उपायुक्त श्री हेमन्त सती की अध्यक्षता में समाज कल्याण, सामाजिक सुरक्षा एवं बाल संरक्षण विभाग की एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा हुई, जिसके बाद संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान, उपायुक्त ने समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना और प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की। उन्होंने इन योजनाओं को महिलाओं और किशोरियों के सशक्तिकरण तथा मातृ स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए निर्देश दिया कि लाभुकों के चयन और स्वीकृति में अतिरिक्त सावधानी बरती जाए, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति वंचित न रहे और कोई भी अपात्र चयनित न हो। जिले में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति की समीक्षा करते हुए, उपायुक्त ने उनके मूल उद्देश्यों पर प्रकाश डाला, जिनमें ग्रामीण बच्चों में व्यक्तिगत स्वच्छता की आदत विकसित करना, पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना और प्रारंभिक शिक्षा (जैसे गिनती, वर्णमाला, पहाड़ा) प्रदान करना शामिल है। उन्होंने बच्चों में अनुशासन और स्वच्छता विकसित करने के लिए उन्हें साफ-सुथरे कपड़े, यूनिफॉर्म, जूते और मोजे उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही, सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (VHSND) का आयोजन निर्धारित तिथि पर सुनिश्चित करने को कहा, विशेषकर दुर्गम क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों में हर माह सफल आयोजन सुनिश्चित करने के लिए डीआरसीएचओ को निर्देश दिए, और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही अस्वीकार्य होगी, यह स्पष्ट किया। बाल संरक्षण विभाग की मासिक प्रगति प्रतिवेदन की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने चाइल्ड वेलफेयर कमिटी, स्पॉन्सरशिप योजना, दत्तक ग्रहण (एडॉप्शन) और अन्य संबंधित योजनाओं की जानकारी लेते हुए समीक्षा की। उन्होंने जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी को निर्देश दिया कि 18 वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों को उनके बालपन और अधिकारों से संबंधित संरक्षण उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किया जाए। इसके तहत, आर्थिक या सामाजिक अभाव के कारण विद्यालय न जा पाने वाले बच्चों को विद्यालयों में नामांकित करने, जिन बच्चों के माता-पिता नहीं हैं या वे विशेष परिस्थितियों में हैं, उन्हें स्पॉन्सरशिप योजना का लाभ प्रदान करने, और पॉक्सो अधिनियम से प्रभावित बच्चों के पुनर्वास एवं संरक्षण के लिए समुचित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त, समाहरणालय परिसर के समीप निर्माणाधीन प्लेस ऑफ सेफ्टी के कार्यों की समीक्षा कर गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए गए। इस बैठक में उप विकास आयुक्त श्रीमती रिया सिंह, समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती शिप्रा सिन्हा, सामाजिक सुरक्षा पदाधिकारी श्रीमती सुनीता कुमारी सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
उपायुक्त श्री हेमन्त सती की अध्यक्षता में समाज कल्याण, सामाजिक सुरक्षा एवं बाल संरक्षण विभाग की एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा हुई, जिसके बाद संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान, उपायुक्त ने समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना और प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की। उन्होंने इन योजनाओं को महिलाओं और किशोरियों के सशक्तिकरण तथा मातृ स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए निर्देश दिया कि लाभुकों के चयन और स्वीकृति में अतिरिक्त सावधानी बरती जाए, ताकि
कोई भी पात्र व्यक्ति वंचित न रहे और कोई भी अपात्र चयनित न हो। जिले में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति की समीक्षा करते हुए, उपायुक्त ने उनके मूल उद्देश्यों पर प्रकाश डाला, जिनमें ग्रामीण बच्चों में व्यक्तिगत स्वच्छता की आदत विकसित करना, पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना और प्रारंभिक शिक्षा (जैसे गिनती, वर्णमाला, पहाड़ा) प्रदान करना शामिल है। उन्होंने बच्चों में अनुशासन और स्वच्छता विकसित करने के लिए उन्हें साफ-सुथरे कपड़े, यूनिफॉर्म, जूते और मोजे उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही, सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (VHSND) का आयोजन निर्धारित तिथि पर सुनिश्चित करने को कहा, विशेषकर दुर्गम
क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों में हर माह सफल आयोजन सुनिश्चित करने के लिए डीआरसीएचओ को निर्देश दिए, और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही अस्वीकार्य होगी, यह स्पष्ट किया। बाल संरक्षण विभाग की मासिक प्रगति प्रतिवेदन की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने चाइल्ड वेलफेयर कमिटी, स्पॉन्सरशिप योजना, दत्तक ग्रहण (एडॉप्शन) और अन्य संबंधित योजनाओं की जानकारी लेते हुए समीक्षा की। उन्होंने जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी को निर्देश दिया कि 18 वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों को उनके बालपन और अधिकारों से संबंधित संरक्षण उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किया जाए। इसके तहत, आर्थिक या सामाजिक अभाव के कारण विद्यालय न
