फर्रुखाबाद में दिव्यांग संत आमरण अनशन पर, राजस्व भूमि व आवास प्रकरण में लगाए गंभीर आरोप फर्रुखाबाद में दिव्यांग संत आमरण अनशन पर, राजस्व भूमि व आवास प्रकरण में लगाए गंभीर आरोप अमृतपुर (फर्रुखाबाद) तहसील अमृतपुर क्षेत्र के ग्राम आसमपुर तितर्फा निवासी दिव्यांग संत कौशल कुमार अग्निहोत्री ने राजस्व विभाग, ग्राम्य विकास विभाग और स्थानीय लेखपालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने स्वयं को गोरक्षपीठाधीश्वर व प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ के समक्ष कई बार प्रार्थना पत्र देने वाला बताया है। दिव्यांग संत का कहना है कि उन्होंने गोरखपुर में आयोजित जनता दर्शन तथा सम्पूर्ण समाधान दिवस,तहसील अमृतपुर में कई बार शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन राजस्व से संबंधित मामलों में अब तक न्याय नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि नवीन परती गाटा संख्या 2294 (रकबा 0.1090 हेक्टेयर/लगभग 27.25 डिसमिल) तथा बंजर गाटा संख्या 2296घ (लगभग 5 डिसमिल) की भूमि पर अवैध कब्जे हैं, जिन पर कार्रवाई के बजाय गलत निस्तारण रिपोर्ट लगाकर शासन को गुमराह किया गया। आवास पात्रता पर भी उठाए सवाल कौशल कुमार अग्निहोत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री आवास योजना के लिए वे पात्र घोषित किए गए थे। उनके अनुसार, परियोजना निदेशक कपिल कुमार द्वारा गठित समिति ने पात्रता दर्शाई थी। आरोप है कि बाद में उनके आवास संबंधी प्रकरण में “आठ कमरे, पांच कमरे, चार कमरे” दिखाकर विरोधाभासी रिपोर्ट लगाई गई, जिससे शासन स्तर पर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तहसील अमृतपुर में एक मामले के दौरान लेखपाल को कथित रूप से धनराशि देने की बात उनके समक्ष कही गई। इस संबंध में उन्होंने शपथपत्र देने का दावा किया है। संत की मुख्य मांगें अनशन पर बैठे दिव्यांग संत ने प्रशासन के समक्ष आठ प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें— स्व. देवपाल सिंह राठौर के यहां से तरुण प्रकाश सिंह राठौर के मकान से होते हुए श्री शिव शंकर मंदिर व ब्रह्मदेव स्थान तक पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात में जलभराव से आवागमन बाधित होता है। कथित रूप से गुमराह करने व पद के दुरुपयोग के आरोप में संबंधित लेखपाल व व्यक्तियों पर मुकदमा दर्ज किया जाए। गाटा संख्या 2296घ की बंजर भूमि को कब्जा मुक्त कराया जाए और गलत निस्तारण करने वालों पर कार्रवाई हो। गाटा संख्या 2294 (नवीन परती) की भूमि का विधिक संरक्षण सुनिश्चित किया जाए। चकमार्ग गाटा संख्या 2312 को कब्जा मुक्त कर रास्ता निर्माण कराया जाए। सरकारी भूमि पर कब्जे के आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया जाए। गलत रिपोर्ट लगाने वाले राजस्व कर्मियों पर कार्रवाई हो। ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों द्वारा कथित गलत निस्तारण रिपोर्ट की जांच कर मुकदमा दर्ज किया जाए। अन्न-जल त्याग कर बैठे अनशन पर दिव्यांग संत कौशल कुमार अग्निहोत्री ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, वे आमरण अनशन जारी रखेंगे। उन्होंने अन्न-जल त्यागने की बात कही है। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस प्रकरण में क्या कदम उठाता है।
