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खुशखेड़ा: शनिदेव मंदिर के पास कबाड़ी के गोदाम में लगी भीषण आग
सुनील कान्त गोल्डी
खुशखेड़ा: शनिदेव मंदिर के पास कबाड़ी के गोदाम में लगी भीषण आग
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- खुशखेड़ा: शनिदेव मंदिर के पास कबाड़ी के गोदाम में लगी भीषण आग1
- भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा जल जीवन मिशन: मुण्डावर के बल्लूवास में सरपंच पर अवैध वसूली का आरोप, ग्रामीण प्यासे खैरथल-तिजारा एक ओर सरकार 'हर घर जल' योजना के माध्यम से ग्रामीणों को राहत देने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मनमानी इस मिशन की राह में रोड़ा बनी हुई है। ताज़ा मामला मुण्डावर उपखण्ड के ग्राम पंचायत बल्लूवास का है, जहाँ ग्रामीणों ने सरपंच पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और तानाशाही के आरोप लगाए हैं। क्या है पूरा मामला? बल्लूवास के ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर अवगत कराया है कि वर्ष 2023 में स्थानीय सरपंच द्वारा जल कनेक्शन के नाम पर गाँव के प्रत्येक परिवार से ₹2000 की अवैध वसूली की गई थी। हैरानी की बात यह है कि इस राशि के बदले बकायदा आधिकारिक रसीदें भी दी गईं, लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि सरकारी योजना के लिए व्यक्तिगत स्तर पर धन क्यों वसूला गया? भीषण गर्मी में पानी को तरस रहे ग्रामीण ग्रामीणों का आरोप है कि जल जीवन मिशन के तहत गाँव में बोरवेल का कार्य स्वीकृत हुआ था, जिसे सरपंच ने अपने "व्यक्तिगत स्वार्थ" के चलते रुकवा दिया है। वर्तमान में क्षेत्र में भीषण गर्मी का प्रकोप है और ग्रामीण पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब वे इस बारे में सरपंच से बात करने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। जांच और कार्रवाई की मांग आज दिनांक 27 अप्रैल 2026 को ग्रामीणों की ओर से जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निम्नलिखित मांगें की गई हैं: ग्रामीणों से वसूले गए पैसों के उपयोग की निष्पक्ष जांच हो। रुके हुए बोरवेल कार्य को तुरंत प्रभाव से पुनः शुरू करवाया जाए। दोषी पाए जाने पर सरपंच एवं संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। "हम प्यासे मर रहे हैं और हमारे पैसों का कोई हिसाब नहीं है। प्रशासन को इस मामले में तुरंत दखल देना चाहिए।"1
- Post by R Balvinder Singh1
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- 📍डीग जिले के सीकरी कस्बे ने उस क्षण को जिया, जब आस्था सिर्फ शब्द नहीं रही—वो एक आंदोलन बन गई। सुबह की हवा में जैसे ही “गौ माता की जय” और “भारत माता की जय” के स्वर उठे, पूरा माहौल श्रद्धा, ऊर्जा और एकजुटता से भर गया। हर चेहरे पर विश्वास था, हर आवाज में एक संकल्प… और हर कदम में बदलाव की चाह। यह कोई साधारण कार्यक्रम नहीं था, बल्कि समाज को नई दिशा देने का प्रयास था। यहां लोग सिर्फ शामिल होने नहीं आए थे—वे एक सोच, एक मिशन और एक बदलाव का हिस्सा बनने आए थे। मंच से उठे संदेश सीधे दिल तक पहुंचे। वक्ताओं ने कहा कि जब तक समाज में भेदभाव, छुआछूत और ऊंच-नीच जैसी दीवारें मौजूद हैं, तब तक असली विकास अधूरा है। और यही वजह रही कि उपस्थित लोगों ने हाथ उठाकर एक स्वर में शपथ ली—एक ऐसा समाज बनाने की, जहां हर व्यक्ति समान हो, जहां सम्मान ही सबसे बड़ी पहचान हो। लेकिन बात यहीं नहीं रुकी… इस आयोजन ने पर्यावरण की पुकार को भी उतनी ही मजबूती से सामने रखा। लोगों ने पेड़ लगाने का प्रण लिया, जल संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी माना और यह संदेश दिया कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकृति को बचाना अब विकल्प नहीं, कर्तव्य है। गौ संरक्षण पर हुई चर्चा ने कार्यक्रम को और गहराई दी। वक्ताओं ने बताया कि गौ सेवा केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि यह हमारी कृषि, हमारी संस्कृति और हमारे पर्यावरण की जीवनरेखा है। इसी सोच के साथ लोगों ने संकल्प लिया कि वे इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। कार्यक्रम का सबसे प्रभावशाली पल तब आया, जब जनसमूह ने एकजुट होकर प्रशासन तक अपनी आवाज पहुंचाई। उपखंड अधिकारी (SDM) को सौंपे गए ज्ञापन में गौ संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई, वहीं गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग भी जोर-शोर से उठी। यह सिर्फ एक मांग नहीं थी—यह एक भावना थी, जो हर सहभागी के दिल में बस चुकी थी। आयोजकों ने बताया कि यह अभियान यहीं थमने वाला नहीं है। 27 मई को जगन्नाथ मैरिज होम, सीकरी में “गौ सम्मान आह्वान अभियान एवं भूमि सुपोषण कार्यक्रम” के तहत हवन और धार्मिक अनुष्ठान होंगे, जिसके बाद SDM कार्यालय तक रैली निकालकर इस आंदोलन को और मजबूत किया जाएगा। सीकरी की इस गूंज ने एक सवाल जरूर छोड़ दिया है—क्या यह संकल्प सिर्फ नारों तक सीमित रहेगा, या सच में समाज को एक नई दिशा देगा? संवाददाता: संदीप शर्मा1
- Post by महेंद्र सिंह1
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