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के. के. मुहम्मद ने मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में स्थित लगभग 1200 साल पुराने बटेश्वर मंदिर समूह को फिर से जीवित करने का ऐतिहासिक काम किया। कभी 200 से अधिक मंदिरों का यह परिसर समय, भूकंप और उपेक्षा के कारण पूरी तरह खंडहर बनकर पत्थरों के ढेर में बदल गया था। 2005 के आसपास जब के. के. मुहम्मद ने इस स्थल का अध्ययन किया, तो उन्होंने इसे एक अधूरी विरासत के रूप में देखा और इसे पुनर्निर्मित करने का संकल्प लिया। सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि हजारों बिखरे पत्थरों में से हर एक को पहचानकर सही स्थान पर जोड़ना था, जैसे एक विशाल जिगसॉ पज़ल। इलाका चंबल क्षेत्र का था, जहां डाकुओं का प्रभाव था, लेकिन उन्होंने स्थानीय लोगों और डाकुओं से संवाद कर संरक्षण का माहौल बनाया। लगभग 7 वर्षों की मेहनत के बाद 80 से अधिक मंदिरों को सफलतापूर्वक पुनर्निर्मित किया गया। इस ऐतिहासिक कार्य के लिए उन्हें पद्म श्री सम्मान मिला और आज बटेश्वर मंदिर भारतीय धरोहर संरक्षण का एक प्रेरणादायक उदाहरण बन चुका है। #IndianHeritage #ArchaeologyIndia #RestorationProject #CulturalHeritage #PadhmShriAward #JagranJosh

2 hrs ago
user_News_n_News
News_n_News
जबलपुर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

के. के. मुहम्मद ने मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में स्थित लगभग 1200 साल पुराने बटेश्वर मंदिर समूह को फिर से जीवित करने का ऐतिहासिक काम किया। कभी 200 से अधिक मंदिरों का यह परिसर समय, भूकंप और उपेक्षा के कारण पूरी तरह खंडहर बनकर पत्थरों के ढेर में बदल गया था। 2005 के आसपास जब के. के. मुहम्मद ने इस स्थल का अध्ययन किया, तो उन्होंने इसे एक अधूरी विरासत के रूप में देखा और इसे पुनर्निर्मित करने का संकल्प लिया। सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि हजारों बिखरे पत्थरों में से हर एक को पहचानकर सही स्थान पर जोड़ना था, जैसे एक विशाल जिगसॉ पज़ल। इलाका चंबल क्षेत्र का था, जहां डाकुओं का प्रभाव था, लेकिन उन्होंने स्थानीय लोगों और डाकुओं से संवाद कर संरक्षण का माहौल बनाया। लगभग 7 वर्षों की मेहनत के बाद 80 से अधिक मंदिरों को सफलतापूर्वक पुनर्निर्मित किया गया। इस ऐतिहासिक कार्य के लिए उन्हें पद्म श्री सम्मान मिला और आज बटेश्वर मंदिर भारतीय धरोहर संरक्षण का एक प्रेरणादायक उदाहरण बन चुका है। #IndianHeritage #ArchaeologyIndia #RestorationProject #CulturalHeritage #PadhmShriAward #JagranJosh

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  • के. के. मुहम्मद ने मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में स्थित लगभग 1200 साल पुराने बटेश्वर मंदिर समूह को फिर से जीवित करने का ऐतिहासिक काम किया। कभी 200 से अधिक मंदिरों का यह परिसर समय, भूकंप और उपेक्षा के कारण पूरी तरह खंडहर बनकर पत्थरों के ढेर में बदल गया था। 2005 के आसपास जब के. के. मुहम्मद ने इस स्थल का अध्ययन किया, तो उन्होंने इसे एक अधूरी विरासत के रूप में देखा और इसे पुनर्निर्मित करने का संकल्प लिया। सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि हजारों बिखरे पत्थरों में से हर एक को पहचानकर सही स्थान पर जोड़ना था, जैसे एक विशाल जिगसॉ पज़ल। इलाका चंबल क्षेत्र का था, जहां डाकुओं का प्रभाव था, लेकिन उन्होंने स्थानीय लोगों और डाकुओं से संवाद कर संरक्षण का माहौल बनाया। लगभग 7 वर्षों की मेहनत के बाद 80 से अधिक मंदिरों को सफलतापूर्वक पुनर्निर्मित किया गया। इस ऐतिहासिक कार्य के लिए उन्हें पद्म श्री सम्मान मिला और आज बटेश्वर मंदिर भारतीय धरोहर संरक्षण का एक प्रेरणादायक उदाहरण बन चुका है। #IndianHeritage #ArchaeologyIndia #RestorationProject #CulturalHeritage #PadhmShriAward #JagranJosh
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    के. के. मुहम्मद ने मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में स्थित लगभग 1200 साल पुराने बटेश्वर मंदिर समूह को फिर से जीवित करने का ऐतिहासिक काम किया। कभी 200 से अधिक मंदिरों का यह परिसर समय, भूकंप और उपेक्षा के कारण पूरी तरह खंडहर बनकर पत्थरों के ढेर में बदल गया था।
2005 के आसपास जब के. के. मुहम्मद ने इस स्थल का अध्ययन किया, तो उन्होंने इसे एक अधूरी विरासत के रूप में देखा और इसे पुनर्निर्मित करने का संकल्प लिया। सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि हजारों बिखरे पत्थरों में से हर एक को पहचानकर सही स्थान पर जोड़ना था, जैसे एक विशाल जिगसॉ पज़ल।
