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NH-56 हाईवे पर भीषण ट्रैफिक जाम, रोज हो रहे छोटे-बड़े हादसे* *शिवणी एयरपोर्ट से बाबुलगांव तक लंबा जाम, अंडरपास निर्माण कार्य बना मुसीबत महाराष्ट्र अकोला =शहर से सटे राष्ट्रीय महामार्ग NH-56 पर इन दिनों यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। शिवणी विमानतळ (एयरपोर्ट) से लेकर बाबुलगांव गांव तक रोजाना बड़े पैमाने पर ट्रैफिक जाम लग रहा है। इस भारी जाम के कारण यहां आए दिन छोटे-बड़े सड़क हादसे हो रहे हैं, जिससे नागरिकों में भय और आक्रोश का माहौल देखा जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय नागरिकों के अनुसार, यह मार्ग अकोला शहर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां से प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं, जिनमें निजी वाहन, दोपहिया, भारी ट्रक, बसें, मालवाहक वाहन और कृषि सामग्री लेकर जाने वाले वाहन शामिल रहते हैं। लेकिन वर्तमान में सड़क पर हो रहे निर्माण कार्यों के चलते यातायात का दबाव बढ़ गया है और प्रशासन की ओर से कोई ठोस व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही है। 2024 में पूरा हुआ था हाईवे का काम, फिर भी अब दोबारा खुदाई स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क का कार्य वर्ष 2024 में पूर्ण किया गया था, लेकिन अब उसी मार्ग पर नया अंडरपास रोड निर्माण शुरू होने से सड़क बार-बार खोदी जा रही है। इसके कारण सड़क संकरी हो गई है और वाहनों की आवाजाही बाधित हो रही है। नागरिकों का सवाल है कि जब 2024 में हाईवे का कार्य पूर्ण हो चुका था, तो उसी समय शासन और संबंधित विभागों ने संपूर्ण तकनीकी मानकों और यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अंडरपास का निर्माण क्यों नहीं किया? 204 करोड़ खर्च के बाद भी जनता परेशान, सरकार पर उठ रहे सवाल स्थानीय चर्चा में यह मुद्दा तेजी से सामने आ रहा है कि सरकार द्वारा करीब 204 करोड़ रुपये खर्च कर सड़क का निर्माण किया गया, लेकिन योजना की कमी और अधूरी व्यवस्थाओं के चलते अब फिर से जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है। नागरिकों का आरोप है कि यह जनता के पैसे की उधड़पट्टी है। पहले करोड़ों रुपये खर्च कर सड़क बनाई गई और अब फिर उसी पर नए निर्माण कार्य के कारण ट्रैफिक बाधित हो रहा है। इससे साफ है कि परियोजना में प्रारंभ से ही उचित नियोजन का अभाव रहा। रोजाना लग रहा किलोमीटरों लंबा जाम शिवणी एयरपोर्ट क्षेत्र से बाबुलगांव तक सुबह और शाम के समय जाम की स्थिति अत्यंत गंभीर हो जाती है। कई बार वाहनों की कतारें किलोमीटरों तक लंबी हो जाती हैं। इस जाम में सबसे अधिक परेशानी: स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों मरीजों को अस्पताल ले जाने वाले नागरिकों किसान और ग्रामीण वाहन चालकों लंबी दूरी के यात्रियों को उठानी पड़ रही है। छोटे-बड़े हादसे बन रहे रोजमर्रा की बात इस हाईवे पर लगातार जाम और अव्यवस्थित यातायात के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। कई स्थानों पर अचानक ब्रेक लगने, गलत दिशा से ओवरटेक करने, भारी वाहनों के दबाव और रोड डायवर्जन की स्पष्ट जानकारी न होने के कारण दुर्घटनाएं हो रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही यातायात नियंत्रण नहीं किया गया तो यहां कोई बड़ी दुर्घटना भी घट सकती है। निर्माण कार्य में लापरवाही का आरोप नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया कि अंडरपास निर्माण कार्य के दौरान सड़क पर: पर्याप्त बैरिकेडिंग नहीं की गई डायवर्जन बोर्ड स्पष्ट नहीं लगाए गए पुलिस या ट्रैफिक कर्मियों की तैनाती कम है रात में प्रकाश व्यवस्था अपर्याप्त है इन कारणों से रात के समय वाहन चालकों को अधिक परेशानी होती है और दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। नागरिकों