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सतना जिले के कृपालपुर स्थित 100-सीटर पिछड़ा वर्ग पोस्ट-मैट्रिक बालक छात्रावास से छात्रों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ उन्हें परोसे जा रहे भोजन में कीड़े मिल रहे हैं। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और छात्रों को अस्वास्थ्यकर खाना खाने पर मजबूर किया जा रहा है। सामने आए वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि यह समस्या किसी एक छात्र तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे छात्रावास में छात्रों की थालियों में कीड़े वाला खाना परोसा जा रहा है। यहाँ 'शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना' के तहत 45 दिवसीय प्रशिक्षण ले रहे छात्रों का आरोप है कि उन्हें कीड़े वाली दाल और चावल खाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। छात्रों ने अपनी और अपने साथियों की थालियाँ दिखाते हुए वीडियो के माध्यम से इस प्रशासनिक लापरवाही को उजागर किया और सामूहिक रूप से विरोध दर्ज कराया। छात्रों को इस तरह का अस्वच्छ भोजन परोसना न केवल प्रशासनिक उदासीनता का प्रमाण है, बल्कि उनके जीवन के साथ एक बड़ा खिलवाड़ है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। अब देखना यह होगा कि इस वीडियो के वायरल होने और छात्रों के हंगामे के बाद स्थानीय प्रशासन और पिछड़ा वर्ग विभाग इस मामले पर क्या संज्ञान लेते हैं और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

1 hr ago
user_Unchehra news
Unchehra news
News Anchor उंचाहरा, सतना, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

सतना जिले के कृपालपुर स्थित 100-सीटर पिछड़ा वर्ग पोस्ट-मैट्रिक बालक छात्रावास से छात्रों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ उन्हें परोसे जा रहे भोजन में कीड़े मिल रहे हैं। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और छात्रों को अस्वास्थ्यकर खाना खाने पर मजबूर किया जा रहा है। सामने आए वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि यह समस्या किसी एक छात्र तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे छात्रावास में छात्रों की थालियों में कीड़े वाला खाना परोसा जा रहा है। यहाँ 'शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना' के तहत 45 दिवसीय प्रशिक्षण ले रहे छात्रों का आरोप है कि उन्हें कीड़े वाली दाल और चावल खाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। छात्रों ने अपनी और अपने साथियों की थालियाँ दिखाते हुए वीडियो के माध्यम से इस प्रशासनिक लापरवाही को उजागर किया और सामूहिक रूप से विरोध दर्ज कराया। छात्रों को इस तरह का अस्वच्छ भोजन परोसना न केवल प्रशासनिक उदासीनता का प्रमाण है, बल्कि उनके जीवन के साथ एक बड़ा खिलवाड़ है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। अब देखना यह होगा कि इस वीडियो के वायरल होने और छात्रों के हंगामे के बाद स्थानीय प्रशासन और पिछड़ा वर्ग विभाग इस मामले पर क्या संज्ञान लेते हैं और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

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  • सतना जिले के कृपालपुर स्थित 100-सीटर पिछड़ा वर्ग पोस्ट-मैट्रिक बालक छात्रावास से छात्रों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ उन्हें परोसे जा रहे भोजन में कीड़े मिल रहे हैं। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और छात्रों को अस्वास्थ्यकर खाना खाने पर मजबूर किया जा रहा है। सामने आए वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि यह समस्या किसी एक छात्र तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे छात्रावास में छात्रों की थालियों में कीड़े वाला खाना परोसा जा रहा है। यहाँ 'शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना' के तहत 45 दिवसीय प्रशिक्षण ले रहे छात्रों का आरोप है कि उन्हें कीड़े वाली दाल और चावल खाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। छात्रों ने अपनी और अपने साथियों की थालियाँ दिखाते हुए वीडियो के माध्यम से इस प्रशासनिक लापरवाही को उजागर किया और सामूहिक रूप से विरोध दर्ज कराया। छात्रों को इस तरह का अस्वच्छ भोजन परोसना न केवल प्रशासनिक उदासीनता का प्रमाण है, बल्कि उनके जीवन के साथ एक बड़ा खिलवाड़ है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। अब देखना यह होगा कि इस वीडियो के वायरल होने और छात्रों के हंगामे के बाद स्थानीय प्रशासन और पिछड़ा वर्ग विभाग इस मामले पर क्या संज्ञान लेते हैं और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।
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    सतना जिले के कृपालपुर स्थित 100-सीटर पिछड़ा वर्ग पोस्ट-मैट्रिक बालक छात्रावास से छात्रों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ उन्हें परोसे जा रहे भोजन में कीड़े मिल रहे हैं। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और छात्रों को अस्वास्थ्यकर खाना खाने पर मजबूर किया जा रहा है।

