.शमशाबाद: 48 घंटे के रेस्क्यू के बाद सापन नदी से लापता युवक का शव बरामद * शमशाबाद के ग्राम बमोरी निवासी युवक गिरवर का शव बरामद * 48 घंटे के रेस्क्यू अभियान के बाद पुल के नीचे मिला शव * रविवार को नदी में गिरने की मिली थी सूचना * स्थानीय गोताखोरों के साथ SDRF और NDRF टीम ने चलाया रेस्क्यू अभियान एंकर...शमशाबाद से इस वक्त की दुखद खबर सामने आ रही है, जहां ग्राम बमोरी निवासी लापता युवक गिरवर का शव करीब 48 घंटे चले रेस्क्यू अभियान के बाद सापन नदी के पुल के नीचे से बरामद किया गया है। बताया जा रहा है कि रविवार दोपहर युवक के सापन नदी के पुल से नदी में गिरने की सूचना पुलिस प्रशासन को मिली थी। सूचना के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों के साथ SDRF और NDRF टीम की मदद से नदी में तलाश शुरू की गई। करीब 48 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मंगलवार शाम को गोताखोरों ,को पुल के नीचे युवक का शव मिला। पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। वही नगर के गोताखोर एवं sdrf के जवानों को एडिशनल एसपी ने प्रमाण पत्र देकर सम्मनित किया गया है
.शमशाबाद: 48 घंटे के रेस्क्यू के बाद सापन नदी से लापता युवक का शव बरामद * शमशाबाद के ग्राम बमोरी निवासी युवक गिरवर का शव बरामद * 48 घंटे के रेस्क्यू अभियान के बाद पुल के नीचे मिला शव * रविवार को नदी में गिरने की मिली थी सूचना * स्थानीय गोताखोरों के साथ SDRF
और NDRF टीम ने चलाया रेस्क्यू अभियान एंकर...शमशाबाद से इस वक्त की दुखद खबर सामने आ रही है, जहां ग्राम बमोरी निवासी लापता युवक गिरवर का शव करीब 48 घंटे चले रेस्क्यू अभियान के बाद सापन नदी के पुल के नीचे से बरामद किया गया है। बताया जा रहा है कि रविवार दोपहर
युवक के सापन नदी के पुल से नदी में गिरने की सूचना पुलिस प्रशासन को मिली थी। सूचना के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों के साथ SDRF और NDRF टीम की मदद से नदी में तलाश शुरू की गई। करीब 48 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मंगलवार
शाम को गोताखोरों ,को पुल के नीचे युवक का शव मिला। पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। वही नगर के गोताखोर एवं sdrf के जवानों को एडिशनल एसपी ने प्रमाण पत्र देकर सम्मनित किया गया है
- .शमशाबाद: 48 घंटे के रेस्क्यू के बाद सापन नदी से लापता युवक का शव बरामद * शमशाबाद के ग्राम बमोरी निवासी युवक गिरवर का शव बरामद * 48 घंटे के रेस्क्यू अभियान के बाद पुल के नीचे मिला शव * रविवार को नदी में गिरने की मिली थी सूचना * स्थानीय गोताखोरों के साथ SDRF और NDRF टीम ने चलाया रेस्क्यू अभियान एंकर...शमशाबाद से इस वक्त की दुखद खबर सामने आ रही है, जहां ग्राम बमोरी निवासी लापता युवक गिरवर का शव करीब 48 घंटे चले रेस्क्यू अभियान के बाद सापन नदी के पुल के नीचे से बरामद किया गया है। बताया जा रहा है कि रविवार दोपहर युवक के सापन नदी के पुल से नदी में गिरने की सूचना पुलिस प्रशासन को मिली थी। सूचना के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों के साथ SDRF और NDRF टीम की मदद से नदी में तलाश शुरू की गई। करीब 48 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मंगलवार शाम को गोताखोरों ,को पुल के नीचे युवक का शव मिला। पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। वही नगर के गोताखोर एवं sdrf के जवानों को एडिशनल एसपी ने प्रमाण पत्र देकर सम्मनित किया गया है4
- अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस पर दिव्यांग बच्चों ने सांकेतिक भाषा में दी प्रस्तुति दिव्यांग पुनर्वास केंद्र रायसेन में हुआ विशेष कार्यक्रम विशेषज्ञों ने सांकेतिक भाषा के महत्व पर डाला प्रकाश रायसेन, अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस (International Day of Sign Languages) के अवसर पर आज स्थानीय दिव्यांग पुनर्वास केंद्र,रायसेन में एक गरिमामय एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के (CWSN) छात्रावास में अध्ययनरत दिव्यांग बालक-बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उप संचालक सामाजिक न्याय श्री मनोज बॉथम, डीपीसी श्री प्रदीप चतुर्वेदी एवं श्री डीडी रजक द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती मां की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इसके पश्चात छात्रावास के मूक-बधिर बालक-बालिकाओं ने सांकेतिक भाषा में स्वागत उद्बोधन, स्वागत गीत एवं प्रेरणादायक प्रस्तुतियां दीं, जिसने सभी का मन मोह लिया। बच्चों ने सांकेतिक भाषा के माध्यम से अपने विचार और भावनाएं व्यक्त कीं। सांकेतिक भाषा में अतिथियों का स्वागत छात्र अध्ययन क्रृष्णा ने गेस्ट मोनो लगाकर किया I अपने उद्बोधन में डीपीसी प्रदीप चतुर्वेदी ने कहा कि "सांकेतिक भाषा केवल भाषा नहीं, बल्कि मूक-बधिर समुदाय के लिए अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है। समय पर पहचान और सही उपचार से कई बच्चों को इसका लाभ मिल सकता है। समाज में सांकेतिक भाषा को समझना और सम्मान देना हम सभी की जिम्मेदारी है।" श्री डी डी रजक ने अपने संबोधन में कहा कि "सांकेतिक भाषा दिवस हमें समावेशी समाज की याद दिलाता है। दिव्यांग बच्चों में असीम प्रतिभा है, आवश्यकता है उन्हें सही मंच और सहयोग देने की। इस अवसर उप संचालक सामाजिक न्याय विभाग ने दिव्यांगों के लिए चल रही योजनाओ की जानकारी देते हुए कहा कि इन बच्चों की प्रतिभा को निखारने का कार्य किया जाए ताकि वे शिक्षा व समाज की मुख्य धारा से जुड सके इस अवसर पर दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के विशेषज्ञों द्वारा उपस्थित अभिभावकों और शिक्षकों को सांकेतिक भाषा के बुनियादी संकेतों का प्रशिक्षण भी दिया गया। बच्चों को सांकेतिक भाषा के महत्व, उसके इतिहास और उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस अवसर पर अतिथियों के कर कमलों से बच्चों को डारी व पेन वितरित करवाये गये इस अवसर पर श्री एसआर श्रीवास्तव ने जिले मे दिव्यांग बच्चों के लिए चल रही योजनाओ की जानकारी दी एवं बताया कि ये बच्चे भिन्न क्षमता वाले बच्चे है इनकी क्षमताओ को पहचान कर यदि कार्य किया जाये तो निश्चित रूप से ये बच्चे अपना भविष्य बना सकते है। अंत में सभी ने सांकेतिक भाषा को बढ़ावा देने और दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का संकल्प लिया । कार्यक्रम का समापन सांकेतिक भाषा में राष्ट्रगान गाकर किया गया ।1