इलाका चंबल क्षेत्र का था, जहां डाकुओं का प्रभाव था, लेकिन उन्होंने स्थानीय लोगों और डाकुओं से संवाद कर संरक्षण का माहौल बनाया। लगभग 7 वर्षों की मेहनत के बाद 80 से अधिक मंदिरों को सफलतापूर्वक पुनर्निर्मित किया गया।
इस ऐतिहासिक कार्य के लिए उन्हें पद्म श्री सम्मान मिला और आज बटेश्वर मंदिर भारतीय धरोहर संरक्षण का एक प्रेरणादायक उदाहरण बन चुका है।
#IndianHeritage #ArchaeologyIndia #RestorationProject #CulturalHeritage #PadhmShriAward #JagranJosh
    user_News_n_News
    News_n_News
    जबलपुर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • दिनांक 27 अप्रैल 2026 को जबलपुर का मौसम बदल गया अचानक बहुत जोरों की आंधी के साथ बहुत तेज हवा चलने लगी जिस राह में चल रहे राहगीरों का भी परेशानी का सामना करना पड़ा
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    दिनांक 27 अप्रैल 2026 को जबलपुर का मौसम बदल गया अचानक बहुत जोरों की आंधी के साथ बहुत तेज हवा चलने लगी जिस राह में चल रहे राहगीरों का भी परेशानी का सामना करना पड़ा
    user_MP 20 News
    MP 20 News
    Artist जबलपुर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • सिद्धि खुर्द से जाने वाले रास्ते पर शिवपहरी ,में सिद्धि खुर्द की बड़र हर्रहवा में वाले रास्ते भाढी में जाने वाले शासन विधान में जाने वाले रास्ते
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    सिद्धि खुर्द से जाने वाले रास्ते पर शिवपहरी ,में सिद्धि खुर्द की बड़र हर्रहवा में वाले रास्ते भाढी में जाने वाले शासन विधान में जाने वाले रास्ते
    user_सिंगरौली,
    सिंगरौली,
    Jabalpur, Madhya Pradesh•
    21 hrs ago
  • क्लोज-अप शॉट—एक मां पसीने से तर-बतर है और हाथ में पकड़ी हुई मेडिकल फाइल से अपने बेसुध बच्चे को हवा कर रही है। पीछे ICU की मशीनें दिख रही हैं। "बाहर पारा 44 डिग्री के पार है और अंदर... अंदर सिस्टम की संवेदनहीनता अपने चरम पर है। ये नजारा किसी पिछड़े गांव के क्लिनिक का नहीं, बल्कि जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज का है।"
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    क्लोज-अप शॉट—एक मां पसीने से तर-बतर है और हाथ में पकड़ी हुई मेडिकल फाइल से अपने बेसुध बच्चे को हवा कर रही है। पीछे ICU की मशीनें दिख रही हैं।
"बाहर पारा 44 डिग्री के पार है और अंदर... अंदर सिस्टम की संवेदनहीनता अपने चरम पर है। ये नजारा किसी पिछड़े गांव के क्लिनिक का नहीं, बल्कि जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज का है।"
    user_Deepak Vishawakarma
    Deepak Vishawakarma
    Photographer पनागर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • बड़ी खबर | इंसानियत पर सवाल 📝 खबर विस्तार से: मध्यप्रदेश के कटनी जिला अस्पताल से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो के अनुसार, एक घायल मरीज दर्द से कराहता रहा, लेकिन मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत इलाज देने के बजाय परिजनों को ही 108 एंबुलेंस धुलने की बात कह दी। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में मौजूद स्टाफ ने जिम्मेदारी निभाने के बजाय लापरवाही दिखाई, जिससे मरीज की हालत और बिगड़ती गई। यह घटना न सिर्फ सिस्टम की कमजोरी को उजागर करती है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं पर भी सवाल खड़े करती है। ⚠️ बड़ा सवाल: क्या सरकारी अस्पतालों में अब प्राथमिक उपचार भी तुरंत मिलना मुश्किल हो गया है? क्या जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई होगी या फिर मामला दबा दिया जाएगा? वीडियो वायरल होने के बाद अब प्रशासन की भूमिका पर सभी की निगाहें टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी�। #mpn
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    बड़ी खबर | इंसानियत पर सवाल 📝 खबर विस्तार से: मध्यप्रदेश के कटनी जिला अस्पताल से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो के अनुसार, एक घायल मरीज दर्द से कराहता रहा, लेकिन मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत इलाज देने के बजाय परिजनों को ही 108 एंबुलेंस धुलने की बात कह दी। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में मौजूद स्टाफ ने जिम्मेदारी निभाने के बजाय लापरवाही दिखाई, जिससे मरीज की हालत और बिगड़ती गई। यह घटना न सिर्फ सिस्टम की कमजोरी को उजागर करती है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं पर भी सवाल खड़े करती है। ⚠️ बड़ा सवाल: क्या सरकारी अस्पतालों में अब प्राथमिक उपचार भी तुरंत मिलना मुश्किल हो गया है? क्या जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई होगी या फिर मामला दबा दिया जाएगा? वीडियो वायरल होने के बाद अब प्रशासन की भूमिका पर सभी की निगाहें टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी�। #mpn
