मंडला जिले के ग्राम खमरिया के पास एक दुखद सड़क हादसे में 17 वर्षीय किशोर सौरभ उइके की मौत हो गई, जबकि उसके पिता नरेंद्र उइके गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना तब हुई जब पिता-पुत्र जल निगम प्लांट से मजदूरी कर मोटरसाइकिल से लौट रहे थे। गंभीर रूप से घायल नरेंद्र उइके को जबलपुर रेफर किया गया है। बताया गया है कि इस हादसे का कारण एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर की टक्कर थी, जिसका आरोपी चालक घटना के बाद से फरार है। पुलिस फरार आरोपी चालक की तलाश कर रही है। इस दुखद घटना ने जल निगम प्लांट में कथित तौर पर नाबालिगों से काम कराने के दावों को उजागर कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट में बाल श्रम कानूनों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। आक्रोशित ग्रामीणों ने ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार के लिए उचित मुआवजे की मांग की है। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
मंडला जिले के ग्राम खमरिया के पास एक दुखद सड़क हादसे में 17 वर्षीय किशोर सौरभ उइके की मौत हो गई, जबकि उसके पिता नरेंद्र उइके गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना तब हुई जब पिता-पुत्र जल निगम प्लांट से मजदूरी कर मोटरसाइकिल से लौट रहे थे। गंभीर रूप से घायल नरेंद्र उइके को जबलपुर रेफर किया गया है। बताया गया है कि इस हादसे का कारण एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर की टक्कर थी, जिसका आरोपी चालक घटना के बाद से फरार है। पुलिस फरार आरोपी चालक की तलाश कर रही है। इस दुखद घटना ने जल निगम प्लांट में कथित तौर पर नाबालिगों से काम कराने के दावों को उजागर कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट में बाल श्रम कानूनों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। आक्रोशित ग्रामीणों ने ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार के लिए उचित मुआवजे की मांग की है। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
- महाराजपुर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है, जिसके तहत सुकून कैफे से 56 लीटर अवैध शराब जब्त की गई है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है।1
- मंडला जिले के ग्राम खमरिया के पास एक दुखद सड़क हादसे में 17 वर्षीय किशोर सौरभ उइके की मौत हो गई, जबकि उसके पिता नरेंद्र उइके गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना तब हुई जब पिता-पुत्र जल निगम प्लांट से मजदूरी कर मोटरसाइकिल से लौट रहे थे। गंभीर रूप से घायल नरेंद्र उइके को जबलपुर रेफर किया गया है। बताया गया है कि इस हादसे का कारण एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर की टक्कर थी, जिसका आरोपी चालक घटना के बाद से फरार है। पुलिस फरार आरोपी चालक की तलाश कर रही है। इस दुखद घटना ने जल निगम प्लांट में कथित तौर पर नाबालिगों से काम कराने के दावों को उजागर कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट में बाल श्रम कानूनों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। आक्रोशित ग्रामीणों ने ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार के लिए उचित मुआवजे की मांग की है। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।1
- मंडला में एक ओर जहाँ वीरांगना रानी दुर्गावती के अदम्य साहस और बलिदान को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया, वहीं दूसरी ओर आधुनिक दौर की चुनौतियों का सामना करने के लिए साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में भी एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इतिहास के इस गौरव और तकनीक आधारित सुरक्षा व्यवस्था का यह अनूठा मिश्रण समाज को एक नई दिशा देने में सहायक सिद्ध हो सकता है।1
