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अगस्त में 8 साल में सबसे ज्यादा बरसात; सीजन में 525 मिमी बारिश, कोटा फुल कोटा हुआ पूरा: लखनऊ में मॉनसून सीजन (1 जून से 1 सितंबर) के दौरान सामान्य बारिश का औसत 523.9 मिलीमीटर रहता है, जबकि इस बार 525.5 मिलीमीटर बरसात दर्ज की जा चुकी है।शहर का औसत: हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश के दौरान शहर के सभी केंद्रों को मिलाकर औसत बारिश करीब 36.7 मिलीमीटर रही है।सड़कें धंसीं व हादसे: भारी बारिश के कारण चिनहट (रोलेक्स अपार्टमेंट के सामने) में सीवर ब्लॉक होने से 8 फीट और आईटी चौराहे के पास पूर्व डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा के आवास के सामने 10 फीट गहरी सड़क धंस गई, जिसमें एक बाइक सवार गिर गया।जलभराव की स्थिति: लेखराज मार्केट की सड़क पूरी तरह तालाब बन गई, जहां घुटनों से ऊपर तक पानी भर गया। इसके अलावा जानकीपुरम के सेक्टर-डी और हरि नगर बालागंज जैसे रिहायशी इलाकों में भीषण जलभराव देखने को मिला।नुकसान: मलिहाबाद में भारी बारिश के चलते आम के बाग जलमग्न हो गए, वहीं गोलागंज में एक पुराने जर्जर मकान की दीवार भरभराकर गिर गई। ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा दैनिक समाचार पत्र

12 hrs ago
user_आशीष मिश्रा
आशीष मिश्रा
Local News Reporter Deobhog, Gariyaband•
12 hrs ago

अगस्त में 8 साल में सबसे ज्यादा बरसात; सीजन में 525 मिमी बारिश, कोटा फुल कोटा हुआ पूरा: लखनऊ में मॉनसून सीजन (1 जून से 1 सितंबर) के दौरान सामान्य बारिश का औसत 523.9 मिलीमीटर रहता है, जबकि इस बार 525.5 मिलीमीटर बरसात दर्ज की जा चुकी है।शहर का औसत: हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश के दौरान शहर के सभी केंद्रों को मिलाकर औसत बारिश करीब 36.7 मिलीमीटर रही है।सड़कें धंसीं व हादसे: भारी बारिश के कारण चिनहट (रोलेक्स अपार्टमेंट के सामने) में सीवर ब्लॉक होने से 8 फीट और आईटी चौराहे के पास पूर्व डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा के आवास के सामने 10 फीट गहरी सड़क धंस गई, जिसमें एक बाइक सवार गिर गया।जलभराव की स्थिति: लेखराज मार्केट की सड़क पूरी तरह तालाब बन गई, जहां घुटनों से ऊपर तक पानी भर गया। इसके अलावा जानकीपुरम के सेक्टर-डी और हरि नगर बालागंज जैसे रिहायशी इलाकों में भीषण जलभराव देखने को मिला।नुकसान: मलिहाबाद में भारी बारिश के चलते आम के बाग जलमग्न हो गए, वहीं गोलागंज में एक पुराने जर्जर मकान की दीवार भरभराकर गिर गई। ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा दैनिक समाचार पत्र

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  • कोंडागांव: बड़ेडोंगर-कोनगुड़ मार्ग पर बड़ा हादसा टला, जर्जर सड़क बनी परेशानी का सबब बड़ेडोंगर से कोनगुड़ मार्ग की जर्जर सड़क के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी मार्ग पर आज गिट्टी से लदा एक मालवाहक वाहन साइड देने के दौरान सड़क से नीचे उतर गया और पलटने से बाल-बाल बचा। इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों दोपहिया वाहन, छोटी-बड़ी गाड़ियां और मालवाहक वाहन गुजरते हैं। यह मार्ग नारायणपुर क्षेत्र को भी जोड़ता है। सड़क की खराब स्थिति के चलते दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से सड़क की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है।
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    कोंडागांव: बड़ेडोंगर-कोनगुड़ मार्ग पर बड़ा हादसा टला, जर्जर सड़क बनी परेशानी का सबब
