रूपवास_में_CLG_बैठक: ईद पर सौहार्द की अपील,किराएदारों का पुलिस सत्यापन जरूरी,,, बैठक में उठे सफाई, सुरक्षा और अतिक्रमण के मुद्दे, अधिकारियों ने समाधान का दिया दिखावटी भरोसा,, *रूपवास* | ईद उल अजहा के अवसर पर रूपवास कस्बे के थाना परिसर में सीएलजी की बैठक आयोजित हुई। बैठक उपखण्ड अधिकारी विष्णु बंसल और वृताधिकारी नीरज भारद्वाज के निर्देशन में हुई। बैठक में तय किया गया कि ईद उल अजहा का पर्व सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाया जाए। साथ ही नगरपालिका क्षेत्र में किराएदार रखने से पहले पुलिस सत्यापन करवाना अनिवार्य करने पर जोर दिया गया। प्रतिनिधियों ने नगरपालिका में लगे सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त करवाने, कस्बे के विभिन्न स्थानों पर लगे कूड़े के ढेर हटवाने की मांग उठाई। वनखण्डेश्वर कॉलोनी और शुलभ शौचालयों में ताले लगे होने, शुलभ शौचालय में लगे तीन एसी गायब होने का मुद्दा भी सामने आया। इसके अलावा मुख्य बाजार से अतिक्रमण हटवाने की मांग की गई। बाजार से अतिक्रमण हटाने की मांग हर सीएलजी की बैठक में होती है लेकिन अतिक्रमण हटाने का काम नहीं होता । बैठक में नगरपालिका अधिशासी अधिकारी योगेश पिप्पल, थानाधिकारी विनोद मीणा, पूर्व सरपंच राकेश भातरा, गीतम सिंह परमार, देवीचरण शर्मा, सुरेश परमार, संतोष सिकरवार, अरुण परमार, शेर सिंह राजावत सहित कई लोग मौजूद रहे।
रूपवास_में_CLG_बैठक: ईद पर सौहार्द की अपील,किराएदारों का पुलिस सत्यापन जरूरी,,, बैठक में उठे सफाई, सुरक्षा और अतिक्रमण के मुद्दे, अधिकारियों ने समाधान का दिया दिखावटी भरोसा,, *रूपवास* | ईद उल अजहा के अवसर पर रूपवास कस्बे के थाना परिसर में सीएलजी की बैठक आयोजित हुई। बैठक उपखण्ड अधिकारी विष्णु बंसल और वृताधिकारी नीरज भारद्वाज के निर्देशन में हुई। बैठक में तय किया गया कि ईद उल अजहा का पर्व सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाया जाए। साथ ही नगरपालिका क्षेत्र में किराएदार रखने से पहले पुलिस सत्यापन करवाना अनिवार्य करने पर जोर दिया गया। प्रतिनिधियों ने नगरपालिका में लगे सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त करवाने, कस्बे के विभिन्न स्थानों पर लगे कूड़े के ढेर हटवाने की मांग उठाई। वनखण्डेश्वर कॉलोनी और शुलभ शौचालयों में ताले लगे होने, शुलभ शौचालय में लगे तीन एसी गायब होने का मुद्दा भी सामने आया। इसके अलावा मुख्य बाजार से अतिक्रमण हटवाने की मांग की गई। बाजार से अतिक्रमण हटाने की मांग हर सीएलजी की बैठक में होती है लेकिन अतिक्रमण हटाने का काम नहीं होता । बैठक में नगरपालिका अधिशासी अधिकारी योगेश पिप्पल, थानाधिकारी विनोद मीणा, पूर्व सरपंच राकेश भातरा, गीतम सिंह परमार, देवीचरण शर्मा, सुरेश परमार, संतोष सिकरवार, अरुण परमार, शेर सिंह राजावत सहित कई लोग मौजूद रहे।
