गया जिले के टिकारी प्रखंड के दिघौरा पंचायत में मुखिया और कर्मचारियों द्वारा ₹45 लाख की अवैध निकासी का मामला सामने आया है, जिसमें सरकारी राशि के गबन और भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हुआ है।घोटाले से जुड़ी मुख्य बातेंस्थान: टिकारी प्रखंड, दिघौरा पंचायत (गया जिला, बिहार)।राशि: ₹45 लाख की अवैध निकासी।शामिल पक्ष: पंचायत के मुखिया और संबंधित सरकारी कर्मचारी।मामला: जनता के विकास और जनहित के लिए मिलने वाले सरकारी पैसों का दुरुपयोग और फर्जीवाड़े के जरिए अवैध निकासी। गया जिले के टिकारी प्रखंड के दिघौरा पंचायत में मुखिया और कर्मचारियों द्वारा ₹45 लाख की अवैध निकासी का मामला सामने आया है, जिसमें सरकारी राशि के गबन और भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हुआ है।घोटाले से जुड़ी मुख्य बातेंस्थान: टिकारी प्रखंड, दिघौरा पंचायत (गया जिला, बिहार)।राशि: ₹45 लाख की अवैध निकासी।शामिल पक्ष: पंचायत के मुखिया और संबंधित सरकारी कर्मचारी।मामला: जनता के विकास और जनहित के लिए मिलने वाले सरकारी पैसों का दुरुपयोग और फर्जीवाड़े के जरिए अवैध निकासी।
गया जिले के टिकारी प्रखंड के दिघौरा पंचायत में मुखिया और कर्मचारियों द्वारा ₹45 लाख की अवैध निकासी का मामला सामने आया है, जिसमें सरकारी राशि के गबन और भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हुआ है।घोटाले से जुड़ी मुख्य बातेंस्थान: टिकारी प्रखंड, दिघौरा पंचायत (गया जिला, बिहार)।राशि: ₹45 लाख की अवैध निकासी।शामिल पक्ष: पंचायत के मुखिया और संबंधित सरकारी कर्मचारी।मामला: जनता के विकास और जनहित के लिए मिलने वाले सरकारी पैसों का दुरुपयोग और फर्जीवाड़े के जरिए अवैध निकासी। गया जिले के टिकारी प्रखंड के दिघौरा पंचायत में मुखिया और कर्मचारियों द्वारा ₹45 लाख की अवैध निकासी का मामला सामने आया है, जिसमें सरकारी राशि के गबन और भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हुआ है।घोटाले से जुड़ी मुख्य बातेंस्थान: टिकारी प्रखंड, दिघौरा पंचायत (गया जिला, बिहार)।राशि: ₹45 लाख की अवैध निकासी।शामिल पक्ष: पंचायत के मुखिया और संबंधित सरकारी कर्मचारी।मामला: जनता के विकास और जनहित के लिए मिलने वाले सरकारी पैसों का दुरुपयोग और फर्जीवाड़े के जरिए अवैध निकासी।
- सशक्त स्थायी समिति सदस्य ने विधानसभा अध्यक्ष के जन्मदिन पर बधाई दी गया जी। विधानसभा अध्यक्ष बिहार सरकार सह नगर विधायक गया जी डॉ प्रेम कुमार जी का 71 जन्म दिन का बहुत बहुत शुभकामनाएं देते हुए नगर निगम सशक्त स्थायी समिति सदस्य सारिका वर्मा ,बिंदु,नीशू कुमारी, खुशबु कुमारी, आशा देवी ने केक काटकर विधानसभा अध्यक्ष को बधाई शुभकामनाए दी उनकी लम्बी उम्र की भावना कामना किए हैं।1
- क्या गया में नहीं मानते एडीजी ट्रैफिक का आदेश? आदेश ऊपर, कार्रवाई नीचे! एडीजी ट्रैफिक के निर्देशों के बावजूद गया में सिपाहियों के हाथों चालान? #Gaya #BodhGaya #TrafficPolice #ADGTraffic #TrafficChallan #BiharPolice #GayaNews #BiharNews #TrafficRules #HelmetChecking #RoadSafety #ViralVideo #BreakingNews #HindiNews #NewsReel #viralchallenge1
- बिहार मे गन्ना उद्योग को नई दिशा देने के लिए आज पटना स्थित विकास भवन से एक अहम पहल की शुरुआत बिहार के गन्ना उद्योग को नई दिशा देने के लिए आज पटना स्थित विकास भवन से एक अहम पहल की शुरुआत हुई। गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने SIPP पोर्टल का औपचारिक उद्घाटन किया। राज्य सरकार ने इस पोर्टल को गन्ना आधारित उद्योगों में निवेश को सरल बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किया है। लॉन्च के समय विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और गन्ना क्षेत्र से जुड़े उद्यमी भी मौजूद रहे। मंत्री संजय कुमार ने कहा कि लंबे समय से निवेशकों की सबसे बड़ी शिकायत यही रही है कि प्रक्रियाएं जटिल हैं और जानकारी बिखरी हुई मिलती है। SIPP पोर्टल इसी समस्या का समाधान है। अब कोई भी निवेशक घर बैठे पोर्टल पर जाकर यह देख