बड़ेडोंगर से कोनगुड़ मार्ग की जर्जर सड़क के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी मार्ग पर आज गिट्टी से लदा एक मालवाहक वाहन साइड देने के दौरान सड़क से नीचे उतर गया और पलटने से बाल-बाल बचा।
इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों दोपहिया वाहन, छोटी-बड़ी गाड़ियां और मालवाहक वाहन गुजरते हैं। यह मार्ग नारायणपुर क्षेत्र को भी जोड़ता है। सड़क की खराब स्थिति के चलते दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से सड़क की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है।
    user_Tomesh Rana
    Tomesh Rana
    Local News Reporter फरसगाँव, कोंडागांव, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
  • कोंडागांव मुलमुला में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया हलषष्ठी पर्व सुहागिन महिलाओं ने संतान की दीर्घायु, अच्छे स्वास्थ्य और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए रखा व्रत, शिव मंदिर प्रांगण में विधि-विधान से किया पूजन।
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    कोंडागांव मुलमुला में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया हलषष्ठी पर्व
सुहागिन महिलाओं ने संतान की दीर्घायु, अच्छे स्वास्थ्य और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए रखा व्रत, शिव मंदिर प्रांगण में विधि-विधान से किया पूजन।
    user_ESHENDRA PATEL
    ESHENDRA PATEL
    पत्रकार कोंडागाँव, कोंडागांव, छत्तीसगढ़•
    7 hrs ago
  • श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया कमरछठ हलषष्ठी का पर्व _माताओं ने संतान के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना के लिए रखा व्रत श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया कमरछठ हलषष्ठी का पर्व _माताओं ने संतान के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना के लिए रखा व्रत फरसगांव :- पावन नगरी ग्राम बड़ेडोंगर में बुधवार को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं से जुड़े पावन पर्व कमरछठ (हलषष्ठी) का पर्व माताओं एवं महिलाओं द्वारा पूरे श्रद्धा, भक्ति और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया। पर्व के अवसर पर पूरे ग्राम में धार्मिक एवं भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। कमरछठ के अवसर पर ग्राम की माताओं ने अपनी संतानों के सुखमय जीवन, उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, सुख-समृद्धि एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए व्रत रखा और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने पूजा के लिए विभिन्न प्रकार के मौसमी फल, फूल एवं पारंपरिक पूजा सामग्री श्रद्धापूर्वक एकत्रित कर पूजा स्थल पर पहुंचाई। इसके बाद सभी महिलाओं ने सामूहिक रूप से पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना कर अपनी संतानों की रक्षा एवं परिवार की खुशहाली के लिए मंगल कामना की। पूजन के दौरान महिलाओं की धार्मिक आस्था, अपनी संस्कृति और परंपराओं के प्रति अटूट विश्वास विशेष रूप से देखने को मिला। पारंपरिक वेशभूषा में पहुंची मातृशक्ति ने पूरे उत्साह एवं श्रद्धा के साथ पूजा में भाग लिया। महिलाओं ने एक-दूसरे के साथ मिलकर पूजा की तैयारियां कीं और पारंपरिक रीति से पर्व को संपन्न किया। ग्रामीण अंचलों में कमरछठ अथवा हलषष्ठी पर्व का विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व माना जाता है। यह पर्व मातृत्व, ममता और संतान के प्रति समर्पण की भावना का प्रतीक है। इस दिन माताएं अपनी संतानों के बेहतर स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना के लिए व्रत रखकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करती हैं। बड़ेडोंगर में आयोजित इस धार्मिक पर्व ने ग्राम की समृद्ध संस्कृति और वर्षों से चली आ रही धार्मिक परंपराओं को जीवंत कर दिया। आधुनिकता के दौर में भी ग्रामीण क्षेत्रों में पीढ़ियों से चली आ रही लोक आस्थाओं और धार्मिक परंपराओं का संरक्षण समाज की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करता है। कमरछठ के अवसर पर बड़ेडोंगर की मातृशक्ति द्वारा एकजुट होकर पर्व मनाना धार्मिक चेतना, सांस्कृतिक एकता और अपनी परंपराओं के प्रति सम्मान का सुंदर उदाहरण रहा। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा तथा महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए पर्व की गरिमा को और बढ़ाया।
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    श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया कमरछठ हलषष्ठी का पर्व


_माताओं ने संतान के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना के लिए रखा व्रत
श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया कमरछठ हलषष्ठी का पर्व
_माताओं ने संतान के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना के लिए रखा व्रत
फरसगांव :- पावन नगरी ग्राम बड़ेडोंगर में बुधवार को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं से जुड़े पावन पर्व कमरछठ (हलषष्ठी) का पर्व माताओं एवं महिलाओं द्वारा पूरे श्रद्धा, भक्ति और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया। पर्व के अवसर पर पूरे ग्राम में धार्मिक एवं भक्तिमय वातावरण देखने को मिला।
कमरछठ के अवसर पर ग्राम की माताओं ने अपनी संतानों के सुखमय जीवन, उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, सुख-समृद्धि एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए व्रत रखा और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने पूजा के लिए विभिन्न प्रकार के मौसमी फल, फूल एवं पारंपरिक पूजा सामग्री श्रद्धापूर्वक एकत्रित कर पूजा स्थल पर पहुंचाई। इसके बाद सभी महिलाओं ने सामूहिक रूप से पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना कर अपनी संतानों की रक्षा एवं परिवार की खुशहाली के लिए मंगल कामना की।
पूजन के दौरान महिलाओं की धार्मिक आस्था, अपनी संस्कृति और परंपराओं के प्रति अटूट विश्वास विशेष रूप से देखने को मिला। पारंपरिक वेशभूषा में पहुंची मातृशक्ति ने पूरे उत्साह एवं श्रद्धा के साथ पूजा में भाग लिया। महिलाओं ने एक-दूसरे के साथ मिलकर पूजा की तैयारियां कीं और पारंपरिक रीति से पर्व को संपन्न किया।
ग्रामीण अंचलों में कमरछठ अथवा हलषष्ठी पर्व का विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व माना जाता है। यह पर्व मातृत्व, ममता और संतान के प्रति समर्पण की भावना का प्रतीक है। इस दिन माताएं अपनी संतानों के बेहतर स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना के लिए व्रत रखकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करती हैं।
बड़ेडोंगर में आयोजित इस धार्मिक पर्व ने ग्राम की समृद्ध संस्कृति और वर्षों से चली आ रही धार्मिक परंपराओं को जीवंत कर दिया। आधुनिकता के दौर में भी ग्रामीण क्षेत्रों में पीढ़ियों से चली आ रही लोक आस्थाओं और धार्मिक परंपराओं का संरक्षण समाज की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करता है।
कमरछठ के अवसर पर बड़ेडोंगर की मातृशक्ति द्वारा एकजुट होकर पर्व मनाना धार्मिक चेतना, सांस्कृतिक एकता और अपनी परंपराओं के प्रति सम्मान का सुंदर उदाहरण रहा। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा तथा महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए पर्व की गरिमा को और बढ़ाया।
