मुर्गी फार्म का दूषित पानी नाले में बहा, सधावली गांव के लोगों और खेतों पर मंडराया स्वास्थ्य संकट मुजफ्फरनगर सदर तहसील के गांव में प्रदूषण की मार; राहगीर और किसान परेशान, प्रशासन की अनदेखी का आरोप मुजफ्फरनगर। सदर तहसील के गांव सधावली स्थित जंगल क्षेत्र में एक मुर्गी फार्म से निकलने वाला दूषित और गंदा पानी सीधे नाले में बहाया जा रहा है, जिससे इलाके में स्वास्थ्य और पर्यावरण का गंभीर संकट पैदा हो गया है। इस प्रदूषित पानी के संपर्क में आने से आने-जाने वाले राहगीर और खेतों में काम कर रहे किसानों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, यह मुर्गी फार्म लंबे समय से अपने यहां उत्पन्न कचरे और प्रयुक्त पानी का निस्तारण बिना किसी उपचार के खुले नाले में कर रहा है। इस नाले का पानी आसपास के खेतों में भी रिसाव कर रहा है। गर्मी के मौसम में इस दूषित पानी से दुर्गंध और मक्खियों-मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जबकि बारिश के दिनों में यह पानी खेतों में फैलकर फसलों को नुकसान पहुंचाने का खतरा बनता है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस गंदे पानी के संपर्क में आने से त्वचा संबंधी बीमारियां, आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ और बुखार जैसी समस्याएं हो रही हैं। खेतों में काम करने वाले मजदूरों के पैरों में खुजली और घाव होने की शिकायतें भी सामने आई हैं। नाले के किनारे से गुजरने वाले राहगीरों को भीषण दुर्गंध और गंदगी सहनी पड़ती है। सधावली और आसपास के गांवों के किसान चिंतित हैं कि इस जहरीले पानी से उनकी भूमि की उर्वरक क्षमता खराब हो सकती है और भूजल भी प्रदूषित हो सकता है। उन्होंने फार्म मालिक के खिलाफ कार्रवाई और प्रदूषण रोकने की मांग को लेकर स्थानीय प्रशासन से कई बार शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। जब इस संबंध में सदर तहसील प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों से बात की गई, तो उन्होंने मामले की जांच का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि यदि मुर्गी फार्म पर्यावरण नियमों का उल्लंघन कर रहा है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और दूषित पानी के निस्तारण की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएंगे। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल इस समस्या का हल निकालने और उनके स्वास्थ्य व जीविका की रक्षा करने की मांग की है। उनका कहना है कि विकास के नाम पर पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुर्गी फार्म का दूषित पानी नाले में बहा, सधावली गांव के लोगों और खेतों पर मंडराया स्वास्थ्य संकट मुजफ्फरनगर सदर तहसील के गांव में प्रदूषण की मार; राहगीर और किसान परेशान, प्रशासन की अनदेखी का आरोप मुजफ्फरनगर। सदर तहसील के गांव सधावली स्थित जंगल क्षेत्र में एक मुर्गी फार्म से निकलने वाला दूषित और गंदा पानी सीधे नाले में बहाया जा रहा है, जिससे इलाके में स्वास्थ्य और पर्यावरण का गंभीर संकट पैदा हो गया है। इस प्रदूषित पानी के संपर्क में आने से आने-जाने वाले राहगीर और खेतों में काम कर रहे किसानों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, यह मुर्गी फार्म लंबे समय से अपने यहां उत्पन्न कचरे और प्रयुक्त पानी का निस्तारण बिना किसी उपचार के खुले नाले में कर रहा है। इस नाले का पानी आसपास के खेतों में भी रिसाव कर रहा है। गर्मी के मौसम में इस दूषित पानी से दुर्गंध और मक्खियों-मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जबकि बारिश के दिनों में यह पानी खेतों में फैलकर फसलों को नुकसान पहुंचाने का खतरा बनता है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस गंदे पानी के संपर्क में आने से त्वचा संबंधी बीमारियां, आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ और बुखार जैसी समस्याएं हो रही हैं। खेतों में काम करने वाले मजदूरों के पैरों में खुजली और घाव होने की शिकायतें भी सामने आई हैं। नाले के किनारे से गुजरने वाले राहगीरों को भीषण दुर्गंध और गंदगी सहनी पड़ती है। सधावली और आसपास के गांवों के किसान चिंतित हैं कि इस जहरीले पानी से उनकी भूमि की उर्वरक क्षमता खराब हो सकती है और भूजल भी प्रदूषित हो सकता है। उन्होंने फार्म मालिक के खिलाफ कार्रवाई और प्रदूषण रोकने की मांग को लेकर स्थानीय प्रशासन से कई बार शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। जब इस संबंध में सदर तहसील प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों से बात की गई, तो उन्होंने मामले की जांच का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि यदि मुर्गी फार्म पर्यावरण नियमों का उल्लंघन कर रहा है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और दूषित पानी के निस्तारण की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएंगे। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल इस समस्या का हल निकालने और उनके स्वास्थ्य व जीविका की रक्षा करने की मांग की है। उनका कहना है कि विकास के नाम पर पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- मुज़फ्फरनगर मुज़फ्फरनगर पुलिस ने सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ा और सख़्त कदम उठाया है। SSP संजय कुमार वर्मा के नेतृत्व में जिले में “नो हेलमेट – नो हाइवे” अभियान की शुरुआत कर दी गई है। अभियान के तहत बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चालकों को हाईवे पर एंट्री नहीं दी जाएगी। पुलिस का स्पष्ट संदेश है—हेलमेट पहनें, सुरक्षित रहें, तभी हाईवे पर चलें। 🚨1
- Post by Ssnews UTTAR PRDESH1
- मुज़फ्फरनगर | सर्दी में राहत की पहल, नगर पालिका की अलाव व्यवस्था बनी मिसाल भीषण ठंड के बीच मुज़फ्फरनगर शहर में नगर पालिका परिषद की ओर से की गई अलाव व्यवस्था आमजन के लिए राहत बनकर सामने आई है। मंगलवार शाम नगर पालिका की टीम शहर के विभिन्न चौराहों व सार्वजनिक स्थलों पर अलाव के लिए लकड़ी डालकर उन्हें जलाती हुई नजर आई, जिससे ठंड से जूझ रहे राहगीरों, मजदूरों और स्थानीय नागरिकों को बड़ी राहत मिली। नगर पालिका की इस व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों में संतोष और खुशी देखने को मिली। नागरिकों का कहना है कि कड़ाके की सर्दी में अगर किसी व्यवस्था ने तुरंत राहत दी है, तो वह नगर पालिका द्वारा की गई अलाव व्यवस्था है। लोगों ने नगर पालिका की इस मानवीय पहल को काबिले-तारीफ बताते हुए इसकी सराहना की। नगर पालिका की यह सक्रियता दर्शाती है कि सर्दी के मौसम में आमजन की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन पूरी तरह सजग और संवेदनशील है।1
- समाज का आयना होते हैं पत्रकार- उप जिलाधिकारी पुरकाजी / मुज़फ्फरनगर दिल्ली पब्लिक स्कूल में आयोजित छात्र छात्रोंओ के सम्मान समारोह के दौरान उप जिलाधिकारी राहुल देव भट्ट ने पत्रकारों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया, और कहा क़ी पत्रकार समाज का आयना होते हैं। इस दौरान स्कूल प्रबंधक डॉ अमन, वरिष्ठ पत्रकार इकरार फरीदीं, जीशान मलिक, अजीज सिद्दीकी ,तनवीर आलम, ईशा काजमी,रमेश चंद, उवेश गौर आदि मौजूद रहे।1
- मुजफ्फरनगर नो हेलमेट नो हाईवे अभियान के चलते आज SP CITY श्री सत्यनारायण प्रजापत के द्वारा रोड पर चलते दो पहिया वाहन वालों को किया गया जागरूक1
