श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया कमरछठ हलषष्ठी का पर्व _माताओं ने संतान के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना के लिए रखा व्रत श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया कमरछठ हलषष्ठी का पर्व _माताओं ने संतान के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना के लिए रखा व्रत फरसगांव :- पावन नगरी ग्राम बड़ेडोंगर में बुधवार को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं से जुड़े पावन पर्व कमरछठ (हलषष्ठी) का पर्व माताओं एवं महिलाओं द्वारा पूरे श्रद्धा, भक्ति और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया। पर्व के अवसर पर पूरे ग्राम में धार्मिक एवं भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। कमरछठ के अवसर पर ग्राम की माताओं ने अपनी संतानों के सुखमय जीवन, उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, सुख-समृद्धि एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए व्रत रखा और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने पूजा के लिए विभिन्न प्रकार के मौसमी फल, फूल एवं पारंपरिक पूजा सामग्री श्रद्धापूर्वक एकत्रित कर पूजा स्थल पर पहुंचाई। इसके बाद सभी महिलाओं ने सामूहिक रूप से पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना कर अपनी संतानों की रक्षा एवं परिवार की खुशहाली के लिए मंगल कामना की। पूजन के दौरान महिलाओं की धार्मिक आस्था, अपनी संस्कृति और परंपराओं के प्रति अटूट विश्वास विशेष रूप से देखने को मिला। पारंपरिक वेशभूषा में पहुंची मातृशक्ति ने पूरे उत्साह एवं श्रद्धा के साथ पूजा में भाग लिया। महिलाओं ने एक-दूसरे के साथ मिलकर पूजा की तैयारियां कीं और पारंपरिक रीति से पर्व को संपन्न किया। ग्रामीण अंचलों में कमरछठ अथवा हलषष्ठी पर्व का विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व माना जाता है। यह पर्व मातृत्व, ममता और संतान के प्रति समर्पण की भावना का प्रतीक है। इस दिन माताएं अपनी संतानों के बेहतर स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना के लिए व्रत रखकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करती हैं। बड़ेडोंगर में आयोजित इस धार्मिक पर्व ने ग्राम की समृद्ध संस्कृति और वर्षों से चली आ रही धार्मिक परंपराओं को जीवंत कर दिया। आधुनिकता के दौर में भी ग्रामीण क्षेत्रों में पीढ़ियों से चली आ रही लोक आस्थाओं और धार्मिक परंपराओं का संरक्षण समाज की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करता है। कमरछठ के अवसर पर बड़ेडोंगर की मातृशक्ति द्वारा एकजुट होकर पर्व मनाना धार्मिक चेतना, सांस्कृतिक एकता और अपनी परंपराओं के प्रति सम्मान का सुंदर उदाहरण रहा। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा तथा महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए पर्व की गरिमा को और बढ़ाया।
श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया कमरछठ हलषष्ठी का पर्व _माताओं ने संतान के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना के लिए रखा व्रत श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया कमरछठ हलषष्ठी का पर्व _माताओं ने संतान के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना के लिए रखा व्रत फरसगांव :- पावन नगरी ग्राम बड़ेडोंगर में बुधवार को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं से जुड़े पावन पर्व कमरछठ (हलषष्ठी) का पर्व माताओं एवं महिलाओं द्वारा पूरे श्रद्धा, भक्ति और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया। पर्व के अवसर पर पूरे ग्राम में धार्मिक एवं भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। कमरछठ के अवसर पर ग्राम की माताओं ने अपनी संतानों के सुखमय जीवन, उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, सुख-समृद्धि एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए व्रत रखा और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने पूजा के लिए विभिन्न प्रकार के मौसमी फल, फूल एवं पारंपरिक पूजा सामग्री श्रद्धापूर्वक एकत्रित कर पूजा स्थल पर पहुंचाई। इसके बाद सभी महिलाओं ने सामूहिक रूप से पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना कर अपनी संतानों की रक्षा एवं परिवार की खुशहाली के लिए मंगल कामना की। पूजन के दौरान महिलाओं की धार्मिक आस्था, अपनी संस्कृति और परंपराओं के प्रति अटूट विश्वास
