साढ़ूवाइन से बात करता था साढ़ू, गुस्साए पति ने साढ़ू को बीच रास्ते रोककर चाकू से किया हमला उत्तर प्रदेश के Amethi से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पत्नी से फोन पर बातचीत को लेकर दो साढ़ुओं के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि एक साढ़ू ने दूसरे पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल युवक का अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामला मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र का है। बताया जा रहा है कि सुल्तानपुर जिले के कुड़वार थाना क्षेत्र के सोहगौली गांव का रहने वाला रोहित विश्वकर्मा अपनी पत्नी से उसके बड़े साढ़ू विजय बहादुर विश्वकर्मा की फोन पर बातचीत को लेकर नाराज़ रहता था। रोहित ने कई बार अपनी पत्नी और साढ़ू विजय बहादुर को एक-दूसरे से बात करने से मना किया, लेकिन इसके बावजूद दोनों के बीच बातचीत जारी रही। इसी बात को लेकर रोहित के मन में गुस्सा बढ़ता गया। 13 मार्च को मुसाफिरखाना में विजय बहादुर के घर प्रीतिभोज का कार्यक्रम था। इसी कार्यक्रम में रोहित अपने भाई अनिल के साथ पहुंचा। कार्यक्रम के दौरान ही रोहित और उसका भाई विजय बहादुर को बातचीत के बहाने नहर की पटरी पर ले गए। बताया जा रहा है कि वहां तीनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई और देखते ही देखते मामला हिंसा में बदल गया। पहले से तैयारी करके आए रोहित और अनिल ने विजय बहादुर पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। अचानक हुए हमले में विजय बहादुर बुरी तरह घायल हो गया। शोर-शराबा सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक दोनों आरोपी बाइक से फरार हो चुके थे। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस और 108 एंबुलेंस सेवा को सूचना दी। पुलिस ने घायल को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है। घटना के बाद घायल के भाई धर्मेंद्र की तहरीर पर पुलिस ने रोहित और अनिल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। अगले ही दिन मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उनकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
साढ़ूवाइन से बात करता था साढ़ू, गुस्साए पति ने साढ़ू को बीच रास्ते रोककर चाकू से किया हमला उत्तर प्रदेश के Amethi से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पत्नी से फोन पर बातचीत को लेकर दो साढ़ुओं के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि एक साढ़ू ने दूसरे पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल युवक का अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामला मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र का है। बताया जा रहा है कि सुल्तानपुर जिले के कुड़वार थाना क्षेत्र के सोहगौली गांव का रहने वाला रोहित विश्वकर्मा अपनी पत्नी से उसके बड़े साढ़ू विजय बहादुर विश्वकर्मा की फोन पर बातचीत को लेकर नाराज़ रहता था। रोहित ने कई बार अपनी पत्नी और साढ़ू विजय बहादुर को एक-दूसरे से बात करने से मना किया, लेकिन इसके बावजूद दोनों के बीच बातचीत जारी रही। इसी बात को लेकर रोहित के मन में गुस्सा बढ़ता गया। 13 मार्च को मुसाफिरखाना में विजय बहादुर के घर प्रीतिभोज का कार्यक्रम था। इसी कार्यक्रम में रोहित अपने भाई अनिल के साथ पहुंचा। कार्यक्रम के दौरान ही रोहित और उसका भाई विजय बहादुर को बातचीत के बहाने नहर की पटरी पर ले गए। बताया जा रहा है कि वहां तीनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई और देखते ही देखते मामला हिंसा में बदल गया। पहले से तैयारी करके आए रोहित और अनिल ने विजय बहादुर पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। अचानक हुए हमले में विजय बहादुर बुरी तरह घायल हो गया। शोर-शराबा सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक दोनों आरोपी बाइक से फरार हो चुके थे। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस और 108 एंबुलेंस सेवा को सूचना दी। पुलिस ने घायल को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है। घटना के बाद घायल के भाई धर्मेंद्र की तहरीर पर पुलिस ने रोहित और अनिल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। अगले ही दिन मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उनकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