- तितावी :थाना प्रभारी पवन चौधरी ने संभाली हाईवे की कमान, बिना हेलमेट वालों पर सख्ती मुजफ्फरनगर–शामली–पानीपत–खटीमा हाईवे पर लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों को देखते हुए पुलिस द्वारा विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में तितावी थाना प्रभारी पवन चौधरी ने स्वयं हाईवे पर मोर्चा संभालते हुए सघन वाहन चेकिंग की। अभियान के तहत बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वालों को हाईवे पर प्रवेश नहीं दिया गया। थाना प्रभारी ने बाइक चालकों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति हाईवे पर बिना हेलमेट बाइक चलाते पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।पुलिस का यह विशेष अभियान आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चलाया जा रहा है। थाना प्रभारी पवन चौधरी ने कहा, “सुरक्षा आपकी, संकल्प हमारा” — नियमों का पालन ही हादसों से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है1
- DATE=06.01=2026 STORY IDEA= फर्जी जीएसटी कंपनियों का बड़ा खुलासा, 34 फर्जी कंपनी बनाकर 42 करोड़ से अधिक राजस्व की चोरी साइबर क्राइम पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार ANCHOR= मुजफ्फरनगर: खबर उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद से है जहां आज मुजफ्फरनगर साइबर क्राइम पुलिस ने फर्जी जीएसटी कंपनियां बनाकर 42 करोड़ से अधिक रुपये का राजस्व नुकसान का बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, दस्तावेज और एक लग्जरी कार बरामद की है। थाना साइबर क्राइम पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, आरोपियों ने फर्जी कंपनियां रजिस्टर कर उनके नाम पर फर्जी जीएसटी बिलिंग के जरिए देशभर में करोड़ों रुपये का लेन-देन दिखाया। इस गिरोह की गतिविधियों से सरकारी राजस्व को भारी क्षति पहुंची। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए तीन अभियुक्तों—अफजल पुत्र समीर मलिक, मोनिस अली पुत्र शौकत अली और मोहम्मद हफीज पुत्र मोहम्मद लियाकत,को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ जनपद के विभिन्न थानों में बीएनएस की धारा 318(4), 338, 336(3) और 340(2) के तहत कुल पांच मुकदमे दर्ज हैं। आरोपियों के पास से 06 मोबाइल फोन, 05 लैपटॉप, 01 हार्ड डिस्क, 01 इंटरनेट डोंगल, 03 रबर स्टाम्प मोहर, 01 चेक बुक, 12 डिजिटल सिग्नेचर (DSC) यूएसबी, 02 कीबोर्ड, 02 प्रिंटर, 03 लैपटॉप चार्जर, आधार कार्ड, पैन कार्ड, सिम कार्ड, 34 जीएसटी फॉर्म के प्रपत्र और एक क्रेटा कार बरामद की गई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी अब तक लगभग 34 फर्जी जीएसटी कंपनियां बनाकर विभिन्न फर्जी फर्मों के माध्यम से करोड़ों रुपये से अधिक की फर्जी जीएसटी बिलिंग कर चुके थे। इस कार्रवाई को उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे साइबर अपराध विरोधी अभियान के तहत अंजाम दिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन और साइबर क्राइम थाना प्रभारी के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। आज मंगलवार दोपहर मुजफ्फरनगर की पुलिस लाइन में एक पत्रकार वार्ता के दौरान मुजफ्फरनगर एसपी क्राइम हिंदू सिद्धार्थ ने जानकारी देते हुए बताया है कि गिरफ्तार किए गए तीनों अभियुक्त ने फर्जी तरीके से 34 फर्जी कंपनियां बनाकर उन्हें रजिस्टर्ड कर लगभग 42 करोड रुपए से अधिक कि जीएसटी चोरी कर सरकारी राजस्व को हानि पहुंचाई है । गिरफ्तार की गए तीनों अभियुक्त के पास लग्जरी गाड़ियां और अलग-अलग नाम से मकान और संपत्ति अर्जित की गई है जिनकी जांच की जा रही है। पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी अफजल पांचवी पास है जिसके पास कई लग्जरी गाड़ियां और कई जनपदों में किसी और के नाम पर मकान और जमीन है। आप ए समीर और मनीष LLB पास आउट है दोनों सी,ए अकाउंट का कोर्स भी कर रहे हैं। BYTE= इंदु सिद्धार्थ (एस,पी,क्राइम)1
- अमृतसर के वेरका बायपास स्थित मैरीगोल्ड रिसोर्ट में शादी समारोह के दौरान AAP सरपंच जर्मल सिंह की गोली मारकर हत्या, दो युवकों ने सिर में मारी गोली। घटना CCTV में कैद, पुलिस जांच में जुटी—आरोपियों की तलाश जारी, पहले भी हो चुके थे हमले।1