की मांग: अंडरपास का काम जल्द पूरा हो स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों की मुख्य मांग है कि अंडरपास का कार्य युद्धस्तर पर पूर्ण किया जाए, ताकि यातायात सामान्य हो सके। साथ ही प्रशासन को तत्काल: ट्रैफिक पुलिस की संख्या बढ़ानी चाहिए भारी वाहनों के लिए अलग मार्ग तय करना चाहिए डायवर्जन व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए संकेतक बोर्ड और चेतावनी बोर्ड लगवाने चाहिए निर्माण स्थल पर रात में पर्याप्त लाइटिंग करनी चाहिए “अंडरपास पहले बनना चाहिए था” – जनता में चर्चा तेज इस पूरे मामले को लेकर अकोला शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि अंडरपास निर्माण कार्य पहले ही किया जाना चाहिए था। यदि 2024 में सड़क निर्माण के दौरान ही अंडरपास की योजना लागू होती तो आज जनता को यह परेशानी नहीं झेलनी पड़ती। लोगों का कहना है कि योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन नहीं होने के कारण आम नागरिकों को समय, पैसा और सुरक्षा – तीनों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रशासन की भूमिका पर सवाल ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस व्यवस्था नहीं होने से नागरिकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों ने मांग की है कि संबंधित विभाग और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करें और जल्द से जल्द स्थायी समाधान निकालें। जनता को राहत देने की जरूरत NH-56 पर शिवणी एयरपोर्ट से बाबुलगांव तक की स्थिति अब केवल असुविधा नहीं बल्कि जानलेवा समस्या बनती जा रही है। यदि जल्द ही निर्माण कार्य को गति नहीं दी गई और यातायात व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो यह मार्ग आने वाले दिनों में और भी खतरनाक साबित हो सकता है। अब जरूरत है कि शासन और प्रशासन इस गंभीर समस्या को प्राथमिकता देते हुए अंडरपास कार्य को शीघ्र पूरा कर नागरिकों को राहत प्रदान करे और सड़क हादसों पर नियंत्रण स्थापित करे।

2 hrs ago
user_Abhijeet KOLHE
Abhijeet KOLHE
Press advisory नाशिक, नाशिक, महाराष्ट्र•
2 hrs ago

NH-56 हाईवे पर भीषण ट्रैफिक जाम, रोज हो रहे छोटे-बड़े हादसे* *शिवणी एयरपोर्ट से बाबुलगांव तक लंबा जाम, अंडरपास निर्माण कार्य बना मुसीबत महाराष्ट्र अकोला =शहर से सटे राष्ट्रीय महामार्ग NH-56 पर इन दिनों यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। शिवणी विमानतळ (एयरपोर्ट) से लेकर बाबुलगांव गांव तक रोजाना बड़े पैमाने पर ट्रैफिक जाम लग रहा है। इस भारी जाम के कारण यहां आए दिन छोटे-बड़े सड़क हादसे हो रहे हैं, जिससे नागरिकों में भय और आक्रोश का माहौल देखा जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय नागरिकों के अनुसार, यह मार्ग अकोला शहर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां से प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं, जिनमें निजी वाहन, दोपहिया, भारी ट्रक, बसें, मालवाहक वाहन और कृषि सामग्री लेकर जाने वाले वाहन शामिल रहते हैं। लेकिन वर्तमान में सड़क पर हो रहे निर्माण कार्यों के चलते यातायात का दबाव बढ़ गया है और प्रशासन की ओर से कोई ठोस व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही है। 2024 में पूरा हुआ था हाईवे का काम, फिर भी अब दोबारा खुदाई स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क का कार्य वर्ष 2024 में पूर्ण किया गया था, लेकिन अब उसी मार्ग पर नया अंडरपास रोड निर्माण शुरू होने से सड़क बार-बार खोदी जा रही है। इसके कारण सड़क संकरी हो गई है और वाहनों की आवाजाही बाधित हो रही है। नागरिकों का सवाल है कि जब 2024 में हाईवे का कार्य पूर्ण हो चुका था, तो उसी समय शासन और संबंधित विभागों ने संपूर्ण तकनीकी मानकों और यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अंडरपास का निर्माण क्यों नहीं किया? 