    user_रामकुमार भारद्वाज
    रामकुमार भारद्वाज
    कोंडागाँव, कोंडागांव, छत्तीसगढ़•
    8 hrs ago
  • दलपत सागर का वजूद बचाने फिर करोड़ों का दांव, NMDC देगा 50 लाख, नई योजना 9.88 करोड़ की बस्तर रियासत के राजा दलपत देव द्वारा निर्मित और 340 एकड़ में फैला प्रदेश का सबसे बड़ा ऐतिहासिक तालाब दलपत सागर एक बार फिर अपनी बदहाली और सफाई अभियानों को लेकर सुर्खियों में है। वजूद बचाने के लिए फिर करोड़ों का दांव लगाया गया है। सागर को जलकुंभी से मुक्त कराने के लिए जगदलपुर नगर निगम और NMDC के बीच समझौता हुआ है। NMDC अपने CSR मद से 50 लाख की मदद देगा, जिसकी 20 लाख की पहली किस्त जारी भी हो गई है। लेकिन 9.88 करोड़ की नई योजना के बीच 13 करोड़ के पुराने खर्च पर सवाल भी उठ रहे हैं। दलपत सागर का बड़ा हिस्सा आज भी जलकुंभी की हरी चादर से ढका है। रिकॉर्ड बताते हैं कि पिछले 20 सालों में इसके संरक्षण पर 13 करोड़ से ज्यादा पानी की तरह बहाया गया, लेकिन नतीजा सिफर रहा। निगम की 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक सिर्फ जलकुंभी हटाने पर ही करीब 3 करोड़ खर्च हुए, जिसमें 80 से 90 लाख की वीड हार्वेस्टर मशीन भी शामिल है। 2021 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 3 करोड़ की घोषणा की थी, राजा दलपत देव की मूर्ति, परिक्रमा पथ, घाट, लाइट और फ्लोटिंग रेस्टोरेंट का वादा था, जो आज तक धरातल पर नहीं उतरा। अब प्रशासन 9.88 करोड़ के मास्टर प्लान के साथ फिर मैदान में है। मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत 9 करोड़ 88 लाख की स्वीकृति मिल चुकी है। नगर निगम आयुक्त प्रवीर वर्मा के मुताबिक मार्च 2027 तक दलपत सागर को पूरी तरह जलकुंभी मुक्त करने का लक्ष्य है। फिलहाल NMDC के 50 लाख के CSR फंड से सघन सफाई अभियान शुरू किया जा रहा है। करोड़ों खर्च के बाद भी जलकुंभी बार-बार क्यों पनपती है? विशेषज्ञों के मुताबिक शहर के कई बड़े नालों का प्रदूषित पानी सीधा सागर में गिरता है, जो जलकुंभी के लिए खाद का काम करता है। प्रशासन का जोर सिर्फ जलकुंभी निकालने पर है, उसे पनपने से रोकने वाले पोषक तत्वों पर नहीं। नागरिकों की मांग है कि जब तक नालों का डायवर्जन नहीं होगा, चाहे 13 करोड़ खर्च हो या 50 करोड़, स्थायी समाधान नहीं होगा।
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    दलपत सागर का वजूद बचाने फिर करोड़ों का दांव, NMDC देगा 50 लाख, नई योजना 9.88 करोड़ की
बस्तर रियासत के राजा दलपत देव द्वारा निर्मित और 340 एकड़ में फैला प्रदेश का सबसे बड़ा ऐतिहासिक तालाब दलपत सागर एक बार फिर अपनी बदहाली और सफाई अभियानों को लेकर सुर्खियों में है। वजूद बचाने के लिए फिर करोड़ों का दांव लगाया गया है। सागर को जलकुंभी से मुक्त कराने के लिए जगदलपुर नगर निगम और NMDC के बीच समझौता हुआ है। NMDC अपने CSR मद से 50 लाख की मदद देगा, जिसकी 20 लाख की पहली किस्त जारी भी हो गई है। लेकिन 9.88 करोड़ की नई योजना के बीच 13 करोड़ के पुराने खर्च पर सवाल भी उठ रहे हैं। दलपत सागर का बड़ा हिस्सा आज भी जलकुंभी की हरी चादर से ढका है। रिकॉर्ड बताते हैं कि पिछले 20 सालों में इसके संरक्षण पर 13 करोड़ से ज्यादा पानी की तरह बहाया गया, लेकिन नतीजा सिफर रहा। निगम की 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक सिर्फ जलकुंभी हटाने पर ही करीब 3 करोड़ खर्च हुए, जिसमें 80 से 90 लाख की वीड हार्वेस्टर मशीन भी शामिल है। 