पंडित कुंजबिहारी वशिष्ठ, जिन्होंने स्वयं को ज्योतिषाचार्य, सूर्यदेव उपासक और मोदीनगर के पूर्व कार्यालय अधीक्षक बताया है, ने माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पर्यावरण संरक्षण की अपील का समर्थन करते हुए एक विशेष संदेश जारी किया है। अपने संदेश में उन्होंने पृथ्वी, जल, आकाश, अग्नि और वायु के संतुलन को बनाए रखने पर जोर दिया है। अपने जन्म दिवस के अवसर पर यह अपील करते हुए, पंडित कुंजबिहारी ने कहा कि यह संतुलन मानव, जीव-जंतु और संपूर्ण सृष्टि के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी सनातन धर्म अनुयायियों से हृदय से संकल्प लेने का आग्रह किया है कि वे आज से लेकर श्रावण मास तक पेड़ों और जल संसाधनों का संरक्षण करें। पंडित कुंजबिहारी वशिष्ठ ने इस संकल्प को जन-जन तक पहुँचाकर भारत देश को सुरक्षित रखने और उसकी धरातल को बनाए रखने की शुभकामनाएँ व्यक्त की हैं।
पंडित कुंजबिहारी वशिष्ठ, जिन्होंने स्वयं को ज्योतिषाचार्य, सूर्यदेव उपासक और मोदीनगर के पूर्व कार्यालय अधीक्षक बताया है, ने माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पर्यावरण संरक्षण की अपील का समर्थन करते हुए एक विशेष संदेश जारी किया है। अपने संदेश में उन्होंने पृथ्वी, जल, आकाश, अग्नि और वायु के संतुलन को बनाए रखने पर जोर दिया है। अपने जन्म दिवस के अवसर पर यह अपील करते हुए, पंडित कुंजबिहारी ने कहा कि यह संतुलन मानव, जीव-जंतु और संपूर्ण सृष्टि के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी सनातन धर्म अनुयायियों से हृदय से संकल्प लेने का आग्रह किया है कि वे आज से लेकर श्रावण मास तक पेड़ों और जल संसाधनों का संरक्षण करें। पंडित कुंजबिहारी वशिष्ठ ने इस संकल्प को जन-जन तक पहुँचाकर भारत देश को सुरक्षित रखने और उसकी धरातल को बनाए रखने की शुभकामनाएँ व्यक्त की हैं।
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने 'जल है तो कल है, वन है तो जीवन है' का महत्वपूर्ण संदेश देते हुए प्रकृति के संरक्षण पर विशेष बल दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रकृति के सभी घटक एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और जीवन चक्र का अभिन्न हिस्सा हैं, लेकिन उनकी लगातार उपेक्षा की गई है। इसी उपेक्षा की कीमत आज विश्व मानवता चुका रही है। प्राकृतिक असंतुलन पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए, माननीय मुख्यमंत्री जी ने पर्यावरण संरक्षण दिवस पर अपने सभी कार्यक्रम आवश्यक कदम उठाकर संपन्न किए। इसी क्रम में, ज्योतिषाचार्य और सूर्यदेव उपासक पंडित कुंजबिहारी वशिष्ठ, जो कि जनपद गाजियाबाद के मोदीनगर नगर परिषद के पूर्व कार्यालय अधीक्षक भी हैं, ने जनता से एक भावुक अपील की है। उन्होंने श्रीराम सेतु के बड़े यज्ञ कार्यक्रम में 'एक छोटी सी गिलहरी' की तरह योगदान देने का आह्वान करते हुए, 'माँ के नाम' पर 11 पेड़ लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने का आग्रह किया है।1
- MediManch Shop ने एक ऐसी पेशकश का दावा किया है, जिसमें सिर्फ एक बूंद डालते ही पानी 'ज़िंदा' हो जाता है। इस चौंकाने वाले दावे ने लोगों को हैरान कर दिया है।1
- पंजाब के मोहाली में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक युवक ने अपनी पूर्व प्रेमिका को उसके ऑफिस के अंदर घुसकर बेरहमी से चाकू मार दिया। यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसका वीडियो अत्यंत डरावना बताया जा रहा है। सामने आए सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि कैसे हमलावर ने ऑफिस में अन्य लोगों की मौजूदगी के बावजूद एक 'हैवान' की तरह लड़की पर दरिंदों जैसी क्रूरता से हमला किया। बताया गया है कि यह खूनी वारदात ब्रेकअप के बाद हुई, जब युवक ने पैचअप की कोशिश की और लड़की के मना करने पर उसे मार डाला।1
- गाजियाबाद के लोनी में हुए चर्चित ओंकार हत्याकांड में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। मामले में 50 हजार रुपये के इनामी अभियुक्त मोहित को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक, इस हत्याकांड में अब तक कुल 17 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। यह घटना रेलवे अंडरपास क्षेत्र की है, जहाँ डेयरी संचालक ओंकार त्यागी रोज की तरह पशुओं के लिए चारा लेने घर से निकले थे। आरोप है कि इसी दौरान कार से आए कुछ लोगों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। हमलावर ओंकार को कार की डिग्गी में डालकर फरार हो गए थे और बाद में उनकी हत्या कर शव को नहर में फेंक दिया गया था। पुलिस जाँच में सामने आया कि इस वारदात के पीछे पुरानी रंजिश थी। गिरफ्तार अभियुक्त मोहित ने पूछताछ में बताया कि कुछ दिन पहले हुई एक पंचायत के दौरान ओंकार त्यागी ने कथित तौर पर उसे अपमानित किया था। इसी अपमान का बदला लेने के लिए मोहित ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, मोहित घटना के बाद से ही फरार चल रहा था और उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। गाजियाबाद के डीसीपी देहात सुरेंद्रनाथ तिवारी ने बताया है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई जारी है।3
