ग्रामीणों के आक्रोश से घिरी पंचायत मानपुर में श्मशान-कब्रिस्तान की भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर प्रधान और सेक्रेटरी के खिलाफ नारेबाजी वोट लेने के बाद झांका तक नहीं प्रधान सेक्रेटरी पर रिश्वत के आरोप विकास फंड के दुरुपयोग का गम्भीर आरोप अधिकारियों का टालमटोल रवैया शिकारपुर : तहसील क्षेत्र के अन्तर्गत आने वाले गांव मानपुर में विकास कार्यों की अनदेखी और सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पति संजीव उर्फ भूरा और ग्राम सेक्रेटरी देवेन्द्र कुमार, के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और प्रशासन के विरोध में जमकर नारेबाजी की सरकारी भूमि पर दबंगों का कब्जा कागजों तक सीमित श्मशान ग्रामीणों का आरोप है कि गांव मानपुर में श्मशान घाट की भूमि आज तक न तो चिन्हित की गई है और न ही उसकी बाउंड्रीवॉल कराई गई है इसके अलावा गांव में स्थित लगभग चार बीघा कब्रिस्तान की सरकारी भूमि पर भी गांव के कुछ दबंगों ने अपने खेतों चकों में मिलाकर अवैध कब्जा कर लिया है ग्रामीणों के अनुसार यह सब ग्राम प्रधान पति संजीव उर्फ भूरा की मिलीभगत से हो रहा है जिससे भू-माफिया बेखौफ होकर सरकारी जमीन का इस्तेमाल कर रहे है ग्रामीणों ने बेहद आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि चुनाव के समय वोट मांगने आए प्रतिनिधि अब गांव की तरफ देखना भी पसंद नहीं करते आरोप है कि ग्राम सेक्रेटरी देवेन्द्र कुमार, एक बार भी गांव मानपुर की स्थिति देखने नहीं आए ग्रामीणों ने तीखा सवाल उठाते हुए कहा क्या सेक्रेटरी साहब को मानपुर से गाड़ी में तेल डलवाने के लिए घूस नहीं मिलती जो वे गांव का दौरा तक नहीं करते बुनियादी सुविधाओं के अभाव में गांव मानपुर के लोग दर-दर की ठोकर खाने को मजबूर है गांव के निवासियों ने आरोप लगाया कि मानपुर के श्मशान घाट के विकास के लिए आए सरकारी फंड का दुरुपयोग किया गया है प्रधान पति ने इस फंड से मानपुर में काम कराने के बजाय अपने खुद के गांव में पहले से बने-बनाये श्मशान घाट को तुड़वाकर दोबारा बनवा दिया ताकि उनका व्यक्तिगत नाम चमके और लोग कहें कि श्मशान घाट भूरा प्रधान ने बनवाया है जब इस पूरे मामले को लेकर मीडिया ने ब्लॉक के सम्बन्धित अधिकारियों से जानकारी चाही तो कोई भी अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया वहीं जब ग्राम प्रधान पति संजीव उर्फ भूरा से फोन पर सम्पर्क कर स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया तो उन्होंने भी कोई ठोस जवाब देने के बजाय बात को टाल दिया बड़ा सवाल क्या मिलेगा मानपुर को हक अब सबसे बड़ा सोचने का विषय और सवाल यह है कि क्या मानपुर के ग्रामीणों को उनके हक की श्मशान व कब्रिस्तान की भूमि चिन्हित होकर चारदीवारी मिलेगी या फिर उच्च अधिकारी गांव में पहुंचकर ग्रामीणों की समस्या सुनेंगे या मानपुर के लोग यूं ही प्रशासनिक अनदेखी का शिकार होते रहेंगे ।
ग्रामीणों के आक्रोश से घिरी पंचायत मानपुर में श्मशान-कब्रिस्तान की भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर प्रधान और सेक्रेटरी के खिलाफ नारेबाजी वोट लेने के बाद झांका तक नहीं प्रधान सेक्रेटरी पर रिश्वत के आरोप विकास फंड के दुरुपयोग का गम्भीर आरोप अधिकारियों का टालमटोल रवैया शिकारपुर : तहसील क्षेत्र के अन्तर्गत आने वाले गांव मानपुर में विकास कार्यों की अनदेखी और सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पति संजीव उर्फ भूरा और ग्राम सेक्रेटरी देवेन्द्र कुमार, के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और प्रशासन के विरोध में जमकर नारेबाजी की सरकारी भूमि पर दबंगों का कब्जा कागजों तक सीमित श्मशान ग्रामीणों का आरोप है कि गांव मानपुर में श्मशान घाट की भूमि आज तक न तो चिन्हित की गई है और न ही