेकिन उनका आरोप है कि थाने में 'जनरक्षक' द्वारा प्रार्थना पत्र में बदलाव करने को कहा गया। उनका यह भी कहना है कि प्रशासन की तरफ से उन्हें कोई आश्वासन नहीं मिल पा रहा है और अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं। मां कविता राजपूत अपनी बेटी प्रतिभा राजपूत को न्याय दिलाने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं, जबकि प्रशासन 'गोल-गोल मटोल बातें' कर रहा है। कानपुर से संवाददाता ओमवीर जी की भारत सूत्र लाइव टीवी डिजिटल मीडिया प्रेस की इस रिपोर्ट में वीडियो की पुष्टि नहीं की जाती है। अब यह देखना है कि प्रतिभा राजपूत को न्याय मिलता है या अन्याय और क्या प्रशासन प्रार्थना पत्र के आधार पर कार्रवाई करता है या नहीं।3
- कानपुर नगर से सामने आई जानकारी के अनुसार, एक अपराधी पीयूष पर शादी का झांसा देकर एक नाबालिग लड़की, प्रतिभा राजपूत, को दिल्ली बुलाकर कथित तौर पर अपने दोस्तों रोहित और सनी के साथ उसका शारीरिक शोषण करवाने का गंभीर आरोप लगा है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब कानपुर नगर के रायपुर थाना क्षेत्र का एक वीडियो भी कथित तौर पर सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, जिसमें प्रशासन पर नाबालिग के माता-पिता की शिकायत पर कोई विचार न करने का आरोप है। पीड़ित परिवार का कहना है कि वे परेशान हैं और उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है। वायरल वीडियो और रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता प्रतिभा राजपूत की मां कविता राजपूत ने बताया कि पीयूष के दोस्त रोहित और सनी ने उनकी बेटी का जबरन शारीरिक शोषण किया। प्रशासन को सूचना देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। कुछ समय पहले, विजय कुमार की पुत्री प्रतिभा राजपूत घर से लापता हो गई थी, जिसकी गुमशुदगी की सूचना उसकी मां कविता राजपूत ने 15 जून, 2026 को कानपुर नगर के रायपुर थाना क्षेत्र में दर्ज कराई थी। सूचना में बताया गया था कि प्रतिभा राजपूत की उम्र लगभग 14 वर्ष है और वह नाबालिग है। वह दो दिन से घर से लापता थी। इसके बाद, 25 जून, बृहस्पतिवार को पीड़िता प्रतिभा राजपूत और उसकी मां कविता राजपूत ने रायपुर थाने में यह सूचना दी कि अपराधी पीयूष ने नाबालिग प्रतिभा को प्रेम जाल में फंसाकर, गुमराह कर, फुसलाकर और शादी का झांसा देकर दिल्ली बुलाया था। जब प्रतिभा राजपूत अपने मां-बाप को बिना बताए दिल्ली पहुँची, तो आरोपी पीयूष वहाँ मौजूद नहीं था। उसने फोन पर पीयूष को बताया कि वह दिल्ली आ गई है, जिस पर पीयूष ने उसे अपने दोस्त रोहित और सनी के कमरे में रुकने को कहा। जब पीड़िता उनके कमरे में गई, तो रोहित और सनी ने कथित तौर पर उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए और पुलिस प्रशासन को न बताने या जान से मार देने की धमकी देकर उसे वहाँ से भगा दिया। घटना के बाद डरी-सहमी प्रतिभा ने कानपुर आकर अपनी मां कविता राजपूत को पूरी आपबीती सुनाई। इसके बाद जब मां कविता राजपूत बच्ची प्रतिभा राजपूत को लेकर रायपुर थाने गईं, तो वहाँ कथित तौर पर 'जनरक्षक' द्वारा प्रार्थना पत्र में बदलाव करने के लिए कहा गया। कविता राजपूत का आरोप है कि उन्हें प्रशासन से कोई आश्वासन नहीं मिल पा रहा है और अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं। पीड़िता प्रतिभा राजपूत और उसकी मां कविता राजपूत न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई सुनवाई नहीं हो रही है और "गोल मटोल बातें" की जा रही हैं। संवाददाता वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ एवं समृद्धि भारत समाचार पत्र द्वारा वीडियो की पुष्टि नहीं की जाती है, लेकिन यह सवाल उठ रहा है कि क्या प्रतिभा राजपूत को न्याय मिलेगा या अन्याय होगा, और प्रशासन प्रार्थना पत्र के आधार पर कार्रवाई करेगा या नहीं।1
- अनुज चौहान ने 'मनुज क्रांति न्यूज़' के माध्यम से वीआईपी संस्कृति पर कड़ा प्रहार करते हुए एक परेशान करने वाली घटना उजागर की है। उन्होंने बताया कि एक वीआईपी काफिले के लिए एक महिला के ठेले पर गर्म पानी डाल दिया गया, जिससे वह बुरी तरह झुलस गई, और इस पर प्रशासन पूरी तरह खामोश है। चौहान ने सवाल उठाया कि जब 'डिजिटल इंडिया' और 'स्मार्ट सिटी' की बातें की जा रही हैं, तब हकीकत यह है कि गरीब की पहचान सिर्फ एक 'वोटर' बनकर रह गई है। इस घटना पर रोष व्यक्त करते हुए, उन्होंने प्रशासन से सीधा प्रश्न किया कि क्या अब एक गरीब इंसान को अपनी रोजी-रोटी कमाने के लिए भी अनुमति लेनी होगी और अगर वह अपना ठेला भी नहीं लगा सकता, तो वह कहाँ जाएगा। अनुज चौहान ने जोरदार ढंग से पूछा कि क्या न्याय केवल अमीरों के लिए है और क्या वीआईपी संस्कृति इंसानियत से ऊपर है। 'मनुज क्रांति न्यूज़' ने कहा कि जनता अब अंधी नहीं है, वह सब देख रही है, और उसने इस 'सिस्टम की नाकामी' के खिलाफ 'गरीबों के लिए न्याय' की पुरजोर माँग की है।1