- गाजियाबाद में दिनांक 05 जून, 2026 को जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार मॉंदड़ की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्ट्रेट स्थित डीएम कक्ष में हुई इस बैठक का उद्देश्य यमुना एवं हिण्डन नदी क्षेत्रों की भूमि को चिन्हित कर अतिक्रमण और अवैध कब्जों से मुक्त कराना था। इसमें उप जिलाधिकारी लोनी, सिंचाई विभाग, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए), नगर निकायों तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। जिलाधिकारी ने यमुना एवं हिण्डन नदी के तटवर्ती क्षेत्रों तथा नदी की मूल भूमि पर हुए अतिक्रमणों की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि राजस्व अभिलेखों, सिंचाई विभाग के अभिलेखों एवं उपलब्ध मानचित्रों के आधार पर नदी क्षेत्र की सरकारी भूमि का सत्यापन कर अवैध कब्जों व अतिक्रमणों को चिन्हित किया जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि चिन्हित अतिक्रमणों के विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई कर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए, यह कहते हुए कि नदी क्षेत्र की भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण, कब्जा या अतिक्रमण स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करने पर जोर दिया। श्री मॉंदड़ ने यह भी बताया कि यमुना एवं हिण्डन नदी केवल जल स्रोत नहीं बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और क्षेत्रीय पारिस्थितिकी के महत्वपूर्ण आधार हैं, और इन क्षेत्रों को अतिक्रमण मुक्त कराना शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशील स्थलों का स्थलीय निरीक्षण करने, आवश्यकतानुसार संयुक्त सर्वेक्षण कराने तथा अभियान चलाकर अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने आगाह किया कि ये अवैध अतिक्रमण न केवल सरकारी भूमि और पर्यावरण के लिए हानिकारक हैं, बल्कि बाढ़ और जलभराव जैसी आपदाओं के दौरान आमजन के जीवन एवं संपत्ति के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न करते हैं, क्योंकि नदी के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा से जनहानि एवं आर्थिक क्षति की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए, लोगों की जान-माल की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण तथा नदी तंत्र के संरक्षण के दृष्टिगत अतिक्रमणों को चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में संबंधित विभागों को निर्धारित समयसीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए गए और नियमित प्रगति रिपोर्ट जिला प्रशासन को देने को कहा गया।4
- आजाद समाज पार्टी द्वारा शुक्रवार को मेरठ में 'सत्ता परिवर्तन यात्रा' का आयोजन किया जा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक अनोखा मामला सामने आया है, जहाँ एक पुलिस चौकी ही शादी का मंडप बन गई। परिवार की नाराज़गी के चलते घर छोड़कर भागे रोहन और प्रियंका को पुलिस शिकायत मिलने के बाद चौकी ले आई थी। चौकी में पूछताछ के दौरान जब दोनों ने एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने की इच्छा जताई, तो चौकी प्रभारी ने उनके परिवारों को बुलाकर समझाने का प्रयास किया। काफी बातचीत के बाद दोनों परिवार शादी के लिए सहमत हो गए, जिसके बाद पुलिस चौकी में ही उनका विवाह संपन्न कराया गया। यह मामला, जो पहले विवाद और कानूनी कार्रवाई की ओर बढ़ रहा था, आपसी सहमति और समझदारी से एक रिश्ते में बदल गया। इस शादी के दौरान मौजूद लोगों ने नवविवाहित जोड़े को शुभकामनाएँ दीं। मुजफ्फरनगर पुलिस की इस पहल की क्षेत्र में खूब चर्चा हो रही है, क्योंकि इसने एक विवादित मामले को खुशियों में बदल दिया।1
- पंडित कुंजबिहारी वशिष्ठ, जिन्होंने स्वयं को ज्योतिषाचार्य, सूर्यदेव उपासक और मोदीनगर के पूर्व कार्यालय अधीक्षक बताया है, ने माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पर्यावरण संरक्षण की अपील का समर्थन करते हुए एक विशेष संदेश जारी किया है। अपने संदेश में उन्होंने पृथ्वी, जल, आकाश, अग्नि और वायु के संतुलन को बनाए रखने पर जोर दिया है। अपने जन्म दिवस के अवसर पर यह अपील करते हुए, पंडित कुंजबिहारी ने कहा कि यह संतुलन मानव, जीव-जंतु और संपूर्ण सृष्टि के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी सनातन धर्म अनुयायियों से हृदय से संकल्प लेने का आग्रह किया है कि वे आज से लेकर श्रावण मास तक पेड़ों और जल संसाधनों का संरक्षण करें। पंडित कुंजबिहारी वशिष्ठ ने इस संकल्प को जन-जन तक पहुँचाकर भारत देश को सुरक्षित रखने और उसकी धरातल को बनाए रखने की शुभकामनाएँ व्यक्त की हैं।1