जनपद पंचायत करैरा की ग्राम पंचायत उकायला स्थित गौशाला एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि गौशाला में रखे गए गौवंशों को एक्सपायर हो चुकी दवाइयां दी जा रही हैं और उन्हें पीने के लिए पर्याप्त पानी भी उपलब्ध नहीं है। इन अव्यवस्थाओं के कारण पशुओं की हालत लगातार बिगड़ रही है और उनकी मौतें हो रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गौशाला में कई गौवंश बीमार पड़े हैं और उन्हें समय पर उचित उपचार नहीं मिल रहा है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि आखिर गौवंशों की मौत का असली कारण क्या है — एक्सपायर दवाइयों का उपयोग या भीषण गर्मी में पानी की घोर कमी? उनके अनुसार, गौशाला में चारा, पानी और चिकित्सा सुविधाओं की भारी कमी है। हाल ही में गौशाला परिसर में एक मृत गौवंश का कंकाल मिलने की बात भी सामने आई है, जिसने ग्रामीणों में भारी आक्रोश भर दिया है। इस पूरे मामले पर ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने, दोषी व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई करने और गौशाला की व्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त करने की मांग की है। वहीं, करेरा जनपद के सीईओ सूत्रकार ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वे ग्राम पंचायत उकायला की गौशाला की सही तरीके से जांच करवाएंगे और जांच में दोषी पाए जाने वालों पर निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी। अब सभी की निगाहें संबंधित अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इन गंभीर आरोपों की जांच के बाद क्या ठोस कदम उठाते हैं।
जनपद पंचायत करैरा की ग्राम पंचायत उकायला स्थित गौशाला एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि गौशाला में रखे गए गौवंशों को एक्सपायर हो चुकी दवाइयां दी जा रही हैं और उन्हें पीने के लिए पर्याप्त पानी भी उपलब्ध नहीं है। इन अव्यवस्थाओं के कारण पशुओं की हालत लगातार बिगड़ रही है और उनकी मौतें हो रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गौशाला में कई गौवंश बीमार पड़े हैं और उन्हें समय पर उचित उपचार नहीं मिल रहा है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि आखिर गौवंशों की मौत का असली कारण क्या है — एक्सपायर दवाइयों का उपयोग या भीषण गर्मी में पानी की घोर कमी? उनके अनुसार, गौशाला में चारा, पानी और चिकित्सा सुविधाओं की भारी कमी है। हाल ही में गौशाला परिसर में एक मृत गौवंश का कंकाल मिलने की बात भी सामने आई है, जिसने ग्रामीणों में भारी आक्रोश भर दिया है। इस पूरे मामले पर ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने, दोषी व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई करने और गौशाला की व्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त करने की मांग की है। वहीं, करेरा जनपद के सीईओ सूत्रकार ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वे ग्राम पंचायत उकायला की गौशाला की सही तरीके से जांच करवाएंगे और जांच में दोषी पाए जाने वालों पर निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी। अब सभी की निगाहें संबंधित अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इन गंभीर आरोपों की जांच के बाद क्या ठोस कदम उठाते हैं।
- थाना फिजीकल पुलिस को अवैध मादक पदार्थों का विक्रय करने वालों के खिलाफ अपनी कार्रवाई में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक आरोपी को स्मैक बेचते हुए पकड़ा। आरोपी के पास से 106 ग्राम स्मैक, 52 हजार रुपये नकद और एक हीरो होंडा स्प्लेंडर मोटरसाइकिल जब्त की गई। जब्त किए गए इस पूरे मसरूका की कुल कीमत 28 लाख 2 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस ने इस मामले में आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया है।1
- शिवपुरी जिले के बदरवास थाना क्षेत्र में सीएम राइज स्कूल के प्राचार्य महेंद्र कुमार गुप्ता के घर में चोरी की एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया था, जिसमें चोरों ने सोने-चांदी के पुराने जेवरात और 10 लाख रुपये नकद चुरा लिए थे। इस गंभीर घटना के बाद, शिवपुरी पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के सख्त निर्देश दिए थे। निर्देशों के बाद, बदरवास, रन्नोद और इंदार थानों की पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। पुलिस टीमों ने घटनास्थल से लेकर कस्बा बदरवास, नेशनल हाईवे और गुना शहर तक के करीब 300 सीसीटीवी कैमरों की जांच की। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर, पुलिस ने सबसे पहले चोरी में इस्तेमाल की गई बोलेरो कार के चालक पुरुषोत्तम गुर्जर को खेजरा अटारी, जिला अशोकनगर से गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद, पुलिस ने दशहेरा, थाना घण्टा घर, जिला होशियारपुर, पंजाब निवासी गुज्जर पारदी और मंगतराम पारदी को भी गिरफ्तार कर लिया। इसके अतिरिक्त, आरोपी मनोज परिहार, शिवजीत यादव, शिवकुमार यादव और धीरज परिहार को भी पकड़ा गया, जिन्होंने पारदी अपराधियों से संपर्क कर उन्हें बदरवास बुलाया था और प्राचार्य के मकान की डेढ़ महीने तक रैकी करवाई थी। इन आरोपियों को रैकी करवाने, पारदी अपराधियों से पैसे लेने और चोरी की घटना का षडयंत्र रचने के अपराध में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से 4 लाख रुपये का चोरी का सामान और घटना में प्रयुक्त कार को जब्त कर लिया है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।2
- शिवपुरी के पोहरी तहसील परिसर में एक तहसीलदार की बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ी मिलने के बाद नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस घटना को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या वे नियमों को भूल गए हैं, या फिर सारे नियम केवल आम जनता के लिए ही बनाए गए हैं।1