204 करोड़ खर्च के बाद भी जनता परेशान, सरकार पर उठ रहे सवाल स्थानीय चर्चा में यह मुद्दा तेजी से सामने आ रहा है कि सरकार द्वारा करीब 204 करोड़ रुपये खर्च कर सड़क का निर्माण किया गया, लेकिन योजना की कमी और अधूरी व्यवस्थाओं के चलते अब फिर से जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है। नागरिकों का आरोप है कि यह जनता के पैसे की उधड़पट्टी है। पहले करोड़ों रुपये खर्च कर सड़क बनाई गई और अब फिर उसी पर नए निर्माण कार्य के कारण ट्रैफिक बाधित हो रहा है। इससे साफ है कि परियोजना में प्रारंभ से ही उचित नियोजन का अभाव रहा। रोजाना लग रहा किलोमीटरों लंबा जाम शिवणी एयरपोर्ट क्षेत्र से बाबुलगांव तक सुबह और शाम के समय जाम की स्थिति अत्यंत गंभीर हो जाती है। कई बार वाहनों की कतारें किलोमीटरों तक लंबी हो जाती हैं। इस जाम में सबसे अधिक परेशानी: स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों मरीजों को अस्पताल ले जाने वाले नागरिकों किसान और ग्रामीण वाहन चालकों लंबी दूरी के यात्रियों को उठानी पड़ रही है। छोटे-बड़े हादसे बन

रहे रोजमर्रा की बात इस हाईवे पर लगातार जाम और अव्यवस्थित यातायात के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। कई स्थानों पर अचानक ब्रेक लगने, गलत दिशा से ओवरटेक करने, भारी वाहनों के दबाव और रोड डायवर्जन की स्पष्ट जानकारी न होने के कारण दुर्घटनाएं हो रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही यातायात नियंत्रण नहीं किया गया तो यहां कोई बड़ी दुर्घटना भी घट सकती है। निर्माण कार्य में लापरवाही का आरोप नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया कि अंडरपास निर्माण कार्य के दौरान सड़क पर: पर्याप्त बैरिकेडिंग नहीं की गई डायवर्जन बोर्ड स्पष्ट नहीं लगाए गए पुलिस या ट्रैफिक कर्मियों की तैनाती कम है रात में प्रकाश व्यवस्था अपर्याप्त है इन कारणों से रात के समय वाहन चालकों को अधिक परेशानी होती है और दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। नागरिकों की मांग: अंडरपास का काम जल्द पूरा हो स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों की मुख्य मांग है कि अंडरपास का कार्य युद्धस्तर पर पूर्ण किया जाए, ताकि यातायात सामान्य हो सके। साथ ही प्रशासन को तत्काल: ट्रैफिक पुलिस की संख्या बढ़ानी चाहिए भारी वाहनों के लिए अलग मार्ग तय करना चाहिए डायवर्जन व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए संकेतक बोर्ड और चेतावनी बोर्ड लगवाने चाहिए निर्माण स्थल पर रात में पर्याप्त लाइटिंग करनी चाहिए “अंडरपास पहले बनना चाहिए था” – जनता में चर्चा तेज इस पूरे मामले को लेकर अकोला शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि अंडरपास निर्माण कार्य पहले ही किया जाना चाहिए था। यदि 2024 में सड़क निर्माण के दौरान ही अंडरपास की योजना लागू होती तो आज जनता को यह परेशानी नहीं झेलनी पड़ती। लोगों का कहना है कि योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन नहीं होने के कारण आम नागरिकों को समय, पैसा और सुरक्षा – तीनों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रशासन की भूमिका पर सवाल ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस व्यवस्था नहीं होने से नागरिकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों ने मांग की है कि संबंधित विभाग और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करें और जल्द से जल्द स्थायी समाधान निकालें। जनता को राहत देने की जरूरत NH-56 पर शिवणी एयरपोर्ट से बाबुलगांव तक की स्थिति अब केवल असुविधा नहीं बल्कि जानलेवा समस्या बनती जा रही है। यदि जल्द ही निर्माण कार्य को गति नहीं दी गई और यातायात व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो यह मार्ग आने वाले दिनों में और भी खतरनाक साबित हो सकता है। अब जरूरत है कि शासन और प्रशासन इस गंभीर समस्या को प्राथमिकता देते हुए अंडरपास कार्य को शीघ्र पूरा कर नागरिकों को राहत प्रदान करे और सड़क हादसों पर नियंत्रण स्थापित करे।

