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- 108 एंबुलेंस में ऑक्सीजन हुई खत्म, पाली जोधपुर के बीच मरीज की हुई मौत, बांगड़ अस्पताल से जोधपुर किया था रेफर वॉइस ऑफ मारवाड़ पाली। बांगड़ अस्पताल से जोधपुर रेफर किए गए मरीज की बीच रास्ते में ही मौत हो गई। मरीज की मौत के बाद उसका भाई उसी एंबुलेंस में शव को लेकर वापस बांगड़ पहुंचा जहां मॉर्च्यूरी के बाहर परिजनों ने एंबुलेंस ड्राइवर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए धरना दे दिया। दरअसल बांगड़ अस्पताल से रविवार दोपहर ऑक्सीजन सपोर्ट पर मरीज को 108 एंबुलेंस से जोधपुर रेफर किया गया। इस दौरान बीच रास्ते में ओम बन्ना के निकट एंबुलेंस में रखे सिलेंडर से ऑक्सीजन सप्लाई बंद हो गई जिसके चलते मरीज ने जोधपुर पहुंचने से पहले ही अपने भाई की गोद में दम तोड़ दिया। मृतक के परिजनो द्वारा ड्राइवर पर लापरवाही का आरोप लगाने पर 108 एंबुलेंस के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर ने कहा कि बुलाना में ऑक्सीजन थी, लेकिन सिलेंडर की चूड़ी में किसी प्रकार की समस्या आने से सप्लाई प्रभावित हुई जिसकी जांच करवा रहे हैं। वहीं परिजनों की शिकायत पर सीएमएचओ ने भी ड्राइवर के खिलाफ उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।शहर के ट्रांसपोर्ट नगर नया गांव सांसी बस्ती निवासी सावन कुमार (20) पुत्र सज्जन कुमार को किडनी की समस्या होने पर चार दिन पहले 7 मई को पाली के बांगड़ हॉस्पिटल के ICU में भर्ती कराया गया था। सावन की हालत गंभीर होने पर उसे रविवार को जोधपुर के मथुरादास माथुर हॉस्पिटल रेफर किया गया, जिसके बाद उसके परिजन 108 एंबुलेंस में ऑक्सीजन सपोर्ट पर मरीज को लेकर जोधपुर रवाना हुए, बीच रास्ते में मरीज की तबीयत बिगड़ने लगी और ओम बन्ना के निकट उसकी सांसें थम गईं। इस मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर मृतक के परिजन बांगड़ हॉस्पिटल की मॉर्च्यूरी के बाहर धरने पर बैठ गए। मृतक की मां लाली देवी का कहना है कि उनका बेटा अस्पताल में सही होने आया था, लेकिन ड्राइवर की लापरवाही ने उसकी जान ले ली। मृतक के भाई देवाराम ने बताया- करीब 6 महीने पहले उसके भाई की दोनों किडनियों में समस्या हो गई। अब तक सिर्फ 10 बार उसका डायलिसिस हुआ था। सप्ताह में दो बार उसे डायलिसिस करवाने बांगड़ हॉस्पिटल लाते थे। चार दिन पहले 7 मई को तबीयत बिगड़ने पर उसे बांगड़ हॉस्पिटल में भर्ती करवाया था।1
- 16 वी सीनियर महिला राज्य स्तरीय हॉकी प्रतियोगिता के लिए पाली जिले टीम का चयन ट्रायल हुआ संपन्न पाली,ब्यूरो चीफ मनीष राठौड़। 16 वी सीनियर महिला राज्य स्तरीय हॉकी प्रतियोगिता के लिए पाली जिले टीम का चयन के लिए सचिव सत्यनारायण सिंह पुनाडिया ने बताया कि रिजर्व पुलिस लाइन हॉकी खेल मैदान में रविवार को सुबह 9:00 बजे शुरू की गई जिसमें संपूर्ण जिले के गांव बाली , खिमेल, कोटडी , मिरगेश्वर, सांडिया, निमाज, जैतारण, बिराटिया खुर्द हॉकी पाली संघ के संपूर्ण गांव से 50 सीनियर महिला हॉकी खिलाड़ियों ने भाग लिया। इस मौके पर हॉकी पाली के अध्यक्ष महिपाल सिंह निंबाड़ा ने पाली पुलिस लाइन में संपूर्ण व्यवस्था के लिए पुलिस अधीक्षक मोनिका सेन एवं हॉकी राजस्थान जूनियर टीम कोच व पाली सीनियर महिला टीम के सलेक्टर दीपक सोलंकी का आभार व्यक्त किया। इस दौरान हॉकी पाली कोषाध्यक्ष दिनेश पंवार, अभिषेक चोपड़ा , प्रेम सिंह गादेरी, नंदू सिंह, अमृतलाल शारीरिक शिक्षक आदि मौजूद रहे।2
- *ग्राम रथ अभियान से गांव-गांव पहुंचेगी जनकल्याण योजनाओं की रोशनी, सांपा में होगा जागरूकता महाअभियान* पाली, 10 मई मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशानुरूप जिले में किसानों, पशुपालकों एवं ग्रामीण परिवारों तक सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी पहुंचाने के उद्देश्य से “ग्राम रथ अभियान” चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत एलईडी मोबाइल वैन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने का अभिनव प्रयास किया जा रहा है। ग्राम पंचायत सांपा के एलडीसी विक्रम सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार 11 मई को ग्राम रथ यात्रा ग्राम पंचायत सांपा पहुंचेगी, जहां आमजन को विभिन्न लाभकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। इस दौरान