अशोकनगर के नेहरू पीजी कॉलेज परिसर में छात्र संगठन ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स आर्गेनाइजेशन (AIDSO) की कॉलेज इकाई द्वारा महान क्रांतिकारी और हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) के कमांडर-इन-चीफ शहीद चंद्रशेखर आज़ाद की जयंती के अवसर पर पुष्पांजलि अर्पित कर परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कॉलेज इकाई की उपाध्यक्ष आरती केवट ने चंद्रशेखर आज़ाद के जीवन संघर्ष को याद करते हुए बताया कि वे बचपन से ही स्वाधीनता आंदोलन से जुड़े थे। असहयोग आंदोलन के दौरान विदेशी वस्त्रों की होली जलाने और ब्रिटिश शासन का विरोध करने पर जब अंग्रेज़ पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया, तो पूछताछ में उन्होंने अपना नाम 'आज़ाद', पिता का नाम 'स्वाधीनता' और निवास 'जेलखाना' बताया था। इस निडर जवाब पर अंग्रेज़ी शासन ने उन्हें 15 बेंतों की सज़ा दी, जहाँ प्रत्येक प्रहार पर वे 'भारत माता की जय' का उद्घोष करते रहे और 'वीर बालक आज़ाद' के नाम से प्रसिद्ध हुए। आरती केवट ने कहा कि आज इतिहास और पाठ्यक्रमों में क्रांतिकारियों के योगदान को कमज़ोर किया जा रहा है तथा आम जनता और छात्रों के अधिकारों पर लगातार हमले हो रहे हैं। परिचर्चा के दौरान केन्द्र सरकार द्वारा छात्रों के आंदोलनों का दमन करने के रवैये की कड़ी निंदा की गई। संगठन ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले एक महीने से अपनी जायज माँगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्र-नौजवानों पर बर्बरतापूर्वक आँसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं और उनके साथ अपराधियों जैसा सलूक किया जा रहा है। AIDSO ने इस दमनकारी और तानाशाहीपूर्ण कार्रवाई का विरोध करते हुए NTA को भंग करने, सरकार द्वारा छात्रों से सीधी बातचीत करने और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग उठाई। कार्यक्रम में विकास ने भी विचार व्यक्त किए और संचालन पवन द्वारा किया गया।
अशोकनगर के नेहरू पीजी कॉलेज परिसर में छात्र संगठन ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स आर्गेनाइजेशन (AIDSO) की कॉलेज इकाई द्वारा महान क्रांतिकारी और हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) के कमांडर-इन-चीफ शहीद चंद्रशेखर आज़ाद की जयंती के अवसर पर पुष्पांजलि अर्पित कर परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कॉलेज इकाई की उपाध्यक्ष आरती केवट ने चंद्रशेखर आज़ाद के जीवन संघर्ष को याद करते हुए बताया कि वे बचपन से ही स्वाधीनता आंदोलन से जुड़े थे। असहयोग आंदोलन के दौरान विदेशी वस्त्रों की होली जलाने और ब्रिटिश शासन का विरोध करने पर जब अंग्रेज़ पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया, तो पूछताछ में उन्होंने अपना नाम 'आज़ाद', पिता का नाम 'स्वाधीनता' और निवास 'जेलखाना' बताया था। इस निडर जवाब पर अंग्रेज़ी शासन ने उन्हें 15 बेंतों की सज़ा दी, जहाँ प्रत्येक प्रहार पर वे 'भारत माता की जय' का उद्घोष करते रहे और 'वीर बालक आज़ाद' के नाम से प्रसिद्ध हुए। आरती केवट ने कहा कि आज इतिहास और पाठ्यक्रमों में क्रांतिकारियों के योगदान को कमज़ोर किया जा रहा है तथा आम जनता और छात्रों के अधिकारों पर लगातार हमले हो रहे हैं। परिचर्चा के दौरान केन्द्र सरकार द्वारा छात्रों के आंदोलनों का दमन करने के रवैये की कड़ी निंदा की गई। संगठन ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले एक महीने से अपनी जायज माँगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्र-नौजवानों पर बर्बरतापूर्वक आँसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं और उनके साथ अपराधियों जैसा सलूक किया जा रहा है। AIDSO ने इस दमनकारी और तानाशाहीपूर्ण कार्रवाई का विरोध करते हुए NTA को भंग करने, सरकार द्वारा छात्रों से सीधी बातचीत करने और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग उठाई। कार्यक्रम में विकास ने भी विचार व्यक्त किए और संचालन पवन द्वारा किया गया।
