मजदूर के खाते से हुए 81 लाख के ट्रांजेक्शन तो उड़े होश डूंगरपुर पुलिस का 'ऑपरेशन साइबर हंट' : छात्रों और मजदूरों के बैंक खाते दुबई में बैठे ठगों को बेचने वाला वांछित आरोपी गिरफ्तार डूंगरपुर से दुबई-कुवैत तक फैला ठगी का जाल, शेयर मार्केट और क्रिप्टो के नाम पर महाठगी, 450 खातों से करोड़ों का खेल बैंक कर्मी की मिलीभगत भी आई सामने संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। जिले में भोले-भाले आदिवासियों, मजदूरों और कॉलेज छात्रों को सरकारी योजनाओं का झांसा देकर उनके बैंक खातों का उपयोग अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी में करने वाले एक बड़े गिरोह का डूंगरपुर पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन साइबर हंट' के तहत साइबर थाना पुलिस ने लंबी फरारी काट रहे वांछित आरोपी मनीष कलाल पुत्र विनोद कलाल, निवासी इंद्रखेत को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। - फ्री पैन कार्ड और स्कॉलरशिप का देते थे लालच पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था। आरोपी गांव के गरीब मजदूरों और कॉलेज विद्यार्थियों को टारगेट करते थे। उन्हें फ्री में पैन कार्ड बनवाने, जीरो बैलेंस पर खाता खुलवाने, सरकारी योजनाओं से स्कॉलरशिप दिलाने या लोन दिलाने का झांसा दिया जाता था। विश्वास जीतने के लिए गिरोह के साथ बैंक कर्मचारी कौशल प्रजापत भी साथ जाता था, जिससे लोग आसानी से झांसे में आ जाते थे। - दुबई, जॉर्जिया और कुवैत से जुड़े हैं तार खाता खुलने के बाद यह गिरोह खाताधारक से पासबुक, चेकबुक, एटीएम और नेट बैंकिंग के आईडी-पासवर्ड वाली 'किट' अपने पास रख लेता था। इसके बाद ये किट दुबई, कुवैत और जॉर्जिया में बैठे मुख्य सरगनाओं को भेज दी जाती थी। वहां से टेलीग्राम और व्हाट्सएप के जरिए शेयर मार्केट, ट्रेडिंग, क्रिप्टो करेंसी और ऑनलाइन बैटिंग (सट्टा) एप के जरिए देश भर के लोगों से ठगी कर राशि इन खातों में जमा कराई जाती थी। बाद में भारत में बैठे गुर्गे बैंक कर्मियों की मिलीभगत से पैसा निकालकर आपस में कमीशन बांट लेते थे। - एक पीड़ित के खाते से हुआ 81 लाख का संदिग्ध लेन-देन मामले का खुलासा तब हुआ जब बथड़ी निवासी लालशंकर रोत ने रिपोर्ट दर्ज कराई। उसे विक्रम और उसके साथियों ने फ्री पैन कार्ड का झांसा देकर खाता खुलवाया और किट ले ली। बाद में पता चला कि उसके खाते से करीब 81 लाख 69 हजार 707 रुपये का संदिग्ध लेन-देन हुआ है। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि अकेले इस गिरोह ने इंडसइंड, एचडीएफसी, एसबीआई समेत विभिन्न बैंकों में करीब 450 से अधिक खाते खुलवा रखे थे। - पुलिस की विशेष टीम ने की कार्रवाई एसपी मनीष कुमार द्वारा गठित विशेष टीम ने करीब 450 बैंक खातों का गहन विश्लेषण किया और साइबर ठगी के इस मकड़जाल को तोड़ा। कार्रवाई करने वाली टीम में साइबर थानाधिकारी गिरधारी सिंह, एएसआई छत्तरसिंह, हेड कांस्टेबल मदनलाल और कांस्टेबल आशीष, मगन, अभिषेक, हिमांशु व सत्येन्द्र सिंह शामिल रहे।
मजदूर के खाते से हुए 81 लाख के ट्रांजेक्शन तो उड़े होश डूंगरपुर पुलिस का 'ऑपरेशन साइबर हंट' : छात्रों और मजदूरों के बैंक खाते दुबई में बैठे ठगों को बेचने वाला वांछित आरोपी गिरफ्तार डूंगरपुर से दुबई-कुवैत तक फैला ठगी का जाल, शेयर मार्केट और क्रिप्टो के नाम पर महाठगी, 450 खातों से करोड़ों का खेल बैंक कर्मी की मिलीभगत भी आई सामने संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। जिले में भोले-भाले आदिवासियों, मजदूरों और कॉलेज छात्रों को सरकारी योजनाओं का झांसा देकर उनके बैंक खातों का उपयोग अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी में करने वाले एक बड़े गिरोह का डूंगरपुर पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन साइबर हंट' के तहत साइबर थाना पुलिस ने लंबी फरारी काट रहे वांछित आरोपी मनीष कलाल पुत्र विनोद कलाल, निवासी इंद्रखेत को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। - फ्री पैन कार्ड और स्कॉलरशिप का देते थे लालच पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था। आरोपी