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  • महाराष्ट्र अकोला =शहर से सटे राष्ट्रीय महामार्ग NH-56 पर इन दिनों यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। शिवणी विमानतळ (एयरपोर्ट) से लेकर बाबुलगांव गांव तक रोजाना बड़े पैमाने पर ट्रैफिक जाम लग रहा है। इस भारी जाम के कारण यहां आए दिन छोटे-बड़े सड़क हादसे हो रहे हैं, जिससे नागरिकों में भय और आक्रोश का माहौल देखा जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय नागरिकों के अनुसार, यह मार्ग अकोला शहर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां से प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं, जिनमें निजी वाहन, दोपहिया, भारी ट्रक, बसें, मालवाहक वाहन और कृषि सामग्री लेकर जाने वाले वाहन शामिल रहते हैं। लेकिन वर्तमान में सड़क पर हो रहे निर्माण कार्यों के चलते यातायात का दबाव बढ़ गया है और प्रशासन की ओर से कोई ठोस व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही है। 2024 में पूरा हुआ था हाईवे का काम, फिर भी अब दोबारा खुदाई स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क का कार्य वर्ष 2024 में पूर्ण किया गया था, लेकिन अब उसी मार्ग पर नया अंडरपास रोड निर्माण शुरू होने से सड़क बार-बार खोदी जा रही है। इसके कारण सड़क संकरी हो गई है और वाहनों की आवाजाही बाधित हो रही है। नागरिकों का सवाल है कि जब 2024 में हाईवे का कार्य पूर्ण हो चुका था, तो उसी समय शासन और संबंधित विभागों ने संपूर्ण तकनीकी मानकों और यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अंडरपास का निर्माण क्यों नहीं किया? 204 करोड़ खर्च के बाद भी जनता परेशान, सरकार पर उठ रहे सवाल स्थानीय चर्चा में यह मुद्दा तेजी से सामने आ रहा है कि सरकार द्वारा करीब 204 करोड़ रुपये खर्च कर सड़क का निर्माण किया गया, लेकिन योजना की कमी और अधूरी व्यवस्थाओं के चलते अब फिर से जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है। नागरिकों का आरोप है कि यह जनता के पैसे की उधड़पट्टी है। पहले करोड़ों रुपये खर्च कर सड़क बनाई गई और अब फिर उसी पर नए निर्माण कार्य के कारण ट्रैफिक बाधित हो रहा है। इससे साफ है कि परियोजना में प्रारंभ से ही उचित नियोजन का अभाव रहा। रोजाना लग रहा किलोमीटरों लंबा जाम शिवणी एयरपोर्ट क्षेत्र से बाबुलगांव तक सुबह और शाम के समय जाम की स्थिति अत्यंत गंभीर हो जाती है। कई बार वाहनों की कतारें किलोमीटरों तक लंबी हो जाती हैं। इस जाम में सबसे अधिक परेशानी: स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों मरीजों को अस्पताल ले जाने वाले नागरिकों किसान और ग्रामीण वाहन चालकों लंबी दूरी के यात्रियों को उठानी पड़ रही है। छोटे-बड़े हादसे बन रहे रोजमर्रा की बात इस हाईवे पर लगातार जाम और अव्यवस्थित यातायात के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। कई स्थानों पर अचानक ब्रेक लगने, गलत दिशा से ओवरटेक करने, भारी वाहनों के दबाव और रोड डायवर्जन की स्पष्ट जानकारी न होने के कारण दुर्घटनाएं हो रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही यातायात नियंत्रण नहीं किया गया तो यहां कोई बड़ी दुर्घटना भी घट सकती है। निर्माण कार्य में लापरवाही का आरोप नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया कि अंडरपास निर्माण कार्य के दौरान सड़क पर: पर्याप्त बैरिकेडिंग नहीं की गई डायवर्जन बोर्ड स्पष्ट नहीं लगाए गए पुलिस या ट्रैफिक कर्मियों की तैनाती कम है रात में प्रकाश व्यवस्था