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अंबेडकर नगर जिले के अकबरपुर तहसील क्षेत्र के थाना बेवाना अंतर्गत एक ऐसा मामला सामने आया है, जहाँ एक रिटायर्ड लेखपाल के सामने पूरा राजस्व विभाग नतमस्तक दिखाई दे रहा है। इस स्थिति के चलते एक पीड़ित व्यक्ति बेहद परेशान होकर न्याय की गुहार लगाते हुए जगह-जगह फरियाद करता नजर आ रहा है।

4 days ago
user_ABN News Plus
ABN News Plus
पत्रकार Ambedkar Nagar, Uttar Pradesh•
4 days ago

अंबेडकर नगर जिले के अकबरपुर तहसील क्षेत्र के थाना बेवाना अंतर्गत एक ऐसा मामला सामने आया है, जहाँ एक रिटायर्ड लेखपाल के सामने पूरा राजस्व विभाग नतमस्तक दिखाई दे रहा है। इस स्थिति के चलते एक पीड़ित व्यक्ति बेहद परेशान होकर न्याय की गुहार लगाते हुए जगह-जगह फरियाद करता नजर आ रहा है।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया पर रील्स बनाने के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि ड्यूटी पर रहते हुए रील्स बनाना या सोशल मीडिया पर सरकारी गरिमा को ठेस पहुँचाना अनुशासनहीनता माना जाएगा और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जनता की सेवा के लिए मिला समय रील्स बनाने के लिए नहीं है, और सरकारी कर्मचारियों की जवाबदेही जनता के प्रति है, न कि सोशल मीडिया के लाइक्स और व्यूज के प्रति। यह कदम उन रिपोर्टों के बाद आया है जिनमें महिला और पुरुष पुलिसकर्मी वर्दी में फिल्मी गानों पर रील्स बनाते दिखे हैं, वहीं अस्पतालों में डॉक्टर और नर्सें मरीजों को छोड़कर वीडियो शूट करते पाए गए हैं। सीएम योगी के इस कड़े रुख के बाद, प्रशासन ने नई गाइडलाइंस तैयार की हैं, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वर्दी और ड्यूटी का रौब रील्स में नहीं, बल्कि काम में दिखना चाहिए।
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    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया पर रील्स बनाने के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि ड्यूटी पर रहते हुए रील्स बनाना या सोशल मीडिया पर सरकारी गरिमा को ठेस पहुँचाना अनुशासनहीनता माना जाएगा और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जनता की सेवा के लिए मिला समय रील्स बनाने के लिए नहीं है, और सरकारी कर्मचारियों की जवाबदेही जनता के प्रति है, न कि सोशल मीडिया के लाइक्स और व्यूज के प्रति। यह कदम उन रिपोर्टों के बाद आया है जिनमें महिला और पुरुष पुलिसकर्मी वर्दी में फिल्मी गानों पर रील्स बनाते दिखे हैं, वहीं अस्पतालों में डॉक्टर और नर्सें मरीजों को छोड़कर वीडियो शूट करते पाए गए हैं।

सीएम योगी के इस कड़े रुख के बाद, प्रशासन ने नई गाइडलाइंस तैयार की हैं, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वर्दी और ड्यूटी का रौब रील्स में नहीं, बल्कि काम में दिखना चाहिए।
    user_पत्रकार पांडे
    पत्रकार पांडे
    Comedy club जयसिंहपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • सुल्तानपुर के अहिबरनपुर गाँव के निवासी श्री भगवान दिन यादव ने 111 वर्ष की आयु में, अपने नाती राधेश्याम यादव और सुरेंद्र यादव के साथ हुई एक बातचीत में बताया कि पहले कार्यक्रम कैसे आयोजित किए जाते थे। उनकी इस चर्चा और अनुभवों को साझा करने से लोगों को बीते हुए कल की कल्पना आज के परिप्रेक्ष्य में करने का अवसर मिला।