    user_Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
    Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
    Court reporter Bahoriband, Katni•
    4 hrs ago
  • बिगड़ते मौसम के बीच खेतों में पड़ा गेहूं, किसानों की बढ़ी चिंता... कटनी। जिले में इन दिनों समर्थन मूल्य पर उपज विक्रय के लिए स्लॉट बुकिंग नहीं हो पाने से किसानों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। हालात यह हैं कि बड़ी संख्या में किसानों की स्लॉट बुकिंग नहीं हो पा रही है, जिससे उनकी गेहूं की फसल खेतों और खलिहानों में पड़ी हुई है और उपार्जन प्रक्रिया बाधित हो रही है। किसानों का कहना है कि उन्होंने समय पर पंजीयन कराया था, लेकिन स्लॉट बुकिंग की प्रक्रिया सही तरीके से नहीं चलने के कारण उन्हें तारीख नहीं मिल पा रही है। इस वजह से वे अपनी उपज मंडी या उपार्जन केंद्रों तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर मौसम लगातार खराब हो रहा है, जिससे खुले में रखी फसल खराब होने का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई किसानों ने बताया कि गेहूं कटकर तैयार है, लेकिन स्लॉट न मिलने के कारण वह खेतों में ही पड़ा है। अचानक बारिश या आंधी आने की स्थिति में फसल को भारी नुकसान हो सकता है। ऐसे में किसानों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति बनती जा रही है। किसानों ने प्रशासन से जल्द से जल्द स्लॉट बुकिंग की समस्या का समाधान करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। किसानों ने जिला प्रशासन, विशेष रूप से कलेक्टर से निवेदन किया है कि उपार्जन व्यवस्था को सुचारू बनाते हुए अतिरिक्त स्लॉट उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे अपनी उपज सुरक्षित तरीके से बेच सकें।
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    बिगड़ते मौसम के बीच खेतों में पड़ा गेहूं, किसानों की बढ़ी चिंता...
कटनी। जिले में इन दिनों समर्थन मूल्य पर उपज विक्रय के लिए स्लॉट बुकिंग नहीं हो पाने से किसानों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। हालात यह हैं कि बड़ी संख्या में किसानों की स्लॉट बुकिंग नहीं हो पा रही है, जिससे उनकी गेहूं की फसल खेतों और खलिहानों में पड़ी हुई है और उपार्जन प्रक्रिया बाधित हो रही है।
किसानों का कहना है कि उन्होंने समय पर पंजीयन कराया था, लेकिन स्लॉट बुकिंग की प्रक्रिया सही तरीके से नहीं चलने के कारण उन्हें तारीख नहीं मिल पा रही है। इस वजह से वे अपनी उपज मंडी या उपार्जन केंद्रों तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर मौसम लगातार खराब हो रहा है, जिससे खुले में रखी फसल खराब होने का खतरा भी बढ़ गया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में कई किसानों ने बताया कि गेहूं कटकर तैयार है, लेकिन स्लॉट न मिलने के कारण वह खेतों में ही पड़ा है। अचानक बारिश या आंधी आने की स्थिति में फसल को भारी नुकसान हो सकता है। ऐसे में किसानों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति बनती जा रही है।
किसानों ने प्रशासन से जल्द से जल्द स्लॉट बुकिंग की समस्या का समाधान करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
किसानों ने जिला प्रशासन, विशेष रूप से कलेक्टर से निवेदन किया है कि उपार्जन व्यवस्था को सुचारू बनाते हुए अतिरिक्त स्लॉट उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे अपनी उपज सुरक्षित तरीके से बेच सकें।
    user_गोकुल पटेल
    गोकुल पटेल
    Local News Reporter बहोरीबंद, कटनी, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • Post by भगवत सिंह लोधी पत्रकार
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    Post by भगवत सिंह लोधी पत्रकार
    user_भगवत सिंह लोधी पत्रकार
    भगवत सिंह लोधी पत्रकार
    जनता की आवाज़ Jabera, Damoh•
    10 hrs ago
  • दिनांक 26 अप्रैल 2026 को हुबली में स्मार्ट वैल्यू संस्था के द्वारा दीया गया नो प्लास्टिक use का संदेश
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    दिनांक 26 अप्रैल 2026 को हुबली में स्मार्ट वैल्यू संस्था के द्वारा दीया गया नो प्लास्टिक use का संदेश
    user_MP 20 News
    MP 20 News
    Artist जबलपुर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
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