अपर्याप्त है इन कारणों से रात के समय वाहन चालकों को अधिक परेशानी होती है और दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। नागरिकों की मांग: अंडरपास का काम जल्द पूरा हो स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों की मुख्य मांग है कि अंडरपास का कार्य युद्धस्तर पर पूर्ण किया जाए, ताकि यातायात सामान्य हो सके। साथ ही प्रशासन को तत्काल: ट्रैफिक पुलिस की संख्या बढ़ानी चाहिए भारी वाहनों के लिए अलग मार्ग तय करना चाहिए डायवर्जन व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए संकेतक बोर्ड और चेतावनी बोर्ड लगवाने चाहिए निर्माण स्थल पर रात में पर्याप्त लाइटिंग करनी चाहिए “अंडरपास पहले बनना चाहिए था” – जनता में चर्चा तेज इस पूरे मामले को लेकर अकोला शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि अंडरपास निर्माण कार्य पहले ही किया जाना चाहिए था। यदि 2024 में सड़क निर्माण के दौरान ही अंडरपास की योजना लागू होती तो आज जनता को यह परेशानी नहीं झेलनी पड़ती। लोगों का कहना है कि योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन नहीं होने के कारण आम नागरिकों को समय, पैसा और सुरक्षा – तीनों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रशासन की भूमिका पर सवाल ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस व्यवस्था नहीं होने से नागरिकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों ने मांग की है कि संबंधित विभाग और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करें और जल्द से जल्द स्थायी समाधान निकालें। जनता को राहत देने की जरूरत NH-56 पर शिवणी एयरपोर्ट से बाबुलगांव तक की स्थिति अब केवल असुविधा नहीं बल्कि जानलेवा समस्या बनती जा रही है। यदि जल्द ही निर्माण कार्य को गति नहीं दी गई और यातायात व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो यह मार्ग आने वाले दिनों में और भी खतरनाक साबित हो सकता है। अब जरूरत है कि शासन और प्रशासन इस गंभीर समस्या को प्राथमिकता देते हुए अंडरपास कार्य को शीघ्र पूरा कर नागरिकों को राहत प्रदान करे और सड़क हादसों पर नियंत्रण स्थापित करे।
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    महाराष्ट्र अकोला =शहर से सटे राष्ट्रीय महामार्ग NH-56 पर इन दिनों यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। शिवणी विमानतळ (एयरपोर्ट) से लेकर बाबुलगांव गांव तक रोजाना बड़े पैमाने पर ट्रैफिक जाम लग रहा है। इस भारी जाम के कारण यहां आए दिन छोटे-बड़े सड़क हादसे हो रहे हैं, जिससे नागरिकों में भय और आक्रोश का माहौल देखा जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय नागरिकों के अनुसार, यह मार्ग अकोला शहर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां से प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं, जिनमें निजी वाहन, दोपहिया, भारी ट्रक, बसें, मालवाहक वाहन और कृषि सामग्री लेकर जाने वाले वाहन शामिल रहते हैं। लेकिन वर्तमान में सड़क पर हो रहे निर्माण कार्यों के चलते यातायात का दबाव बढ़ गया है और प्रशासन की ओर से कोई ठोस व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही है।
2024 में पूरा हुआ था हाईवे का काम, फिर भी अब दोबारा खुदाई
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क का कार्य वर्ष 2024 में पूर्ण किया गया था, लेकिन अब उसी मार्ग पर नया अंडरपास रोड निर्माण शुरू होने से सड़क बार-बार खोदी जा रही है। इसके कारण सड़क संकरी हो गई है और वाहनों की आवाजाही बाधित हो रही है।
नागरिकों का सवाल है कि जब 2024 में हाईवे का कार्य पूर्ण हो चुका था, तो उसी समय शासन और संबंधित विभागों ने संपूर्ण तकनीकी मानकों और यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अंडरपास का निर्माण क्यों नहीं किया?