- डीग पुलिस 84 कोस ब्रज परिक्रमा और अधिक मास के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रही है। जिला पुलिस परिक्रमा मार्गों पर दिन-रात लगातार पेट्रोलिंग कर कड़ी निगरानी रख रही है, जिससे यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसी क्रम में, बुधवार देर रात लगभग 12 बजे पुलिस उपाधीक्षक अखलेश शर्मा और सीईओ सीताराम बैरवा ने स्वयं परिक्रमा मार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान, अधिकारियों ने यात्रियों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना और किसी भी समस्या की स्थिति में उन्हें पुलिस हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। साथ ही, उन्होंने श्रद्धालुओं को जगह-जगह तैनात पुलिस गश्त, सुरक्षा व्यवस्था और खोया-पाया केंद्र के बारे में भी अवगत कराया, ताकि बिछड़े हुए परिजन या सामान मिलने पर तत्काल सहायता मिल सके। अधिकारियों ने आदिबद्री धाम पहुंचकर तालाब क्षेत्र में उपस्थित यात्रियों को सावधानी बरतने की समझाइश दी और सुरक्षा संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए। उन्होंने महंत शिवराम दास महाराज से यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर विचार-विमर्श कर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर गहन चर्चा की। डीग पुलिस द्वारा की जा रही इन निरंतर निगरानी और व्यवस्थाओं से परिक्रमा में शामिल श्रद्धालुओं को राहत और सुरक्षा का एहसास हो रहा है।1
- केरल के पूर्व मुख्यमंत्री विजयन और उनकी बेटी के घर पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम रेड करने पहुंची थी। इसी दौरान, वहां मौजूद भीड़ ने ED टीम पर हमला कर दिया। यह घटना तब हुई जब केंद्रीय एजेंसी के अधिकारी तलाशी अभियान के सिलसिले में विजयन के आवास पर गए थे।1
- मथुरा में कोतवाली पुलिस ने गांजा तस्करी करने वाले चार आरोपियों के खिलाफ त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप, पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।1
- उत्तर प्रदेश के बंदा जिले में एक बड़ा हादसा हो गया है, जिसमें चार लोगों की जान चली गई। यह घटना बंदा क्षेत्र में हुई।1
- शहीद अवंती प्रीमियर लीग (SABPL) रात्रि क्रिकेट टूर्नामेंट का भव्य शुभारंभ आज बड़े उत्साह और जोश के साथ किया गया। इस शानदार टूर्नामेंट का उद्घाटन मुख्य अतिथि रोहित गुर्जर मानपुर ने फीता काटकर किया, जिसके तुरंत बाद तालियों की गड़गड़ाहट और खिलाड़ियों के जोश से पूरा मैदान गूंज उठा। इस अवसर पर शहीद अवंती विद्या पीठ के निदेशक राजुद्दीन खान सर और समस्त वहरावती युवा टीम मौजूद थी, वहीं गांव के खेल प्रेमियों और दर्शकों की भारी भीड़ ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। चारों ओर लगी रोशनी से पूरा मैदान किसी स्टेडियम से कम नहीं लग रहा था। 51,000 रुपये की शानदार विजेता राशि वाला यह टूर्नामेंट युवाओं में खेल के प्रति नया उत्साह भर रहा है, जिसने क्रिकेट प्रेमियों का जोश, खिलाड़ियों का जुनून और गांव की एकता को यादगार बना दिया। ऐसे आयोजन युवाओं को खेलों से जोड़कर गांव में भाईचारा, प्रतिभा और नई ऊर्जा का संदेश देते हैं, जिससे वहरावती की धरती पर क्रिकेट का यह महाकुंभ रोशनी से जगमगा उठा।4
- राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद का राष्ट्रीय अधिवेशन लखनऊ में आयोजित किया गया। यह अधिवेशन ब्रज की होली के उत्सव के बीच संपन्न हुआ, जहाँ ब्रज की होली की धूम भी देखने को मिली।1