फर्रुखाबाद में दिव्यांग संत आमरण अनशन पर, राजस्व भूमि व आवास प्रकरण में लगाए गंभीर आरोप फर्रुखाबाद में दिव्यांग संत आमरण अनशन पर, राजस्व भूमि व आवास प्रकरण में लगाए गंभीर आरोप अमृतपुर (फर्रुखाबाद) तहसील अमृतपुर क्षेत्र के ग्राम आसमपुर तितर्फा निवासी दिव्यांग संत कौशल कुमार अग्निहोत्री ने राजस्व विभाग, ग्राम्य विकास विभाग और स्थानीय लेखपालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने स्वयं को गोरक्षपीठाधीश्वर व प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ के समक्ष कई बार प्रार्थना पत्र देने वाला बताया है। दिव्यांग संत का कहना है कि उन्होंने गोरखपुर में आयोजित जनता दर्शन तथा सम्पूर्ण समाधान दिवस,तहसील अमृतपुर में कई बार शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन राजस्व से संबंधित मामलों में अब तक न्याय नहीं मिला।
उन्होंने आरोप लगाया कि नवीन परती गाटा संख्या 2294 (रकबा 0.1090 हेक्टेयर/लगभग 27.25 डिसमिल) तथा बंजर गाटा संख्या 2296घ (लगभग 5 डिसमिल) की भूमि पर अवैध कब्जे हैं, जिन पर कार्रवाई के बजाय गलत निस्तारण रिपोर्ट लगाकर शासन को गुमराह किया गया। आवास पात्रता पर भी उठाए सवाल कौशल कुमार अग्निहोत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री आवास योजना के लिए वे पात्र घोषित किए गए थे। उनके अनुसार, परियोजना निदेशक कपिल कुमार द्वारा गठित समिति ने पात्रता दर्शाई थी। आरोप है कि बाद में उनके आवास संबंधी प्रकरण में “आठ कमरे, पांच कमरे, चार कमरे” दिखाकर विरोधाभासी रिपोर्ट लगाई गई, जिससे शासन स्तर पर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तहसील अमृतपुर में एक मामले के
दौरान लेखपाल को कथित रूप से धनराशि देने की बात उनके समक्ष कही गई। इस संबंध में उन्होंने शपथपत्र देने का दावा किया है। संत की मुख्य मांगें अनशन पर बैठे दिव्यांग संत ने प्रशासन के समक्ष आठ प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें— स्व. देवपाल सिंह राठौर के यहां से तरुण प्रकाश सिंह राठौर के मकान से होते हुए श्री शिव शंकर मंदिर व ब्रह्मदेव स्थान तक पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात में जलभराव से आवागमन बाधित होता है। कथित रूप से गुमराह करने व पद के दुरुपयोग के आरोप में संबंधित लेखपाल व व्यक्तियों पर मुकदमा दर्ज किया जाए। गाटा संख्या 2296घ की बंजर भूमि को कब्जा मुक्त कराया जाए और गलत निस्तारण करने
वालों पर कार्रवाई हो। गाटा संख्या 2294 (नवीन परती) की भूमि का विधिक संरक्षण सुनिश्चित किया जाए। चकमार्ग गाटा संख्या 2312 को कब्जा मुक्त कर रास्ता निर्माण कराया जाए। सरकारी भूमि पर कब्जे के आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया जाए। गलत रिपोर्ट लगाने वाले राजस्व कर्मियों पर कार्रवाई हो। ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों द्वारा कथित गलत निस्तारण रिपोर्ट की जांच कर मुकदमा दर्ज किया जाए। अन्न-जल त्याग कर बैठे अनशन पर दिव्यांग संत कौशल कुमार अग्निहोत्री ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, वे आमरण अनशन जारी रखेंगे। उन्होंने अन्न-जल त्यागने की बात कही है। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस प्रकरण में क्या कदम उठाता है।
- *4 मीटर की जगह 10 मीटर सड़क निर्माण का आरोप, किसानों ने रुकवाया काम,अमृतपुर तहसील क्षेत्र में पीडब्ल्यूडी के निर्माण कार्य पर उठा विवाद,मुआवजे की मांग तेज* *अमृतपुर/फर्रुखाबाद* अमृतपुर तहसील क्षेत्र में पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा लगभग एक किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण कार्य की शुरुआत होते ही विवाद खड़ा हो गया। ग्रामीणों ने ठेकेदार पर निर्धारित चौड़ाई से अधिक सड़क निर्माण कर किसानों की जमीन दबाने का आरोप लगाते हुए कार्य को तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया। ग्रामीणों