सामने आए वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि यह समस्या किसी एक छात्र तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे छात्रावास में छात्रों की थालियों में कीड़े वाला खाना परोसा जा रहा है। यहाँ 'शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना' के तहत 45 दिवसीय प्रशिक्षण ले रहे छात्रों का आरोप है कि उन्हें कीड़े वाली दाल और चावल खाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। छात्रों ने अपनी और अपने साथियों की थालियाँ दिखाते हुए वीडियो के माध्यम से इस प्रशासनिक लापरवाही को उजागर किया और सामूहिक रूप से विरोध दर्ज कराया।

छात्रों को इस तरह का अस्वच्छ भोजन परोसना न केवल प्रशासनिक उदासीनता का प्रमाण है, बल्कि उनके जीवन के साथ एक बड़ा खिलवाड़ है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। अब देखना यह होगा कि इस वीडियो के वायरल होने और छात्रों के हंगामे के बाद स्थानीय प्रशासन और पिछड़ा वर्ग विभाग इस मामले पर क्या संज्ञान लेते हैं और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।
    user_Unchehra news
    Unchehra news
    News Anchor उंचाहरा, सतना, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • मैहर के मड़ई में एक गंभीर सवाल उठाया जा रहा है कि क्या मड़ई के सरपंच द्वारा राजस्व विभाग को नुकसान पहुँचाया जा रहा है।
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    मैहर के मड़ई में एक गंभीर सवाल उठाया जा रहा है कि क्या मड़ई के सरपंच द्वारा राजस्व विभाग को नुकसान पहुँचाया जा रहा है।
    user_Satyanarayan tiwari
    Satyanarayan tiwari
    Local News Reporter मैहर•
    3 hrs ago
  • मैहर कलेक्टर द्वारा गठित टास्क फोर्स ने एक बड़ी कार्यवाही को अंजाम दिया है। इस कार्यवाही के तहत, नियमों के विरुद्ध संचालित किए जा रहे क्रेशरों को सील कर दिया गया है।
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    मैहर कलेक्टर द्वारा गठित टास्क फोर्स ने एक बड़ी कार्यवाही को अंजाम दिया है। इस कार्यवाही के तहत, नियमों के विरुद्ध संचालित किए जा रहे क्रेशरों को सील कर दिया गया है।
    user_Sharda Shrivastava
    Sharda Shrivastava
    पत्रकार मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • मैहर कलेक्टर श्रीमती विदिशा मुखर्जी द्वारा गठित टास्क फोर्स समिति ने 16 जून को तहसील मैहर स्थित पांच स्टोन क्रेशरों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सील कर दिया। जांच के दौरान इन स्टोन क्रेशरों में आवश्यक दस्तावेज नहीं पाए गए, जिसके चलते पर्यावरणीय और खनिज नियमों का उल्लंघन मानते हुए उन पर ताला लगाया गया। समिति ने स्टोन क्रेशरों की पर्यावरणीय अनुमति, वृक्षारोपण की स्थिति, बाउंड्रीवॉल, भंडारित खनिज की मात्रा, स्वीकृत क्षेत्र एवं डायवर्सन की स्थिति, स्प्रिंकलर और पर्यावरण संबंधी उपकरणों की विस्तृत जांच की थी। जिन पांच स्टोन क्रेशरों पर यह कार्रवाई की गई, उनमें जय बजरंग स्टोन क्रेशर तिलोरा, विंध्यवासिनी स्टोन क्रेशर बठिया, मां शारदा स्टोन क्रेशर रेउसा, अन्नपूर्णा स्टोन क्रेशर सिरमीली और साई स्टोन क्रेशर बठिया शामिल हैं। जांच दल में एसडीएम मैहर सुश्री दिव्या पटेल, तहसीलदार मैहर श्री जितेंद्र कुमार, पर्यावरण अधिकारी श्री जी. के. बैगा, महेंद्र सिंह, सहायक खनि अधिकारी आशुतोष मिश्रा के साथ संबंधित राजस्व निरीक्षक और हल्का पटवारी भी शामिल थे। मैहर तहसील में स्टोन क्रेशरों की यह जांच अभी भी जारी है।
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    मैहर कलेक्टर श्रीमती विदिशा मुखर्जी द्वारा गठित टास्क फोर्स समिति ने 16 जून को तहसील मैहर स्थित पांच स्टोन क्रेशरों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सील कर दिया। जांच के दौरान इन स्टोन क्रेशरों में आवश्यक दस्तावेज नहीं पाए गए, जिसके चलते पर्यावरणीय और खनिज नियमों का उल्लंघन मानते हुए उन पर ताला लगाया गया।

