उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले स्थित जलालाबाद तहसील के ग्राम दुमकापुर (ग्राम सभा गुलड़िया) में ग्रामीणों ने तीसरी बार प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के विरोध में उमरिया मंदिर पर प्रदर्शन किया। प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार रोहित कटियार को ज्ञापन सौंपा और अधिग्रहण की कार्रवाई तुरंत रोकने की मांग की। इस दौरान ग्रामीणों ने 'उपजाऊ जमीन नहीं देंगे' के नारे लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2021 में गंगा एक्सप्रेस-वे और वर्ष 2025 में औद्योगिक गलियारे के लिए उनकी अधिकांश कृषि भूमि पहले ही अधिग्रहित की जा चुकी है। अब तीसरी बार बची हुई जमीन को लेने की प्रक्रिया शुरू होने से पूरा गांव भूमिहीन हो जाएगा। किसानों ने कहा कि कृषि ही उनकी आजीविका का एकमात्र साधन है और जमीन चले जाने पर उनके परिवारों के सामने भुखमरी और पलायन का संकट खड़ा हो जाएगा। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और किसानों ने मांग की कि परियोजना के लिए उपजाऊ कृषि भूमि के बजाय बंजर या गैर-कृषि योग्य भूमि का चयन किया जाए। ग्राम प्रधान उमेश पाल सिंह की मौजूदगी में किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार उन्हें भूमिहीन करने पर तुली हुई है। ज्ञापन प्राप्त करने के बाद नायब तहसीलदार रोहित कटियार ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनका ज्ञापन उच्च अधिकारियों तक पहुंचा दिया जाएगा।
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले स्थित जलालाबाद तहसील के ग्राम दुमकापुर (ग्राम सभा गुलड़िया) में ग्रामीणों ने तीसरी बार प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के विरोध में उमरिया मंदिर पर प्रदर्शन किया। प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार रोहित कटियार को ज्ञापन सौंपा और अधिग्रहण की कार्रवाई तुरंत रोकने की मांग की। इस दौरान ग्रामीणों ने 'उपजाऊ जमीन नहीं देंगे' के नारे लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2021 में गंगा एक्सप्रेस-वे और वर्ष 2025 में औद्योगिक गलियारे के लिए उनकी अधिकांश कृषि भूमि पहले ही अधिग्रहित की जा चुकी है। अब तीसरी बार बची हुई जमीन को लेने की प्रक्रिया शुरू होने से पूरा गांव भूमिहीन हो जाएगा। किसानों ने कहा कि कृषि ही उनकी आजीविका का एकमात्र साधन है और जमीन चले जाने पर उनके परिवारों के सामने भुखमरी और पलायन का संकट खड़ा हो जाएगा। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और किसानों ने मांग की कि परियोजना के लिए उपजाऊ कृषि भूमि के बजाय बंजर या गैर-कृषि योग्य भूमि का चयन किया जाए। ग्राम प्रधान उमेश पाल सिंह की मौजूदगी में किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार उन्हें भूमिहीन करने पर तुली हुई है। ज्ञापन प्राप्त करने के बाद नायब तहसीलदार रोहित कटियार ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनका ज्ञापन उच्च अधिकारियों तक पहुंचा दिया जाएगा।
- उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले स्थित जलालाबाद तहसील के ग्राम दुमकापुर (ग्राम सभा गुलड़िया) में ग्रामीणों ने तीसरी बार प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के विरोध में उमरिया मंदिर पर प्रदर्शन किया। प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार रोहित कटियार को ज्ञापन सौंपा और अधिग्रहण की कार्रवाई तुरंत रोकने की मांग की। इस दौरान ग्रामीणों ने 'उपजाऊ जमीन नहीं देंगे' के नारे लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2021 में गंगा एक्सप्रेस-वे और वर्ष 2025 में औद्योगिक गलियारे के लिए उनकी अधिकांश कृषि भूमि पहले ही अधिग्रहित की जा चुकी है। अब तीसरी बार बची हुई जमीन को लेने की प्रक्रिया शुरू होने से पूरा गांव भूमिहीन हो जाएगा। किसानों ने कहा कि कृषि ही उनकी आजीविका का एकमात्र साधन है और जमीन चले जाने पर उनके परिवारों के सामने भुखमरी और पलायन का संकट खड़ा हो जाएगा। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और किसानों ने मांग की कि परियोजना के लिए उपजाऊ कृषि भूमि के बजाय बंजर या गैर-कृषि योग्य भूमि का चयन किया जाए। ग्राम प्रधान उमेश पाल सिंह की मौजूदगी में किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार उन्हें भूमिहीन करने पर तुली हुई है। ज्ञापन प्राप्त करने के बाद नायब तहसीलदार रोहित कटियार ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनका ज्ञापन उच्च अधिकारियों तक पहुंचा दिया जाएगा।1
- शाहजहाँपुर के जलालाबाद क्षेत्र में एक गली में पिछले लगभग दो-तीन महीने से जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई है। जलजमाव के कारण लोगों का आना-जाना बेहद कठिन हो गया है और जो भी यहाँ से गुजरता है, उसे पानी के बीच से ही होकर जाना पड़ रहा है। इसके बावजूद न तो कोई ग्राम प्रधान इस ओर ध्यान दे रहा है और न ही कोई प्रशासनिक अधिकारी समस्या को सुन रहा है। स्थानीय स्तर पर इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों से तत्काल कार्यवाही करने तथा इस कच्ची सड़क को पक्की गली में परिवर्तित करवाने की पुरजोर माँग की गई है।1