के अनुसार, मौके पर पूर्व में करीब 4 मीटर चौड़ाई की सड़क थी, जबकि वर्तमान में ठेकेदार द्वारा लगभग 10 मीटर चौड़ी सड़क बनाई जा रही थी। किसानों का आरोप है कि इस प्रक्रिया में उनकी करीब 2 मीटर से अधिक जमीन सड़क में शामिल की जा रही है। जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में किसान अपने-अपने खेतों पर पहुंच गए और निर्माण कार्य का विरोध शुरू कर दिया। किसानों ने साफ कहा कि वे अपने खेतों से मिट्टी की खुदाई नहीं करने देंगे। उनका कहना है कि यदि पीडब्ल्यूडी विभाग उनकी भूमि का अधिग्रहण करता है तो उन्हें नियमानुसार मुआवजा दिया जाए, अन्यथा सरकार द्वारा निर्धारित मानक के अनुसार ही सड़क का निर्माण कराया जाए। मौके पर मौजूद ठेकेदार के मुनीम राहुल ने बताया कि उधरनपुर-लीलापुर संपर्क मार्ग से गूजरपुर गहलवार तक डामर रोड का निर्माण कराया जाना है। यह कार्य विधायक निधि से कराया जा रहा है और पीडब्ल्यूडी विभाग की देखरेख में निर्माण हो रहा है। किसान आलोक सिंह सहित दो दर्जन से अधिक किसान मौके पर मौजूद रहे। किसानों का आरोप है कि उनके खेतों में फसल बोई हुई है, जिसके बावजूद निर्माण कार्य किया जा रहा था, जिससे फसल बर्बाद हो रही है। उनका कहना है कि बिना सहमति और मुआवजे के खेत में सड़क निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। स्थिति को गंभीर होता देख ठेकेदार ने फिलहाल निर्माण कार्य बंद कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं प्रशासनिक स्तर पर अभी तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।4
- बड़ी खबर1
- CITY NEWS: फर्रुखाबाद: खाटू श्याम की भव्य शोभायात्रा में झूमे श्रद्धालु1
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- जलालाबाद क्षेत्र के ग्राम गुरुगांव के दो ग्रामीण व्यक्ति क्षेत्र के गांव रामापुर की घनी बगिया के पास चारा काट रहे थे तभी अचानक विकास यादव पर मधुमक्खियां ने हमला कर दिया अचानक हुए हमले से विकास यादव चारे के खेत में गिर पड़ा और चीख पुकार मचाने लगा इस दौरान पास में ही चारा काट रहे जंगपाल ने बचाने का प्रयास किया तो उनके ऊपर भी मधुमक्खियां ने हमला कर दिया जिससे वह भी घायल हो गया और वहां से गांव की तरफ भाग कर अपनी जान बचाई ग्रामीण लोगों को बताया तभी गांव के कई व्यक्ति धुआ करते हुए घटनास्थल पर पहुंचे और आग जलाकर धुआं किया उसके बाद विकास यादव को कपड़ा डालकर बचाया उसके बाद आनन फनन में उसको सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जलालाबाद लेकर पहुंचे जहां पर डॉक्टरों द्वारा उपचार किया जा रहा है1
- 132 जलालाबाद में चुनावी सरगर्मी तेज, रश्मी मौर्या ने किया जनसंपर्क जलालाबाद (शाहजहांपुर)। विधानसभा क्षेत्र 132 जलालाबाद में आगामी चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में आंवला के सांसद की पत्नी रश्मी मौर्या ने क्षेत्र के विभिन्न गांवों में जनसंपर्क अभियान चलाकर जनता से समर्थन मांगा। रश्मी मौर्या ने मढ़िया गुसाई, ढका, भटादेवर, जिगनेरा, मालूपुर और उजेरा सहित कई गांवों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से घर-घर जाकर मुलाकात की और क्षेत्र के विकास, सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा व स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने का भरोसा दिलाया। जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया और अपनी समस्याओं से अवगत कराया। रश्मी मौर्या ने कहा कि जनता का आशीर्वाद और समर्थन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और क्षेत्र के समग्र विकास के लिए वह प्रतिबद्ध हैं। इस अवसर पर आजाद बाबू, लियाकत अली उर्फ भूरे सहित कई स्थानीय समर्थक व कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में महिलाओं और युवाओं की भी उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली। क्षेत्र में बढ़ती चुनावी हलचल से आगामी चुनाव को लेकर माहौल गर्म होता नजर आ रहा है।4