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    सुल्तानपुर के अहिबरनपुर गाँव के निवासी श्री भगवान दिन यादव ने 111 वर्ष की आयु में, अपने नाती राधेश्याम यादव और सुरेंद्र यादव के साथ हुई एक बातचीत में बताया कि पहले कार्यक्रम कैसे आयोजित किए जाते थे। उनकी इस चर्चा और अनुभवों को साझा करने से लोगों को बीते हुए कल की कल्पना आज के परिप्रेक्ष्य में करने का अवसर मिला।
    user_Radhe Shyam
    Radhe Shyam
    Motivational Speaker जयसिंहपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं, विशेषकर गौर थाना क्षेत्र में। आरोप है कि यह क्षेत्र अपराधियों के लिए एक 'अघोषित सुरक्षित जोन' बन चुका है, जहां बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दिया जा रहा है। इसके विपरीत, पुलिस की कार्यप्रणाली पर संदेह व्यक्त किया गया है, क्योंकि वह अपराध दर्ज करने के नाम पर पीड़ितों को थाने के चक्कर लगवा रही है, जबकि पुलिसिया फाइलों में सब कुछ 'ऑल इज वेल' दिखाया जा रहा है। यह स्थिति महिला सुरक्षा के बड़े-बड़े दावों के ठीक उलट है। हाल ही में एक महिला और उसके परिजनों पर घर में घुसकर हमला किया गया। पीड़िता का गंभीर आरोप है कि न्याय मांगने पर पुलिस ने कार्रवाई तो दूर, उसकी तहरीर ही बदल दी, जिससे गंभीर आरोपों को हल्का करने का प्रयास किया गया। सिर्फ महिला सुरक्षा ही नहीं, गौर थाना क्षेत्र में चोरी और मोटरसाइकिल गायब होने जैसी घटनाएं भी आम हैं, और इन मामलों में भी प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा रही है। इस पर सवाल उठाया जा रहा है कि क्या पुलिस का एकमात्र लक्ष्य अपराध नियंत्रण के बजाय सिर्फ 'आंकड़ों' को चमकाना रह गया है, और क्या यह एक सुनियोजित साजिश है जिसके तहत गंभीर घटनाओं को कागजों से दूर रखकर जिले की अपराध रिपोर्ट को 'सफेद' बनाए रखा जा रहा है। थाने की इस नकारात्मक कार्यशैली के कारण पीड़ितों में गहरा रोष व्याप्त है। चेतावनी दी गई है कि यदि गौर पुलिस की कार्यप्रणाली में समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो यह न केवल जनता का पुलिस पर से विश्वास उठा देगा, बल्कि क्षेत्र में अपराध के नए आयामों को जन्म देगा। अब लोगों की उम्मीदें उच्च अधिकारियों के सख्त रुख और पुलिस की जवाबदेही तय करने की दिशा में होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं, यह देखने के लिए कि क्या जिला प्रशासन पुलिस के दावों और वास्तविक धरातल के बीच के अंतर को देख पाएगा, या फिर आम आदमी इसी तरह फाइलों और थानों के बीच पिसता रहेगा।
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    उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं, विशेषकर गौर थाना क्षेत्र में। आरोप है कि यह क्षेत्र अपराधियों के लिए एक 'अघोषित सुरक्षित जोन' बन चुका है, जहां बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दिया जा रहा है। इसके विपरीत, पुलिस की कार्यप्रणाली पर संदेह व्यक्त किया गया है, क्योंकि वह अपराध दर्ज करने के नाम पर पीड़ितों को थाने के चक्कर लगवा रही है, जबकि पुलिसिया फाइलों में सब कुछ 'ऑल इज वेल' दिखाया जा रहा है।