- आज, रविवार 28 जून 2026 को घंसौर क्षेत्र में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अभियान के तहत, स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र और विभिन्न पोलियो बूथों पर 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियोरोधी दवा की 'दो बूंद जिंदगी की' पिलाई गई। इस दौरान बड़ी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों को लेकर पोलियो बूथों पर पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग की टीम, आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और अन्य कर्मचारियों ने बच्चों को पोलियो की खुराक दी। उन्होंने अभिभावकों को यह भी बताया कि प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दवा अवश्य पिलानी चाहिए, भले ही उसे पहले भी कई बार यह दवा दी जा चुकी हो। स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी दी कि अभियान के बाद भी जिन बच्चों को दवा नहीं मिल पाई है, उन्हें खुराक पिलाने के लिए घर-घर जाकर एक विशेष अभियान चलाया जाएगा, ताकि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे। इसके साथ ही, लोगों को 'दो बूंद जिंदगी की – हर बार हर बच्चे के लिए' का संदेश देते हुए, पोलियो मुक्त भारत के संकल्प को मजबूत बनाने का आह्वान किया गया।1
- नाड़ी वैद्य रामनरेश पटेल भगतजी, आयुर्वेद में अपनी विशेषज्ञता के साथ, शरीर में होने वाले मस्से, गोखरू और गिठली जैसी समस्याओं के लिए चमत्कारी उपचार का दावा कर रहे हैं। उनके अनुसार, उनके विशेष आयुर्वेदिक लेप का केवल एक बार इस्तेमाल करने से ये सभी समस्याएं ठीक हो सकती हैं। जिन व्यक्तियों को इसकी आवश्यकता हो, वे वैद्य रामनरेश पटेल भगतजी से 9131133183 और 9407072978 नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।2
- आज, 28 जून 2026 को देशभर में राष्ट्रीय पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक, जिसे 'दो बूंद जिंदगी की' के नाम से जाना जाता है, पिलाई जा रही है। यह देशव्यापी अभियान विभिन्न राज्यों में शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य हर बच्चे तक पहुंचना है। आज 'बूथ दिवस' पर लाखों विशेष बूथों, सरकारी अस्पतालों, आंगनवाड़ी केंद्रों और स्कूलों में बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स दी जा रही हैं। अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, टोल प्लाजा और हवाई अड्डों पर 'ट्रांजिट बूथ' स्थापित किए गए हैं, ताकि यात्रा करने वाले बच्चों को भी यह खुराक मिल सके। इसके अतिरिक्त, प्रवासी मजदूरों के बच्चों, ईंट-भट्टों, झुग्गी-झोपड़ियों और निर्माण स्थलों पर रहने वाले परिवारों के बच्चों तक पहुंचने के लिए विशेष मोबाइल टीमें भी लगाई गई हैं। हालांकि भारत को 2014 में ही आधिकारिक तौर पर पोलियो मुक्त घोषित कर दिया गया था, लेकिन पड़ोसी देशों में पोलियो के खतरों को देखते हुए इस सुरक्षा चक्र को बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है। सभी से अपील की गई है कि यदि उनके घर में या आसपास 5 वर्ष तक का कोई बच्चा है, तो उसे नजदीकी बूथ पर ले जाकर पोलियो ड्रॉप्स अवश्य पिलवाएं। इसी अभियान के संबंध में, आज जबलपुर संभाग के अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग की टीम धूमा अस्पताल भी पहुंची। निरीक्षण के दौरान, अस्पताल की कुछ खामियां देखकर अधिकारी बेहद नाराज हुए।2
- मंडला जिले के नारायणगंज ब्लॉक में रविवार सुबह 8 बजे से पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया गया। इस तीन दिवसीय अभियान के तहत, नारायणगंज ब्लॉक में 0 से 5 वर्ष तक के कुल 9,119 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान की कार्ययोजना के बारे में जानकारी देते हुए, नारायणगंज के सीबीएमओ डॉ. अमृत लाल कोल ने बताया कि पहले दिन को 'पोलियो रविवार' के रूप में मनाया गया। ब्लॉक के हर गांव में पोलियो बूथ स्थापित किए गए और सुबह 8 बजे से बच्चों को दवा पिलानी शुरू की गई। डॉ. कोल ने आगे बताया कि यह अभियान 28 से 30 जून तक चलेगा। जो बच्चे पहले दिन बूथ तक नहीं पहुँच पाए, उन्हें कवर करने के लिए अगले दो दिन यानी सोमवार और मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को दवा पिलाएँगी, जिससे शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जा सके।1
- मंडला जिले में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक माँ और बेटे ने ज़हर का रास्ता चुनकर अपनी जान दे दी। इस 'उम्मीदों के नाज़ुक धागे' के टूट जाने और इस दर्दनाक कदम के पीछे के असल कारणों का पता अभी तक नहीं चल पाया है, जो एक बड़ा सवाल बना हुआ है। पुलिस इस मामले की सच्चाई जानने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और गहराई से जांच में जुटी हुई है।1