2021 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 3 करोड़ की घोषणा की थी, राजा दलपत देव की मूर्ति, परिक्रमा पथ, घाट, लाइट और फ्लोटिंग रेस्टोरेंट का वादा था, जो आज तक धरातल पर नहीं उतरा। अब प्रशासन 9.88 करोड़ के मास्टर प्लान के साथ फिर मैदान में है। मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत 9 करोड़ 88 लाख की स्वीकृति मिल चुकी है। नगर निगम आयुक्त प्रवीर वर्मा के मुताबिक मार्च 2027 तक दलपत सागर को पूरी तरह जलकुंभी मुक्त करने का लक्ष्य है। फिलहाल NMDC के 50 लाख के CSR फंड से सघन सफाई अभियान शुरू किया जा रहा है। करोड़ों खर्च के बाद भी जलकुंभी बार-बार क्यों पनपती है? विशेषज्ञों के मुताबिक शहर के कई बड़े नालों का प्रदूषित पानी सीधा सागर में गिरता है, जो जलकुंभी के लिए खाद का काम करता है। प्रशासन का जोर सिर्फ जलकुंभी निकालने पर है, उसे पनपने से रोकने वाले पोषक तत्वों पर नहीं। नागरिकों की मांग है कि जब तक नालों का डायवर्जन नहीं होगा, चाहे 13 करोड़ खर्च हो या 50 करोड़, स्थायी समाधान नहीं होगा।
    user_Yogesh Sao
    Yogesh Sao
    Photographer जगदलपुर, बस्तर, छत्तीसगढ़•
    14 hrs ago
  • शीतलापारा कोचवाही के घर में चोरी का प्रयास करने वाला आरोपी गिरफ्तार,भेजा जेल 2 सितंबर शाम 6 बजे जिला पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी अनुसार, जिले के नरहरपुर शीतलापारा कोचवाही में घर का ताला तोड़कर, चोरी का प्रयास करने वाले आरोपी को नरहरपुर पुलिस ने,ग्रामीणों की मदद से गिरफ्तार किया है। घटना 1 सितंबर की है। सत्यभामा कोरेटी अपने पुत्र के साथ खेत गई थीं। दोपहर में लौटने पर घर का ताला टूटा मिला और अंदर से आवाज सुनाई दी। आसपास के लोगों को बुलाने पर एक व्यक्ति घर से भागने लगा, जिसे ग्रामीणों ने पीछा कर पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान संजय कोरेटी उम्र 36 वर्ष, निवासी कोचवाही के रूप में हुई। पूछताछ में उसने चोरी की नीयत से घर में घुसकर,ताला तोड़ने का प्रयास करना स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त गैती और टूटा हुआ ताला जब्त किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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    शीतलापारा कोचवाही के 
घर में चोरी का प्रयास करने वाला आरोपी गिरफ्तार,भेजा जेल
2 सितंबर शाम 6 बजे जिला पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी अनुसार, जिले के नरहरपुर शीतलापारा कोचवाही में घर का ताला तोड़कर, चोरी का प्रयास करने वाले आरोपी को नरहरपुर पुलिस ने,ग्रामीणों की मदद से गिरफ्तार किया है। घटना 1 सितंबर की है। सत्यभामा कोरेटी अपने पुत्र के साथ खेत गई थीं। दोपहर में लौटने पर घर का ताला टूटा मिला और अंदर से आवाज सुनाई दी। आसपास के लोगों को बुलाने पर एक व्यक्ति घर से भागने लगा, जिसे ग्रामीणों ने पीछा कर पकड़ लिया।
पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान संजय कोरेटी उम्र 36 वर्ष, निवासी कोचवाही के रूप में हुई। पूछताछ में उसने चोरी की नीयत से घर में घुसकर,ताला तोड़ने का प्रयास करना स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त गैती और टूटा हुआ ताला जब्त किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
    user_Ashish parihar
    Ashish parihar
    कांकेर, कांकेर, छत्तीसगढ़•
    9 hrs ago