204 करोड़ खर्च के बाद भी जनता परेशान, सरकार पर उठ रहे सवाल
स्थानीय चर्चा में यह मुद्दा तेजी से सामने आ रहा है कि सरकार द्वारा करीब 204 करोड़ रुपये खर्च कर सड़क का निर्माण किया गया, लेकिन योजना की कमी और अधूरी व्यवस्थाओं के चलते अब फिर से जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
नागरिकों का आरोप है कि यह जनता के पैसे की उधड़पट्टी है। पहले करोड़ों रुपये खर्च कर सड़क बनाई गई और अब फिर उसी पर नए निर्माण कार्य के कारण ट्रैफिक बाधित हो रहा है। इससे साफ है कि परियोजना में प्रारंभ से ही उचित नियोजन का अभाव रहा।
रोजाना लग रहा किलोमीटरों लंबा जाम
शिवणी एयरपोर्ट क्षेत्र से बाबुलगांव तक सुबह और शाम के समय जाम की स्थिति अत्यंत गंभीर हो जाती है। कई बार वाहनों की कतारें किलोमीटरों तक लंबी हो जाती हैं।
इस जाम में सबसे अधिक परेशानी:
स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों
ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों
मरीजों को अस्पताल ले जाने वाले नागरिकों
किसान और ग्रामीण वाहन चालकों
लंबी दूरी के यात्रियों
को उठानी पड़ रही है।
छोटे-बड़े हादसे बन रहे रोजमर्रा की बात
इस हाईवे पर लगातार जाम और अव्यवस्थित यातायात के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। कई स्थानों पर अचानक ब्रेक लगने, गलत दिशा से ओवरटेक करने, भारी वाहनों के दबाव और रोड डायवर्जन की स्पष्ट जानकारी न होने के कारण दुर्घटनाएं हो रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही यातायात नियंत्रण नहीं किया गया तो यहां कोई बड़ी दुर्घटना भी घट सकती है।
निर्माण कार्य में लापरवाही का आरोप
नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया कि अंडरपास निर्माण कार्य के दौरान सड़क पर:
पर्याप्त बैरिकेडिंग नहीं की गई
डायवर्जन बोर्ड स्पष्ट नहीं लगाए गए
पुलिस या ट्रैफिक कर्मियों की तैनाती कम है
रात में प्रकाश व्यवस्था अपर्याप्त है
इन कारणों से रात के समय वाहन चालकों को अधिक परेशानी होती है और दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।
नागरिकों की मांग: अंडरपास का काम जल्द पूरा हो
स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों की मुख्य मांग है कि अंडरपास का कार्य युद्धस्तर पर पूर्ण किया जाए, ताकि यातायात सामान्य हो सके। साथ ही प्रशासन को तत्काल:
ट्रैफिक पुलिस की संख्या बढ़ानी चाहिए
भारी वाहनों के लिए अलग मार्ग तय करना चाहिए
डायवर्जन व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए
संकेतक बोर्ड और चेतावनी बोर्ड लगवाने चाहिए
निर्माण स्थल पर रात में पर्याप्त लाइटिंग करनी चाहिए
“अंडरपास पहले बनना चाहिए था” – जनता में चर्चा तेज
इस पूरे मामले को लेकर अकोला शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि अंडरपास निर्माण कार्य पहले ही किया जाना चाहिए था। यदि 2024 में सड़क निर्माण के दौरान ही अंडरपास की योजना लागू होती तो आज जनता को यह परेशानी नहीं झेलनी पड़ती।
लोगों का कहना है कि योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन नहीं होने के कारण आम नागरिकों को समय, पैसा और सुरक्षा – तीनों का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
प्रशासन की भूमिका पर सवाल
ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस व्यवस्था नहीं होने से नागरिकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों ने मांग की है कि संबंधित विभाग और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करें और जल्द से जल्द स्थायी समाधान निकालें।
जनता को राहत देने की जरूरत
NH-56 पर शिवणी एयरपोर्ट से बाबुलगांव तक की स्थिति अब केवल असुविधा नहीं बल्कि जानलेवा समस्या बनती जा रही है। यदि जल्द ही निर्माण कार्य को गति नहीं दी गई और यातायात व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो यह मार्ग आने वाले दिनों में और भी खतरनाक साबित हो सकता है।
अब जरूरत है कि शासन और प्रशासन इस गंभीर समस्या को प्राथमिकता देते हुए अंडरपास कार्य को शीघ्र पूरा कर नागरिकों को राहत प्रदान करे और सड़क हादसों पर नियंत्रण स्थापित करे।
    user_Abhijeet KOLHE
    Abhijeet KOLHE
    Press advisory नाशिक, नाशिक, महाराष्ट्र•
    2 hrs ago
  • नालंदा में चीरहरण, बिहार शर्मसार! Manish Kasyap पहुंचे पीड़िता के गांव... गेट बंद, मुंह बंद!