- मुड़िया खेड़ा रेलवे गेट पर ओवरब्रिज निर्माण की कछुआ चाल, 3 साल बाद भी अधूरा काम; घंटों फाटक पर इंतजार कर रहे ग्रामीण। रायसेन। मुड़िया खेड़ा रेलवे गेट पर बन रहा रेलवे ओवरब्रिज लंबे समय से अधूरे निर्माण के कारण क्षेत्रवासियों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू हुए तीन साल से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक काम पूरा नहीं हो सका है। निर्माण की धीमी गति के चलते इस मार्ग से आवागमन करने वाले कई गांवों के ग्रामीणों और यात्रियों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि मुड़िया खेड़ा रेलवे गेट पर तीन रेलवे लाइन होने के कारण ट्रेनों के आवागमन के दौरान रेलवे फाटक काफी देर तक बंद रहता है। कई बार ग्रामीणों और वाहन चालकों को फाटक खुलने के इंतजार में घंटों खड़ा रहना पड़ता है। इसी समस्या के स्थायी समाधान के लिए रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण शुरू किया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि ओवरब्रिज का निर्माण जल्द पूरा होने से रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम और लंबे इंतजार से राहत मिल सकती है। लेकिन निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार के कारण समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से ओवरब्रिज का निर्माण कार्य तेज गति से कराकर जल्द पूरा कराने की मांग की है।1
- नगर पालिका प्रशासन कृपया ध्यान दीजिए, कॉलोनी का नाम वीआईपी है मगर वीआईपी जैसी सुविधाएं नहीं मिली सत्येंद्र जोशी न्यूज़ रायसेन वार्ड नंबर 4 की वीआईपी कॉलोनी की बात करते हैं कॉलोनी मैं ना तो सड़क है ना पानी की सुविधाए लोग परेशान हो रहे हैं। नाम के नाम से वीआईपी है लगी हुई कलेक्ट के पास हम कलेक्टर को आठ बार ज्ञापन दे चुके हैं जबकि आठ बार एसडीएम के पास भी हम के जीत चुके हैं लेकिन हमारी कॉलोनी में आज ऐसी स्थिति है की गोट पानी भर रहा है जिससे नगर पालिका को भी शिकायत हम कर चुके हैं इससे कुछ सुनवाई नहीं हो रही है ना हमारे यहां रोड है और पानी की व्यवस्था तो ऐसी अनाड़ी परी चौक हो गई है पहली लाइन में देखा जाए तो और गोट से ज्यादा पानी है उसमें सांप भी हैं पूरे कीटाणु घूम रहे हैं उसमें उसके मच्छर हो रहे हैं इस पर नगर पालिका बिल्कुल ध्यान नहीं दे रही और जबकि 25 लोग वहां से टैक्स भी भरते हैं 25 30 लोग टैली टैक्स भी भरना है जब हम टैक्स भर रहे हैं तो फिर यह सफाई तो नगर पालिका को करवाना चाहिए ना यह तो उसका थोड़ा प्रमाण पत्र है हमारे पास पूरे लेटर भी हैं हमेशा सीएम हेल्पलाइन पर घर से यूनिटी बनाकर पर घर से कंप्लेंट करेंगे और रोड पर भी अनशन पर बैठेंगे हम दो या तीन दिन का टाइम देते हैं यह पानी पूरा खाली होना चाहिए नहीं तो हम आगे कार्रवाई करेंगे सब लोग मिलकर पूरे कॉलोनी वाले रोड पर बैठेंगे और मंत्री को भी बुलाएंगे पूरा सभी कॉलोनी वालों से यही निवेदन है कि हम आगे बढ़ेंगे तभी होगा और हम आगे बढ़ेंगे समस्त कॉलोनी निवासी विप कॉलोनी रायसेन वार्ड नंबर 4 नगर पालिका प्रशासन कृपया ध्यान दीजिए, कॉलोनी का नाम वीआईपी है मगर वीआईपी जैसी सुविधाएं नहीं मिली सत्येंद्र जोशी न्यूज़ रायसेन वार्ड नंबर 4 की वीआईपी कॉलोनी की बात करते हैं कॉलोनी मैं ना तो सड़क है ना पानी की सुविधाए लोग परेशान हो रहे हैं। नाम के नाम से वीआईपी है लगी हुई कलेक्ट के पास हम कलेक्टर को आठ बार ज्ञापन दे चुके हैं जबकि आठ बार एसडीएम के पास भी हम के जीत चुके हैं