यह स्थिति महिला सुरक्षा के बड़े-बड़े दावों के ठीक उलट है। हाल ही में एक महिला और उसके परिजनों पर घर में घुसकर हमला किया गया। पीड़िता का गंभीर आरोप है कि न्याय मांगने पर पुलिस ने कार्रवाई तो दूर, उसकी तहरीर ही बदल दी, जिससे गंभीर आरोपों को हल्का करने का प्रयास किया गया। सिर्फ महिला सुरक्षा ही नहीं, गौर थाना क्षेत्र में चोरी और मोटरसाइकिल गायब होने जैसी घटनाएं भी आम हैं, और इन मामलों में भी प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा रही है। इस पर सवाल उठाया जा रहा है कि क्या पुलिस का एकमात्र लक्ष्य अपराध नियंत्रण के बजाय सिर्फ 'आंकड़ों' को चमकाना रह गया है, और क्या यह एक सुनियोजित साजिश है जिसके तहत गंभीर घटनाओं को कागजों से दूर रखकर जिले की अपराध रिपोर्ट को 'सफेद' बनाए रखा जा रहा है।

थाने की इस नकारात्मक कार्यशैली के कारण पीड़ितों में गहरा रोष व्याप्त है। चेतावनी दी गई है कि यदि गौर पुलिस की कार्यप्रणाली में समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो यह न केवल जनता का पुलिस पर से विश्वास उठा देगा, बल्कि क्षेत्र में अपराध के नए आयामों को जन्म देगा। अब लोगों की उम्मीदें उच्च अधिकारियों के सख्त रुख और पुलिस की जवाबदेही तय करने की दिशा में होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं, यह देखने के लिए कि क्या जिला प्रशासन पुलिस के दावों और वास्तविक धरातल के बीच के अंतर को देख पाएगा, या फिर आम आदमी इसी तरह फाइलों और थानों के बीच पिसता रहेगा।
    user_अजीत मिश्रा (खोजी)
    अजीत मिश्रा (खोजी)
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर के धनघटा में ADV इन्वेंशन एकेडमी पुतसर को 16.06.2026 को अवैध रूप से सील कर दिया गया है, जिसे 'संविधान की हत्या' और 'शिक्षा माफिया का आतंक' बताया जा रहा है। स्कूल प्रबंधन ने SDM धनघटा, BEO नाथनगर अरुण प्रताप सिंह, नायब तहसीलदार और BSA अमित कुमार सिंह पर मिलीभगत कर यह कार्रवाई करने का गंभीर आरोप लगाया है। स्कूल के संस्थापक अनिल कुमार प्रजापति के अनुसार, यह कार्रवाई ₹5000 की NCERT किताबों की लूट रोकने, री-एडमिशन, छात्रवृत्ति, टीसी, मार्कशीट नकल आदि में मनमानी लूट-खसोट बंद करने, शिल्पकार आरक्षण की मांग करने और 65 हजार लोगों तक सच्चाई पहुंचाने का बदला है। उन्होंने इस घटना को 'कानून का कत्ल' बताते हुए चार प्रमुख अपराध गिनाए हैं: पहला, बिना किसी सुनवाई के स्कूल को सील करना, जिसे RTE 2009 की धारा 18(5) का उल्लंघन और प्राकृतिक न्याय का अंत बताया गया है। दूसरा, 30.04.2026 का नोटिस 16.06.2026 को देकर 'बैकडेटेड फर्जीवाड़ा' करना, जबकि सभी विधिक जवाब दिए जा चुके थे; इसे भ्रष्ट सिस्टम के दबाव में अन्याय कहा गया है (IPC 463, 471 आदि)। तीसरा, BSA के 21.05.2026 के पत्र (जो 01.06.2026 को बुक हुआ था) की अवमानना, जिसमें 12.07.2026 तक आवेदन वैध होने और लंबित रहते स्कूल बंद न होने की बात कही गई थी, फिर भी स्कूल को सील कर दिया गया। चौथा, FIR 328/2025 में नौ महीने से गिरफ्तारी न होने और 65 हजार व्यूज के बदले में की गई 'जातिगत द्वेष' और 'बदले' की कार्रवाई, जिसे SC/ST एक्ट 3(1)(p) का उल्लंघन बताया गया है। पोस्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यह "कानून का राज" नहीं, बल्कि "गुंडा राज" है और इसे पूरे प्रजापति शिल्पकार समाज के स्कूल को बदनाम