चौथ का बरवाड़ा के ग्राम कुस्तला में गहराते पेयजल संकट से ग्रामीणों का धैर्य जवाब देने लगा है। स्थिति यह है कि महिलाओं को प्रतिदिन सिर पर मटके रखकर दूर-दराज से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है। दो दिन पहले, पानी की भीषण समस्या से त्रस्त महिलाओं ने पानी की टंकी पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद जलदाय विभाग ने बेहतर जलापूर्ति का आश्वासन दिया था। हालांकि, इस आश्वासन के बावजूद गाँव में अब तक हालात नहीं सुधरे हैं। गाँव के मुख्य बाजार, शिव विहार कॉलोनी, आदर्श कॉलोनी, जाट मोहल्ला और कोली मोहल्ला सहित कई क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति प्रभावित है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग लीकेज ठीक करने और व्यवस्था सुधारने के बड़े-बड़े दावे कर रहा है, जबकि ज़मीनी स्तर पर पानी की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है और कोई सुधार देखने को नहीं मिला है। महिलाओं ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि पानी की कमी के चलते उनके घर-गृहस्थी के काम बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं और उन्हें घंटों तक पानी की तलाश में भटकना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस गंभीर मुद्दे का तत्काल समाधान करने की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि समस्या का निराकरण नहीं किया गया, तो वे एक बार फिर बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।
चौथ का बरवाड़ा के ग्राम कुस्तला में गहराते पेयजल संकट से ग्रामीणों का धैर्य जवाब देने लगा है। स्थिति यह है कि महिलाओं को प्रतिदिन सिर पर मटके रखकर दूर-दराज से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है। दो दिन पहले, पानी की भीषण समस्या से त्रस्त महिलाओं ने पानी की टंकी पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद जलदाय विभाग ने बेहतर जलापूर्ति का आश्वासन दिया था। हालांकि, इस आश्वासन के बावजूद गाँव में अब तक हालात नहीं सुधरे हैं। गाँव के मुख्य बाजार, शिव विहार कॉलोनी, आदर्श कॉलोनी, जाट मोहल्ला और कोली मोहल्ला सहित कई क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति प्रभावित है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग लीकेज ठीक करने और व्यवस्था सुधारने के बड़े-बड़े दावे कर रहा है, जबकि ज़मीनी स्तर पर पानी की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है और कोई सुधार देखने को नहीं मिला है। महिलाओं ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि पानी की कमी के चलते उनके घर-गृहस्थी के काम बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं और उन्हें घंटों तक पानी की तलाश में भटकना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस गंभीर मुद्दे का तत्काल समाधान करने की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि समस्या का निराकरण नहीं किया गया, तो वे एक बार फिर बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।
- राजस्थान के चौथ का बरवाड़ा स्थित बासड़ा गांव में एक पैंथर 80 फीट गहरे कुएं में गिर गया। इस घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना दी।1
- सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र के बासड़ा गांव में एक तेंदुआ कुएं में गिर गया, जिसकी जानकारी गांव की महिलाओं ने दी। महिलाओं ने पहले जंगली जानवर की आवाज सुनी और फिर गांव वालों को इसकी सूचना दी, जिसके बाद कुएं में देखने पर तेंदुआ दिखाई दिया। घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। टीम ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद तेंदुए को कुएं से सुरक्षित बाहर निकाला और उसे जंगल में छोड़ दिया।1
- पूरे राजस्थान में आज, 2 जुलाई से 15 दिवसीय विशेष हेलमेट जागरूकता एवं प्रवर्तन अभियान शुरू हो गया है। यह अभियान 16 जुलाई तक चलेगा, जिसके तहत अब सिर्फ बाइक चलाने वाले ही नहीं, बल्कि पीछे बैठने वाले व्यक्ति के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। इस अभियान के दौरान हेलमेट नियमों का पालन न करने वालों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। यह जानकारी एक वीडियो के माध्यम से दी गई है, जिसमें अभियान से संबंधित सभी महत्वपूर्ण विवरण शामिल हैं।1
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन और राज्य सरकार की सकारात्मक पहल के बाद करौली जिले के पांचना बांध के पानी के वितरण को लेकर चला आ रहा 20 वर्ष पुराना विवाद आखिरकार सुलझ गया है। जयपुर के शिक्षा संकुल में ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम की उपस्थिति में दोनों पक्षों के बीच एक लिखित समझौता संपन्न हुआ, जिसमें सभी जनप्रतिनिधियों और संबंधित पक्षों ने जनहित को प्राथमिकता देते हुए सौहार्दपूर्ण वातावरण में सहमति बनाई। यह उल्लेखनीय है कि 2100 एमसीएफटी क्षमता के पांचना बांध से लगभग 10,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होती है, लेकिन वर्ष 2006 से बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी का प्रवाह बाधित था। गुडला सहित क्षेत्र के 21 राजस्व गांव लगातार यह मांग कर रहे थे कि नहरों में पानी छोड़ने की अनुमति तभी दी जाए जब उन्हें लिफ्ट सिंचाई परियोजना के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वर्ष 2026-27 के बजट में गुडला क्षेत्र के इन 21 राजस्व गांवों को लिफ्ट सिंचाई स्कीम से पानी दिए जाने की घोषणा की थी, जिससे विवाद समाधान की दिशा में सकारात्मक माहौल बना। इस घोषणा के बाद नहरों की मरम्मत के लिए 11.50 करोड़ रुपए की लागत से कार्य प्रारंभ किया गया, जो अब समाप्ति की ओर है, और जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने इस योजना के क्रियान्वयन का आश्वासन दिया है। प्रेस वार्ता के दौरान, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सकारात्मक सोच के कारण ही दोनों पक्षों में सहमति बनी और सरकार ने उनकी जायज मांगें मानी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बांध का पानी छोड़े जाने की तारीख सात दिन के भीतर तय कर ली जाएगी और नहरी तंत्र का तकनीकी आकलन कर जल्द ही टेस्टिंग के लिए जल प्रवाह शुरू किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, सिंचाई क्षेत्र को विकसित करने और कमांड क्षेत्र में लिफ्ट योजना से सिंचाई तंत्र को सुदृढ़ करने की मांग पर भी शीघ्र कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया गया है। गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने राज्य सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए नहरों में जल प्रवाह शीघ्र प्रारंभ करने का आग्रह किया, जबकि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने दो दशक पुराने इस विवाद को सुलझाने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को धन्यवाद दिया और किसानों से आपसी सहयोग बनाए रखने का आह्वान किया। बैठक में जल संसाधन विभाग, आरपीए, ग्रामीण विकास विभाग, पुलिस, और जिला प्रशासन के कई उच्च अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने समाधान से जुड़े सभी पहलुओं और सरकार की कार्यवाही की जानकारी दी। इस अवसर पर गुडला संघर्ष समिति, ग्रामोत्थान संस्था एवं गंभीर नदी जल बचाओ समिति के प्रतिनिधियों ने भी इस दशकों पुरानी समस्या का समाधान करने पर भजनलाल सरकार का आभार व्यक्त किया।1
- राजस्थान सरकार द्वारा आम जनता के कार्यों को सरल बनाने के उद्देश्य से टोंक जिले के पलाई में एक जनसेवा शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर स्थानीय निवासियों की विभिन्न समस्याओं का त्वरित समाधान प्रदान करने में अत्यंत सहायक सिद्ध हुआ, जहाँ लगभग 20 विभागों के 50 कर्मचारियों ने उपस्थित रहकर लोगों की शिकायतों को सुना और उनका निराकरण किया। शिविर में राजस्व विभाग की टीम ने 104 राजस्व दस्तावेजों की शुद्धि की, साथ ही 5 नामांतरण और 5 बंटवारे के आवेदनों का भी सफलतापूर्वक निस्तारण किया। स्वच्छता संबंधी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत ने जेसीबी की मदद से नालों की सफाई का कार्य भी शुरू करवाया। इसके अतिरिक्त, शिविर के दौरान 10 पशुओं का कल्याण बीमा किया गया, और चिकित्सा विभाग ने 70 से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की। इस महत्वपूर्ण जनसेवा शिविर में सहायक विकास अधिकारी नरेंद्र जांगिड़, ग्राम विकास अधिकारी शैलेंद्र आमेरा और बलवीर सिंह, कानूनगो अशोक कुमार, प्रशासक लादू लाल सहित राजस्व विभाग से शंकर लाल, पटवारी कविता धाकड़ और अपूर्व माथुर उपस्थित रहे। आईसीडीएस पर्यवेक्षक सीमा मीना, राजीविका के गणपत गुर्जर और चिकित्सा विभाग से जमुनाशंकर योगी, सुनील गुर्जर, पूजा मेहरा, सरिता, सुमन तथा सीएचओ चतरपुरा ने भी शिविर में अपनी सेवाएँ प्रदान कीं।1
- श्योपुर में कौशलपुर निवासी ओमप्रकाश आकोदिया की मौत के मामले में उनके परिजनों और समर्थकों ने गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया है। परिजनों का आरोप है कि ओमप्रकाश आकोदिया की मृत्यु श्री श्याम मेडिकल पर गलत इंजेक्शन और बोतल लगाए जाने के कारण हुई है। इस घटना के बाद, मृतक के परिजन और समर्थकों ने मेडिकल संचालक पुरुषोत्तम शर्मा के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की पुरजोर मांग की है। अपनी इस मांग को लेकर बड़ी संख्या में लोग कोतवाली थाना पहुंचे और अधिकारियों से त्वरित कार्रवाई करने की अपील की है।4
- चौथ का बरवाड़ा के ग्राम कुस्तला में गहराते पेयजल संकट से ग्रामीणों का धैर्य जवाब देने लगा है। स्थिति यह है कि महिलाओं को प्रतिदिन सिर पर मटके रखकर दूर-दराज से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है। दो दिन पहले, पानी की भीषण समस्या से त्रस्त महिलाओं ने पानी की टंकी पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद जलदाय विभाग ने बेहतर जलापूर्ति का आश्वासन दिया था। हालांकि, इस आश्वासन के बावजूद गाँव में अब तक हालात नहीं सुधरे हैं। गाँव के मुख्य बाजार, शिव विहार कॉलोनी, आदर्श कॉलोनी, जाट मोहल्ला और कोली मोहल्ला सहित कई क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति प्रभावित है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग लीकेज ठीक करने और व्यवस्था सुधारने के बड़े-बड़े दावे कर रहा है, जबकि ज़मीनी स्तर पर पानी की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है और कोई सुधार देखने को नहीं मिला है। महिलाओं ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि पानी की कमी के चलते उनके घर-गृहस्थी के काम बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं और उन्हें घंटों तक पानी की तलाश में भटकना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस गंभीर मुद्दे का तत्काल समाधान करने की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि समस्या का निराकरण नहीं किया गया, तो वे एक बार फिर बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।1
- श्योपुर में नेशनल हाईवे पर नवीन बाइपास स्थित रायपुरा पुल पर एक व्यक्ति गंभीर हालत में मिला है। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी जानकारी डायल 112 पर पुलिस को दी। इस घटना के बाद पुलिस के मौके पर पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। अभी तक उस व्यक्ति की पहचान नहीं हो पाई है और न ही उसकी गंभीर हालत के कारणों का पता चल सका है। मामले में आगे की जानकारी और अपडेट का इंतजार है।1