  • सारागांव-कोसमबुड़ा सड़क पर पुलिया के पास शुरू हुआ मरम्मत कार्य, विधायक समेत प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचे, सारागांव-कोसमबुड़ा सड़क पर पुलिया के पास शुरू हुआ मरम्मत कार्य, विधायक समेत प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचे, गरियाबंद जिले के छुरा ब्लॉक मुख्यालय से ओडिशा को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग पर आखिरकार प्रशासन की नजर पड़ी है। सारागांव से कोसमबुड़ा मार्ग पर पेनका नाला के पास सड़क और पुल की बदहाल स्थिति को लेकर मीडिया में खबर प्रसारित होने के बाद अब मौके पर मरम्मत एवं सुधार कार्य शुरू कर दिया गया है। क्षेत्रीय विधायक रोहित साहू भी मौके पर पहुंचे। इस दौरान उनके साथ क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, तहसीलदार, एसडीएम और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर तत्काल आवागमन बहाल करने के लिए आवश्यक व्यवस्था शुरू कराई। दरअसल, बरसात की पहली ही बारिश में कोसमबुड़ा के पास पेनका नाला पर बनी पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके चलते क्षेत्र के दर्जनों गांवों का छुरा ब्लॉक मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हो गया था। यह मार्ग ओडिशा को भी जोड़ता है, इसलिए इसकी अहमियत और बढ़ जाती है। पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद ग्रामीणों, स्कूली विद्यार्थियों, व्यापारियों और राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कई बार ऐसी स्थिति बनी कि ग्रामीण और स्कूली बच्चे जान जोखिम में डालकर पानी पार करने को मजबूर हुए। ग्रामीणों की परेशानी को लेकर मीडिया में खबर प्रसारित होने के बाद प्रशासनिक अमला हरकत में आया। विधायक रोहित साहू अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ मौके पर पहुंचे और सड़क तथा पुल की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद तत्काल जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर मौके पर बुलाए गए और अस्थायी रूप से आवागमन सुचारू करने के लिए मरम्मत एवं सुधार कार्य शुरू कराया गया। बताया जा रहा है कि करीब एक माह पूर्व भी विधायक रोहित साहू ने इसी पुल का निरीक्षण किया था और संबंधित विभाग के अधिकारियों को समस्या से अवगत कराते हुए सुधार के निर्देश दिए थे। हालांकि इसके बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। अब जब मामला मीडिया की सुर्खियों में आया तो विधायक ने दोबारा संज्ञान लेते हुए तत्काल अस्थायी मरम्मत कार्य शुरू कराया है, ताकि बारिश के बीच ग्रामीणों को आवागमन में राहत मिल सके। सारागांव-कोसमबुड़ा मार्ग छुरा क्षेत्र को ओडिशा से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। ऐसे में सड़क और पुल की स्थिति में सुधार होने से क्षेत्र के ग्रामीणों, स्कूली विद्यार्थियों, व्यापारियों और अन्य राहगीरों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। फिलहाल मौके पर मरम्मत का काम शुरू हो चुका है। हालांकि यह व्यवस्था फिलहाल अस्थायी बताई जा रही है। ऐसे में अब देखना होगा कि पुल और सड़क की स्थायी समस्या का समाधान कब तक हो पाता है।
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    सारागांव-कोसमबुड़ा सड़क पर पुलिया के पास शुरू हुआ मरम्मत कार्य, विधायक समेत प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचे,
सारागांव-कोसमबुड़ा सड़क पर पुलिया के पास शुरू हुआ मरम्मत कार्य, विधायक समेत प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचे,
गरियाबंद जिले के छुरा ब्लॉक मुख्यालय से ओडिशा को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग पर आखिरकार प्रशासन की नजर पड़ी है। सारागांव से कोसमबुड़ा मार्ग पर पेनका नाला के पास सड़क और पुल की बदहाल स्थिति को लेकर मीडिया में खबर प्रसारित होने के बाद अब मौके पर मरम्मत एवं सुधार कार्य शुरू कर दिया गया है।
