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हजारीबाग के निवासियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ अब शहर में पहला अत्याधुनिक MRI सेंटर खुल गया है। प्रतिभा अल्ट्रासाउण्ड एण्ड रिसर्च सेन्टर (महावीर डायग्नोस्टिक्स के सहयोग से) ने AI तकनीक से लैस आधुनिक मशीन के साथ बेहतर और तेज जांच की सुविधा उपलब्ध कराई है, जिससे MRI जांच के लिए अब रांची जाने की आवश्यकता नहीं होगी। यह सेंटर डॉ. पृथ्वी राज (MBBS | MD रेडियो-डायग्नोसिस) की देखरेख में संचालित होगा, जहाँ सभी जांच डॉक्टर द्वारा स्वयं की जाती हैं। उपलब्ध सुविधाओं में MRI, एब्डोमेन, थायराइड, स्क्रोटम, FWB, TVS, लिम्ब डॉपलर, सॉफ्ट टिश्यू, फीटल एनोमली, नियोनेटल ब्रेन और फॉलिकुलर स्टडी शामिल हैं। यह सुविधा डॉ. आर.डी. गोप कैंपस, पानी टंकी रोड, नवाबगंज, हजारीबाग में उपलब्ध है।
Kashif Adib
हजारीबाग के निवासियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ अब शहर में पहला अत्याधुनिक MRI सेंटर खुल गया है। प्रतिभा अल्ट्रासाउण्ड एण्ड रिसर्च सेन्टर (महावीर डायग्नोस्टिक्स के सहयोग से) ने AI तकनीक से लैस आधुनिक मशीन के साथ बेहतर और तेज जांच की सुविधा उपलब्ध कराई है, जिससे MRI जांच के लिए अब रांची जाने की आवश्यकता नहीं होगी। यह सेंटर डॉ. पृथ्वी राज (MBBS | MD रेडियो-डायग्नोसिस) की देखरेख में संचालित होगा, जहाँ सभी जांच डॉक्टर द्वारा स्वयं की जाती हैं। उपलब्ध सुविधाओं में MRI, एब्डोमेन, थायराइड, स्क्रोटम, FWB, TVS, लिम्ब डॉपलर, सॉफ्ट टिश्यू, फीटल एनोमली, नियोनेटल ब्रेन और फॉलिकुलर स्टडी शामिल हैं। यह सुविधा डॉ. आर.डी. गोप कैंपस, पानी टंकी रोड, नवाबगंज, हजारीबाग में उपलब्ध है।
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- हजारीबाग जिले के इचाक में बकरीद पर्व 2026 को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से रविवार को इचाक थाना परिसर में शांति समिति की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता इचाक प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) संतोष कुमार ने की, जिनके नेतृत्व में पर्व को सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाने की अपील की गई।1
- ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (AIDSO) की झारखंड राज्य कमेटी के नेतृत्व में राज्य के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों कॉलेज और यूनिवर्सिटी के छात्र प्रतिनिधियों ने रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से कर्तव्य भवन तक एक विशाल विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा। यह उग्र प्रदर्शन राज्य सरकार द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत विश्वविद्यालयों में लागू किए जा रहे 'क्लस्टर सिस्टम' और पुनर्गठन के नाम पर शिक्षकों के पदों को सरेंडर करने के तानाशाही फैसले के खिलाफ आयोजित किया गया था। इस प्रदर्शन के दौरान राज्य अध्यक्ष समर महतो ने सरकार की इस नीति से छात्रों, विशेषकर ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्र-छात्राओं के भविष्य पर पड़ने वाले विनाशकारी प्रभावों को प्रमुखता से रेखांकित किया। प्रदर्शनकारियों ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि क्लस्टर सिस्टम से कॉलेजों को चुनिंदा विषयों या संकायों तक सीमित कर दिया जाएगा, जिससे पारंपरिक विषयों की पढ़ाई संकुचित होगी और छात्र अपनी रुचि के विषय पढ़ने से वंचित रह जाएंगे। इस नीति का एक गंभीर पहलू छात्राओं की सुरक्षा पर संकट है, क्योंकि उन्हें दूर के कॉलेजों में भटकना पड़ेगा, जिससे सुरक्षा चिंताओं के कारण ड्रॉप-आउट दर बढ़ने की आशंका है। छात्रों को अपनी डिग्री पूरी करने के लिए एक ही दिन में कई किलोमीटर दूर स्थित अलग-अलग