उसकी बाउंड्रीवॉल कराई गई है इसके अलावा गांव में स्थित लगभग चार बीघा कब्रिस्तान की सरकारी भूमि पर भी गांव के कुछ दबंगों ने अपने खेतों चकों में मिलाकर अवैध कब्जा कर लिया है ग्रामीणों के अनुसार यह सब ग्राम प्रधान पति संजीव उर्फ भूरा की मिलीभगत से हो रहा है जिससे भू-माफिया बेखौफ होकर सरकारी जमीन का इस्तेमाल कर रहे है ग्रामीणों ने बेहद आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि चुनाव के समय वोट मांगने आए प्रतिनिधि अब गांव की तरफ देखना भी पसंद नहीं करते आरोप है कि ग्राम सेक्रेटरी देवेन्द्र कुमार, एक बार भी गांव मानपुर की स्थिति देखने नहीं आए ग्रामीणों ने तीखा सवाल उठाते हुए कहा क्या सेक्रेटरी साहब को मानपुर से गाड़ी में तेल डलवाने के लिए घूस नहीं मिलती जो वे गांव का दौरा तक नहीं करते बुनियादी सुविधाओं के अभाव में गांव मानपुर के लोग दर-दर की ठोकर खाने को मजबूर है गांव के निवासियों ने आरोप लगाया कि मानपुर के श्मशान घाट के विकास के लिए आए सरकारी फंड का दुरुपयोग किया गया है प्रधान पति ने इस फंड से मानपुर में काम कराने के बजाय अपने खुद के गांव में पहले से बने-बनाये श्मशान घाट को तुड़वाकर दोबारा बनवा दिया ताकि उनका व्यक्तिगत नाम चमके और लोग कहें कि श्मशान घाट भूरा प्रधान ने बनवाया है जब इस पूरे मामले को लेकर मीडिया ने ब्लॉक के सम्बन्धित अधिकारियों से जानकारी चाही तो कोई भी अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया वहीं जब ग्राम प्रधान पति संजीव उर्फ भूरा से फोन पर सम्पर्क कर स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया तो उन्होंने भी कोई ठोस जवाब देने के बजाय बात को टाल दिया बड़ा सवाल क्या मिलेगा मानपुर को हक अब सबसे बड़ा सोचने का विषय और सवाल यह है कि क्या मानपुर के ग्रामीणों को उनके हक की श्मशान व कब्रिस्तान की भूमि चिन्हित होकर चारदीवारी मिलेगी या फिर उच्च अधिकारी गांव में पहुंचकर ग्रामीणों की समस्या सुनेंगे या मानपुर के लोग यूं ही प्रशासनिक अनदेखी का शिकार होते रहेंगे ।
- हत्या के मामले जेल गये युवक का जेल से आने के बाद अवैध हथियार और जिंदा कारतूसों के जखीरे के साथ बदमाशी का डायलॉग लगा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल बुलन्दशहर : के कोतवाली खुर्जा से हत्या के मामले जेल गये युवक का जेल से आने के बाद अवैध हथियार और जिंदा कारतूसों के जखीरे के साथ बदमाशी का डायलॉग लगा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल वायरल वीडियो में युवक ने अपने सामने जिंदा और खोखा कारतूस के जखीरे के साथ 315 बोर का अवैध तमंचा रख कर बनाई है वीडियो तमंचे और कारतूस के साथ वायरल वीडियो दिख रहा युवक का नाम बताया जा रहा यश सोलंकी 22 अप्रैल 2025 को यश सोलंकी पर अपने सात साथियों के साथ मिलकर खुर्जा के चमन विहार निवासी अनुज चौधरी हत्या के आरोप में जेल जा चुका है यश सोलंकी शस्त्र सीमा बल फोर्स में तैनात मृतक अनुज के भाई अरुण ने सोशल मीडिया प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ से आरोपी के खिलाफ कार्यवाही और परिवार को सुरक्षा की उठाई है मांग वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में मचा है हड़कम्प ।1
- बुलंदशहर: सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बरम शर्मा को जान से मारने और फर्जी मुकदमे में फंसाने की मिल रही धमकी, एसएसपी ऑफिस पहुंचकर की सख्त कार्रवाई की मांग फर्जी मुकदमे और धमकी का शिकार: बुलंदशहर के जाने-माने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बरम शर्मा को इंस्टाग्राम और फेसबुक पर लगातार धमकियां मिल रही हैं। गोलीकांड से जबरन नाम जोड़ने की साजिश: आरोप है कि हाल ही में एक होटल में हुए गोलीकांड से उनका नाम जोड़ने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी जा रही है, जबकि इस घटना से उनका दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है। अस्पताल में होने के पुख्ता सबूत: घटना के समय बरम शर्मा नोएडा के प्रसिद्ध फोर्टिस अस्पताल (Fortis Hospital) में अपना इलाज करवा रहे थे। फर्जी अकाउंट का इस्तेमाल: सोशल मीडिया पर फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाकर धमकियां देकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है और बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। एसएसपी ऑफिस में गुहार: लगातार मिल रही धमकियों और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर बरम शर्मा ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है और फर्जी अकाउंट चलाने वाले आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।1
- सिकंदराबाद: गांगरोल हॉल्ट और खानपुर को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग बना तालाब चार पांच गांवों के लोग जान जोखिम में डालने को मजबूर सिकंदराबाद (बुलंदशहर) तहसील क्षेत्र के अंतर्गत गांव खानपुर कादरपुर से खानपुर की ओर जाने वाला मुख्य संपर्क मार्ग बदहाली के आंसू रो रहा है। यह मार्ग स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ गांगरोल हॉल्ट रेलवे स्टेशन तक पहुंचने का एक प्रमुख रास्ता है, जिससे रोजाना 4 से 5 गांवों के ग्रामीणों, किसानों और दैनिक यात्रियों की आवाजाही होती है। वर्तमान में यह पूरा खड़ंजा मार्ग जलभराव और भारी कीचड़ की वजह से तालाब का रूप ले चुका है। रास्ते पर लंबे समय से जमा गंदे पानी और हरी काई की वजह से ईंटें उखड़ चुकी हैं और फिसलन बेहद बढ़ गई है। आलम यह है कि यहां से पैदल निकलना भी खतरे से खाली नहीं है। दैनिक नौकरीपेशा यात्री बेहाल: इस क्षेत्र के सैकड़ों लोग रोजी-रोटी के लिए रोजाना गांगरोल रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़कर दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा अपनी ड्यूटी पर जाते हैं। रास्ते में भरे घुटने तक पानी और दलदल के कारण कपड़े गंदे हो जाते हैं और कई बार कीचड़ में फंसने से उनकी ट्रेन छूट जाती है, जिससे ड्यूटी पर गैरहाजिरी या देरी का सामना करना पड़ता है। ट्रेन पकड़ने वाले आम यात्री परेशान: गांगरोल हॉल्ट स्टेशन जाने वाले यात्रियों को गंदे पानी और गहरे गड्ढों से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है। किसानों और छात्रों की मुसीबत: चारा और फसल लेकर निकलने वाली ट्रैक्टर-ट्रॉली, भैंसा बुग्गी और दोपहिया वाहन अक्सर इस कीचड़ में फंस रहे हैं। स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चे रोजाना फिसलकर चोटिल होने के डर से जूझते हैं। बीमारी का खतरा: रास्ते पर कई हफ्तों से सड़े हुए पानी और काई के कारण मच्छरों का भारी प्रकोप है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ गई है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग कई गांवों की जीवनरेखा है और दिल्ली-एनसीआर में नौकरी करने वालों का मुख्य जरिया है। इसके बावजूद प्रशासनिक अनदेखी और ग्राम पंचायत की लापरवाही के चलते आज तक इसकी पक्की मरम्मत या जल निकासी का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क का निर्माण कराकर जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।1
- शादी समारोह में दूल्हे के फायरिंग करने का वीडियो वायरल, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा बुलन्दशहर। खुर्जा नगर क्षेत्र में शादी समारोह के दौरान दूल्हे की वेशभूषा में एक व्यक्ति द्वारा फायरिंग किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति फायरिंग करता दिखाई दे रहा है। पुलिस जांच में उसकी पहचान शादाब पुत्र सफीक, निवासी मोहल्ला तरीनान, थाना खुर्जा नगर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार वायरल वीडियो में दिखाई दे रही फायरिंग वर्ष 2022 में शादाब की शादी के दौरान की गई थी। मामले में थाना खुर्जा नगर पुलिस द्वारा अभियोग पंजीकृत किया जा रहा है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।1