जा पाने वाले बच्चों को विद्यालयों में नामांकित करने, जिन बच्चों के माता-पिता नहीं हैं या वे विशेष परिस्थितियों में हैं, उन्हें स्पॉन्सरशिप योजना का लाभ प्रदान करने, और पॉक्सो अधिनियम से प्रभावित बच्चों के पुनर्वास एवं संरक्षण के लिए समुचित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त, समाहरणालय परिसर के समीप निर्माणाधीन प्लेस ऑफ सेफ्टी के कार्यों की समीक्षा कर गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए गए। इस बैठक में उप विकास आयुक्त श्रीमती रिया सिंह, समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती शिप्रा सिन्हा, सामाजिक सुरक्षा पदाधिकारी श्रीमती सुनीता कुमारी सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
- विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर, हजारीबाग के सदर अस्पताल के नए ओपीडी में 14 जून को एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने इस नेक कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए सभी लोगों से अपील की है। यह रक्तदान शिविर विश्व रक्तदाता दिवस, यानी 14 जून, को आयोजित होगा।1
- हजारीबाग के वार्ड नंबर 2 में गंदगी, जलजमाव और बदहाल व्यवस्था को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। यह वार्ड पूरी तरह से कूड़ाघर में तब्दील हो गया है, जिससे स्थानीय निवासियों में प्रबंधन के प्रति गहरा आक्रोश व्याप्त है।1
- झारखंड में JMM के जिलाध्यक्ष निलेश गाइसेन के 'बिगड़ते बोल' लोकतंत्र और राजनीतिक शिष्टाचार पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। इन कटु शब्दों की आलोचना करते हुए, यह मांग की जा रही है कि राजनीति में व्यक्तिगत आरोपों की बजाय विकास और जनहित के मुद्दों पर बात हो, क्योंकि मर्यादा का पालन आवश्यक है। चतरा की जनता स्पष्ट रूप से विवादों से हटकर समाधान की अपेक्षा कर रही है। ऐसे में, यह प्रश्न उठाया जा रहा है कि मुद्दों की बात कब होगी, और यह भी चेतावनी दी गई है कि झारखंड की जनता अपने अपमान को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी, बल्कि शब्दों में संयम और राजनीति में सम्मान चाहती है।2
- रामगढ़ जिले के मांडू में खबर के असर और ग्रामीणों की एकजुटता का परिणाम सामने आया है, जहाँ बिजली बहाली को लेकर सहमति बन गई है। इस सकारात्मक पहल के बाद, चल रहा चक्का जाम समाप्त कर दिया गया है। प्रभावित गांवों में जल्द ही बिजली की रोशनी लौटने की उम्मीद है।1
- चतरा जिले के टंडवा क्षेत्र में पिछले चार दिनों से लगातार अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, ग्राम सभा की टीम ने अतिक्रमण हटाने के संबंध में ग्रामीणों से बातचीत करने का प्रयास किया। इस दौरान, टंडवा के कपड़ा व्यवसायी दशरथ गुप्ता ने अंचल अधिकारी (CO) का धन्यवाद व्यक्त किया।1
- गोला प्रखंड के डिमरा गांव निवासी मजदूर अमित बेदिया के परिवार को उनके निधन के बाद 10 लाख रुपये का मुआवजा मिला है। पार्टी के वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्रनाथ महतो ने दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवार का सहारा बनकर उन्हें न्याय दिलाने का महत्वपूर्ण कार्य किया। जानकारी के अनुसार, अमित बेदिया रांची के कांके रोड में मजदूरी करने के दौरान अचानक गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। रिम्स में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अमित की असामयिक मृत्यु से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था, और कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण उनके सामने जीवन-यापन की गंभीर समस्या खड़ी हो गई थी। मामले की जानकारी मिलने पर जेएलकेएम के वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्रनाथ महतो ने पहल करते हुए संबंधित पक्षों से बातचीत की, ठेकेदार पर दबाव बनाया, पुलिस से भी नोक-झोंक हुई, और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने के लिए लगातार प्रयास करते रहे। उनके इन प्रयासों के फलस्वरूप मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपये का मुआवजा उपलब्ध कराया गया। लोगों ने देवेन्द्रनाथ महतो की इस पहल की सराहना की है। जेएलकेएम हमेशा से गरीब, मजदूर और आदिवासी समाज के अधिकारों की लड़ाई लड़ता रहा है। संगठन की प्राथमिकता किसी भी पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना है, और उनका मानना है कि दुख की घड़ी में पीड़ित लोगों के साथ खड़ा होना ही सच्ची राजनीति और जनसेवा है।1
- सोशल मीडिया पर अमेरिका के मनमोहक पर्वतीय दृश्यों को खूब सराहा जा रहा है। इन दिलकश नज़ारों ने अपनी अनुपम सुंदरता से दर्शकों का मन मोह लिया है। वायरल रील्स चैलेंज के तहत साझा किए जा रहे ये दृश्य तेजी से ट्रेंड कर रहे हैं, जिससे इनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।1
- झारखंड के हजारीबाग में सनातन आस्था का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। इस दौरान श्रद्धालु अपने सिर पर कलश धारण किए हुए थे, उनके होंठों पर लगातार जयकारे गूंज रहे थे और उनके दिलों में गहरी श्रद्धा का भाव स्पष्ट रूप से झलक रहा था।1