करने की 'विरोधियों की साजिश' बताया गया है, खासकर तब जब 15.07.2026 को RTE 18(5) के तहत डीम्ड मान्यता मिलनी थी। इस अन्यायपूर्ण कार्रवाई के विरोध में हाईकोर्ट प्रयागराज में कैविएट और रिट याचिका दाखिल की गई है। संस्थापक अनिल कुमार प्रजापति ने मांग की है कि स्कूल को तुरंत डी-सील किया जाए और SDM, BSA, खंड शिक्षा अधिकारी नाथनगर सहित अन्य संबंधित अधिकारियों पर ₹10-10 लाख का मुआवजा और जेल की कार्रवाई की जाए, साथ ही DM को पार्टी बनाकर अवमानना का मुकदमा चलाने की मांग भी की गई है। उन्होंने जनता से इस लड़ाई में साथ देने और पोस्ट को साझा करने का आह्वान किया है, यह कहते हुए कि बच्चों का भविष्य और समाज का सम्मान दांव पर है, और इससे अन्य लोग भी सिस्टम के खिलाफ बोलने के लिए प्रेरित होंगे। चेतावनी दी गई है कि यदि 24 घंटे के भीतर स्कूल डी-सील नहीं किया गया, तो कबीर की पावन धरती से भेदभाव मुक्त सस्ती और समान शिक्षा के लिए एक 'बृहद जनांदोलन' शुरू किया जाएगा, जिसमें दोषी अधिकारियों को जेल भेजा जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके पास वीडियो सबूत सुरक्षित हैं और उन्हें 100% स्टे मिलेगा। अनिल कुमार प्रजापति ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि उत्तर प्रदेश में कानून और संविधान का राज समाप्त हो चुका है, जो लचर कानून व्यवस्था और भ्रष्ट कार्यप्रणाली का परिणाम है।
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    उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर के धनघटा में ADV इन्वेंशन एकेडमी पुतसर को 16.06.2026 को अवैध रूप से सील कर दिया गया है, जिसे 'संविधान की हत्या' और 'शिक्षा माफिया का आतंक' बताया जा रहा है। स्कूल प्रबंधन ने SDM धनघटा, BEO नाथनगर अरुण प्रताप सिंह, नायब तहसीलदार और BSA अमित कुमार सिंह पर मिलीभगत कर यह कार्रवाई करने का गंभीर आरोप लगाया है।

स्कूल के संस्थापक अनिल कुमार प्रजापति के अनुसार, यह कार्रवाई ₹5000 की NCERT किताबों की लूट रोकने, री-एडमिशन, छात्रवृत्ति, टीसी, मार्कशीट नकल आदि में मनमानी लूट-खसोट बंद करने, शिल्पकार आरक्षण की मांग करने और 65 हजार लोगों तक सच्चाई पहुंचाने का बदला है। उन्होंने इस घटना को 'कानून का कत्ल' बताते हुए चार प्रमुख अपराध गिनाए हैं: पहला, बिना किसी सुनवाई के स्कूल को सील करना, जिसे RTE 2009 की धारा 18(5) का उल्लंघन और प्राकृतिक न्याय का अंत बताया गया है। दूसरा, 30.04.2026 का नोटिस 16.06.2026 को देकर 'बैकडेटेड फर्जीवाड़ा' करना, जबकि सभी विधिक जवाब दिए जा चुके थे; इसे भ्रष्ट सिस्टम के दबाव में अन्याय कहा गया है (IPC 463, 471 आदि)। तीसरा, BSA के 21.05.2026 के पत्र (जो 01.06.2026 को बुक हुआ था) की अवमानना, जिसमें 12.07.2026 तक आवेदन वैध होने और लंबित रहते स्कूल बंद न होने की बात कही गई थी, फिर भी स्कूल को सील कर दिया गया। चौथा, FIR 328/2025 में नौ महीने से गिरफ्तारी न होने और 65 हजार व्यूज के बदले में की गई 'जातिगत द्वेष' और 'बदले' की कार्रवाई, जिसे SC/ST एक्ट 3(1)(p) का उल्लंघन बताया गया है। पोस्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यह "कानून का राज" नहीं, बल्कि "गुंडा राज" है और इसे पूरे प्रजापति शिल्पकार समाज के स्कूल को बदनाम करने की 'विरोधियों की साजिश' बताया गया है, खासकर तब जब 15.07.2026 को RTE 18(5) के तहत डीम्ड मान्यता मिलनी थी।