- बुलंदशहर। औरंगाबाद से जहांगीराबाद मार्ग पर कथित रूप से अवैध खनन का मामला सामने आया है। आरोप है कि खनन में लगे लोगों को न तो कानून का डर है और न ही प्रशासनिक व्यवस्था की कोई चिंता। खनन माफिया बेखौफ! न कानून का डर, न व्यवस्था की परवाह औरंगाबाद से जहांगीराबाद मार्ग पर कथित रूप से चल रहा अवैध खनन, वीडियो में ट्रैक्टर चालक ने बताया अपना नाम कलवा बुलंदशहर। औरंगाबाद से जहांगीराबाद मार्ग पर कथित रूप से अवैध खनन का मामला सामने आया है। आरोप है कि खनन में लगे लोगों को न तो कानून का डर है और न ही प्रशासनिक व्यवस्था की कोई चिंता। सामने आए वीडियो में मिट्टी से भरा ट्रैक्टर दिखाई दे रहा है। वीडियो में ट्रैक्टर चालक अपना नाम कलवा बताता है। मामले में यह भी जानकारी सामने आई है कि मिट्टी उठाने और खुदाई का ठेका लेने वाले ठेकेदार के माध्यम से यहां मिट्टी का कार्य किया जा रहा था। अब सवाल यह है कि यदि यह खनन बिना आवश्यक अनुमति के किया जा रहा था तो संबंधित विभाग और प्रशासन को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई? आखिर खुलेआम मिट्टी का उठान कैसे किया जा रहा था और इसकी निगरानी करने वाले जिम्मेदार अधिकारी कहां हैं? स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक अनुमति, ठेके और खनन से संबंधित दस्तावेजों की जांच कराने तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। नोट: वीडियो और सामने आए तथ्यों के आधार पर मामले की जांच संबंधित प्रशासनिक एवं खनन विभाग द्वारा किया जाना आवश्यक है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।1
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- सिकंदराबाद: गांगरोल हॉल्ट और खानपुर को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग बना तालाब, चार-पांच गांवों के लोग जान जोखिम में डालने को मजबूर सिकंदराबाद: गांगरोल हॉल्ट और खानपुर को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग बना तालाब, चार-पांच गांवों के लोग जान जोखिम में डालने को मजबूर सिकंदराबाद (बुलंदशहर): तहसील क्षेत्र के अंतर्गत गांव खानपुर कादरपुर से खानपुर की ओर जाने वाला मुख्य संपर्क मार्ग बदहाली के आंसू रो रहा है। यह मार्ग स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ गांगरोल हॉल्ट रेलवे स्टेशन तक पहुंचने का एक प्रमुख रास्ता है, जिससे रोजाना 4 से 5 गांवों के ग्रामीणों, किसानों और दैनिक यात्रियों की आवाजाही होती है। वर्तमान में यह पूरा खड़ंजा मार्ग जलभराव और भारी कीचड़ की वजह से तालाब का रूप ले चुका है। रास्ते पर लंबे समय से जमा गंदे पानी और हरी काई की वजह से ईंटें उखड़ चुकी हैं और फिसलन बेहद बढ़ गई है। आलम यह है कि यहां से पैदल निकलना भी खतरे से खाली नहीं है। प्रमुख समस्याएं: दैनिक नौकरीपेशा यात्री बेहाल: इस क्षेत्र के सैकड़ों लोग रोजी-रोटी के लिए रोजाना गांगरोल रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़कर दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा अपनी ड्यूटी पर जाते हैं। रास्ते में भरे घुटने तक पानी और दलदल के कारण कपड़े गंदे हो जाते हैं और कई बार कीचड़ में फंसने से उनकी ट्रेन छूट जाती है, जिससे ड्यूटी पर गैरहाजिरी या देरी का सामना करना पड़ता है। ट्रेन पकड़ने वाले आम यात्री परेशान: गांगरोल हॉल्ट स्टेशन जाने वाले यात्रियों को गंदे पानी और गहरे गड्ढों से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है। किसानों और छात्रों की मुसीबत: चारा और फसल लेकर निकलने वाली ट्रैक्टर-ट्रॉली, भैंसा बुग्गी और दोपहिया वाहन अक्सर इस कीचड़ में फंस रहे हैं। स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चे रोजाना फिसलकर चोटिल होने के डर से जूझते हैं। बीमारी का खतरा: रास्ते पर कई हफ्तों से सड़े हुए पानी और काई के कारण मच्छरों का भारी प्रकोप है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ गई है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग कई गांवों की जीवनरेखा है और दिल्ली-एनसीआर में नौकरी करने वालों का मुख्य जरिया है। इसके बावजूद प्रशासनिक अनदेखी और ग्राम पंचायत की लापरवाही के चलते आज तक इसकी पक्की मरम्मत या जल निकासी का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क का निर्माण कराकर जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।4
- ग्रामीणों के आक्रोश से घिरी पंचायत मानपुर में श्मशान-कब्रिस्तान की भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर प्रधान और सेक्रेटरी के खिलाफ नारेबाजी वोट लेने के बाद झांका तक नहीं प्रधान सेक्रेटरी पर रिश्वत के आरोप विकास फंड के दुरुपयोग का गम्भीर आरोप अधिकारियों का टालमटोल रवैया शिकारपुर : तहसील क्षेत्र के अन्तर्गत आने वाले गांव मानपुर में विकास कार्यों की अनदेखी और सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पति संजीव उर्फ भूरा और ग्राम सेक्रेटरी देवेन्द्र कुमार, के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और प्रशासन के विरोध में जमकर नारेबाजी की सरकारी भूमि पर दबंगों का कब्जा कागजों तक सीमित श्मशान ग्रामीणों का आरोप है कि गांव मानपुर में श्मशान घाट की भूमि आज तक न तो चिन्हित की गई है और न ही उसकी बाउंड्रीवॉल कराई गई है इसके अलावा गांव में स्थित लगभग चार बीघा कब्रिस्तान की सरकारी भूमि पर भी गांव के कुछ दबंगों ने अपने खेतों चकों में मिलाकर अवैध कब्जा कर लिया है ग्रामीणों के अनुसार यह सब ग्राम प्रधान पति संजीव उर्फ भूरा की मिलीभगत से हो रहा है जिससे भू-माफिया बेखौफ होकर सरकारी जमीन का इस्तेमाल कर रहे है ग्रामीणों ने बेहद आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि चुनाव के समय वोट मांगने आए प्रतिनिधि अब गांव की तरफ देखना भी पसंद नहीं करते आरोप है कि ग्राम सेक्रेटरी देवेन्द्र कुमार, एक बार भी गांव मानपुर की स्थिति देखने नहीं आए ग्रामीणों ने तीखा सवाल उठाते हुए कहा क्या सेक्रेटरी साहब को मानपुर से गाड़ी में तेल डलवाने के लिए घूस नहीं मिलती जो वे गांव का दौरा तक नहीं करते बुनियादी सुविधाओं के अभाव में गांव मानपुर के लोग दर-दर की ठोकर खाने को मजबूर है गांव के निवासियों ने आरोप लगाया कि मानपुर के श्मशान घाट के विकास के लिए आए सरकारी फंड का दुरुपयोग किया गया है प्रधान पति ने इस फंड से मानपुर में काम कराने के बजाय अपने खुद के गांव में पहले से बने-बनाये श्मशान घाट को तुड़वाकर दोबारा बनवा दिया ताकि उनका व्यक्तिगत नाम चमके और लोग कहें कि श्मशान घाट भूरा प्रधान ने बनवाया है जब इस पूरे मामले को लेकर मीडिया ने ब्लॉक के सम्बन्धित अधिकारियों से जानकारी चाही तो कोई भी अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया वहीं जब ग्राम प्रधान पति संजीव उर्फ भूरा से फोन पर सम्पर्क कर स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया तो उन्होंने भी कोई ठोस जवाब देने के बजाय बात को टाल दिया बड़ा सवाल क्या मिलेगा मानपुर को हक अब सबसे बड़ा सोचने का विषय और सवाल यह है कि क्या मानपुर के ग्रामीणों को उनके हक की श्मशान व कब्रिस्तान की भूमि चिन्हित होकर चारदीवारी मिलेगी या फिर उच्च अधिकारी गांव में पहुंचकर ग्रामीणों की समस्या सुनेंगे या मानपुर के लोग यूं ही प्रशासनिक अनदेखी का शिकार होते रहेंगे ।1