- Post by Amresh Rajput Paterkar1
- फर्रुखाबाद में दिव्यांग संत आमरण अनशन पर, राजस्व भूमि व आवास प्रकरण में लगाए गंभीर आरोप अमृतपुर (फर्रुखाबाद) तहसील अमृतपुर क्षेत्र के ग्राम आसमपुर तितर्फा निवासी दिव्यांग संत कौशल कुमार अग्निहोत्री ने राजस्व विभाग, ग्राम्य विकास विभाग और स्थानीय लेखपालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने स्वयं को गोरक्षपीठाधीश्वर व प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ के समक्ष कई बार प्रार्थना पत्र देने वाला बताया है। दिव्यांग संत का कहना है कि उन्होंने गोरखपुर में आयोजित जनता दर्शन तथा सम्पूर्ण समाधान दिवस,तहसील अमृतपुर में कई बार शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन राजस्व से संबंधित मामलों में अब तक न्याय नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि नवीन परती गाटा संख्या 2294 (रकबा 0.1090 हेक्टेयर/लगभग 27.25 डिसमिल) तथा बंजर गाटा संख्या 2296घ (लगभग 5 डिसमिल) की भूमि पर अवैध कब्जे हैं, जिन पर कार्रवाई के बजाय गलत निस्तारण रिपोर्ट लगाकर शासन को गुमराह किया गया। आवास पात्रता पर भी उठाए सवाल कौशल कुमार अग्निहोत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री आवास योजना के लिए वे पात्र घोषित किए गए थे। उनके अनुसार, परियोजना निदेशक कपिल कुमार द्वारा गठित समिति ने पात्रता दर्शाई थी। आरोप है कि बाद में उनके आवास संबंधी प्रकरण में “आठ कमरे, पांच कमरे, चार कमरे” दिखाकर विरोधाभासी रिपोर्ट लगाई गई, जिससे शासन स्तर पर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तहसील अमृतपुर में एक मामले के दौरान लेखपाल को कथित रूप से धनराशि देने की बात उनके समक्ष कही गई। इस संबंध में उन्होंने शपथपत्र देने का दावा किया है। संत की मुख्य मांगें अनशन पर बैठे दिव्यांग संत ने प्रशासन के समक्ष आठ प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें— स्व. देवपाल सिंह राठौर के यहां से तरुण प्रकाश सिंह राठौर के मकान से होते हुए श्री शिव शंकर मंदिर व ब्रह्मदेव स्थान तक पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात में जलभराव से आवागमन बाधित होता है। कथित रूप से गुमराह करने व पद के दुरुपयोग के आरोप में संबंधित लेखपाल व व्यक्तियों पर मुकदमा दर्ज किया जाए। गाटा संख्या 2296घ की बंजर भूमि को कब्जा मुक्त कराया जाए और गलत निस्तारण करने वालों पर कार्रवाई हो। गाटा संख्या 2294 (नवीन परती) की भूमि का विधिक संरक्षण सुनिश्चित किया जाए। चकमार्ग गाटा संख्या 2312 को कब्जा मुक्त कर रास्ता निर्माण कराया जाए। सरकारी भूमि पर कब्जे के आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया जाए। गलत रिपोर्ट लगाने वाले राजस्व कर्मियों पर कार्रवाई हो। ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों द्वारा कथित गलत निस्तारण रिपोर्ट की जांच कर मुकदमा दर्ज किया जाए। अन्न-जल त्याग कर बैठे अनशन पर दिव्यांग संत कौशल कुमार अग्निहोत्री ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, वे आमरण अनशन जारी रखेंगे। उन्होंने अन्न-जल त्यागने की बात कही है। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस प्रकरण में क्या कदम उठाता है।4