हरदोई के संडीला क्षेत्र में पुलिस ने शिवम जायसवाल पर हुई जानलेवा फायरिंग के मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक हरदोई के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत संडीला पुलिस द्वारा की गई है। पुलिस के अनुसार, थाना संडीला क्षेत्र के बांगरमऊ बस स्टैंड पर पुरानी रंजिश को लेकर नामजद आरोपियों ने शिवम जायसवाल पर फायरिंग कर दी थी, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घायल को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया और फिर बेहतर इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया। इस मामले में थाना संडीला पर मुकदमा संख्या 283/2026, धारा 3(5)/109(1) बीएनएस के तहत पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक हरदोई ने फरार आरोपी साहिल सिंह पुत्र कप्तान सिंह (निवासी ग्राम आल्दौ, थाना औरास, जनपद उन्नाव) पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। संडीला पुलिस टीम ने आरोपी साहिल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
हरदोई के संडीला क्षेत्र में पुलिस ने शिवम जायसवाल पर हुई जानलेवा फायरिंग के मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक हरदोई के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत संडीला पुलिस द्वारा की गई है। पुलिस के अनुसार, थाना संडीला क्षेत्र के बांगरमऊ बस स्टैंड पर पुरानी रंजिश को लेकर नामजद आरोपियों ने शिवम जायसवाल पर फायरिंग कर दी थी, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घायल को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया और फिर बेहतर इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया। इस मामले में थाना संडीला पर मुकदमा संख्या 283/2026, धारा 3(5)/109(1) बीएनएस के तहत पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक हरदोई ने फरार आरोपी साहिल सिंह पुत्र कप्तान सिंह (निवासी ग्राम आल्दौ, थाना औरास, जनपद उन्नाव) पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। संडीला पुलिस टीम ने आरोपी साहिल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
- हरदोई के पाली थाना क्षेत्र में एक तेज रफ्तार कार का कहर देखने को मिला, जहां कार ने साइकिल सवार दंपति को सीधी टक्कर मार दी। इस सड़क हादसे में साइकिल सवार पति-पत्नी दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।1
- हरदोई जनपद के सुरसा थाना अंतर्गत ग्राम जीतपुरवा मजरा खजराहा में 24 जुलाई को डायल 112 पर सूचना मिली कि सोहित कुमार (पुत्र कोमिल) के सिर पर वार कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया गया है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने घायल सोहित को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिजनों द्वारा दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि गांव के ही अमर सिंह (पुत्र रामरूप) और जितेन्द्र (पुत्र परशुराम) से कहासुनी होने के बाद दोनों ने सोहित पर धारदार हथियार से वार कर दिया, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। मामले में सुरसा थाने में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है। पुलिस ने आरोपी जितेन्द्र को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इसके साथ ही मृतक के शव का नियमानुसार पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी कर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया गया है और अन्य आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1
- हरदोई जनपद के थाना सुरसा क्षेत्र स्थित ग्राम जीतपुरवा में कहासुनी के बाद सोहित कुमार (पुत्र कोमिल) पर धारदार हथियार से वार कर उनकी हत्या कर दी गई। 24 जुलाई 2026 को डायल 112 के माध्यम से घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने गंभीर रूप से घायल सोहित को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिजनों द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार, गांव के ही अमर सिंह (पुत्र रामरूप) और जितेन्द्र (पुत्र परशुराम) की सोहित से कहासुनी हुई थी, जिसके बाद उन्होंने धारदार हथियार से हमला कर दिया। इस संबंध में संबंधित थाने में सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस ने आरोपी जितेन्द्र को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस ने मृतक के शव का नियमानुसार पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी कर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया है। मामले में अन्य आवश्यक कानूनी कार्रवाई जारी है और क्षेत्राधिकारी नगर श्री अजीत चौहान द्वारा प्रकरण की जानकारी दी गई है।1
- उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले स्थित जलालाबाद तहसील के ग्राम दुमकापुर (ग्राम सभा गुलड़िया) में ग्रामीणों ने तीसरी बार प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के विरोध में उमरिया मंदिर पर प्रदर्शन किया। प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार रोहित कटियार को ज्ञापन सौंपा और अधिग्रहण की कार्रवाई तुरंत रोकने की मांग की। इस दौरान ग्रामीणों ने 'उपजाऊ जमीन नहीं देंगे' के नारे लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2021 में गंगा एक्सप्रेस-वे और वर्ष 2025 में औद्योगिक गलियारे के लिए उनकी अधिकांश कृषि भूमि पहले ही अधिग्रहित की जा चुकी है। अब तीसरी बार बची हुई जमीन को लेने की प्रक्रिया शुरू होने से पूरा गांव भूमिहीन हो जाएगा। किसानों ने कहा कि कृषि ही उनकी आजीविका का एकमात्र साधन है और जमीन चले जाने पर उनके परिवारों के सामने भुखमरी और पलायन का संकट खड़ा हो जाएगा। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और किसानों ने मांग की कि परियोजना के लिए उपजाऊ कृषि भूमि के बजाय बंजर या गैर-कृषि योग्य भूमि का चयन किया जाए। ग्राम प्रधान उमेश पाल सिंह की मौजूदगी में किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार उन्हें भूमिहीन करने पर तुली हुई है। ज्ञापन प्राप्त करने के बाद नायब तहसीलदार रोहित कटियार ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनका ज्ञापन उच्च अधिकारियों तक पहुंचा दिया जाएगा।1
- एक तरफ भाजपा और उसके संगी-साथी अपने लोगों को प्रदर्शनकारियों के बीच भेजकर युवाओं को गलत साबित करने में लगे हैं, तो दूसरी तरफ 'भाजपाई' कहे जाने पर चिढ़ रहे हैं। आज जिन समर्थकों के घर, मकान, दुकान, प्रतिष्ठान और गाड़ियों से भाजपा के झंडे उतर रहे हैं, आने वाले समय में यह पार्टी उनके दिलो-दिमाग से भी उतर जाएगी। भाजपा की विभिन्न गतिविधियों से इसके अपने समर्थक भी बेहद शर्मिंदा महसूस कर रहे हैं। भाजपा की कार्यप्रणाली पर निशाना साधते हुए कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें अयोध्या में चढ़ावा-चंदा-दान चोरी, दिल्ली में बच्चियों और देश भर में युवाओं पर हिंसक प्रहार, तथा मुंबई में आंदोलनकारियों को ड्रग्स के झूठे मामलों में फंसाने की धमकी शामिल है। इसके साथ ही लखनऊ अग्निकांड में मृतक बच्चे की दुखी माँ के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा किए गए दुर्व्यवहार और तिरस्कार को अति निंदनीय करार दिया गया है। बढ़ते जनाक्रोश के कारण अब भाजपा के समर्थक घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं, व्हाट्सएप ग्रुप ठंडे पड़े हैं और लोग बीमारी का बहाना बना रहे हैं। पिछले 10-12 सालों से हर कुतर्क के जरिए पार्टी की ढाल बनने वाले और अपनों से लड़ने वाले कट्टर समर्थक भी अब जान चुके हैं कि वे गलत थे। लोकतंत्र को खत्म करने, सरकारी विभागों के भ्रष्टाचारीकरण, शिक्षा-परीक्षा में धांधली, रोजगार की जगह चुनिंदा खरबपतियों के लिए श्रमिक पैदा करने, बलात्कारियों को छुड़वाकर गले में हार डालने, अमेरिकी कांड में नाम आने पर भी मंत्री को न हटाने, उत्तराखंड और यूपी की बेटियों के बलात्कारियों को बचाने, लखीमपुर खीरी थारकांड के सबूत झुठलाने, पीडीए पर अत्याचार करने व उनका आरक्षण मारने के लिए साजिश रचने, बुलडोजर और एनकाउंटर का दुरुपयोग करने तथा शंकराचार्य जी पर आरोप लगाने जैसे अनेक कृत्यों से पार्टी का असली चेहरा सामने आ चुका है। इसी वजह से समर्थकों के लिए यह तथाकथित अमृतकाल अब सरेआम अपमान के 'विषकाल' में बदल गया है।1
- हरदोई जनपद के थाना सुरसा क्षेत्र स्थित ग्राम जीतपुरवा में शुक्रवार को एक युवक की धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान ग्राम जीतपुरवा मजरा खजराहा निवासी सोहित कुमार, पुत्र कोमिल के रूप में हुई है। डायल 112 पर सूचना मिली थी कि सोहित के सिर पर किसी व्यक्ति ने धारदार हथियार से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने गांव के ही अमर सिंह (पुत्र रामरूप) और जितेन्द्र (पुत्र परशुराम) के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि कहासुनी के बाद दोनों ने धारदार हथियार से हमला कर सोहित की हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी जितेन्द्र को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले में आगे की आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।1
- हरदोई जिले के शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र स्थित पसिगवा गांव के पास सुखेता नदी में शनिवार को एक अज्ञात शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। नदी में मछली पकड़ रहे मछुआरों की नजर जब पानी में उतराते शव पर पड़ी, तो उन्होंने तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दी। जानकारी मिलते ही डायल 112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव को नदी से बाहर निकलवाया गया। घटना की खबर मिलते ही आसपास के ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई। पुलिस फिलहाल शव की शिनाख्त कराने का प्रयास कर रही है और इसके लिए आसपास के गांवों के लोगों से पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जांच में शव मिलने के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है, जिससे पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और पहचान होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।1