लेकिन हमारी कॉलोनी में आज ऐसी स्थिति है की गोट पानी भर रहा है जिससे नगर पालिका को भी शिकायत हम कर चुके हैं इससे कुछ सुनवाई नहीं हो रही है ना हमारे यहां रोड है और पानी की व्यवस्था तो ऐसी अनाड़ी परी चौक हो गई है पहली लाइन में देखा जाए तो और गोट से ज्यादा पानी है उसमें सांप भी हैं पूरे कीटाणु घूम रहे हैं उसमें उसके मच्छर हो रहे हैं इस पर नगर पालिका बिल्कुल ध्यान नहीं दे रही और जबकि 25 लोग वहां से टैक्स भी भरते हैं 25 30 लोग टैली टैक्स भी भरना है जब हम टैक्स भर रहे हैं तो फिर यह सफाई तो नगर पालिका को करवाना चाहिए ना यह तो उसका थोड़ा प्रमाण पत्र है हमारे पास पूरे लेटर भी हैं हमेशा सीएम हेल्पलाइन पर घर से यूनिटी बनाकर पर घर से कंप्लेंट करेंगे और रोड पर भी अनशन पर बैठेंगे हम दो या तीन दिन का टाइम देते हैं यह पानी पूरा खाली होना चाहिए नहीं तो हम आगे कार्रवाई करेंगे सब लोग मिलकर पूरे कॉलोनी वाले रोड पर बैठेंगे और मंत्री को भी बुलाएंगे पूरा सभी कॉलोनी वालों से यही निवेदन है कि हम आगे बढ़ेंगे तभी होगा और हम आगे बढ़ेंगे समस्त कॉलोनी निवासी विप कॉलोनी रायसेन वार्ड नंबर 41
- मुख्यमंत्री से मिले सांची विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी, क्षेत्र के विकास को लेकर की चर्चा सांची विधानसभा क्षेत्र के विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों को लेकर मंगलवार को सांची विधायक एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. प्रभुराम चौधरी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सौजन्य भेंट की। इस दौरान विधायक डॉ. चौधरी ने सांची विधानसभा क्षेत्र के समग्र विकास तथा क्षेत्रवासियों के हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर मुख्यमंत्री के साथ विस्तृत चर्चा की। विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी ने मंगलवार शाम करीब 5:30 बजे सोशल मीडिया ग्रुप के माध्यम से भेंट की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के दौरान सांची विधानसभा क्षेत्र के विकास से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। डॉ. चौधरी ने कहा कि सांची विधानसभा के विकास एवं क्षेत्रवासियों के हितों के लिए उनका संकल्प निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने क्षेत्र के विकास से जुड़े विषयों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने की बात कही। मुख्यमंत्री से हुई इस सौजन्य भेंट को सांची विधानसभा क्षेत्र के विकास से जुड़े विषयों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।1
- शमशाबाद में किसानों की बाइक रैली, खराब सोयाबीन लेकर तहसील पहुंचे किसान शमशाबाद में किसानों की बाइक रैली, सौंपा ज्ञापन शमशाबाद में खराब सोयाबीन की फसल और किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ ने बाइक रैली निकाली। किसान खराब सोयाबीन लेकर तहसील कार्यालय पहुंचे और तहसीलदार को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर जल्द फसल सर्वे और उचित मुआवजे की मांग की।1
- विदिशा में पुलिस की दोहरी कार्रवाई,10 लीटर अवैध शराब जब्त,6 पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई विदिशा में पुलिस की दोहरी कार्रवाई,10 लीटर अवैध शराब जब्त,6 पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई1
