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(अनाज मंडी अलवर) मजदूर, किसान, व्यापारी सब परेशान मंडी समिति की ओर से कोई व्यवस्थाएं नहीं है

2 hrs ago
user_Voice of Labour
Voice of Labour
Alwar, Rajasthan•
2 hrs ago

(अनाज मंडी अलवर) मजदूर, किसान, व्यापारी सब परेशान मंडी समिति की ओर से कोई व्यवस्थाएं नहीं है

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  • Post by Voice of Labour
    1
    Post by Voice of Labour
    user_Voice of Labour
    Voice of Labour
    Alwar, Rajasthan•
    2 hrs ago
  • Post by महेंद्र सिंह
    1
    Post by महेंद्र सिंह
    user_महेंद्र सिंह
    महेंद्र सिंह
    Local News Reporter अलवर, अलवर, राजस्थान•
    17 hrs ago
  • Post by R Balvinder Singh
    1
    Post by R Balvinder Singh
    user_R Balvinder Singh
    R Balvinder Singh
    Court reporter रामगढ़, अलवर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • चित्तौडगढ:अभियान’ मे पूरा शहर मैदान मे* गौ माता को राष्ट्रमाता एवं गो हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध हो उसके लिए पूज्य संतो के सानिध्य में प्रार्थना पत्र देने का कार्य सम्पन्न हुआ । रैली में संतों, गोभक्तों और गोसेवकों ने सर्वसम्मति से प्रार्थना पत्र दिया गया राष्ट्रपति महोदय प्रधानमंत्री महोदय राज्यपाल महोदय मुख्यमंत्री महोदय को प्रार्थना पत्र में 40 मांगों के साथ चित्तौड़ तहसील से 21000 हस्ताक्षर के साथ एसडीएम कार्यालय पर प्रार्थना पत्र को संतो के माध्यम से प्रस्तुत किया गया संतों और गोसेवकों ने एक स्वर में कहा कि इस अभियान का उद्देश्य गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाना, गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करवाना और गोवर्धन संस्कृति के संरक्षण के लिए ठोस सरकारी नीतियां बनवाना है। उपस्थित संतों ने सरकार से आग्रह किया कि गौ रक्षा के लिए केन्द्रीय कानून बनाया जाए, गोहत्या और गोतस्करी में लिप्त अपराधियों को आजीवन कारावास का प्रावधान हो तथा जब्त किए गए वाहनों को गोशालाओं के उपयोग में लाया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने मांग की कि गोबर और गोमूत्र पर आधारित अनुसंधान विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएं, पंचगव्य औषधियों का आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में नि:शुल्क वितरण किया जाए तथा सरकारी भवनों में गोबर पेंट और गौनाइल का उपयोग अनिवार्य किया जाए। गौशालाओं को मनरेगा से जोड़ा जाए, बिजली बिल में छूट मिले और निराश्रित गौवंश की सेवा के लिए चारे की उचित व्यवस्था हो। इसके साथ और कहीं अन्य महत्वपूर्ण बिंदु को जोड़ा गया एवं यदि अपेक्षित उत्तर न मिला, तो 27 जुलाई को पुन पूरे चित्तौड़गढ़ जिले से लाखों की संख्या में गो भक्त एकत्रित होंगे चरणबद्ध रूप से यह प्रक्रिया दोहराई जाएगी। गो सम्मान आह्वान अभियान के जिला सयोजक गौरव सोमानी ने बताया की सुभाष चौक से प्रातः 9:30 बजे रैली का संतो के आह्वान से आरंभ किया गया अभियान पूरी तरह अहिंसक रहा , इसमें केवल संकीर्तन, प्रार्थना और जनजागरण के माध्यम से संदेश दिया संतो मे संत दिग्विजय राम जी , 1008 मुगना धाम अनुज दास जी, मूंगाना धाम रामपाल दास जी ,श्री श्री 108 महंत शिवरामदास महाराज(त्यागी)खेरी आश्रम, सावा गौशाला राघवनाथ जी सरकार , संत विनोद यति जी सभी संत उपस्थित थे इसके अंदर सभी धर्म लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया एवं विश्वास दिलाया भविष्य में गौ माता के सम्मान के लिए सभी समरसता से एक होकर एकता का परिचय देंगे मातृशक्ति का विशेष योगदान रहा एवं श्रीमती डॉक्टर सुशीला लड्डा ने सभी संतों एवं पधारे हुए प्रबुद्ध जनों एवंं समस्तत गौशाला समितियां का आभार व्यक्त किया