क्षेत्रीय विधायक रोहित साहू भी मौके पर पहुंचे। इस दौरान उनके साथ क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, तहसीलदार, एसडीएम और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर तत्काल आवागमन बहाल करने के लिए आवश्यक व्यवस्था शुरू कराई।
दरअसल, बरसात की पहली ही बारिश में कोसमबुड़ा के पास पेनका नाला पर बनी पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके चलते क्षेत्र के दर्जनों गांवों का छुरा ब्लॉक मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हो गया था।
यह मार्ग ओडिशा को भी जोड़ता है, इसलिए इसकी अहमियत और बढ़ जाती है। पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद ग्रामीणों, स्कूली विद्यार्थियों, व्यापारियों और राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कई बार ऐसी स्थिति बनी कि ग्रामीण और स्कूली बच्चे जान जोखिम में डालकर पानी पार करने को मजबूर हुए।
ग्रामीणों की परेशानी को लेकर मीडिया में खबर प्रसारित होने के बाद प्रशासनिक अमला हरकत में आया। विधायक रोहित साहू अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ मौके पर पहुंचे और सड़क तथा पुल की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद तत्काल जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर मौके पर बुलाए गए और अस्थायी रूप से आवागमन सुचारू करने के लिए मरम्मत एवं सुधार कार्य शुरू कराया गया।
बताया जा रहा है कि करीब एक माह पूर्व भी विधायक रोहित साहू ने इसी पुल का निरीक्षण किया था और संबंधित विभाग के अधिकारियों को समस्या से अवगत कराते हुए सुधार के निर्देश दिए थे। हालांकि इसके बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
अब जब मामला मीडिया की सुर्खियों में आया तो विधायक ने दोबारा संज्ञान लेते हुए तत्काल अस्थायी मरम्मत कार्य शुरू कराया है, ताकि बारिश के बीच ग्रामीणों को आवागमन में राहत मिल सके।
सारागांव-कोसमबुड़ा मार्ग छुरा क्षेत्र को ओडिशा से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। ऐसे में सड़क और पुल की स्थिति में सुधार होने से क्षेत्र के ग्रामीणों, स्कूली विद्यार्थियों, व्यापारियों और अन्य राहगीरों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल मौके पर मरम्मत का काम शुरू हो चुका है। हालांकि यह व्यवस्था फिलहाल अस्थायी बताई जा रही है। ऐसे में अब देखना होगा कि पुल और सड़क की स्थायी समस्या का समाधान कब तक हो पाता है।
    user_नागेन्द्र निषाद
    नागेन्द्र निषाद
    राजिम, गरियाबंद, छत्तीसगढ़•
    9 hrs ago
  • कोंडागांव: कोंडागांव में साइबर जागरूकता अभियान, विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा और गुड टच-बैड टच की दी गई जानकारी कोण्डागांव के स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल, जामकोटपारा में कोण्डागांव पुलिस द्वारा साइबर जागृति अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस अधीक्षक पंकज चन्द्रा, IPS ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव, सुरक्षित सोशल मीडिया उपयोग, OTP-फ्रॉड, UPI फ्रॉड, फर्जी लिंक और ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग से सतर्क रहने की जानकारी दी। कार्यक्रम में पिंक स्क्वाड ने महिला एवं बालिका सुरक्षा, अधिकार, आत्मरक्षा तथा गुड टच-बैड टच के बारे में भी विद्यार्थियों को जागरूक किया। साइबर ठगी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करने की जानकारी दी गई।
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    कोंडागांव: कोंडागांव में साइबर जागरूकता अभियान, विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा और गुड टच-बैड टच की दी गई जानकारी