समिति ने स्टोन क्रेशरों की पर्यावरणीय अनुमति, वृक्षारोपण की स्थिति, बाउंड्रीवॉल, भंडारित खनिज की मात्रा, स्वीकृत क्षेत्र एवं डायवर्सन की स्थिति, स्प्रिंकलर और पर्यावरण संबंधी उपकरणों की विस्तृत जांच की थी। जिन पांच स्टोन क्रेशरों पर यह कार्रवाई की गई, उनमें जय बजरंग स्टोन क्रेशर तिलोरा, विंध्यवासिनी स्टोन क्रेशर बठिया, मां शारदा स्टोन क्रेशर रेउसा, अन्नपूर्णा स्टोन क्रेशर सिरमीली और साई स्टोन क्रेशर बठिया शामिल हैं।

जांच दल में एसडीएम मैहर सुश्री दिव्या पटेल, तहसीलदार मैहर श्री जितेंद्र कुमार, पर्यावरण अधिकारी श्री जी. के. बैगा, महेंद्र सिंह, सहायक खनि अधिकारी आशुतोष मिश्रा के साथ संबंधित राजस्व निरीक्षक और हल्का पटवारी भी शामिल थे। मैहर तहसील में स्टोन क्रेशरों की यह जांच अभी भी जारी है।
    user_Satyaprakash Media Maihar
    Satyaprakash Media Maihar
    मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के रीवा जिले में एक बेहद चौंकाने वाला और हाईवोल्टेज ड्रामे का मामला सामने आया है, जहाँ एक महिला कॉन्स्टेबल ने अपने रेंजर पति को एक होटल में उसकी प्रेमिका के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया। इस घटना के बाद होटल परिसर से लेकर सड़क तक जमकर हंगामा हुआ, जिसे देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। यह घटना तब हुई जब सतना जिले के बरौंधा सर्किल में पदस्थ वन परिक्षेत्र अधिकारी बृजेंद्र पाण्डेय रीवा के एक होटल में एक युवती के साथ ठहरे हुए थे। अपनी कॉन्स्टेबल पत्नी को इसकी भनक लगते ही वह सीधे रीवा के उस होटल पहुँच गईं, जहाँ रेंजर बृजेंद्र पाण्डेय अपनी प्रेमिका के साथ मौजूद थे। जैसे ही पत्नी ने अपने पति को दूसरी युवती के साथ देखा, उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया। होटल के कमरे और परिसर में ही दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते एक बड़े ड्रामे में बदल गई। हंगामा बढ़ता देख होटल स्टाफ और आसपास के लोग भी मौके पर इकट्ठा हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के मुताबिक, होटल के बाहर विवाद काफी ज्यादा बढ़ गया था। खुद को घिरता देख और बदनामी के डर से रेंजर बृजेंद्र पाण्डेय, अपनी साख की परवाह किए बिना, उस युवती को साथ लेकर मौके पर मौजूद एक डंपर में बैठकर तेजी से फरार हो गए। एक जिम्मेदार सरकारी अधिकारी का इस तरह डंपर में बैठकर भागने का वाकया पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस प्रशासन और वन विभाग के आला अधिकारी इस पूरे मामले पर नज़र बनाए हुए हैं और मामले की जांच की जा रही है।
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    मध्य प्रदेश के रीवा जिले में एक बेहद चौंकाने वाला और हाईवोल्टेज ड्रामे का मामला सामने आया है, जहाँ एक महिला कॉन्स्टेबल ने अपने रेंजर पति को एक होटल में उसकी प्रेमिका के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया। इस घटना के बाद होटल परिसर से लेकर सड़क तक जमकर हंगामा हुआ, जिसे देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।