सकेगा कि गन्ना आधारित उद्योग लगाने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए, कहां आवेदन करना है, कितनी सब्सिडी मिलेगी और किस विभाग से अनुमति लेनी होगी। सारी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी जिससे समय की बचत होगी और पारदर्शिता भी बढ़ेगी। मंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि बिहार को चीनी, इथेनॉल और शीरा आधारित उत्पादों का हब बनाया जाए। इस पोर्टल की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह एकल खिड़की प्रणाली की तरह काम करेगा। पहले निवेशक को राजस्व, उद्योग, प्रदूषण नियंत्रण और श्रम विभाग के अलग-अलग चक्कर लगाने पड़ते थे। अब SIPP पर रजिस्ट्रेशन के बाद आवेदन सीधे संबंधित विभागों तक पहुंच जाएगा और उसकी स्थिति भी निवेशक ट्रैक कर सकेगा। साथ ही पोर्टल पर गन्ना उत्पादन वाले जिलों का नक्शा, कच्चे माल की उपलब्धता, बाजार की मांग और सरकारी योजनाओं की पूरी जानकारी दी गई है। इससे नए उद्यमियों को निर्णय लेने में मदद मिलेगी। मंत्री संजय कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि बिहार गन्ना उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में है लेकिन अब तक मूल्य संवर्धन की कमी के कारण किसानों को पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा था। SIPP के जरिए जब नए उद्योग लगेंगे तो किसानों को उनकी फसल का बेहतर दाम मिलेगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। चीनी मिलों के अलावा इथेनॉल प्लांट, को-जेनरेशन, बायो फर्टिलाइजर और पैकेजिंग इकाइयों में निवेश को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे न केवल कृषि आधारित अर्थव्यवस्था मजबूत होगी बल्कि पलायन की समस्या पर भी कुछ हद तक नियंत्रण लगेगा। सरकार का मानना है कि युवा उद्यमियों के लिए यह पोर्टल एक बड़ा अवसर है। पोर्टल पर स्टार्टअप के लिए विशेष सेक्शन बनाया गया है जहां कम पूंजी में शुरू होने वाले लघु उद्योगों की जानकारी और वित्तीय सहायता के विकल्प दिए गए हैं। विभाग ने यह भी तय किया है कि हर आवेदन का निपटारा तय समय सीमा में किया जाएगा ताकि निवेशकों को अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े। SIPP पोर्टल के लॉन्च को गन्ना किसान और उद्योग जगत दोनों ने सराहा है। लोगों का कहना है कि अगर इसे जमीनी स्तर पर सही तरीके से लागू किया गया तो बिहार में गन्ना आधारित उद्योगों का नया दौर शुरू हो सकता है।1
- विश्व स्तनपान दिवस पर कोकरसा पंचायत भवन में मुखिया के अध्यक्षता में जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन विश्व स्तनपान दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन विश्व स्तनपान दिवस के अवसर पर स्तनपान के महत्वको लेकर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन कोकरसा पंचायत भवन में मुखिया राधा देवी के अध्यक्षता में बुधवार को किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) स्नेहलता कुमारी द्वारा किया गया। इस अवसर पर आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी सेविका, जीविका , वार्ड सदस्य लेडि सुपरवाइजर एएनएम, गर्भवती एवं धात्री माताओं सहित ग्रामीण महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम की शुरुआत में CHO ने सभी उपस्थित लोगों का स्वागत करते हुए विश्व स्तनपान दिवस के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि माँ का दूध शिशु के लिए सर्वोत्तम, सुरक्षित एवं संपूर्ण आहार है। जन्म के पहले एक घंटे के भीतर स्तनपान शुरू करने तथा जन्म से छह माह तक केवल माँ का दूध पिलाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया। उन्होंने बताया कि छह माह तक शिशु को पानी, शहद, घुट्टी या अन्य कोई भी खाद्य पदार्थ देने की आवश्यकता नहीं होती।मुखिया जी राधा देवी ने बताया कि स्तनपान से शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, जिससे दस्त, निमोनिया तथा अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। साथ ही, शिशु का शारीरिक एवं मानसिक विकास बेहतर होता है। उन्होंने यह भी बताया कि स्तनपान केवल शिशु के लिए ही नहीं बल्कि माँ के स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। सुपवाइजर सीमा कुमारी ने अपने संबोधन में कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण की शुरुआत स्वस्थ माँ और स्वस्थ शिशु से ही होती है। उन्होंने सभी परिवारों से अपील की कि वे स्तनपान को बढ़ावा दें, माताओं का सहयोग करें तथा स्तनपान से जुड़े किसी भी भ्रम या अंधविश्वास पर विश्वास न करें।1