गांव के गरीब मजदूरों और कॉलेज विद्यार्थियों को टारगेट करते थे। उन्हें फ्री में पैन कार्ड बनवाने, जीरो बैलेंस पर खाता खुलवाने, सरकारी योजनाओं से स्कॉलरशिप दिलाने या लोन दिलाने का झांसा दिया जाता था। विश्वास जीतने के लिए गिरोह के साथ बैंक कर्मचारी कौशल प्रजापत भी साथ जाता था, जिससे लोग आसानी से झांसे में आ जाते थे। - दुबई, जॉर्जिया और कुवैत से जुड़े हैं तार खाता खुलने के बाद यह गिरोह खाताधारक से पासबुक, चेकबुक, एटीएम और नेट बैंकिंग के आईडी-पासवर्ड वाली 'किट' अपने पास रख लेता था। इसके बाद ये किट दुबई, कुवैत और जॉर्जिया में बैठे मुख्य सरगनाओं को भेज दी जाती थी। वहां से टेलीग्राम और व्हाट्सएप के जरिए शेयर मार्केट, ट्रेडिंग, क्रिप्टो करेंसी और ऑनलाइन बैटिंग (सट्टा) एप के जरिए देश भर के लोगों से ठगी कर राशि इन खातों में जमा कराई जाती थी। बाद में भारत में बैठे गुर्गे बैंक कर्मियों की मिलीभगत से पैसा निकालकर आपस में कमीशन बांट लेते थे। - एक पीड़ित के खाते से हुआ 81 लाख का संदिग्ध लेन-देन मामले का खुलासा तब हुआ जब बथड़ी निवासी लालशंकर रोत ने रिपोर्ट दर्ज कराई। उसे विक्रम और उसके साथियों ने फ्री पैन कार्ड का झांसा देकर खाता खुलवाया और किट ले ली। बाद में पता चला कि उसके खाते से करीब 81 लाख 69 हजार 707 रुपये का संदिग्ध लेन-देन हुआ है। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि अकेले इस गिरोह ने इंडसइंड, एचडीएफसी, एसबीआई समेत विभिन्न बैंकों में करीब 450 से अधिक खाते खुलवा रखे थे। - पुलिस की विशेष टीम ने की कार्रवाई एसपी मनीष कुमार द्वारा गठित विशेष टीम ने करीब 450 बैंक खातों का गहन विश्लेषण किया और साइबर ठगी के इस मकड़जाल को तोड़ा। कार्रवाई करने वाली टीम में साइबर थानाधिकारी गिरधारी सिंह, एएसआई छत्तरसिंह, हेड कांस्टेबल मदनलाल और कांस्टेबल आशीष, मगन, अभिषेक, हिमांशु व सत्येन्द्र सिंह शामिल रहे।
- User3770Rajasthan😡6 hrs ago
- चिखली हैंगिंग ब्रिज टूटने का झूठा वीडियो वायरल करने वाले दो युवक गिरफ्तार संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। सोशल मीडिया पर बिना सोचे-समझे झूठी खबरें और वीडियो पोस्ट करना दो युवकों को भारी पड़ गया। जिले के चिखली हैंगिंग ब्रिज के टूटने की झूठी अफवाह फैलाने और इंस्टाग्राम पर वीडियो वायरल करने के आरोप में डूंगरपुर पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जिला पुलिस द्वारा चलाए जा रहे 'ऑपरेशन संस्कार' के तहत की गई है। - क्या था पूरा मामला? घटना 2 जनवरी 2026 की है, जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में दावा किया गया था कि चिखली का प्रसिद्ध हैंगिंग ब्रिज टूट गया है। इस झूठी खबर से न केवल आमजन में भय का माहौल पैदा हो गया, बल्कि प्रशासन का भी काफी समय इस अफवाह की पुष्टि और खंडन करने में खराब हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और सीमलवाड़ा वृत्ताधिकारी मदनलाल विश्नोई के सुपरविजन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। थानाधिकारी भंवरसिंह राठौड़ और उनकी टीम ने तकनीकी सहायता और मुखबिरों की मदद से अफवाह फैलाने वालों की पहचान की। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों दिनेश पुत्र रमेश चंद्र रोत मीणा, निवासी झोथरी, थाना चौरासी एवंजितेन्द्र पुत्र कालुराम मालीवाड़, निवासी बिलपन, थाना चौरासी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। पुलिस ने बताया कि इन दोनों से अलग-अलग पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने वीडियो वायरल करने की बात स्वीकार की। - पुलिस की अपील पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी वीडियो या खबर को बिना पुष्टि के शेयर न करें। अफवाह फैलाने वालों पर भविष्य में भी 'ऑपरेशन संस्कार' के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।1