इस अन्यायपूर्ण कार्रवाई के विरोध में हाईकोर्ट प्रयागराज में कैविएट और रिट याचिका दाखिल की गई है। संस्थापक अनिल कुमार प्रजापति ने मांग की है कि स्कूल को तुरंत डी-सील किया जाए और SDM, BSA, खंड शिक्षा अधिकारी नाथनगर सहित अन्य संबंधित अधिकारियों पर ₹10-10 लाख का मुआवजा और जेल की कार्रवाई की जाए, साथ ही DM को पार्टी बनाकर अवमानना का मुकदमा चलाने की मांग भी की गई है। उन्होंने जनता से इस लड़ाई में साथ देने और पोस्ट को साझा करने का आह्वान किया है, यह कहते हुए कि बच्चों का भविष्य और समाज का सम्मान दांव पर है, और इससे अन्य लोग भी सिस्टम के खिलाफ बोलने के लिए प्रेरित होंगे। चेतावनी दी गई है कि यदि 24 घंटे के भीतर स्कूल डी-सील नहीं किया गया, तो कबीर की पावन धरती से भेदभाव मुक्त सस्ती और समान शिक्षा के लिए एक 'बृहद जनांदोलन' शुरू किया जाएगा, जिसमें दोषी अधिकारियों को जेल भेजा जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके पास वीडियो सबूत सुरक्षित हैं और उन्हें 100% स्टे मिलेगा। अनिल कुमार प्रजापति ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि उत्तर प्रदेश में कानून और संविधान का राज समाप्त हो चुका है, जो लचर कानून व्यवस्था और भ्रष्ट कार्यप्रणाली का परिणाम है।
    user_अनिल कुमार प्रजापति
    अनिल कुमार प्रजापति
    Voice of people घनघटा, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ स्थित जिला अस्पताल में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक पति को अपनी बीमार पत्नी को सीटी स्कैन कराने के लिए गोद में उठाकर ले जाना पड़ा। इसका कारण यह रहा कि उन्हें अस्पताल में स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं हो पाया। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
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    उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ स्थित जिला अस्पताल में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक पति को अपनी बीमार पत्नी को सीटी स्कैन कराने के लिए गोद में उठाकर ले जाना पड़ा। इसका कारण यह रहा कि उन्हें अस्पताल में स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं हो पाया। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
    user_24News उत्तर प्रदेश
    24News उत्तर प्रदेश
    Azamgarh, Uttar Pradesh•
    1 hr ago
  • लखनऊ में एक अजीबोगरीब वाकया सामने आया है जहाँ मात्र ₹40 के बन-मक्खन ने एक 'फर्जी आईपीएस अधिकारी' का पर्दाफाश कर दिया। उत्तर प्रदेश पुलिस ने सोशल मीडिया पर इस घटना का खुलासा करते हुए राज्य में बढ़ती ठगी की घटनाओं की याद दिलाई। मिली जानकारी के अनुसार, एक युवक, जो खुद को नोएडा में तैनात आईपीएस अधिकारी बता रहा था, एक स्थानीय दुकान पर बन-मक्खन खाने गया। खाना खाने के बाद उसने कथित तौर पर पैसे देने से इनकार कर दिया और दुकानदार के आपत्ति करने पर 'रोब' दिखाते हुए वहाँ मौजूद पुलिसकर्मियों से सैल्यूट करने की मांग कर दी। युवक के संदिग्ध व्यवहार और सैल्यूट की मांग ने मौके पर मौजूद पुलिसवालों के कान खड़े कर दिए। जब पुलिसकर्मियों ने उससे सख्ती से पूछताछ की और उसकी पहचान