- अशोकनगर के नेहरू पीजी कॉलेज परिसर में छात्र संगठन ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स आर्गेनाइजेशन (AIDSO) की कॉलेज इकाई द्वारा महान क्रांतिकारी और हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) के कमांडर-इन-चीफ शहीद चंद्रशेखर आज़ाद की जयंती के अवसर पर पुष्पांजलि अर्पित कर परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कॉलेज इकाई की उपाध्यक्ष आरती केवट ने चंद्रशेखर आज़ाद के जीवन संघर्ष को याद करते हुए बताया कि वे बचपन से ही स्वाधीनता आंदोलन से जुड़े थे। असहयोग आंदोलन के दौरान विदेशी वस्त्रों की होली जलाने और ब्रिटिश शासन का विरोध करने पर जब अंग्रेज़ पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया, तो पूछताछ में उन्होंने अपना नाम 'आज़ाद', पिता का नाम 'स्वाधीनता' और निवास 'जेलखाना' बताया था। इस निडर जवाब पर अंग्रेज़ी शासन ने उन्हें 15 बेंतों की सज़ा दी, जहाँ प्रत्येक प्रहार पर वे 'भारत माता की जय' का उद्घोष करते रहे और 'वीर बालक आज़ाद' के नाम से प्रसिद्ध हुए। आरती केवट ने कहा कि आज इतिहास और पाठ्यक्रमों में क्रांतिकारियों के योगदान को कमज़ोर किया जा रहा है तथा आम जनता और छात्रों के अधिकारों पर लगातार हमले हो रहे हैं। परिचर्चा के दौरान केन्द्र सरकार द्वारा छात्रों के आंदोलनों का दमन करने के रवैये की कड़ी निंदा की गई। संगठन ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले एक महीने से अपनी जायज माँगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्र-नौजवानों पर बर्बरतापूर्वक आँसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं और उनके साथ अपराधियों जैसा सलूक किया जा रहा है। AIDSO ने इस दमनकारी और तानाशाहीपूर्ण कार्रवाई का विरोध करते हुए NTA को भंग करने, सरकार द्वारा छात्रों से सीधी बातचीत करने और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग उठाई। कार्यक्रम में विकास ने भी विचार व्यक्त किए और संचालन पवन द्वारा किया गया।1
- ललितपुर थाना सदर कोतवाली क्षेत्र के नवीन गल्ला मंडी गेट के ठीक सामने उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक नीम के पेड़ से धुआं उठता दिखाई दिया। पेड़ से धुआं निकलता देख आसपास के दुकानदारों और लोगों के बीच हड़कंप मच गया। गल्ला मंडी के दुकानदारों ने तुरंत मामले की सूचना फायर सर्विस विभाग को दी। सूचना मिलते ही फायर सर्विस की गाड़ी मौके पर पहुंची और पानी डालकर समय रहते आग पर काबू पाया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।2
- ललितपुर कोतवाली क्षेत्र के विरारी गाँव में फसल बोने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद और मारपीट हो गई। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों के घायलों का चिकित्सीय परीक्षण कराया। मामले की जानकारी देते हुए पुलिस क्षेत्राधिकारी ने बताया कि प्रारम्भिक जांच में द्वितीय पक्ष के व्यक्ति देवेन्द्र कुशवाहा द्वारा लगाए गए फायरिंग के आरोप पूरी तरह असत्य, निराधार और मनगढ़ंत पाए गए हैं। पुलिस दोनों पक्षों से प्राप्त तहरीर के आधार पर अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई कर रही है। वर्तमान में मौके पर शांति एवं कानून व्यवस्था की स्थिति सामान्य है।1
- उत्तर प्रदेश के ललितपुर जनपद स्थित कम्पनी बाग में छात्र-छात्राओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर जमकर नारेबाजी की और केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में तत्काल सुधार करने और छात्रों के अधिकारों की रक्षा करने पर बल दिया। छात्र-छात्राओं का कहना था कि छात्रों से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाए और शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह तथा छात्र हितैषी बनाया जाए ताकि युवाओं की आवाज की अनदेखी न हो। प्रदर्शन के मद्देनजर कम्पनी बाग और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। मौके पर सीओ सदर और शहर कोतवाल सहित भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा, जिनकी मौजूदगी में पूरा प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।4
- ललितपुर में स्वच्छ भारत मिशन शहरी के तहत जगह-जगह सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया गया है। हालांकि, इनमें से डीएम कार्यालय के पास निर्मित शौचालय ही तालाबंदी का शिकार बना हुआ है और खुल नहीं पा रहा है। इस सार्वजनिक शौचालय के बंद रहने के कारण प्रसाधन की सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है और नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- सागर के बीना में जीत ट्रांसपोर्ट पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगे हैं। किसी व्यक्ति की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने शव रखकर अपना विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। प्रदर्शन कर रहे परिजनों ने इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है।1