विशेष रूप से देखने को मिला। पारंपरिक वेशभूषा में पहुंची मातृशक्ति ने पूरे उत्साह एवं श्रद्धा के साथ पूजा में भाग लिया। महिलाओं ने एक-दूसरे के साथ मिलकर पूजा की तैयारियां कीं और पारंपरिक रीति से पर्व को संपन्न किया। ग्रामीण अंचलों में कमरछठ अथवा हलषष्ठी पर्व का विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व माना जाता है। यह पर्व मातृत्व, ममता और संतान के प्रति समर्पण की भावना का प्रतीक है। इस दिन माताएं अपनी संतानों के बेहतर स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना के लिए व्रत रखकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करती हैं। बड़ेडोंगर में आयोजित इस धार्मिक पर्व ने ग्राम की समृद्ध संस्कृति और वर्षों से चली आ रही धार्मिक परंपराओं को जीवंत कर दिया। आधुनिकता के दौर में भी ग्रामीण क्षेत्रों में पीढ़ियों से चली आ रही लोक आस्थाओं और धार्मिक परंपराओं का संरक्षण समाज की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करता है। कमरछठ के अवसर पर बड़ेडोंगर की मातृशक्ति द्वारा एकजुट होकर पर्व मनाना धार्मिक चेतना, सांस्कृतिक एकता और अपनी परंपराओं के प्रति सम्मान का सुंदर उदाहरण रहा। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा तथा महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए पर्व की गरिमा को और बढ़ाया।
- अबूझमाड़ के जंगलों में एक बार फिर वन्यजीव के हमले ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। अबूझमाड़ के जंगलों में एक बार फिर वन्यजीव के हमले ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। पदमकोट जंगल में खेत में काम करने जा रही एक 7 वर्षीय बालिका पर भालू ने अचानक हमला कर दिया। भालू के हमले में बालिका बुरी तरह घायल हो गई।1
- जगदलपुर: इंद्रावती पुल से गोरिया बहार तक बनेगा ग्रीन गेटवे, 2700 पौधों से सजेगा शहर का प्रवेश द्वार जगदलपुर। शहर के प्रवेश द्वार आमागुड़ा क्षेत्र को ग्रीन गेटवे बनाने की कवायद नगर निगम ने शुरू की है। इंद्रावती नए पुल से गोरिया बहार तक 2700 पौधे लगाकर एनएच क्षेत्र को हरित स्वरूप देने का दावा किया गया है। महापौर संजय पांडे ने बताया 10 सितंबर को डिप्टी सीएम अरुण साव और वन मंत्री केदार कश्यप की मौजूदगी में कनेर, बोगनविलिया और टेकोमा के पौधे लगाए जाएंगे। पौधे वन विभाग उपलब्ध करा रहा है। वहीं कांग्रेस ने प्रोजेक्ट पर सवाल उठाते हुए इसे महापौर की छवि चमकाने का प्रयास बताया।3
- पुराना कचेहरी के पीछे मांझापारा में फिर निकला 5 फीट का अजगर, लोगो की चिंता बढ़ी 2 सितंबर शाम 7 बजे मांझापारा राजमाता मंदिर के पास लगभग 5 फीट लंबा अजगर निकला। लगातार जंगली जानवर और जीव जंतु के रिहायशी इलाके आने व,निकलने से लोगो की चिंता बड़ा दिया है। जिले में लगातार भालू के हमले और,अजगर से लेकर जहरीले सांप के निकलने से लोगो की नीद उड़ा दी है। अच्छी बात यह है की वन विभाग द्वारा सहायता के लिए एक ग्रुप बना दिया है। जिसमें केवल वन्य प्राणियों की सूचना देने के कुछ देर में रेस्क्यू टीम उस जगह पे पहुंच जाते है। सोमवार की रात में न्यायिक कर्मचारी कालोनी में निकला था लगभग 10 फीट का अजगर। मंगलवार को मांझापारा में दोपहर 1 बजे लगभग 10 फीट से बड़ा अजगर निकला था। जिसे वन विभाग की टीम ने लगभग 8 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद, सुरक्षित पकड़ कर जंगल में छोड़ दिया। और आज बुधवार को शाम 7 बजे पुराना कचहरी के पीछे,मांझापारा में राज माता मंदिर के पास लगभग 5 फीट का अजगर निकला।अजगर निकलने की खबर सुन कर लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई अजगर को देखने के लिए।1
- किरंदुल में कांग्रेस का प्रदर्शन, राहुल गांधी की FIR का विरोध किरंदुल में कांग्रेस ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR का जताया विरोध। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने FIR की कॉपी जलाकर जमकर नारेबाजी की। पार्टी ने देहरादून रैली के बाद हुए “शुद्धिकरण अनुष्ठान” पर आपत्ति जताई। कांग्रेस ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR को असंवैधानिक बताया। मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। कांग्रेस ने “शुद्धिकरण अनुष्ठान” करने वालों पर FIR दर्ज करने की मांग की।4
- मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित शुद्धिकरण’ के विरोध में दंतेवाड़ा जिला कांग्रेस कमेटी ने सौंपा ज्ञापन तहसीलदार महोदय को रिपोर्ट रवि सरकार किरंदुल में जिला कांग्रेस कमेटी के द्वारा उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित तौर पर किए गए शुद्धिकरण अनुष्ठान’ को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है, इसी मामले के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी दंतेवाड़ा की ओर से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व),तहसील बड़े बचेली को ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया गया,ज्ञापन में कांग्रेस ने हल्द्वानी-देहरादून में हुई घटना को लेकर आपत्ति जताते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है,ज्ञापन में कहा गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित रूप से किए गए ‘शुद्धिकरण अनुष्ठान’ का कांग्रेस विरोध करती है,मामले ने उस समय और राजनीतिक रूप ले लिया जब कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस घटना पर सवाल उठाते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। दूसरी ओर,इस विवाद को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ भी हल्द्वानी में मामला दर्ज किए जाने की खबर सामने आई है, ज्ञापन में जिला कांग्रेस कमेटी दंतेवाड़ा ने आरोप लगाया है कि ‘शुद्धिकरण अनुष्ठान’जैसी गतिविधियां सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों के विपरीत संदेश देती हैं,कांग्रेस ने इसे दलित समाज के सम्मान और संविधान में निहित समानता के अधिकार से जोड़ते हुए प्रशासन से मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है, क्या है पूरा विवाद?,मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 8 अगस्त 2026 को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली हुई थी। इसके बाद उसी स्थल पर कुछ संगठनों द्वारा कथित तौर पर हवन, गंगाजल छिड़कने और शुद्धिकरण’का आयोजन किया गया,इस घटना को कांग्रेस ने गंभीर आपत्ति का विषय बनाया और इसे जातिगत भेदभाव तथा छुआछूत की मानसिकता से जोड़कर सवाल उठाए और हल्लाबोल किया जा रहा है,हालांकि, इस घटना को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं और घटना के पीछे की मंशा को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं,इसलिए ‘शुद्धिकरण’ के उद्देश्य और उसमें शामिल लोगों की भूमिका के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा, दंतेवाड़ा में कांग्रेस का संदेश जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा सौंपे गए ज्ञापन का मुख्य उद्देश्य हल्द्वानी की घटना का विरोध करना और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करना है, ज्ञापन में कांग्रेस ने कहा कि देश में सभी नागरिकों को समान अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए तथा जाति के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए,ज्ञापन पर कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के हस्ताक्षर भी दिखाई दे रहे हैं। इस तरह हल्द्वानी के‘शुद्धिकरण’ विवाद की गूंज अब दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा तक पहुंच गई है और जिला कांग्रेस ने प्रशासन के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया है भारी संख्या में विरोध दर्ज किया जिसने सभीं जिले के एवं नगर के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं युवा महिला की विशेष उपस्थिति थी इस आंदोलन में मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित शुद्धिकरण’ के विरोध में दंतेवाड़ा जिला कांग्रेस कमेटी ने सौंपा ज्ञापन तहसीलदार महोदय को रिपोर्ट रवि सरकार किरंदुल में जिला कांग्रेस कमेटी के द्वारा उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित तौर पर किए गए शुद्धिकरण अनुष्ठान’ को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है, इसी मामले के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी दंतेवाड़ा की ओर से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व),तहसील बड़े बचेली को ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया गया,ज्ञापन में कांग्रेस ने हल्द्वानी-देहरादून में हुई घटना को लेकर आपत्ति