की पुष्टि करने की कोशिश की, तो उसकी कहानी की पोल खुल गई। जाँच में पता चला कि वह कोई आईपीएस अधिकारी नहीं है और पुलिस के रुतबे का गलत फायदा उठा रहा था। पुलिकर्मियों ने युवक को तुरंत हिरासत में ले लिया है और आगे की जाँच जारी है। यह मामला यूपी में पुलिस की सतर्कता का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करता है, जिसने एक कथित ठग को रंगे हाथ पकड़ा। यह वाकया उत्तर प्रदेश में फर्जी अधिकारी बनकर ठगी करने की समस्याओं को उजागर करता है, जैसा कि '1000899165.jpg' में दिए गए उदाहरणों से स्पष्ट है। हाल के दिनों में राज्य में फर्जी आईएएस, आईपीएस और यहाँ तक कि सेना के अधिकारी बनकर ठगी करने के कई मामले सामने आ चुके हैं। पुलिस लगातार ऐसे मामलों को रोकने के लिए सक्रिय है और जनता को भी जागरूक रहने की सलाह देती है। उल्लेखनीय है कि यह पूरी जानकारी '1000899165.jpg' नामक छवि से मिली सूचना पर आधारित एक काल्पनिक उदाहरण है, और किसी वास्तविक समाचार एजेंसी से संबंधित नहीं है, बल्कि जागरूकता के लिए प्रस्तुत की गई है।
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    लखनऊ में एक अजीबोगरीब वाकया सामने आया है जहाँ मात्र ₹40 के बन-मक्खन ने एक 'फर्जी आईपीएस अधिकारी' का पर्दाफाश कर दिया। उत्तर प्रदेश पुलिस ने सोशल मीडिया पर इस घटना का खुलासा करते हुए राज्य में बढ़ती ठगी की घटनाओं की याद दिलाई। मिली जानकारी के अनुसार, एक युवक, जो खुद को नोएडा में तैनात आईपीएस अधिकारी बता रहा था, एक स्थानीय दुकान पर बन-मक्खन खाने गया। खाना खाने के बाद उसने कथित तौर पर पैसे देने से इनकार कर दिया और दुकानदार के आपत्ति करने पर 'रोब' दिखाते हुए वहाँ मौजूद पुलिसकर्मियों से सैल्यूट करने की मांग कर दी।

युवक के संदिग्ध व्यवहार और सैल्यूट की मांग ने मौके पर मौजूद पुलिसवालों के कान खड़े कर दिए। जब पुलिसकर्मियों ने उससे सख्ती से पूछताछ की और उसकी पहचान की पुष्टि करने की कोशिश की, तो उसकी कहानी की पोल खुल गई। जाँच में पता चला कि वह कोई आईपीएस अधिकारी नहीं है और पुलिस के रुतबे का गलत फायदा उठा रहा था। पुलिकर्मियों ने युवक को तुरंत हिरासत में ले लिया है और आगे की जाँच जारी है। यह मामला यूपी में पुलिस की सतर्कता का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करता है, जिसने एक कथित ठग को रंगे हाथ पकड़ा।

यह वाकया उत्तर प्रदेश में फर्जी अधिकारी बनकर ठगी करने की समस्याओं को उजागर करता है, जैसा कि '1000899165.jpg' में दिए गए उदाहरणों से स्पष्ट है। हाल के दिनों में राज्य में फर्जी आईएएस, आईपीएस और यहाँ तक कि सेना के अधिकारी बनकर ठगी करने के कई मामले सामने आ चुके हैं। पुलिस लगातार ऐसे मामलों को रोकने के लिए सक्रिय है और जनता को भी जागरूक रहने की सलाह देती है। उल्लेखनीय है कि यह पूरी जानकारी '1000899165.jpg' नामक छवि से मिली सूचना पर आधारित एक काल्पनिक उदाहरण है, और किसी वास्तविक समाचार एजेंसी से संबंधित नहीं है, बल्कि जागरूकता के लिए प्रस्तुत की गई है।
    user_पत्रकार पांडे
    पत्रकार पांडे