- शिवपुरी जिले में रावत समाज युवा संगठन द्वारा आगामी 14 जून 2026 को एक भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम दोपहर 12 बजे से लवकुश वाटिका, पोहरी चौराहा, शिवपुरी में आयोजित होगा। इस समारोह में उन छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। इसके साथ ही, वर्ष 2025-26 के दौरान शासकीय सेवाओं में चयनित हुए युवक-युवतियों को भी इस अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। संगठन ने समाज के सभी सदस्यों से इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाने की अपील की है।1
- सीहोर पुलिस ने 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है, जिसमें एक अपहृत नाबालिग बालिका को हरियाणा के गुड़गांव से सकुशल बरामद कर लिया गया। इस कार्रवाई में पुलिस ने मामले के आरोपी को भी गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया। यह घटना तब प्रकाश में आई जब 3 अप्रैल 2026 को ग्राम चिताहरी निवासी एक व्यक्ति ने थाना सीहोर में अपनी 16 वर्ष 10 माह की पुत्री को अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 39/2026 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव मुले और एसडीओपी करैरा डॉ. आयुष जाखड़ के मार्गदर्शन में, थाना प्रभारी जनी जुली तोमर और उनकी टीम ने लगातार प्रयास किए। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप, 2 जून 2026 को नाबालिग को गुड़गांव (हरियाणा) से ढूंढ निकाला गया। पीड़िता के बयानों के आधार पर, पुलिस ने प्रकरण में संबंधित धाराओं की बढ़ोत्तरी की और आरोपी पवन बाथम (28 वर्ष), निवासी ग्राम चिताहरी, थाना सीहोर, जिला शिवपुरी को गिरफ्तार किया। आरोपी को न्यायालय करैरा में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया। इस सफल अभियान में थाना प्रभारी जनी जुली तोमर, सर्जन नारायण बंजारा, प्रधान आरक्षक बेताल सिंह गुर्जर, आरक्षक देवेंद्र परिहार, हुकुम सिंह, धर्मेंद्र सिंह, अवदेश रावत, साहिल खान, राजकुमार, विनोद कुमार, तथा साइबर सेल के विकास और आलोक व्यास की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- नरवर के ग्राम पंचायत धमधोली में जलभराव की गंभीर समस्या ने ग्रामीणों का जीवन दूभर कर दिया है। गांव की गलियाँ और सड़कें पानी से पूरी तरह भरी हुई हैं, जिससे लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर तो सड़कें तालाब जैसी दिखाई दे रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने और विकास कार्यों में लापरवाही के कारण ही ऐसी स्थिति बनी है। उनका कहना है कि इस समस्या को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को कई बार सूचित किया गया है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। जलभराव के चलते पूरे गांव में कीचड़ और गंदगी फैल रही है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों के अनुसार, बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है, वहीं स्कूल जाने वाले बच्चे और दैनिक कार्यों के लिए निकलने वाले लोग भी मुश्किलों में हैं। ग्रामीणों ने अब जिला प्रशासन से मांग की है कि पंचायत के विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए। साथ ही, वे जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही भी तय करने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे प्रशासन के समक्ष आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। फिलहाल, गांव के लोग प्रशासनिक हस्तक्षेप और ठोस कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।1
- जनपद पंचायत करैरा की ग्राम पंचायत उकायला स्थित गौशाला एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि गौशाला में रखे गए गौवंशों को एक्सपायर हो चुकी दवाइयां दी जा रही हैं और उन्हें पीने के लिए पर्याप्त पानी भी उपलब्ध नहीं है। इन अव्यवस्थाओं के कारण पशुओं की हालत लगातार बिगड़ रही है और उनकी मौतें हो रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गौशाला में कई गौवंश बीमार पड़े हैं और उन्हें समय पर उचित उपचार नहीं मिल रहा है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि आखिर गौवंशों की मौत का असली कारण क्या है — एक्सपायर दवाइयों का उपयोग या भीषण गर्मी में पानी की घोर कमी? उनके अनुसार, गौशाला में चारा, पानी और चिकित्सा सुविधाओं की भारी कमी है। हाल ही में गौशाला परिसर में एक मृत गौवंश का कंकाल मिलने की बात भी सामने आई है, जिसने ग्रामीणों में भारी आक्रोश भर दिया है। इस पूरे मामले पर ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने, दोषी व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई करने और गौशाला की व्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त करने की मांग की है। वहीं, करेरा जनपद के सीईओ सूत्रकार ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वे ग्राम पंचायत उकायला की गौशाला की सही तरीके से जांच करवाएंगे और जांच में दोषी पाए जाने वालों पर निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी। अब सभी की निगाहें संबंधित अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इन गंभीर आरोपों की जांच के बाद क्या ठोस कदम उठाते हैं।1
- एक लाइव वीडियो सामने आया है जिसमें कुछ दिखाई दे रहा है। हालांकि, यह दृश्य ठीक से स्पष्ट नहीं हो पा रहा है क्योंकि वीडियो में या तो आधा ही कुछ नज़र आ रहा है या फिर दिख रही चीज़ साफ नहीं है। इस अस्पष्ट दृश्य को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही है।1