यह घटना तब हुई जब सतना जिले के बरौंधा सर्किल में पदस्थ वन परिक्षेत्र अधिकारी बृजेंद्र पाण्डेय रीवा के एक होटल में एक युवती के साथ ठहरे हुए थे। अपनी कॉन्स्टेबल पत्नी को इसकी भनक लगते ही वह सीधे रीवा के उस होटल पहुँच गईं, जहाँ रेंजर बृजेंद्र पाण्डेय अपनी प्रेमिका के साथ मौजूद थे।

जैसे ही पत्नी ने अपने पति को दूसरी युवती के साथ देखा, उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया। होटल के कमरे और परिसर में ही दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते एक बड़े ड्रामे में बदल गई। हंगामा बढ़ता देख होटल स्टाफ और आसपास के लोग भी मौके पर इकट्ठा हो गए।

प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के मुताबिक, होटल के बाहर विवाद काफी ज्यादा बढ़ गया था। खुद को घिरता देख और बदनामी के डर से रेंजर बृजेंद्र पाण्डेय, अपनी साख की परवाह किए बिना, उस युवती को साथ लेकर मौके पर मौजूद एक डंपर में बैठकर तेजी से फरार हो गए। एक जिम्मेदार सरकारी अधिकारी का इस तरह डंपर में बैठकर भागने का वाकया पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस प्रशासन और वन विभाग के आला अधिकारी इस पूरे मामले पर नज़र बनाए हुए हैं और मामले की जांच की जा रही है।
    user_MADHYA BHARAT NEWS
    MADHYA BHARAT NEWS
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • सतना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) मझगवां में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ कथित तौर पर 9वीं कक्षा का एक छात्र ओपीडी पर्चियाँ बनाता हुआ दिखाई दे रहा है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह वायरल वीडियो स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है, क्योंकि जिस काउंटर पर प्रशिक्षित कर्मचारी होना चाहिए, वहाँ एक नाबालिग से काम कराया जा रहा था, जो अस्पताल प्रबंधन की घोर लापरवाही दर्शाता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल में व्यवस्थाएँ लंबे समय से भगवान भरोसे चल रही हैं। यदि वीडियो में दिख रहा बालक सच में छात्र है और उससे नियमित रूप से यह काम कराया जा रहा था, तो यह न केवल प्रशासनिक नियमों का उल्लंघन है, बल्कि मरीजों के डेटा और स्वास्थ्य सेवाओं की गोपनीयता के लिए भी गंभीर खतरा है। इस घटना से कई बड़े सवाल उठ रहे हैं: ओपीडी काउंटर पर तैनात कर्मचारी आखिर कहाँ थे? किसके आदेश पर एक छात्र को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई? और क्या अस्पताल प्रबंधन को इस बारे में जानकारी थी या नहीं? वीडियो वायरल होने के बाद, लोगों की निगाहें अब स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों पर टिकी हैं। क्षेत्रवासियों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच करने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। यह घटना केवल एक अस्पताल की लापरवाही का मामला नहीं है, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की निगरानी और कार्यप्रणाली पर भी गहरे सवाल खड़े करती है।
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    सतना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) मझगवां में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ कथित तौर पर 9वीं कक्षा का एक छात्र ओपीडी पर्चियाँ बनाता हुआ दिखाई दे रहा है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह वायरल वीडियो स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है, क्योंकि जिस काउंटर पर प्रशिक्षित कर्मचारी होना चाहिए, वहाँ एक नाबालिग से काम कराया जा रहा था, जो अस्पताल प्रबंधन की घोर लापरवाही दर्शाता है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल में व्यवस्थाएँ लंबे समय से भगवान भरोसे चल रही हैं। यदि वीडियो में दिख रहा बालक सच में छात्र है और उससे नियमित रूप से यह काम कराया जा रहा था, तो यह न केवल प्रशासनिक नियमों का उल्लंघन है, बल्कि मरीजों के डेटा और स्वास्थ्य सेवाओं की गोपनीयता के लिए भी गंभीर खतरा है। इस घटना से कई बड़े सवाल उठ रहे हैं: ओपीडी काउंटर पर तैनात कर्मचारी आखिर कहाँ थे? किसके आदेश पर एक छात्र को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई? और क्या अस्पताल प्रबंधन को इस बारे में जानकारी थी या नहीं?