    Comedy club जयसिंहपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • अयोध्या में राम मंदिर निर्माण कार्य के दौरान चर्चा में आए चंपत राय के करीबी रामशंकर यादव, जिन्हें 'टिन्नू' के नाम से भी जाना जाता है, ने अपने ऊपर लग रहे 50 करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़े आरोपों पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। एक वीडियो बयान जारी करते हुए, टिन्नू ने इन सभी दावों को पूरी तरह से निराधार और गलत बताया है। उन्होंने अपनी संपत्ति का ब्योरा देते हुए स्पष्ट किया कि उनके पास मौजूद जमीन और मकान पूरी तरह से वैध हैं, जिसे उन्होंने वर्ष 2008 में विधिवत बैनामा कराकर खरीदा था और उस पर भवन का निर्माण वर्ष 2015-16 के दौरान कराया था। रामशंकर यादव ने उन दावों को भी खारिज किया जिनमें उनकी संपत्ति को अवैध बताया जा रहा है। उन्होंने स्पष्टीकरण दिया कि वर्ष 2020 में, जब एलएनटी (LNT) कंपनी को परियोजना कार्य के लिए आवास की आवश्यकता थी, तब उन्होंने अपना खाली पड़ा आवास उन्हें किराए पर दिया था। यह लेनदेन पूरी तरह से व्यावसायिक था और इसे गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया जा रहा है। अपनी आर्थिक स्थिति पर टिन्नू ने बताया कि उनके पास जो भी धन है, वह उनकी कड़ी मेहनत का फल है, क्योंकि वे लंबे समय तक स्वयं ऑटो चलाते रहे और संगठन के कार्य से उन्हें जो मानदेय प्राप्त होता था, उसी की बचत से उन्होंने यह आशियाना खड़ा किया है। रामशंकर यादव ने जोर देकर कहा कि सोशल मीडिया पर उन पर लगाए जा रहे 50 करोड़ रुपये की संपत्ति के आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग बिना तथ्यों के आधार पर उन पर कीचड़ उछाल रहे हैं, भगवान ही उनका सही निर्णय करेंगे। इस बयान के बाद अयोध्या के स्थानीय राजनीतिक और सामाजिक हलकों में यह मामला एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है।
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    अयोध्या में राम मंदिर निर्माण कार्य के दौरान चर्चा में आए चंपत राय के करीबी रामशंकर यादव, जिन्हें 'टिन्नू' के नाम से भी जाना जाता है, ने अपने ऊपर लग रहे 50 करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़े आरोपों पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। एक वीडियो बयान जारी करते हुए, टिन्नू ने इन सभी दावों को पूरी तरह से निराधार और गलत बताया है। उन्होंने अपनी संपत्ति का ब्योरा देते हुए स्पष्ट किया कि उनके पास मौजूद जमीन और मकान पूरी तरह से वैध हैं, जिसे उन्होंने वर्ष 2008 में विधिवत बैनामा कराकर खरीदा था और उस पर भवन का निर्माण वर्ष 2015-16 के दौरान कराया था।

रामशंकर यादव ने उन दावों को भी खारिज किया जिनमें उनकी संपत्ति को अवैध बताया जा रहा है। उन्होंने स्पष्टीकरण दिया कि वर्ष 2020 में, जब एलएनटी (LNT) कंपनी को परियोजना कार्य के लिए आवास की आवश्यकता थी, तब उन्होंने अपना खाली पड़ा आवास उन्हें किराए पर दिया था। यह लेनदेन पूरी तरह से व्यावसायिक था और इसे गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया जा रहा है। अपनी आर्थिक स्थिति पर टिन्नू ने बताया कि उनके पास जो भी धन है, वह उनकी कड़ी मेहनत का फल है, क्योंकि वे लंबे समय तक स्वयं ऑटो चलाते रहे और संगठन के कार्य से उन्हें जो मानदेय प्राप्त होता था, उसी की बचत से उन्होंने यह आशियाना खड़ा किया है।