- ईद पर निर्दोष जानवरों की बलि पर रोक लगाने की संतों की मांग, ईद पर निर्दोष जानवरों की बलि पर रोक लगाने की संतों की मांग, काशी, अयोध्या और मथुरा जनपद में ईद पर निर्दोष जानवरों की बलि को रोकने हेतु लिखा पत्र श्री कृष्ण जन्म भूमि मंदिर मस्जिद केस में याचिका कर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने आज मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि ईद के मौके पर लाखों निर्दोष जानवरों की हत्या कर दी जाती है, लेकिन मथुरा, काशी, अयोध्या तो भगवान श्री कृष्ण ,भगवान शिव और भगवान श्री राम का जन्म स्थान है, ऐसे पवित्र स्थान पर निर्दोष जानवरों की बली पर रोक लगनी चाहिए ।उन्होंने कहा कि अयोध्या में भगवान श्री राम का जन्म हुआ और मथुरा में भगवान श्री कृष्ण का जन्म हुआ और और काशी में भगवान शिव विराजे हैं ,ऐसे दिव्य स्थान पर तो भगवान का भजन कीर्तन होना चाहिए ,वहां पर किसी निर्दोष जानवर की बली देंगे तो हमारे सनातन हिंदुओं की भावना आहत होगी, और मुख्यमंत्री जी आप ही हमारे हिंदुओं के गौरव हैं आप ही इन विधर्मी मानसिकता के लोगों को रोक सकते हैं। यह लोग हमारे धर्म स्थलों के आसपास निर्दोष जानवरों की बलि देंगे तो हमारे आराध्य भगवान और गौ माता दुखी हो जाएंगे, हमारी गौ माता दुखी हो जाएगी। आप ,उत्तर प्रदेश में गुंडाराज को खत्म करके रामराज की स्थापना के लिए आगे बढ़े हैं, उत्तर प्रदेश में क्राइम कंट्रोल हुआ है ,इसके लिए हम अधिकारियों को धन्यवाद देते हैं। मथुरा में भगवान श्री कृष्ण ने रासलीला की है, माखन चोरी लीला की है, महारास किया था ,ऐसी पवित्र स्थान पर यदि निर्दोष जानवरों की बलि दी जाएगी तो हमारे सनातनी बृजवासियों और आने वाले तीर्थ यात्रियों को बहुत पीड़ा होगी। महामंडलेश्वर रामदास जी महाराज साध्वी इंदू लेखा और हिंदूवादी सिद्धार्थ भट्टाचार्य ने भी मुख्यमंत्री से प्रार्थना की है ईद के मौके पर तीर्थ स्थान पर निर्दोष जानवरों की बली नहीं दी जाए1
- बाड़ी उपखंड पर समस्त युवा वर्ग और विद्यार्थी वर्ग ने उच्च न्यायालय के आदेश का सम्मान करते हुए भी पूरे राजस्थान में मारवाड़ी भाषा को थोपने का पुरजोर विरोध किया है। उन्होंने छात्रों के भविष्य को देखते हुए इस कदम को पूर्वी राजस्थान के जिलों के साथ अन्याय और दुर्व्यवहार बताया। इस दौरान उपखंड अधिकारी बाड़ी को एक ज्ञापन भी सौंपा गया। छात्रसंघ अध्यक्ष पुष्पेंद्र गुर्जर ने स्पष्ट किया कि हालांकि वे उच्च न्यायालय का सम्मान करते हैं, लेकिन पूर्वी राजस्थान में बृज भाषा का प्रचलन है। उनका कहना था कि यदि मारवाड़ी भाषा को पूरे राजस्थान में थोपा गया, तो यह पूर्वी राजस्थान के जिलों के साथ अन्याय होगा और बृज भाषा के अस्तित्व को खत्म करने का प्रयास भी होगा। इसी क्रम में, शेर गुर्जर ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 29(1) का उल्लेख किया, जो नागरिकों को उनकी भाषा, लिपि और संस्कृति के संरक्षण का अधिकार देता है, तथा अनुच्छेद 350A का भी जिक्र किया, जो मातृभाषा आधारित प्राथमिक शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपेक्षा करता है। उन्होंने चेताया कि यदि किसी क्षेत्र की वास्तविक भाषाई परिस्थिति का समुचित अध्ययन किए बिना शिक्षा संबंधी भाषा नीति लागू की जाती है, खासकर जब पूर्वी राजस्थान से लगभग 20 प्रतिशत छात्र-छात्राएं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हों, तो यह विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया, परीक्षा परिणाम और विद्यालयी अनुकूलन पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इसलिए, स्थानीय भाषाई अध्ययन आवश्यक है। समरथ गुर्जर और मनोज राजावत ने धौलपुर, भरतपुर, डीग, करौली, सवाई माधोपुर, अलवर और दौसा जैसे पूर्वी राजस्थान के जिलों की वास्तविक भाषाई परिस्थिति के अध्ययन के लिए जिला अथवा संभाग स्तरीय विशेषज्ञ समिति गठित करने की मांग की। उन्होंने आशंका जताई कि यदि मारवाड़ी भाषा को जबरन थोपा गया, तो पूर्वी राजस्थान के विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नों को हल नहीं कर पाएंगे और सरकारी नौकरी से वंचित रह जाएंगे। उनका मुख्य उद्देश्य यह है कि माननीय उच्च न्यायालय को अपना फैसला बदलना चाहिए और पूर्वी राजस्थान की भाषा हिंदी एवं बृज भाषा ही रहने देनी चाहिए, जिससे भविष्य में न तो विद्यार्थियों को कोई परेशानी आए और न ही बृज भाषा का अस्तित्व खत्म हो। मानवेंद्र बैंसला और देशराज कंसाना ने भी बताया कि इन पूर्वी जिलों में भगवान श्री कृष्ण के समय से ही बृज और हिंदी का प्रचलन रहा है, और कई कवियों ने भी बृज भाषा में रचनाएं लिखी हैं। उनके अनुसार, अचानक से इस तरह भाषा का बोझ थोपना गलत है, और यदि पूरे क्षेत्र में मारवाड़ी भाषा को राजस्थानी भाषा के रूप में लागू किया गया, तो यह क्षेत्र पूरी तरह पिछड़ जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन में शेरा गुर्जर, मनोज राजावत, समरथ गुर्जर, छात्रसंघ अध्यक्ष पुष्पेंद्र गुर्जर, मानवेंद्र बैंसला, देशराज कंसाना, ऋषभ शर्मा, अजय कंसाना, चेतन शर्मा, बन्टू प्रजापति, अमन गुर्जर, आदित्य, विपिन, ललित, दर्शन गुर्जर, प्रदीप, हंसराम, तन्वेश, तनवी, यश, शिवा, विक्रम, रिहान, शिवानी, अदिति, आर्यन, लोकेश, संदीप, कप्तान, धीरज, हर्षल, करन, मोहित, चेतन शर्मा, राहुल गुर्जर, बबलू, हिमांक, प्रियांशी, भयांश जाट, सचिन, योगेश मीना, हनी, रिजवान खान, अमित कुशवाह, निहारिका, हेमन्त, कांता शर्मा, पायल सहित सैकड़ों युवा और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।4
- मथुरा जिले की छाता तहसील में आज सुबह एक काले तेल की फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग इतनी तेजी से फैली कि फैक्ट्री के आसपास के पेड़-पौधे भी इसकी चपेट में आकर धू-धू कर जलने लगे। इस घटना की खबर मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। कई फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझाने के दौरान पुलिस और प्रशासन ने एहतियातन आसपास के क्षेत्र को खाली कराया ताकि कोई बड़ा हादसा न हो। स्थानीय लोगों का कहना है कि दमकल विभाग समय रहते मौके पर पहुंच गया, जिससे आग को और फैलने से रोका जा सका। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस आगजनी से फैक्ट्री में भारी नुकसान हुआ है और करोड़ों का माल जलकर राख हो गया है। हालांकि, अभी तक किसी व्यक्ति के हताहत होने की कोई खबर सामने नहीं आई है। प्रशासन द्वारा आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। चिल्ल चिलाती गर्मी में आग लगने की इस घटना से लोगों में काफी भय व्याप्त है, और यह भी बताया गया है कि फायर ब्रिगेड समय पर नहीं पहुंच पाई थी।4