वीडियो वायरल होने के बाद, लोगों की निगाहें अब स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों पर टिकी हैं। क्षेत्रवासियों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच करने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। यह घटना केवल एक अस्पताल की लापरवाही का मामला नहीं है, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की निगरानी और कार्यप्रणाली पर भी गहरे सवाल खड़े करती है।
    user_पत्रकार अनिल कुशवाहा मैहर MP
    पत्रकार अनिल कुशवाहा मैहर MP
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के सतना जिले के मैहर में भारी भरकम ट्रकों के कारण मैहर से बरही जाने वाले मार्ग और मैहर से सोनवारी रोड पर भीषण लंबा जाम लग गया है। इस गंभीर जाम से आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जाम के बीच एक ट्रक ने चार पहिया वाहन को टक्कर मारकर फरार हो गया। इस पूरी स्थिति से स्थानीय लोग काफी परेशान हैं और वे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
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    मध्य प्रदेश के सतना जिले के मैहर में भारी भरकम ट्रकों के कारण मैहर से बरही जाने वाले मार्ग और मैहर से सोनवारी रोड पर भीषण लंबा जाम लग गया है। इस गंभीर जाम से आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, जाम के बीच एक ट्रक ने चार पहिया वाहन को टक्कर मारकर फरार हो गया। इस पूरी स्थिति से स्थानीय लोग काफी परेशान हैं और वे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
    user_विक्रम रजक
    विक्रम रजक
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • सतना जिले के शासकीय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय (डिग्री कॉलेज) में प्राचार्य के खिलाफ पिछले एक साल से चल रहा विवाद आखिरकार उनके तबादले के साथ समाप्त हो गया है। प्राचार्य पर गंभीर आरोपों और विभिन्न अनियमितताओं को लेकर लंबे समय से लगातार विरोध प्रदर्शन जारी थे। जैसे ही प्राचार्य के स्थानांतरण के आधिकारिक आदेश सामने आए, कॉलेज परिसर का माहौल बदल गया और छात्रों व एनएसयूआई कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। उन्होंने ढोल-नगाड़ों के साथ अपनी खुशी का इजहार किया और कॉलेज परिसर में हाथों में झंडे लेकर नाचते-गाते हुए जमकर अपनी जीत का उत्सव मनाया। विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने इस तबादले को अपनी लंबी लड़ाई की जीत बताया है। अब देखना यह होगा कि नए प्राचार्य के आने के बाद कॉलेज की व्यवस्थाओं में क्या सुधार देखने को मिलते हैं।
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    सतना जिले के शासकीय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय (डिग्री कॉलेज) में प्राचार्य के खिलाफ पिछले एक साल से चल रहा विवाद आखिरकार उनके तबादले के साथ समाप्त हो गया है। प्राचार्य पर गंभीर आरोपों और विभिन्न अनियमितताओं को लेकर लंबे समय से लगातार विरोध प्रदर्शन जारी थे।

जैसे ही प्राचार्य के स्थानांतरण के आधिकारिक आदेश सामने आए, कॉलेज परिसर का माहौल बदल गया और छात्रों व एनएसयूआई कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। उन्होंने ढोल-नगाड़ों के साथ अपनी खुशी का इजहार किया और कॉलेज परिसर में हाथों में झंडे लेकर नाचते-गाते हुए जमकर अपनी जीत का उत्सव मनाया।

विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने इस तबादले को अपनी लंबी लड़ाई की जीत बताया है। अब देखना यह होगा कि नए प्राचार्य के आने के बाद कॉलेज की व्यवस्थाओं में क्या सुधार देखने को मिलते हैं।
    user_Unchehra news
    Unchehra news
    News Anchor उंचाहरा, सतना, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
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