स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी, कार्मिक एवं पंचायत समिति सदस्य भी उपस्थित रहेंगे। अभियान के अंतर्गत एलईडी मोबाइल वैन द्वारा सरकार की योजनाओं एवं उपलब्धियों पर आधारित प्रेरणादायक फिल्मों का प्रसारण किया जाएगा। साथ ही कला जत्थों एवं स्थानीय लोक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से ग्रामीणों को योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। ग्रामीण परिवेश में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित यह अभियान आमजन के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। स्थानीय कलाकार अपनी आकर्षक प्रस्तुतियों से लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पशुपालन एवं सामाजिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी देंगे, ताकि पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ प्राप्त कर सके। ग्राम पंचायत सांपा के समस्त पंचायतवासियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस जनजागरूकता अभियान का लाभ उठाने की अपील की गई है।3
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- पाली के रायपुर थाना क्षेत्र में देवा होटल के सामने एक दर्दनाक सड़क हादसे में युवक की मौत हो गई। ट्रक की टक्कर से हुई इस घटना में ब्यावर जिले के मालाराम कुमावत ने दम तोड़ा; पुलिस जांच में जुटी है।1
- गाँव सफ़लता में आज दिनांक 10.5.2026 को बीजेपी सरकार के ग्राम रथ अभियान के तथा जनता के समग्र रथ का आगमन हुआ बीजेपी सरकार के कार्यकर्ता और कार्यशैली को जनता ने आशीर्वाद के रूप में अपार प्रकट किया और बीजेपी सरकार के काम को देखते हुए जनता के मुंह पर उत्साह और खुशी का माहौल दिखा1
- राजस्थान में 'ग्राम रथ' अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों तक जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाई जा रही है। पाली जिले के गांवों में एलईडी मोबाइल वैन और स्थानीय कलाकार योजनाओं पर आधारित फिल्में व प्रस्तुतियां दिखा रहे हैं। इन प्रयासों से ग्रामीण जागरूक होकर योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं और मुख्यमंत्री का धन्यवाद कर रहे हैं।2
- 108 एंबुलेंस या चलता-फिरता 'यमराज'? ऑक्सीजन खत्म होने से तड़प-तड़पकर मरीज की मौत पाली से बड़ी खबर मनीष राठौड़ @ManishR24044053 भाई बोला- ड्राइवर से गिड़गिड़ाते रहे, वो कहता रहा- 'ऊपर-नीचे होता रहता है' पाली | स्वास्थ्य सेवाओं में संवेदनहीनता और निजी एंबुलेंस संचालकों की मनमानी ने एक बार फिर एक परिवार को कभी न भरने वाला जख्म दिया है। जोधपुर रेफर किए गए एक गंभीर मरीज ने रास्ते में महज इसलिए दम तोड़ दिया क्योंकि 108 एंबुलेंस में ऑक्सीजन खत्म हो गई थी। मृतक के परिजनों ने चालक पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि बार-बार चेतावनी के बावजूद ड्राइवर ने सुध नहीं ली। किडनी खराब थी, बेहतर इलाज की उम्मीद में निकले थे जोधपुर मृतक के भाई देवाराम ने बताया कि श्रवण कुमार की किडनियां खराब थीं और वह पिछले चार दिनों से पाली के अस्पताल में भर्ती था। डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए जोधपुर रेफर किया। परिजनों को उम्मीद थी कि जोधपुर के बड़े अस्पताल में श्रवण ठीक हो जाएगा, लेकिन उन्हें क्या पता था कि जिस 108 एंबुलेंस को वो जीवनदायिनी समझ रहे हैं, वही काल बन जाएगी। परिजनों के अनुसार, एंबुलेंस जब घूमटी के पास पहुंची तभी ऑक्सीजन का फ्लो कम होने लगा था। देवाराम ने बताया, मैंने ड्राइवर से बार-बार कहा कि ऑक्सीजन खत्म हो रही है, भाई को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। लेकिन ड्राइवर ने अनसुना कर दिया और कहा कि यह थोड़ा बहुत ऊपर-नीचे होता रहता है, डरने की बात नहीं है।" ओम बन्ना पहुंचते-पहुंचते सिलेंडर पूरी तरह खाली हो गया और श्रवण ने तड़पते हुए दम तोड़ दिया। मौत के बाद रोहट के पास सिलेंडर मंगवाकर की 'खानापूर्ति' हैरानी की बात यह है कि जब मरीज की मौत हो गई, तब चालक ने दूसरी गाड़ी बुलवाकर ऑक्सीजन सिलेंडर मंगवाया। परिजनों का आरोप है कि चालक अपनी गलती छिपाने के लिए कागजों और उपकरणों की औपचारिकता पूरी करने में जुटा रहा। "मेरे भाई की जान लापरवाही ने ली है। अगर ड्राइवर हमारी बात मान लेता और समय रहते सिलेंडर बदल देता, तो भाई आज जिंदा होता। — देवाराम, मृतक का भाई1