- लोहारिया ग्राम पंचायत की लापरवाही, जहां यात्रियों के बैठने की जगह वही कचरे का ढेर, नालियों की सफाई भी नहीं हो रही गांव में साफ सफाई के अभाव में फैल रही गंदगी, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी बेपरवाह गनोड़ा। गढ़ी पंचायत समिति की लोहारिया ग्राम पंचायत के बस स्टैंड पर इन दिनों कचरे का ढेर लगा हुआ है। लोहारिया बड़ा कस्बा है तथा यहां पर आबादी भी ज्यादा है लेकिन फिर भी ग्राम पंचायत की लापरवाही के कारण बस स्टैंड पर कूड़े करकट का ढेर लग गया है। बस स्टैंड पर यात्रियों के बैठने के लिए चबूतरा बना हुआ है तथा लोहे की कुर्सियां भी लगाई गई है तथा वहीं पर पास में गंदगी का ढेर लगा हुआ है जिससे यात्रियों को काफी परेशानी होती है। बस स्टैंड एक ऐसी जगह है जहां पर भीड़भाड़ वाला इलाका रहता है लेकिन वहीं पर कूड़े करकट का ढेर लगा कर रखना ग्राम पंचायत की ख़राब कार्यशैली को दर्शा रहा है। गांव में नालियों की भी नहीं हो रही सफाई, गंदगी बिखरी पड़ी लोहारिया ग्राम पंचायत में केवल बस स्टैंड पर ही नहीं बल्कि अंदरूनी इलाकों में भी साफ सफाई का अभाव है। गांव के ग्रामीण एवं जनप्रतिनिधियों ने बताया कि गांव में नालियों की साफ सफाई किए चार से पांच महीने हो गए हैं। ऐसे में गांव की नालियां बदबू एवं कचरे से भरी पड़ी है। इसके अलावा जब नालियां ओवर फ्लो हो जाती है तब गंदा पानी सड़क पर फैला रहता है। लेकिन ग्राम पंचायत इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि पंचायत की नालियां एवं सड़कें नियमित रूप से साफ की जाए ताकि गंदगी ना फैले। लेकिन बस स्टैंड एवं गांव के अंदरूनी इलाकों में साफ सफाई के अभाव में पंचायत का हाल बेहाल है जिससे ग्रामीण परेशान है।1
- गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 70910778981
- भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष पूंजीलाल गायरी ने नरेगा योजना को लेकर विपक्षी पार्टियों द्वारा फैलाई जा रहे भ्रम को लेकर बयान जारी किया है और उन्होंने कहा है कि यह योजना विकसित भारत 2047 के लिए शुरू की गई है और इससे गरीब वर्ग को साल में 125 दिन का रोजगार प्राप्त होगा।1
- कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी कुशलगढ़ में 1फरवरी को आयोजित होगा विराट हिन्दू सम्मेलन राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ कस्बे में 1फरवरी को विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन होगा भाजपा नेता व कुशलगढ़ नगरपालिका उपाध्यक्ष नितेश बैरागी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस विराट हिन्दू सम्मेलन में कुशलगढ़ नगर सहित अन्य गांवों के हिन्दू भाई इस विराट हिन्दू सम्मेलन में भाग लेंगे1
- आयुर्वेदीक चिकित्सालय में डॉक्टर साहब से खास बातचित सर्दी दिनों में क्या-क्या ध्यान रखना पडता है2
- नोएडा में प्रेमी ने बस में सिर-हाथ काट फेंकी थी प्रेमिका की लाश1
- ओवरलोड डंपर किया जब्त, चालक धराया संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। जिले में अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत वरदा थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने गुजरात राज्य से तस्करी कर अवैध रूप से बांसवाड़ा ले जाई जा रही बजरी से भरे एक डंपर को जब्त किया है। जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन और सागवाड़ा वृत्ताधिकारी रूप सिंह के सुपरविजन में यह कार्रवाई की गई। वरदा थानाधिकारी रिजवान खान ने बताया कि क्षेत्र में अवैध परिवहन की रोकथाम के लिए टीम मुस्तैद थी। इसी दौरान एक डंपर को रुकवाया गया, जो गुजरात की तरफ से आ रहा था। जांच करने पर पाया गया कि डंपर में क्षमता से अधिक बजरी भरी हुई थी और इसे अवैध रूप से परिवहन कर बांसवाड़ा ले जाया जा रहा था। मामले में पुलिस ने डंपर चालक बांसवाड़ा जिले के कलिंजरा थाना क्षेत्र के पारड़ा बोडीगामा निवासी पप्पू मसार पुत्र नानूराम मसार को चिन्हित किया है। वहीं, डंपर को डिटेन कर थाना परिसर में खड़ा करवा दिया है। मामले में अग्रिम कार्रवाई और जुर्माने के लिए खनन विभाग डूंगरपुर को सूचित कर दिया गया है। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में थानाधिकारी रिजवान खान के साथ सहायक उप निरीक्षक भंवरसिंह, कांस्टेबल पवन पाटीदार और कांस्टेबल श्रवण कुमार शामिल रहे।1