कोण्डागांव के स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल, जामकोटपारा में कोण्डागांव पुलिस द्वारा साइबर जागृति अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस अधीक्षक पंकज चन्द्रा, IPS ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव, सुरक्षित सोशल मीडिया उपयोग, OTP-फ्रॉड, UPI फ्रॉड, फर्जी लिंक और ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग से सतर्क रहने की जानकारी दी।
कार्यक्रम में पिंक स्क्वाड ने महिला एवं बालिका सुरक्षा, अधिकार, आत्मरक्षा तथा गुड टच-बैड टच के बारे में भी विद्यार्थियों को जागरूक किया। साइबर ठगी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करने की जानकारी दी गई।
    user_Tomesh Rana
    Tomesh Rana
    Local News Reporter फरसगाँव, कोंडागांव, छत्तीसगढ़•
    8 hrs ago
  • अगस्त में 8 साल में सबसे ज्यादा बरसात; सीजन में 525 मिमी बारिश, कोटा फुल कोटा हुआ पूरा: लखनऊ में मॉनसून सीजन (1 जून से 1 सितंबर) के दौरान सामान्य बारिश का औसत 523.9 मिलीमीटर रहता है, जबकि इस बार 525.5 मिलीमीटर बरसात दर्ज की जा चुकी है।शहर का औसत: हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश के दौरान शहर के सभी केंद्रों को मिलाकर औसत बारिश करीब 36.7 मिलीमीटर रही है।सड़कें धंसीं व हादसे: भारी बारिश के कारण चिनहट (रोलेक्स अपार्टमेंट के सामने) में सीवर ब्लॉक होने से 8 फीट और आईटी चौराहे के पास पूर्व डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा के आवास के सामने 10 फीट गहरी सड़क धंस गई, जिसमें एक बाइक सवार गिर गया।जलभराव की स्थिति: लेखराज मार्केट की सड़क पूरी तरह तालाब बन गई, जहां घुटनों से ऊपर तक पानी भर गया। इसके अलावा जानकीपुरम के सेक्टर-डी और हरि नगर बालागंज जैसे रिहायशी इलाकों में भीषण जलभराव देखने को मिला।नुकसान: मलिहाबाद में भारी बारिश के चलते आम के बाग जलमग्न हो गए, वहीं गोलागंज में एक पुराने जर्जर मकान की दीवार भरभराकर गिर गई। ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा दैनिक समाचार पत्र
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    अगस्त में 8 साल में सबसे ज्यादा बरसात; सीजन में 525 मिमी बारिश, कोटा फुल कोटा हुआ पूरा: लखनऊ में मॉनसून सीजन (1 जून से 1 सितंबर) के दौरान सामान्य बारिश का औसत 523.9 मिलीमीटर रहता है, जबकि इस बार 525.5 मिलीमीटर बरसात दर्ज की जा चुकी है।शहर का औसत: हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश के दौरान शहर के सभी केंद्रों को मिलाकर औसत बारिश करीब 36.7 मिलीमीटर रही है।सड़कें धंसीं व हादसे: भारी बारिश के कारण चिनहट (रोलेक्स अपार्टमेंट के सामने) में सीवर ब्लॉक होने से 8 फीट और आईटी चौराहे के पास पूर्व डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा के आवास के सामने 10 फीट गहरी सड़क धंस गई, जिसमें एक बाइक सवार गिर गया।जलभराव की स्थिति: लेखराज मार्केट की सड़क पूरी तरह तालाब बन गई, जहां घुटनों से ऊपर तक पानी भर गया। इसके अलावा जानकीपुरम के सेक्टर-डी और हरि नगर बालागंज जैसे रिहायशी इलाकों में भीषण जलभराव देखने को मिला।नुकसान: मलिहाबाद में भारी बारिश के चलते आम के बाग जलमग्न हो गए, वहीं गोलागंज में एक पुराने जर्जर मकान की दीवार भरभराकर गिर गई।
ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा दैनिक समाचार पत्र
    user_आशीष मिश्रा
    आशीष मिश्रा
    Local News Reporter Deobhog, Gariyaband•
    12 hrs ago
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