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    चित्तौडगढ:अभियान’ मे पूरा शहर मैदान मे* गौ माता को राष्ट्रमाता एवं गो हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध हो उसके लिए पूज्य  संतो के सानिध्य में प्रार्थना पत्र देने का कार्य सम्पन्न हुआ ।
रैली में संतों, गोभक्तों और गोसेवकों ने सर्वसम्मति से प्रार्थना पत्र दिया गया राष्ट्रपति महोदय प्रधानमंत्री महोदय राज्यपाल महोदय मुख्यमंत्री महोदय को प्रार्थना पत्र में 40 मांगों के साथ चित्तौड़ तहसील से 21000 हस्ताक्षर के साथ एसडीएम कार्यालय पर प्रार्थना पत्र को संतो के माध्यम से प्रस्तुत किया गया संतों और गोसेवकों ने एक स्वर में कहा कि इस अभियान का उद्देश्य गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाना, गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करवाना और गोवर्धन संस्कृति के संरक्षण के लिए ठोस सरकारी नीतियां बनवाना है। उपस्थित संतों ने सरकार से आग्रह किया कि गौ रक्षा के लिए केन्द्रीय कानून बनाया जाए, गोहत्या और गोतस्करी में लिप्त अपराधियों को आजीवन कारावास का प्रावधान हो तथा जब्त किए गए वाहनों को गोशालाओं के उपयोग में लाया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने मांग की कि गोबर और गोमूत्र पर आधारित अनुसंधान विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएं, पंचगव्य औषधियों का आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में नि:शुल्क वितरण किया जाए तथा सरकारी भवनों में गोबर पेंट और गौनाइल का उपयोग अनिवार्य किया जाए। गौशालाओं को मनरेगा से जोड़ा जाए, बिजली बिल में छूट मिले और निराश्रित गौवंश की सेवा के लिए चारे की उचित व्यवस्था हो। इसके साथ और कहीं अन्य महत्वपूर्ण बिंदु को जोड़ा गया एवं यदि अपेक्षित उत्तर न मिला, तो 27 जुलाई को पुन पूरे चित्तौड़गढ़ जिले से लाखों की संख्या में गो भक्त एकत्रित होंगे चरणबद्ध रूप से यह प्रक्रिया दोहराई जाएगी।  
गो सम्मान आह्वान अभियान के जिला सयोजक गौरव सोमानी ने बताया की सुभाष चौक से प्रातः 9:30 बजे रैली का संतो के आह्वान से आरंभ किया गया अभियान पूरी तरह अहिंसक रहा , इसमें केवल संकीर्तन, प्रार्थना और जनजागरण के माध्यम से संदेश दिया संतो मे संत दिग्विजय राम जी , 1008 मुगना धाम अनुज दास जी, मूंगाना धाम रामपाल दास जी ,श्री श्री 108 महंत शिवरामदास महाराज(त्यागी)खेरी आश्रम, सावा गौशाला राघवनाथ जी सरकार , संत विनोद यति जी सभी संत उपस्थित थे इसके अंदर सभी धर्म लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया एवं विश्वास दिलाया भविष्य में गौ माता के सम्मान के लिए सभी समरसता से एक होकर एकता का परिचय देंगे मातृशक्ति का विशेष योगदान रहा एवं श्रीमती डॉक्टर सुशीला लड्डा ने सभी संतों एवं पधारे हुए प्रबुद्ध जनों एवंं समस्तत गौशाला समितियां का आभार व्यक्त किया
    user_Neeraj Maheshwari
    Neeraj Maheshwari
    Reporters राजगढ़, अलवर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • खुशखेड़ा: शनिदेव मंदिर के पास कबाड़ी के गोदाम में लगी भीषण आग
