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जालौन में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर रविवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे में ट्रक क्लीनर की मौत हो गई। यह दुर्घटना जालौन कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम छिरिया सलेमपुर के पास किलोमीटर संख्या-208 पर हुई, जहाँ सड़क किनारे खड़े एक ट्रक को पीछे से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसका पिछला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया, जिससे उसमें सवार क्लीनर गंभीर रूप से फंस गया और उसकी जान चली गई।
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जालौन में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर रविवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे में ट्रक क्लीनर की मौत हो गई। यह दुर्घटना जालौन कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम छिरिया सलेमपुर के पास किलोमीटर संख्या-208 पर हुई, जहाँ सड़क किनारे खड़े एक ट्रक को पीछे से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसका पिछला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया, जिससे उसमें सवार क्लीनर गंभीर रूप से फंस गया और उसकी जान चली गई।
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- जालौन में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर रविवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे में ट्रक क्लीनर की मौत हो गई। यह दुर्घटना जालौन कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम छिरिया सलेमपुर के पास किलोमीटर संख्या-208 पर हुई, जहाँ सड़क किनारे खड़े एक ट्रक को पीछे से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसका पिछला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया, जिससे उसमें सवार क्लीनर गंभीर रूप से फंस गया और उसकी जान चली गई।1
- जनपद जालौन के उरई में प्रभारी मंत्री संजय गंगवार ने अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान रगौली गाँव में रात्रि जन चौपाल का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और आमजन से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी शिकायतों, विकास संबंधी मांगों तथा सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति के बारे में जानकारी ली। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, साथ ही जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक समयबद्ध रूप से पहुंचाया जाए। जन चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पेयजल, सड़क, विद्युत, आवास, पेंशन और अन्य स्थानीय समस्याओं को मंत्री के समक्ष रखा, जिस पर उन्होंने संबंधित विभागों को मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए और किसी भी प्रकार की लापरवाही अस्वीकार्य होने की बात कही। जन चौपाल के बाद, प्रभारी मंत्री ने गाँव की दलित बस्ती का भी निरीक्षण किया और वहाँ निवास कर रहे परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएँ जानीं। उन्होंने घर-घर जाकर लोगों से बातचीत की और मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता के संबंध में जानकारी ली। मंत्री ने अधिकारियों को बस्ती में आवश्यक सुविधाओं की कमी होने पर तत्काल कार्ययोजना बनाकर समाधान कराने का निर्देश दिया, यह कहते हुए कि सरकार समाज के सभी वर्गों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी पात्र व्यक्ति को योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। अपने दौरे के दौरान, प्रभारी मंत्री ने ग्राम रगौली में स्थापित डिजिटल पुस्तकालय का भी उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में शिक्षा और तकनीक का समन्वय समय की आवश्यकता है, और यह पुस्तकालय ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों व युवाओं को आधुनिक संसाधनों के माध्यम से अध्ययन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और ज्ञानवर्धन का बेहतर अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को मजबूत करने और युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए सरकार के निरंतर प्रयासों पर जोर दिया। प्रभारी मंत्री संजय गंगवार ने जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्र एवं प्रदेश सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार गाँव, गरीब, किसान, महिलाओं और युवाओं के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में आधारभूत ढाँचे का तेजी से विकास हुआ है तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। इस कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम अनुरागी, उरई सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी, माधौगढ़ विधायक मूलचंद्र निरंजन, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विकास कार्यों, जनसमस्याओं के समाधान और शासन की प्राथमिकताओं पर विस्तार से चर्चा की गई।3
- जालौन के कदौरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में एक युवक को अपने बेटे का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने में लंबे समय से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित ने इस मामले की मौखिक शिकायत जिलाधिकारी (डीएम) और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से भी की है। जानकारी के अनुसार, अरविंद कुशवाहा के पुत्र का जन्म वर्ष 2016 में सीएचसी आटा में हुआ था, जिसके बाद उसका जन्म प्रमाण पत्र सीएचसी कदौरा से जारी होना था। पीड़ित का आरोप है कि सीएचसी कदौरा के कई चक्कर लगाने के बावजूद अब तक प्रमाण पत्र नहीं बन पाया है। अरविंद कुशवाहा ने बताया कि संबंधित बाबू द्वारा पुराने रिकॉर्ड लाने के लिए कहा गया, लेकिन सीएचसी आटा में पूछताछ करने पर वर्ष 2016 का रिकॉर्ड उपलब्ध न होने या गुम हो जाने की बात कही गई। पीड़ित ने आरोप लगाया कि वीरेंद्र बाबू जी द्वारा 'खर्चा-पानी' के बिना काम नहीं किया जाता, जिसके चलते उनका मामला वर्षों से लंबित पड़ा है। इस लंबी देरी के गंभीर परिणाम सामने आए हैं: जिस बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र बनना है, उसकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं है, और प्रमाण पत्र व आधार कार्ड के अभाव में उसे किसी भी विद्यालय में प्रवेश नहीं मिल पा रहा है, जिससे परिवार को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस मामले की लिखित जानकारी सीएचसी कदौरा के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. उदय को भी दी गई है, जिन्होंने पीड़ित को आश्वासन दिया है कि मामले की जांच कर जल्द से जल्द जन्म प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। अब यह देखना बाकी है कि स्वास्थ्य विभाग इस पीड़ित की समस्या का समाधान कितनी शीघ्रता से कर पाता है और वर्षों से लंबित यह जन्म प्रमाण पत्र अंततः कब तक जारी हो पाएगा।1