रामशंकर यादव ने जोर देकर कहा कि सोशल मीडिया पर उन पर लगाए जा रहे 50 करोड़ रुपये की संपत्ति के आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग बिना तथ्यों के आधार पर उन पर कीचड़ उछाल रहे हैं, भगवान ही उनका सही निर्णय करेंगे। इस बयान के बाद अयोध्या के स्थानीय राजनीतिक और सामाजिक हलकों में यह मामला एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है।
    user_अजीत मिश्रा (खोजी)
    अजीत मिश्रा (खोजी)
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • सुल्तानपुर जिले के अहिबरनपुर गांव के राधेश्याम यादव अपने प्रेरणादायक वीडियो के माध्यम से समाज और परिवार को उपदेश देते हैं। वे मोटिवेशनल वीडियो बनाकर सभी का दिल जीत लेते हैं और उन्हें एक नया, अच्छा मार्ग दिखाने का प्रयास करते हैं। श्री संतराम यादव के पुत्र राधेश्याम यादव सोशल मीडिया पर अपने मोटिवेशनल संदेशों से सभी के दिलों पर राज करते हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य सभी को प्रेरणा देना है।
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    सुल्तानपुर जिले के अहिबरनपुर गांव के राधेश्याम यादव अपने प्रेरणादायक वीडियो के माध्यम से समाज और परिवार को उपदेश देते हैं। वे मोटिवेशनल वीडियो बनाकर सभी का दिल जीत लेते हैं और उन्हें एक नया, अच्छा मार्ग दिखाने का प्रयास करते हैं। श्री संतराम यादव के पुत्र राधेश्याम यादव सोशल मीडिया पर अपने मोटिवेशनल संदेशों से सभी के दिलों पर राज करते हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य सभी को प्रेरणा देना है।
    user_Radhe Shyam
    Radhe Shyam
    Motivational Speaker जयसिंहपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में हरैया थाना क्षेत्र के मुरादीपुर चौराहे के पास नेशनल हाईवे पर एक तेज़ रफ़्तार अनियंत्रित कार ने स्कूटी सवार महिला और एक बच्चे को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण टक्कर के कारण स्कूटी सवार महिला व बच्चा सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए गंभीर रूप से घायल महिला को एम्बुलेंस की मदद से अस्पताल भिजवाया। राहगीरों द्वारा पुलिस को सूचित किए जाने पर हरैया पुलिस मौके पर पहुंची और टक्कर मारने वाली कार के साथ-साथ स्कूटी को भी अपने कब्जे में ले लिया। गंभीर रूप से घायल हुई महिला की पहचान बरहपुर गाँव की निवासी के रूप में हुई है।
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    उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में हरैया थाना क्षेत्र के मुरादीपुर चौराहे के पास नेशनल हाईवे पर एक तेज़ रफ़्तार अनियंत्रित कार ने स्कूटी सवार महिला और एक बच्चे को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण टक्कर के कारण स्कूटी सवार महिला व बच्चा सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए गंभीर रूप से घायल महिला को एम्बुलेंस की मदद से अस्पताल भिजवाया। राहगीरों द्वारा पुलिस को सूचित किए जाने पर हरैया पुलिस मौके पर पहुंची और टक्कर मारने वाली कार के साथ-साथ स्कूटी को भी अपने कब्जे में ले लिया। गंभीर रूप से घायल हुई महिला की पहचान बरहपुर गाँव की निवासी के रूप में हुई है।
    user_विनोद कुमार सोनकर पत्रकार
    विनोद कुमार सोनकर पत्रकार
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
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