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    खुशखेड़ा: शनिदेव मंदिर के पास कबाड़ी के गोदाम में लगी भीषण आग
    user_सुनील कान्त गोल्डी
    सुनील कान्त गोल्डी
    रिपोर्टर किशनगढ़ बास, अलवर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा जल जीवन मिशन: मुण्डावर के बल्लूवास में सरपंच पर अवैध वसूली का आरोप, ग्रामीण प्यासे खैरथल-तिजारा एक ओर सरकार 'हर घर जल' योजना के माध्यम से ग्रामीणों को राहत देने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मनमानी इस मिशन की राह में रोड़ा बनी हुई है। ताज़ा मामला मुण्डावर उपखण्ड के ग्राम पंचायत बल्लूवास का है, जहाँ ग्रामीणों ने सरपंच पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और तानाशाही के आरोप लगाए हैं। क्या है पूरा मामला? बल्लूवास के ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर अवगत कराया है कि वर्ष 2023 में स्थानीय सरपंच द्वारा जल कनेक्शन के नाम पर गाँव के प्रत्येक परिवार से ₹2000 की अवैध वसूली की गई थी। हैरानी की बात यह है कि इस राशि के बदले बकायदा आधिकारिक रसीदें भी दी गईं, लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि सरकारी योजना के लिए व्यक्तिगत स्तर पर धन क्यों वसूला गया? भीषण गर्मी में पानी को तरस रहे ग्रामीण ग्रामीणों का आरोप है कि जल जीवन मिशन के तहत गाँव में बोरवेल का कार्य स्वीकृत हुआ था, जिसे सरपंच ने अपने "व्यक्तिगत स्वार्थ" के चलते रुकवा दिया है। वर्तमान में क्षेत्र में भीषण गर्मी का प्रकोप है और ग्रामीण पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब वे इस बारे में सरपंच से बात करने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। जांच और कार्रवाई की मांग आज दिनांक 27 अप्रैल 2026 को ग्रामीणों की ओर से जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निम्नलिखित मांगें की गई हैं: ग्रामीणों से वसूले गए पैसों के उपयोग की निष्पक्ष जांच हो। रुके हुए बोरवेल कार्य को तुरंत प्रभाव से पुनः शुरू करवाया जाए। दोषी पाए जाने पर सरपंच एवं संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। "हम प्यासे मर रहे हैं और हमारे पैसों का कोई हिसाब नहीं है। प्रशासन को इस मामले में तुरंत दखल देना चाहिए।"
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    भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा जल जीवन मिशन: मुण्डावर के बल्लूवास में सरपंच पर अवैध वसूली का आरोप, ग्रामीण प्यासे
खैरथल-तिजारा  एक ओर सरकार 'हर घर जल' योजना के माध्यम से ग्रामीणों को राहत देने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मनमानी इस मिशन की राह में रोड़ा बनी हुई है। ताज़ा मामला मुण्डावर उपखण्ड के ग्राम पंचायत बल्लूवास का है, जहाँ ग्रामीणों ने सरपंच पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और तानाशाही के आरोप लगाए हैं।
क्या है पूरा मामला?
बल्लूवास के ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर अवगत कराया है कि वर्ष 2023 में स्थानीय सरपंच द्वारा जल कनेक्शन के नाम पर गाँव के प्रत्येक परिवार से ₹2000 की अवैध वसूली की गई थी। हैरानी की बात यह है कि इस राशि के बदले बकायदा आधिकारिक रसीदें भी दी गईं, लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि सरकारी योजना के लिए व्यक्तिगत स्तर पर धन क्यों वसूला गया?