जताते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है,ज्ञापन में कहा गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित रूप से किए गए ‘शुद्धिकरण अनुष्ठान’ का कांग्रेस विरोध करती है,मामले ने उस समय और राजनीतिक रूप ले लिया जब कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस घटना पर सवाल उठाते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। दूसरी ओर,इस विवाद को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ भी हल्द्वानी में मामला दर्ज किए जाने की खबर सामने आई है, ज्ञापन में जिला कांग्रेस कमेटी दंतेवाड़ा ने आरोप लगाया है कि ‘शुद्धिकरण अनुष्ठान’जैसी गतिविधियां सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों के विपरीत संदेश देती हैं,कांग्रेस ने इसे दलित समाज के सम्मान और संविधान में निहित समानता के अधिकार से जोड़ते हुए प्रशासन से मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है, क्या है पूरा विवाद?,मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 8 अगस्त 2026 को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली हुई थी। इसके बाद उसी स्थल पर कुछ संगठनों द्वारा कथित तौर पर हवन, गंगाजल छिड़कने और शुद्धिकरण’का आयोजन किया गया,इस घटना को कांग्रेस ने गंभीर आपत्ति का विषय बनाया और इसे जातिगत भेदभाव तथा छुआछूत की मानसिकता से जोड़कर सवाल उठाए और हल्लाबोल किया जा रहा है,हालांकि, इस घटना को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं और घटना के पीछे की मंशा को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं,इसलिए ‘शुद्धिकरण’ के उद्देश्य और उसमें शामिल लोगों की भूमिका के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा, दंतेवाड़ा में कांग्रेस का संदेश जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा सौंपे गए ज्ञापन का मुख्य उद्देश्य हल्द्वानी की घटना का विरोध करना और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करना है, ज्ञापन में कांग्रेस ने कहा कि देश में सभी नागरिकों को समान अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए तथा जाति के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए,ज्ञापन पर कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के हस्ताक्षर भी दिखाई दे रहे हैं। इस तरह हल्द्वानी के‘शुद्धिकरण’ विवाद की गूंज अब दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा तक पहुंच गई है और जिला कांग्रेस ने प्रशासन के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया है भारी संख्या में विरोध दर्ज किया जिसने सभीं जिले के एवं नगर के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं युवा महिला की विशेष उपस्थिति थी इस आंदोलन में1
- कोंडागांव: न्याय की पहुंच बढ़ाएंगे पैरालीगल वॉलिंटियर्स, कोण्डागांव में हुआ प्रशिक्षण कोण्डागांव। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में पैरालीगल वॉलिंटियर्स का एक दिवसीय मासिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जरूरतमंद और वंचित लोगों तक निःशुल्क कानूनी सहायता पहुंचाने, विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने और लोक अदालत एवं मध्यस्थता की जानकारी देने पर जोर दिया गया।1
- बस्तर में जैसे-जैसे उद्योगों का कारोबार बढ़ रहा है, वैसे ही परिवहन में मोनोपोली को लेकर विवाद भी बढ़ता जा रहा है। प्रशासन और पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद परिवहन संस्थाएं मुनाफे को लेकर एक-दूसरे से उलझ रही हैं। बार-बार के विरोध प्रदर्शन, गाड़ियों के जाम से आम लोगों को परेशानी हो रही है। ताजा मामला नगरनार एनएमडीसी के झाड़ेश्वर समिति से जुड़ा है, जो भूमि प्रभावितों की संस्था है। समिति ने 110 ट्रकों को यह कहते हुए बाहर का रास्ता दिखा दिया कि वे शहरी क्षेत्र के हैं। नगरनार स्टील प्लांट में उत्पादन शुरू होने के साथ ही कारोबार की मोनोपोली को लेकर कई गुट सक्रिय हो गए हैं। इनमें से कई को राजनीतिक संरक्षण भी प्राप्त है, तो कई समूह स्थानीय लोगों की भागीदारी को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। ताजा मामला परिवहन विवाद से जुड़ा है, जहां एनएमडीसी द्वारा उत्पादित माल को प्राइवेट कंपनियों तक पहुंचाने के परिवहन ठेके में प्राथमिकता को लेकर आए दिन विवाद हो रहे हैं। झाड़ेश्वर समिति ने इसी विवाद के चलते स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने के नाम पर 110 ट्रकों को बाहर कर दिया है। समिति के संचालकों का कहना है कि काम को व्यवस्थित करने के लिए यह कदम उठाया गया है, बाद में काम की उपलब्धता के अनुसार बाहर किए गए लोगों को फिर से सदस्यता में वापस लिया जाएगा।4
- मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित शुद्धिकरण’ के विरोध में दंतेवाड़ा जिला कांग्रेस कमेटी ने सौंपा ज्ञापन तहसीलदार महोदय को रिपोर्ट रवि सरकार किरंदुल में जिला कांग्रेस कमेटी के द्वारा उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित तौर पर किए गए शुद्धिकरण अनुष्ठान’ को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है, इसी मामले के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी दंतेवाड़ा की ओर से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व),तहसील बड़े बचेली को ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया गया,ज्ञापन में कांग्रेस ने हल्द्वानी-देहरादून में हुई घटना को लेकर आपत्ति जताते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है,ज्ञापन में कहा गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित रूप से किए गए ‘शुद्धिकरण अनुष्ठान’ का कांग्रेस विरोध करती है,मामले ने उस समय और राजनीतिक रूप ले लिया जब कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस घटना पर सवाल उठाते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। दूसरी ओर,इस विवाद को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ भी हल्द्वानी में मामला दर्ज किए जाने की खबर सामने आई है, ज्ञापन में जिला कांग्रेस कमेटी दंतेवाड़ा ने आरोप लगाया है कि ‘शुद्धिकरण अनुष्ठान’जैसी गतिविधियां सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों के विपरीत संदेश देती हैं,कांग्रेस ने इसे दलित समाज के सम्मान और संविधान में निहित समानता के अधिकार से जोड़ते हुए प्रशासन से मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है, क्या है पूरा विवाद?,मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 8 अगस्त 2026 को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली हुई थी। इसके बाद उसी स्थल पर कुछ संगठनों द्वारा कथित तौर पर हवन, गंगाजल छिड़कने और शुद्धिकरण’का आयोजन किया गया,इस घटना को कांग्रेस ने गंभीर आपत्ति का विषय बनाया और इसे जातिगत भेदभाव तथा छुआछूत की मानसिकता से जोड़कर सवाल उठाए और हल्लाबोल किया जा रहा है,हालांकि, इस घटना को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं और घटना के पीछे की मंशा को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं,इसलिए ‘शुद्धिकरण’ के उद्देश्य और उसमें शामिल लोगों की भूमिका के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा, दंतेवाड़ा में कांग्रेस का संदेश जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा सौंपे गए ज्ञापन का मुख्य उद्देश्य हल्द्वानी की घटना का विरोध करना और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करना है, ज्ञापन में कांग्रेस ने कहा कि देश में सभी नागरिकों को समान अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए तथा जाति के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए,ज्ञापन पर कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के हस्ताक्षर भी दिखाई दे रहे हैं। इस तरह हल्द्वानी के‘शुद्धिकरण’ विवाद की गूंज अब दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा तक पहुंच गई है और जिला कांग्रेस ने प्रशासन के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया है भारी संख्या में विरोध दर्ज किया जिसने सभीं जिले के एवं नगर के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं युवा महिला की विशेष उपस्थिति थी इस आंदोलन में मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित शुद्धिकरण’ के विरोध में दंतेवाड़ा जिला कांग्रेस कमेटी ने सौंपा ज्ञापन तहसीलदार महोदय को रिपोर्ट रवि सरकार किरंदुल में जिला कांग्रेस कमेटी के द्वारा उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित तौर पर किए गए शुद्धिकरण अनुष्ठान’ को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है, इसी