- जालौन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कदौरा में एक युवक को अपने बेटे का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लंबे समय से समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अरविंद कुशवाहा के पुत्र का जन्म वर्ष 2016 में सीएचसी आटा में हुआ था, जिसके बाद उसका जन्म प्रमाण पत्र सीएचसी कदौरा से जारी होना था। हालांकि, कई बार सीएचसी कदौरा के चक्कर लगाने के बावजूद यह प्रमाण पत्र अब तक नहीं बन सका है। पीड़ित अरविंद कुशवाहा के अनुसार, संबंधित बाबू ने पुराने रिकॉर्ड लाने को कहा, लेकिन सीएचसी आटा से पता चला कि वर्ष 2016 का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है या गुम हो चुका है। अरविंद कुशवाहा का आरोप है कि वीरेंद्र बाबू जी बिना "खर्चा-पानी" के काम नहीं करते, जिसके कारण यह मामला वर्षों से लंबित पड़ा है। इस देरी के चलते बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड नहीं बन पाया है, जिससे उसे किसी विद्यालय में प्रवेश नहीं मिल पा रहा है। पीड़ित ने यह भी बताया कि जिस बच्चे का प्रमाण पत्र बनना है, उसकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं है, और इस वजह से परिवार को काफी परेशानियां हो रही हैं। पीड़ित ने मामले की मौखिक शिकायत जिलाधिकारी (डीएम) और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से की है, साथ ही सीएचसी कदौरा के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. उदय को लिखित जानकारी भी दी है। डॉ. उदय ने मामले की जांच कर जल्द से जल्द जन्म प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया पूरी कराने का आश्वासन दिया है। अब यह देखना बाकी है कि स्वास्थ्य विभाग पीड़ित की इस वर्षों पुरानी समस्या का समाधान कितनी शीघ्रता से कर पाता है और लंबित जन्म प्रमाण पत्र कब तक जारी हो पाता है।1
- जालौन जिले के जालौन कोतवाली क्षेत्र से गुजरने वाले बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर रविवार को हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों से हड़कंप मच गया। इन घटनाक्रमों में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से अधिक मजदूर घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। पहला हादसा बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के किलोमीटर संख्या 208 पर हुआ, जहां एक तेज रफ्तार ट्रक आगे खड़े दूसरे ट्रक में पीछे से जा घुसा। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे ट्रक के कंडक्टर की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वहीं, दूसरा हादसा किलोमीटर संख्या 205 पर हुआ, जहां मजदूरों से भरी एक डीसीएम गाड़ी बालू से लदे ट्रक से टकरा गई। इस दुर्घटना में डीसीएम में सवार एक दर्जन से अधिक मजदूर घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई, जिसके बाद राहगीरों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस और राहत टीम ने सभी घायलों को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया। घायलों में से आठ मजदूरों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफर कर दिया गया है। इन घटनाओं की जानकारी मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और बाद में अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल जाना। अधिकारियों ने चिकित्सकों को घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने दोनों दुर्घटनाओं के संबंध में आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है और हादसों के कारणों की जांच की जा रही है।4
- जालौन कस्बे के मोहल्ला कछोरन निवासी रामबाबू पुत्र रामचरण ने उप जिलाधिकारी को एक प्रार्थना पत्र देकर अपने पड़ोसी पर सार्वजनिक रास्ते पर अतिक्रमण करने का गंभीर आरोप लगाया है। रामबाबू के अनुसार, उनके मकान के ठीक बगल में नरेश साहू पुत्र लालाराम साहू का मकान है, और दोनों घरों के सामने नगर पालिका द्वारा आरसीसी सड़क तथा नाली का निर्माण कराया गया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि नरेश साहू ने कथित तौर पर इस सड़क को तोड़कर उस पर चबूतरा बनाना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही, नरेश साहू अपने मकान की दीवार से सटाकर पानी निकासी के लिए एक नाली का निर्माण भी करवा रहे हैं। रामबाबू का आरोप है कि जब उन्होंने इस अतिक्रमण का विरोध किया, तो पड़ोसी नरेश साहू विवाद करने और उन्हें धमकी देने लगे। उनका कहना है कि यदि यह चबूतरा बन जाता है, तो उनके मकान से निकलने का रास्ता पूरी तरह बाधित हो जाएगा, जिससे आवागमन में भारी परेशानी उत्पन्न होगी। पीड़ित रामबाबू ने उप जिलाधिकारी से इस मामले की तत्काल जांच कराने, अतिक्रमण के लिए डाली गई मिट्टी को हटवाने और सार्वजनिक रास्ते को साफ कराकर आवागमन को सुचारु रूप से बहाल करने की मांग की है। इस पूरे प्रकरण को लेकर स्थानीय लोगों में भी काफी चर्चा बनी हुई है, और सभी की निगाहें अब प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।1
- शनिवार को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर जालौन क्षेत्र के छिरिया सलेमपुर के पास एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। मजदूरों और उनके परिजनों से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार, यह ट्रक अलीगढ़ से महोबा की ओर जा रहा था और इसमें ईंट-भट्टों पर काम करने वाले दर्जनों श्रमिक अपने परिवारों के साथ सवार थे। ट्रक के अचानक अनियंत्रित होकर पलटने से इसमें सवार कई लोग घायल हो गए, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे की सूचना मिलते ही जालौन पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को ट्रक से बाहर निकाला गया और एंबुलेंस के माध्यम से सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जालौन भेजा गया, जहाँ उनका उपचार चल रहा है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर ट्रक के अनियंत्रित होने को हादसे की वजह माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।1