भीषण गर्मी में पानी को तरस रहे ग्रामीण
ग्रामीणों का आरोप है कि जल जीवन मिशन के तहत गाँव में बोरवेल का कार्य स्वीकृत हुआ था, जिसे सरपंच ने अपने "व्यक्तिगत स्वार्थ" के चलते रुकवा दिया है। वर्तमान में क्षेत्र में भीषण गर्मी का प्रकोप है और ग्रामीण पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब वे इस बारे में सरपंच से बात करने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता।
जांच और कार्रवाई की मांग
आज दिनांक 27 अप्रैल 2026 को ग्रामीणों की ओर से जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निम्नलिखित मांगें की गई हैं:
ग्रामीणों से वसूले गए पैसों के उपयोग की निष्पक्ष जांच हो।
रुके हुए बोरवेल कार्य को तुरंत प्रभाव से पुनः शुरू करवाया जाए।
दोषी पाए जाने पर सरपंच एवं संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
"हम प्यासे मर रहे हैं और हमारे पैसों का कोई हिसाब नहीं है। प्रशासन को इस मामले में तुरंत दखल देना चाहिए।"
    user_पत्रकार संदीप यादव
    पत्रकार संदीप यादव
    Computer Shop Mandawar, Alwar•
    10 hrs ago
  • 📍डीग जिले के सीकरी कस्बे ने उस क्षण को जिया, जब आस्था सिर्फ शब्द नहीं रही—वो एक आंदोलन बन गई। सुबह की हवा में जैसे ही “गौ माता की जय” और “भारत माता की जय” के स्वर उठे, पूरा माहौल श्रद्धा, ऊर्जा और एकजुटता से भर गया। हर चेहरे पर विश्वास था, हर आवाज में एक संकल्प… और हर कदम में बदलाव की चाह। यह कोई साधारण कार्यक्रम नहीं था, बल्कि समाज को नई दिशा देने का प्रयास था। यहां लोग सिर्फ शामिल होने नहीं आए थे—वे एक सोच, एक मिशन और एक बदलाव का हिस्सा बनने आए थे। मंच से उठे संदेश सीधे दिल तक पहुंचे। वक्ताओं ने कहा कि जब तक समाज में भेदभाव, छुआछूत और ऊंच-नीच जैसी दीवारें मौजूद हैं, तब तक असली विकास अधूरा है। और यही वजह रही कि उपस्थित लोगों ने हाथ उठाकर एक स्वर में शपथ ली—एक ऐसा समाज बनाने की, जहां हर व्यक्ति समान हो, जहां सम्मान ही सबसे बड़ी पहचान हो। लेकिन बात यहीं नहीं रुकी… इस आयोजन ने पर्यावरण की पुकार को भी उतनी ही मजबूती से सामने रखा। लोगों ने पेड़ लगाने का प्रण लिया, जल संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी माना और यह संदेश दिया कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकृति को बचाना अब विकल्प नहीं, कर्तव्य है। गौ संरक्षण पर हुई चर्चा ने कार्यक्रम को और गहराई दी। वक्ताओं ने बताया कि गौ सेवा केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि यह हमारी कृषि, हमारी संस्कृति और हमारे पर्यावरण की जीवनरेखा है। इसी सोच के साथ लोगों ने संकल्प लिया कि वे इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। कार्यक्रम का सबसे प्रभावशाली पल तब आया, जब जनसमूह ने एकजुट होकर प्रशासन तक अपनी आवाज पहुंचाई। उपखंड अधिकारी (SDM) को सौंपे गए ज्ञापन में गौ संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई, वहीं गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग भी जोर-शोर से उठी। यह सिर्फ एक मांग नहीं थी—यह एक भावना थी, जो हर सहभागी के दिल में बस चुकी थी। आयोजकों ने बताया कि यह अभियान यहीं थमने वाला नहीं है। 27 मई को जगन्नाथ मैरिज होम, सीकरी में “गौ सम्मान आह्वान अभियान एवं भूमि सुपोषण कार्यक्रम” के तहत हवन और धार्मिक अनुष्ठान होंगे, जिसके बाद SDM कार्यालय तक रैली निकालकर इस आंदोलन को और मजबूत किया जाएगा। सीकरी की इस गूंज ने एक सवाल जरूर छोड़ दिया है—क्या यह संकल्प सिर्फ नारों तक सीमित रहेगा, या सच में समाज को एक नई दिशा देगा? संवाददाता: संदीप शर्मा