- *ब्रेकिंग प्रतापगढ़*,*तहसील सोरांव के कल्याणपुर ऊचडीह में स्थित साई जी के इंडियन गैस एजेंसी के मालिक जी के त्रिपाठी मुन्ना भैया से हुई खास बातचीत*, *इस दौरान बताया कि प्रदेश सरकार की दिशा निर्देश व जिला अधिकारी,व जिला पूर्ति अधिकारी प्रयागराज द्वारा जारी की गई गाइडलाइन ग्राहकों को नियम के अनुसार घरेलू एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है*, *और सिलेंडर की किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है उन्हें नियमानुसार घरेलू एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है*, *डिलीवरी वाहन से ग्राहकों के घर पर भी सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है*, *बताया कि प्रतापगढ़ व प्रयागराज जिले के कनेक्शन धारी पूरी तरह निश्चिंत रहें उन्हें सिलेंडर की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी,* *अफवाहों पर किसी प्रकार का कोई ध्यान ना दे*, *इस पूरे मामले को लेकर क्या कहना है साइन जी के इंडियन गैस एजेंसी मालिक जीके त्रिपाठी मुन्ना भैया का लिए सुनते हैं उन्ही की जुबानी*1
- रायबरेली सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) रायबरेली उमेश चंद्र कटियार ने बताया है कि विगत दिनों में जनपद कासगंज एवं आगरा में स्कूली वाहनों की खराब दशा एवं फर्श कमजोर होने के कारण झटके में फर्श टूट जाने के कारण उस स्थान पर बैठी स्कूली छात्रा के गाड़ी से नीचे चले जाने एवं बस के पहिए के नीचे आजाने के कारण दुःखद मृत्यु हो गई। इन दोनों घटनाओं को शासन द्वारा गंभीरता से लिया गया है एवं 01 अप्रैल 2026 से 15 अप्रैल 2026 तक स्कूली वाहनों के विरुद्ध सघन अभियान चलाए जाने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यालय द्वारा ऐसी स्कूली वाहनों की सूची तैयार कराई जा रही है जिन का फिटनेस अथवा परमिट समाप्त हो चुका है अथवा वाहन अपनी आयु 15 वर्ष पूर्ण कर चुकी है। जनपद में संचालित सभी विद्यालयों के प्रबंधतंत्र से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने-अपने विद्यालयों की प्रत्येक वाहनों की भौतिक जांच कराते हुए यह सुनिश्चित करा लें कि उनकी सभी वाहनों की भौतिक दशा पूर्ण रूप से ठीक है, वाहन की बॉडी की दशा अच्छी है, फर्श पूर्ण रूप से सही एवं मजबूत है, वाहन स्कूली बस मानकों के अनुरूप है एवं किसी प्रकार की कमी नहीं है। यदि वाहन की तकनीकी एवं भौतिक दशा में कोई कमी पाई जाती है तो उसे तत्काल सुधार कराने के उपरांत ही वाहन का संचालन किया जाए। जिन वाहनों का फिटनेस/परमिट समाप्त है अथवा स्कूली वाहनों की निर्धारित आयु 15 वर्ष पूर्ण हो चुकी हो, उनका संचालन किसी भी दशा में न किया जाए जब तक इन वाहनों का फिटनेस/परमिट वैध न करा लिया जाए, साथ ही 15 वर्ष पूर्ण कर चुकी वाहन का पंजीयन चिन्ह निरस्त करा लिया जाये। यदि भविष्य में बिना फिटनेस / परमिट अथवा भौतिक एवं तकनीकी रूप से खराब एवं 15 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकी स्कूली वाहन संचालित पायी जाती है तो ऐसी वाहनों के विरुद्ध कठोर प्रवर्तन कार्य के साथ ही स्कूली बच्चों के जीवन को संकट में डालने के आरोप में परिवहन विभाग द्वारा विधिक कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाएगी तथा दिनांक 01 अप्रैल से 15 अप्रैल, 2026 के दौरान स्कूली वाहनों के विरुद्ध संचालित अभियान के दौरान यदि बिना फिटनेस, बिना परमिट, 15 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकी तथा स्कूल बसों हेतु निर्धारित मानक का अनुपालन न करने वाली बस संचालित पाई जाती है तो प्रवर्तन दलों द्वारा ऐसी बसों को थानों में निरुद्ध किया जाएगा जिसके लिए विद्यालय प्रबंध-तंत्र पूर्ण रूप से उत्तरदाई होगा।2
- प्रतापगढ़ के रानीगंज थाना क्षेत्र में शनिवार की रात एक युवक अजमत अली उर्फ शोएब को बदमाशों ने गोली मार दी। वह रोजा अफ्तार के बाद घर लौट रहे थे, तभी लल्लन के घर के पास पहले से घात लगाए बैठे अज्ञात बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया। गोली सीधे युवक को चूतड़ में जा लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके की ओर दौड़े, लेकिन हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। स्थानीय लोगों और परिजनों ने आनन-फानन में घायल युवक को उठाकर रानीगंज ट्रामा सेंटर पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। लेकिन युवक की हालत लगातार गंभीर बनी रहने के कारण चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है। अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गोली मारने की घटना के पीछे पुरानी रंजिश, आपसी विवाद या कोई अन्य कारण तो नहीं है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस तरह से बेखौफ होकर बदमाशों ने युवक को गोली मारी है, उससे इलाके में भय का वातावरण पैदा हो गया है। ग्रामीणों ने पुलिस से जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।1