- भेद-विज्ञान ही संसार रोग की सबसे बड़ी दवा है। निर्णय करो - मैं कौन हूँ? कहाँ से आया हूँ? मेरा स्वरूप क्या है?:पं संयम शास्त्री विदिशा।श्री शीतलनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर में चल रहे दसलक्षण धर्म विधान व पर्युषण पर्व के सातवें दिन उत्तम तप धर्म मनाया गया। प्रवक्ता डॉ मक्खन लाल जैन ने बताया कि मुंबई से पधारे पं संयम शास्त्री द्वारा समयसार नाटक ग्रंथ पर स्वाध्याय चल रहा है।सायंकालीन वीतराग विज्ञान पाठशाला के बच्चों द्वारा बहुत ही सुंदर धार्मिक नाटक जैन धर्म के प्रसिद्ध विद्वान गोपाल दास जी बरैया के जीवन पर प्रस्तुति दी गयी, जिसमें छोटे छोटे बच्चों द्वारा धर्म की कठिन बातों को बहुत ही सरल तरीके से दिखाया गया। आज रात्रि जीवन यात्रा संसार से मोक्षमार्ग तक लघु नृत्य नाटिका का मंचन किया जाएगा।ट्रस्ट अध्यक्ष मलुकचंद जैन द्वारा अधिक संख्या ने धर्म लाभ लेने की अपील की। आज सुबह स्वाध्याय में पंडित संयम शास्त्री ने समझाया कि दशलक्षण में आज उत्तम तप का दिन है और नाटक समयसार में 11वां छंद चल रहा है। पं दौलतराम जी ने लिखा है - भेद-विज्ञान के बिना जीव अनंत बार तप कर चुका है, अंतिम ग्रैवेयक तक चला गया, पर सब शून्य रह गया। जैसे चेक पर सिर्फ 00000 लिखे हों और आगे 1 का अंक न हो तो कीमत जीरो है। वैसे ही भेद-विज्ञान के बिना 12 प्रकार के तप, उपवास, स्वाध्याय सब शून्य हैं। क्यों शून्य है?क्योंकि उपवास, कायाक्लेश, शरीर की क्रिया है। शरीर जड़ है। जड़ की क्रिया से चेतन आत्मा का धर्म कैसे होगा? हमने क्रिया में धर्म मान लिया है। भेद-विज्ञान क्या है? जैसे आप घर में R0 लगाते हैं, कीचड़ मिले पानी में से गंदगी अलग करके पानी पी लेते हैं, जैसे सोना खरीदना हो तो किराना दुकान से नहीं, सुनार से खरीदते हैं, वैसे ही आत्मा और शरीर को अलग करना है। दुनिया में 3 लोग हमें हमेशा देख रहे हैं - हमारे कर्म, सिद्ध परमेष्ठी और हम स्वयं। हम दिन भर दुकान पर बोलते हैं "सबसे सस्ता दे रहा हूँ" वो तो छोटा झूठ है। सबसे बड़ा झूठ है - "मेरा नाम राजकुमार है, ये शरीर मैं हूँ।" इससे जुड़ा सब झूठ है। भेद-विज्ञान प्रगट होने पर जीव पहले अपने और पर के गुण को जानता है, फिर पर-परिणति का त्याग करता है। जैसे घर में मेहमान का छोटा बच्चा आए तो हम अपने बच्चे से ज्यादा उसका ख्याल रखते हैं, पर वो अपना नहीं है। वैसे ही शरीर, धन, परिवार मेहमान जैसे हैं। जिस वस्तु में अपनापन मानते हैं, वहीं दुःख है। अनित्य वस्तु के आश्रय से सुख भी अनित्य होगा। इसलिए ज्ञानी अपना माना किसे है, ये देखता है, अपना कहा किसे है ये नहीं। भेद-विज्ञान ही संसार रोग की सबसे बड़ी दवा है। निर्णय करो - मैं कौन हूँ? कहाँ से आया हूँ? मेरा स्वरूप क्या है? सायंकालीन प्रवचन में उत्तम तप धर्म पर प्रकाश डाला उन्होंने बताया उत्तम तप धर्म आत्मा की शुद्धि का मार्ग है। तप दो तरह का होता है - बाहर का और भीतर का। बाहर का तप है भूखा रहना, कम खाना, स्वाद का त्याग। और भीतर का तप है - विनम्र बनना, अपनी गलतियों को मानना, सेवा करना, स्वाध्याय और ध्यान करना। जैन शास्त्र कहते हैं, सिर्फ शरीर को सुखाना तप नहीं है। अगर उपवास करके मन में अहंकार आ गया, तो वो तप व्यर्थ है। सच्चा तप वही है जो इच्छाओं को शांत करे और कर्मों की निर्जरा करे।4