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    📍डीग जिले के सीकरी कस्बे ने उस क्षण को जिया, जब आस्था सिर्फ शब्द नहीं रही—वो एक आंदोलन बन गई। सुबह की हवा में जैसे ही “गौ माता की जय” और “भारत माता की जय” के स्वर उठे, पूरा माहौल श्रद्धा, ऊर्जा और एकजुटता से भर गया। हर चेहरे पर विश्वास था, हर आवाज में एक संकल्प… और हर कदम में बदलाव की चाह।
यह कोई साधारण कार्यक्रम नहीं था, बल्कि समाज को नई दिशा देने का प्रयास था। यहां लोग सिर्फ शामिल होने नहीं आए थे—वे एक सोच, एक मिशन और एक बदलाव का हिस्सा बनने आए थे।
मंच से उठे संदेश सीधे दिल तक पहुंचे। वक्ताओं ने कहा कि जब तक समाज में भेदभाव, छुआछूत और ऊंच-नीच जैसी दीवारें मौजूद हैं, तब तक असली विकास अधूरा है। और यही वजह रही कि उपस्थित लोगों ने हाथ उठाकर एक स्वर में शपथ ली—एक ऐसा समाज बनाने की, जहां हर व्यक्ति समान हो, जहां सम्मान ही सबसे बड़ी पहचान हो।
लेकिन बात यहीं नहीं रुकी… इस आयोजन ने पर्यावरण की पुकार को भी उतनी ही मजबूती से सामने रखा। लोगों ने पेड़ लगाने का प्रण लिया, जल संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी माना और यह संदेश दिया कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकृति को बचाना अब विकल्प नहीं, कर्तव्य है।
गौ संरक्षण पर हुई चर्चा ने कार्यक्रम को और गहराई दी। वक्ताओं ने बताया कि गौ सेवा केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि यह हमारी कृषि, हमारी संस्कृति और हमारे पर्यावरण की जीवनरेखा है। इसी सोच के साथ लोगों ने संकल्प लिया कि वे इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
कार्यक्रम का सबसे प्रभावशाली पल तब आया, जब जनसमूह ने एकजुट होकर प्रशासन तक अपनी आवाज पहुंचाई। उपखंड अधिकारी (SDM) को सौंपे गए ज्ञापन में गौ संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई, वहीं गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग भी जोर-शोर से उठी। यह सिर्फ एक मांग नहीं थी—यह एक भावना थी, जो हर सहभागी के दिल में बस चुकी थी।
आयोजकों ने बताया कि यह अभियान यहीं थमने वाला नहीं है। 27 मई को जगन्नाथ मैरिज होम, सीकरी में “गौ सम्मान आह्वान अभियान एवं भूमि सुपोषण कार्यक्रम” के तहत हवन और धार्मिक अनुष्ठान होंगे, जिसके बाद SDM कार्यालय तक रैली निकालकर इस आंदोलन को और मजबूत किया जाएगा।
सीकरी की इस गूंज ने एक सवाल जरूर छोड़ दिया है—क्या यह संकल्प सिर्फ नारों तक सीमित रहेगा, या सच में समाज को एक नई दिशा देगा?
संवाददाता: संदीप शर्मा
    user_SANDEEP SHARMA
    SANDEEP SHARMA
    स्थानीय समाचार रिपोर्टर सीकरी, भरतपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र और अलवर मंडी की खबर को जानने के लिए चैनल को सब्सक्राइब करें 🙏🙏
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    user_Voice of Labour
    Voice of Labour
    Alwar, Rajasthan•
    16 hrs ago
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