मामले के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी दंतेवाड़ा की ओर से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व),तहसील बड़े बचेली को ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया गया,ज्ञापन में कांग्रेस ने हल्द्वानी-देहरादून में हुई घटना को लेकर आपत्ति जताते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है,ज्ञापन में कहा गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित रूप से किए गए ‘शुद्धिकरण अनुष्ठान’ का कांग्रेस विरोध करती है,मामले ने उस समय और राजनीतिक रूप ले लिया जब कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस घटना पर सवाल उठाते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। दूसरी ओर,इस विवाद को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ भी हल्द्वानी में मामला दर्ज किए जाने की खबर सामने आई है, ज्ञापन में जिला कांग्रेस कमेटी दंतेवाड़ा ने आरोप लगाया है कि ‘शुद्धिकरण अनुष्ठान’जैसी गतिविधियां सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों के विपरीत संदेश देती हैं,कांग्रेस ने इसे दलित समाज के सम्मान और संविधान में निहित समानता के अधिकार से जोड़ते हुए प्रशासन से मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है, क्या है पूरा विवाद?,मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 8 अगस्त 2026 को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली हुई थी। इसके बाद उसी स्थल पर कुछ संगठनों द्वारा कथित तौर पर हवन, गंगाजल छिड़कने और शुद्धिकरण’का आयोजन किया गया,इस घटना को कांग्रेस ने गंभीर आपत्ति का विषय बनाया और इसे जातिगत भेदभाव तथा छुआछूत की मानसिकता से जोड़कर सवाल उठाए और हल्लाबोल किया जा रहा है,हालांकि, इस घटना को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं और घटना के पीछे की मंशा को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं,इसलिए ‘शुद्धिकरण’ के उद्देश्य और उसमें शामिल लोगों की भूमिका के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा, दंतेवाड़ा में कांग्रेस का संदेश जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा सौंपे गए ज्ञापन का मुख्य उद्देश्य हल्द्वानी की घटना का विरोध करना और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करना है, ज्ञापन में कांग्रेस ने कहा कि देश में सभी नागरिकों को समान अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए तथा जाति के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए,ज्ञापन पर कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के हस्ताक्षर भी दिखाई दे रहे हैं। इस तरह हल्द्वानी के‘शुद्धिकरण’ विवाद की गूंज अब दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा तक पहुंच गई है और जिला कांग्रेस ने प्रशासन के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया है भारी संख्या में विरोध दर्ज किया जिसने सभीं जिले के एवं नगर के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं युवा महिला की विशेष उपस्थिति थी इस आंदोलन में1
- अगस्त में 8 साल में सबसे ज्यादा बरसात; सीजन में 525 मिमी बारिश, कोटा फुल कोटा हुआ पूरा: लखनऊ में मॉनसून सीजन (1 जून से 1 सितंबर) के दौरान सामान्य बारिश का औसत 523.9 मिलीमीटर रहता है, जबकि इस बार 525.5 मिलीमीटर बरसात दर्ज की जा चुकी है।शहर का औसत: हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश के दौरान शहर के सभी केंद्रों को मिलाकर औसत बारिश करीब 36.7 मिलीमीटर रही है।सड़कें धंसीं व हादसे: भारी बारिश के कारण चिनहट (रोलेक्स अपार्टमेंट के सामने) में सीवर ब्लॉक होने से 8 फीट और आईटी चौराहे के पास पूर्व डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा के आवास के सामने 10 फीट गहरी सड़क धंस गई, जिसमें एक बाइक सवार गिर गया।जलभराव की स्थिति: लेखराज मार्केट की सड़क पूरी तरह तालाब बन गई, जहां घुटनों से ऊपर तक पानी भर गया। इसके अलावा जानकीपुरम के सेक्टर-डी और हरि नगर बालागंज जैसे रिहायशी इलाकों में भीषण जलभराव देखने को मिला।नुकसान: मलिहाबाद में भारी बारिश के चलते आम के बाग जलमग्न हो गए, वहीं गोलागंज में एक पुराने जर्जर मकान की दीवार भरभराकर गिर गई। ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा दैनिक समाचार पत्र1