कॉलेजों के चक्कर लगाने पड़ेंगे, जिससे समय, पैसा और मानसिक-शारीरिक मशक्कत बढ़ेगी। इससे ग्रामीण, आदिवासी और आर्थिक रूप से पिछड़े छात्रों के लिए सरकारी शिक्षा की पहुंच मुश्किल हो जाएगी, जिसका सीधा फायदा निजी कॉलेजों को मिलेगा। संगठन ने यह भी बताया कि पुनर्गठन के नाम पर शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पदों को सरेंडर करने का सरकारी प्रस्ताव छात्र-विरोधी है, क्योंकि शिक्षकों के अभाव में शिक्षा की गुणवत्ता पूरी तरह चरमरा जाएगी। AIDSO की मुख्य मांगों में विश्वविद्यालयों में थोपे जा रहे अव्यवहारिक क्लस्टर सिस्टम को तुरंत वापस लेना, शिक्षकों और कर्मचारियों के पदों को सरेंडर करने की प्रक्रिया पर रोक लगाकर खाली पदों पर स्थायी बहाली करना, और शिक्षा के व्यवसायीकरण व निजीकरण को बढ़ावा देने वाली नीतियों को बंद कर सरकारी शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना शामिल है। समारोह के अंत में छात्र प्रतिनिधियों ने साफ चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस छात्र-विरोधी नीति को तुरंत वापस नहीं लिया और उनकी जायज मांगों को अनसुना किया, तो आने वाले दिनों में पूरे झारखंड के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में तालाबंदी की जाएगी और इस आंदोलन को एक उग्र जन-आंदोलन का रूप दिया जाएगा। संगठन की उपाध्यक्ष रिंकी बांसरियार ने भी निर्णय वापस न लेने पर सड़कों पर जोरदार आंदोलन और विश्वविद्यालय में तालाबंदी की बात दोहराई, साथ ही राजपाल भवन में हजारों छात्रों के विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी।3
- हजारीबाग के निवासियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ अब शहर में पहला अत्याधुनिक MRI सेंटर खुल गया है। प्रतिभा अल्ट्रासाउण्ड एण्ड रिसर्च सेन्टर (महावीर डायग्नोस्टिक्स के सहयोग से) ने AI तकनीक से लैस आधुनिक मशीन के साथ बेहतर और तेज जांच की सुविधा उपलब्ध कराई है, जिससे MRI जांच के लिए अब रांची जाने की आवश्यकता नहीं होगी। यह सेंटर डॉ. पृथ्वी राज (MBBS | MD रेडियो-डायग्नोसिस) की देखरेख में संचालित होगा, जहाँ सभी जांच डॉक्टर द्वारा स्वयं की जाती हैं। उपलब्ध सुविधाओं में MRI, एब्डोमेन, थायराइड, स्क्रोटम, FWB, TVS, लिम्ब डॉपलर, सॉफ्ट टिश्यू, फीटल एनोमली, नियोनेटल ब्रेन और फॉलिकुलर स्टडी शामिल हैं। यह सुविधा डॉ. आर.डी. गोप कैंपस, पानी टंकी रोड, नवाबगंज, हजारीबाग में उपलब्ध है।1
- झारखंड में 25 मई को ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (एआईडीएसओ) के नेतृत्व में विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने राज्यपाल के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में 'पुनर्गठन' और 'क्लस्टरिंग' व्यवस्था लागू करने के झारखंड सरकार के निर्णय के खिलाफ था। छात्रों ने राज्यपाल को एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसके बाद राजभवन के अधिकारियों ने प्रभावित छात्रों के साथ राज्यपाल की वार्ता के लिए जल्द ही समय निर्धारित करने का आश्वासन दिया। झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने पत्रांक 05/प-08/2023898 के अनुसार, राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के अंतर्गत महाविद्यालयों को पुनर्गठित करते हुए क्लस्टरिंग करने का निर्णय लिया है। छात्रों का आरोप है कि इस निर्णय से आवागमन के लिए अतिरिक्त खर्च का आर्थिक बोझ बढ़ेगा, शिक्षकों के पद सरेंडर किए जाएंगे, और कई विषयों के विभागों को बंद कर दिया जाएगा, जिसका राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर बहुत ही प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इस मौके पर एआईडीएसओ के प्रदेश अध्यक्ष समर महतो ने इस निर्णय को 'छात्र व शिक्षा विरोधी' करार देते हुए कहा कि सरकार शिक्षकों की बहाली करने के बजाय कई विषयों के विभाग ही बंद कर रही है और सार्वजनिक शिक्षा को छीनने का काम कर रही है। जुलूस का नेतृत्व कर रही संगठन की उपाध्यक्ष रिंकी बांसरियार ने बताया कि क्लस्टर सिस्टम से कॉलेज चुनिंदा संकायों तक सीमित हो जाएंगे, जिससे हर संस्थान में बुनियादी विषय उपलब्ध नहीं होंगे और पारंपरिक विषयों की पढ़ाई पूरी तरह संकुचित हो जाएगी। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि छात्राओं को अपनी पसंद के विषयों के लिए दूर-दराज के कॉलेजों में भटकना पड़ेगा, जिससे सुदूर क्षेत्रों में उनकी सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़ा होगा और कई छात्राओं की पढ़ाई बीच में ही छूट जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों को विभिन्न विषयों की क्लास के लिए एक ही दिन में अलग-अलग कॉलेजों के चक्कर काटने पड़ेंगे, जिससे उन्हें भारी मानसिक और शारीरिक मशक्कत का सामना करना होगा। समर महतो ने आगे कहा कि झारखंड के अधिकांश विद्यार्थी ग्रामीण, आदिवासी और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं। क्लस्टर सिस्टम लागू होने से उनका यात्रा और रहने का खर्च बढ़ेगा, जिससे सरकारी शिक्षा आम छात्रों की पहुँच से दूर हो जाएगी। सुरक्षा चिंताओं के कारण बड़ी संख्या में अभिभावक अपनी बेटियों को दूर भेजने से कतराएंगे, जिससे छात्राओं की ड्रॉप-आउट दर बढ़ जाएगी। संगठन ने इस निर्णय का जोरदार विरोध करते हुए चेतावनी दी है कि यदि यह निर्णय वापस नहीं लिया गया, तो सड़कों पर और भी तीव्र आंदोलन किए जाएंगे और आवश्यकता पड़ने पर विश्वविद्यालयों में तालाबंदी भी होगी, साथ ही राजपाल भवन में हजारों की संख्या में छात्रों का विरोध प्रदर्शन होगा।1
- यह संदेश इस बात पर जोर देता है कि गलतियां और कमियां होने के बावजूद, व्यक्ति का दिल साफ और इरादे सच्चे होते हैं। इसमें कहा गया है कि लोगों को खुश करने के बजाय अपनी सच्चाई में जीना अधिक पसंद है। पोस्ट स्पष्ट रूप से बताती है कि "मैं परफेक्ट नहीं... लेकिन रियल हूं", यह मानते हुए कि नकली दिखावे से बेहतर अपनी असली पहचान के साथ जीना है।1
- ओरिया भला सिंह ने बोरवेल में फंसी सबमर्सिबल मोटर या किसी भी अन्य प्रकार के समर्सिबल उपकरण को बाहर निकालने के लिए अपनी सेवाएँ उपलब्ध कराई हैं। इस सुविधा के लिए 926288976 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके साथ ही, जो प्लंबर बोरिंग का पता लगवाएगा, उसे ₹200 का इनाम भी दिया जाएगा।1
- हजारीबाग के कोर्रा चौक स्थित मुसन साव गली में बने कुमार बॉयज हॉस्टल में गिरिडीह निवासी छात्र पंकज कुमार सिंह ने आत्महत्या कर ली है। पंकज कुमार सिंह बीसीए सेमेस्टर-1 का छात्र था और हॉस्टल के दूसरे तल्ले पर अकेले एक कमरा लेकर रह रहा था। बताया गया है कि वह पढ़ाई में बेहद होनहार विद्यार्थी था और उसकी तकनीक के क्षेत्र में भी अच्छी रुचि थी। पंकज ने दूर-दराज से पढ़ाई करने आने वाले छात्रों की परेशानी को देखते हुए 'One Near' नाम से एक एप्लीकेशन भी तैयार किया था, जिसका उद्देश्य नए छात्रों को कमरा खोजने में मदद करना था और इस प्रयास की लोग सराहना भी करते थे। घटना की जानकारी मिलने के बाद कोर्रा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए एसबीएमसीएच भेज दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पंकज के परिजनों से भी बातचीत की है। पंकज के परिजन हजारीबाग पहुंच गए हैं। हालांकि, आत्महत्या के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, और खबर लिखे जाने तक हॉस्टल के कमरे का दरवाजा नहीं खोला गया था।1
- हजारीबाग जिले में एक विशेष 'जल जांच अभियान' का शुभारंभ किया गया है। इस अभियान के तहत, पेयजल की गुणवत्ता की जांच 23 जून तक जारी रहेगी।1