- Post by RAMA SHANKAR SHUKLA1
- Post by गति प्रवाह सिद्धांत तत्व, चेतन, ब्रम्ह2
- क्या अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव में रूस भी किसी भूमिका में है? क्या व्लादिमीर पुतिन ईरान को समर्थन दे रहे हैं? अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के ताजा बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच डोनल्ड ट्रंप ने रूस को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगता है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ईरान की कुछ हद तक मदद कर रहे हो सकते हैं। ट्रंप ने यह बात एक रेडियो इंटरव्यू के दौरान कही। उन्होंने फॉक्स न्यूज के होस्ट ब्रायन किल्मीड से बातचीत में यह टिप्पणी की। बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि पुतिन ईरान की मदद कर रहे हैं, तो ट्रंप ने जवाब दिया कि “मुझे लगता है कि वह शायद थोड़ी मदद कर रहे होंगे।” हालांकि ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि रूस किस तरह की मदद कर रहा है या इसके पीछे क्या कारण हो सकते हैं। लेकिन उनके इस बयान के बाद वैश्विक राजनीति में अमेरिका, रूस और ईरान के संबंधों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान टकराव के बीच रूस की संभावित भूमिका को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में ट्रंप का यह बयान अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।1
- क्या चीन का नया कानून देश में एकता लाएगा या अल्पसंख्यकों की पहचान पर असर डालेगा? चीन की संसद द्वारा पारित किए गए “जातीय एकता कानून” को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हो गई है। चीन की संसद नेशनल पीपुल्स कांग्रेस ने गुरुवार को “एथनिक यूनिटी लॉ” यानी जातीय एकता कानून को मंजूरी दे दी है। चीनी सरकार का कहना है कि यह कानून देश में जातीय एकता और आधुनिक विकास को मजबूत बनाने के लिए लाया गया है। हालांकि मानवाधिकार संगठनों ने इस कानून को लेकर गंभीर चिंताएं जताई हैं। मानवाधिकार समूहों का आरोप है कि इस कानून के जरिए चीन सरकार जातीय अल्पसंख्यकों की पहचान और संस्कृति को कमजोर करने की कोशिश कर सकती है। इस मुद्दे को लेकर चीन के अंदर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस कानून से चीन में रहने वाले अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकार और अवसर प्रभावित हो सकते हैं। चीन में कुल 55 जातीय अल्पसंख्यक समुदायों को आधिकारिक मान्यता प्राप्त है, जिनकी अपनी भाषाएं और सांस्कृतिक परंपराएं हैं। मंगोलियन ह्यूमन राइट्स इंफॉर्मेशन सेंटर की एक रिपोर्ट के अनुसार यदि मंदारिन भाषा को अनिवार्य बनाया जाता है तो मंगोलियन भाषा बोलने वाले लोगों के लिए रोजगार के अवसर कम हो सकते हैं, जिससे वे आर्थिक रूप से पिछड़ सकते हैं। इसी तरह अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के लिए भी अवसरों में कमी आने की आशंका जताई जा रही है। नए कानून के तहत जातीय एकता को केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी बताया गया है। इसमें प्रशासनिक संस्थानों, अभिभावकों और व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी इस प्रक्रिया का हिस्सा बनाया गया है। चीन में अल्पसंख्यकों की स्थिति पहले से ही अंतरराष्ट्रीय बहस का विषय रही है। उइगर मुस्लिमों के साथ कथित अत्याचार, तिब्बत में धार्मिक संस्थानों पर कड़ा नियंत्रण और मंगोलियाई भाषा की पढ़ाई पर प्रतिबंध जैसे मुद्दों को लेकर समय-समय पर विरोध सामने आता रहा है। ऐसे में चीन के इस नए कानून के बाद अल्पसंख्यकों के अधिकारों और सांस्कृतिक पहचान को लेकर वैश्विक स्तर पर बहस और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।1
- इज़राइल-ईरान-अमेरिका तनाव पर डॉ. जिग्नेश जानी का शांति संदेश: “युद्ध नहीं, शांति ही समाधान”1
- Post by Lalit Kumar Singh1