- चंद्रप्रकाश विद्या मंदिर मोहल्ला बुधबाजार शाहाबाद हरदोई1
- हरदोई जिले के विकासखंड भरखनी स्थित ग्राम मैकपुर (पचदेवरा) के ग्रामीणों ने गांव के मुख्य मार्ग की जर्जर स्थिति और गंदे पानी के जलभराव की गंभीर समस्या को लेकर जिलाधिकारी हरदोई को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र समाधान की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि नालियों की समुचित व्यवस्था न होने के कारण मुख्य रास्ते पर लगातार बदबूदार पानी भरा रहता है, जिससे लोगों का आवागमन अत्यंत कठिन हो गया है। यह मुख्य मार्ग गांव को स्थानीय सरकारी विद्यालय और मुख्य बाजार से जोड़ता है। सड़क जगह-जगह से पूरी तरह टूट चुकी है और बड़े-बड़े गड्ढे बनने से आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों को प्रतिदिन कीचड़ और दूषित पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे कई बार फिसलकर गिरने से उनकी यूनिफॉर्म और किताबें खराब हो जाती हैं। वहीं, जलभराव और गंदगी की वजह से मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा पैदा हो गया है। बाजार जाने, राशन व अन्य सामान लाने में भारी दिक्कत आ रही है, जबकि बुजुर्गों, महिलाओं और मरीजों के लिए इस रास्ते से निकलना बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर कई बार शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। इस उपेक्षा से मजबूर होकर गांववासियों को सामूहिक रूप से जिलाधिकारी से गुहार लगानी पड़ी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जनहित को प्राथमिकता देते हुए सड़क की मरम्मत, जलनिकासी की समुचित व्यवस्था और आवश्यक निर्माण कार्य जल्द से जल्द कराए जाएं ताकि उन्हें इस समस्या से राहत मिल सके।1
- हरदोई जनपद के सुरसा थाना अंतर्गत ग्राम जीतपुरवा मजरा खजराहा में 24 जुलाई को डायल 112 पर सूचना मिली कि सोहित कुमार (पुत्र कोमिल) के सिर पर वार कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया गया है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने घायल सोहित को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिजनों द्वारा दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि गांव के ही अमर सिंह (पुत्र रामरूप) और जितेन्द्र (पुत्र परशुराम) से कहासुनी होने के बाद दोनों ने सोहित पर धारदार हथियार से वार कर दिया, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। मामले में सुरसा थाने में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है। पुलिस ने आरोपी जितेन्द्र को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इसके साथ ही मृतक के शव का नियमानुसार पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी कर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया गया है और अन्य आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1
- शाहजहाँपुर के मिर्जापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत दो किन्नर पक्षों के बीच फायरिंग की घटना सामने आई है। इस मामले में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) ने बयान जारी कर जानकारी दी है।1
- शाहजहाँपुर के थाना रोजा क्षेत्र में दहेज उत्पीड़न से क्षुब्ध होकर विवाहिता द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर सफल अनावरण किया है। घटना में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने आरोपी पति और सास को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में ग्राम भरौना, जनपद हरदोई निवासी रामकुमार की लिखित तहरीर के आधार पर थाना रोजा में मु0अ0सं0 336/2026, धारा 85, 80(2) बीएनएस एवं 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला पंजीकृत किया गया था। वादी का आरोप है कि उनकी लगभग 22 वर्षीया पुत्री क्षमता देवी को विवाह के उपरान्त अतिरिक्त दहेज की माँग को लेकर पति अमित, जेठ कृष्णपाल, जेठानी मुरता और सास रामवती (समस्त निवासीगण ग्राम चरकुई सिसौआ) द्वारा लगातार प्रताड़ित किया जाता था। इसी प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर क्षमता देवी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी सदर के पर्यवेक्षण और थानाध्यक्ष उमेश कुमार मिश्र के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 24 जुलाई 2026 को समय करीब 14:50 बजे कार्रवाई की। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने सीतापुर हाईवे स्थित टेढ़ी पुलिया के पास से भागने की फिराक में खड़े आरोपी अमित (उम्र करीब 22 वर्ष) और उसकी माता रामवती (उम्र करीब 55 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी टीम में उपनिरीक्षक विनित कुमार, कांस्टेबल विकास नागर और महिला कांस्टेबल भारती नैन शामिल रहे। गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक विधिक कार्यवाही करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।4