- बधार में वज्रपात से 13 वर्षीय किशोरी की मौत, क्षेत्र में शोक बधार में वज्रपात से 13 वर्षीय किशोरी की मौत, क्षेत्र में शोक गया मोहनपुर। सिंदुगढ़ थाना क्षेत्र के खाप गांव में बुधवार को वज्रपात की चपेट में आने से 13 वर्षीय किशोरी की दर्दनाक मौत हो गई। मृतका की पहचान खाप निवासी अशोक साव की पुत्री सुहानी कुमारी (उम्र करीब 13 वर्ष) के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जानकारी के अनुसार, सुहानी कुमारी गांव के बधार में जानवर चरा रही थी। इसी दौरान मौसम अचानक खराब हो गया और तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिर गई। वज्रपात की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से झुलस गई। आसपास के ग्रामीण और परिजन उसे बचाने के लिए मौके पर पहुंचे, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही सिंदुगढ़ थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं, घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश और वज्रपात के दौरान खुले खेतों, पेड़ों और अन्य असुरक्षित स्थानों पर जाने से बचें तथा सुरक्षित स्थान पर शरण लें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।1
- गया जिले के टिकारी प्रखंड के दिघौरा पंचायत में मुखिया और कर्मचारियों द्वारा ₹45 लाख की अवैध निकासी का मामला सामने आया है, जिसमें सरकारी राशि के गबन और भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हुआ है।घोटाले से जुड़ी मुख्य बातेंस्थान: टिकारी प्रखंड, दिघौरा पंचायत (गया जिला, बिहार)।राशि: ₹45 लाख की अवैध निकासी।शामिल पक्ष: पंचायत के मुखिया और संबंधित सरकारी कर्मचारी।मामला: जनता के विकास और जनहित के लिए मिलने वाले सरकारी पैसों का दुरुपयोग और फर्जीवाड़े के जरिए अवैध निकासी। गया जिले के टिकारी प्रखंड के दिघौरा पंचायत में मुखिया और कर्मचारियों द्वारा ₹45 लाख की अवैध निकासी का मामला सामने आया है, जिसमें सरकारी राशि के गबन और भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हुआ है।घोटाले से जुड़ी मुख्य बातेंस्थान: टिकारी प्रखंड, दिघौरा पंचायत (गया जिला, बिहार)।राशि: ₹45 लाख की अवैध निकासी।शामिल पक्ष: पंचायत के मुखिया और संबंधित सरकारी कर्मचारी।मामला: जनता के विकास और जनहित के लिए मिलने वाले सरकारी पैसों का दुरुपयोग और फर्जीवाड़े के जरिए अवैध निकासी।1
- मगध विश्वविद्यालय में स्तन स्व-परीक्षण पर स्वास्थ्य वार्ता आयोजित स्तन कैंसर से बचाव के लिए जागरूकता और समय पर जांच बेहद जरूरी : डॉ. विनीता बोधगया,।मगध विश्वविद्यालय, बोधगया के स्नातकोत्तर गृह विज्ञान विभाग द्वारा मेदांता हॉस्पिटल, पटना एवं मगध विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को “स्तन स्व-परीक्षण” विषय पर स्वास्थ्य वार्ता का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विश्व स्तनपान सप्ताह 2026 के अंतर्गत आयोजित गतिविधियों की श्रृंखला में किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को स्तन स्वास्थ्य, स्तन कैंसर के प्रारंभिक लक्षणों, बचाव तथा समय रहते जांच के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में मेदांता हॉस्पिटल, पटना की स्तन कैंसर विशेषज्ञ डॉ. विनीता ने विशेषज्ञ वक्ता के रूप में भाग लिया। उन्होंने स्तन कैंसर के कारणों, संभावित जोखिम कारकों, प्रारंभिक लक्षणों, बचाव तथा जांच से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां विस्तारपूर्वक साझा कीं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने स्वास्थ्य एवं शरीर में होने वाले परिवर्तनों के प्रति सजग रहना चाहिए। समय रहते किसी असामान्य परिवर्तन की पहचान और चिकित्सकीय परामर्श से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव की संभावना बढ़ जाती है। डॉ. विनीता ने स्तन स्व-परीक्षण की आवश्यकता, महत्व और सही तरीके के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई है। उन्होंने बताया कि स्तन में गांठ, आकार में असामान्य परिवर्तन, त्वचा में बदलाव अथवा किसी अन्य असामान्य लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में बिना किसी संकोच के विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेकर आवश्यक जांच करानी चाहिए। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि स्तन कैंसर के प्रति भय उत्पन्न करने के बजाय महिलाओं और युवतियों तक सही, वैज्ञानिक और प्रमाणिक जानकारी पहुंचाना आवश्यक है। स्वास्थ्य वार्ता में मगध विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षकगण एवं कर्मचारीगण ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया है। स्नातकोत्तर गृह विज्ञान विभाग के सभी शिक्षकगण एवं कर्मचारीगण के साथ बड़ी संख्या में छात्राएं कार्यक्रम में उपस्थित रहीं। प्रतिभागियों ने स्तन कैंसर की प्रारंभिक पहचान, रोकथाम तथा महिला स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की है। इस कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा प्रश्नोत्तर सत्र रहा है। इसमें छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए स्तन कैंसर के कारणों, लक्षणों, स्तन स्व-परीक्षण, जांच, उपचार, बचाव तथा महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे है। डॉ. विनीता ने छात्राओं द्वारा पूछे गए प्रश्नों का विस्तारपूर्वक उत्तर दिया तथा उनकी जिज्ञासाओं का सरल और वैज्ञानिक ढंग से समाधान किया। उन्होंने छात्राओं को स्वयं जागरूक रहने के साथ-साथ अपने परिवार एवं समाज की अन्य महिलाओं को भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया। इस स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम के सफल आयोजन में मेदांता हॉस्पिटल के शिशुपाल, आशीष पांडे, महिपाल एवं हर्मन का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम के आयोजन, समन्वय एवं सफल संचालन में उनके सहयोग की सराहना की गई है। विश्व स्तनपान सप्ताह के संदर्भ में कार्यक्रम के माध्यम से महिला स्वास्थ्य, मातृ स्वास्थ्य और स्वस्थ परिवार के निर्माण में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया है। यह संदेश दिया गया कि स्वस्थ महिला ही स्वस्थ परिवार और सशक्त समाज की मजबूत आधारशिला है। महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी उपलब्ध कराना और उन्हें स्वयं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना समाज के समग्र स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। इस कार्यक्रम में “जागरूकता स्वस्थ एवं सशक्त जीवन की पहली सीढ़ी है” तथा “समय पर पहचान जीवन बचा सकती है” का संदेश प्रमुखता से दिया गया। छात्राओं को बताया गया कि स्वास्थ्य संबंधी किसी भी असामान्य संकेत को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए। स्नातकोत्तर गृह विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित इस स्वास्थ्य वार्ता के माध्यम से छात्राओं के साथ-साथ विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं कर्मचारियों में भी स्तन कैंसर और महिला स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया है। इस कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों ने इस पहल को उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी महिला स्वास्थ्य से संबंधित ऐसे जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया है।4
- कार्यपालक पदाधिकारी विमल अग्रवाल को इंसाफ दिलाने के लिए निकाला गया कैंडल मार्च ! शेरघाटी वासियों ने कहा हत्यारों की गिरफ्तारी जल्द से जल्द हो !1