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    नालंदा में चीरहरण, बिहार शर्मसार! Manish Kasyap पहुंचे पीड़िता के गांव... गेट बंद, मुंह बंद!
    user_शीतल कुमार सिंह
    शीतल कुमार सिंह
    पत्रकार नाशिक, नाशिक, महाराष्ट्र•
    20 hrs ago
  • दुर्गम भागात बायफ टाकळी सेंटरचा हातभार: पशुपालकांना प्रशिक्षण व साहित्य वितरण
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    दुर्गम भागात बायफ टाकळी सेंटरचा हातभार: पशुपालकांना प्रशिक्षण व साहित्य वितरण
    user_कृषी संजिवनी NEWS Today
    कृषी संजिवनी NEWS Today
    अकोले, अहमदनगर, महाराष्ट्र•
    20 hrs ago
  • आरके मामा गरीबांचा भिकारी करतोय प्रशासनाच्या विरोधात आमरण उपोषण प्रशासन सुस्त..... उपोषणाने प्रश्न सुटतील काय?...... एकही अधिकारी न्याय देत नाही आर के मामा प्रशासनावर करताय आरोप ......... न्याय द्या...... आर्त साद
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    आरके मामा गरीबांचा भिकारी करतोय प्रशासनाच्या विरोधात आमरण उपोषण
प्रशासन सुस्त..... उपोषणाने प्रश्न सुटतील काय?...... एकही अधिकारी न्याय देत नाही आर के मामा प्रशासनावर करताय आरोप
......... न्याय द्या...... आर्त साद
    user_SUNIL ANNA SONAWANE
    SUNIL ANNA SONAWANE
    Farmer चांदवड, नाशिक, महाराष्ट्र•
    6 hrs ago
  • तालुक्यामध्ये अवकाळी पावसाने मोठे नुकसान केले आहे काढणीला आलेला कांदा,मका, गहू, हरभरा,टरबूज,टोमॅटो इत्यादी पिकाचे मोठ्या प्रमाणात नुकसान झाले आहे त्याचबरोबर पुरणगाव येथील समाधान झांबरे यांच्या रोपवाटिकेचे देखील मोठे नुकसान झाले आहे अचानकपणे काल झालेल्या या बे मोसमी पावसामुळे तालुक्यातील शेतकरी मोठा अडचणीत आला आहे आधीच कुठल्याही पिकाला भाव नसल्यामुळे शेतकरी मोठ्या आर्थिक संकटांना तोंड देत होता त्यात आता या अवकाळी पावसाचं मोठं संकट त्याच्यासमोर उभे राहिले आहे काल झालेल्या या अवकाळी पावसामुळे शेतकऱ्यांचे मोठी नुकसान झाले आहे पुरणगाव येथील समाधान झांबरे यांच्या रोपवाटिकेचे जवळपास आठ ते दहा लाख रुपये नुकसान झाल्याचे समोर आले आहे घटनेची माहिती मिळताच शिवसेनेचे तालुकाप्रमुख पांडुरंग शेळके पाटील यांनी प्रत्यक्ष जाऊन पाहणे केली तिथूनच शिक्षक आमदार किशोर दराडे यांना शेतकऱ्याची व्यथा सांगितली तात्काळ आमदार दराडे यांनी स्थानिक प्रशासनाला सोबत घेऊन पाहणी दौरा केला या दौऱ्यामध्ये तहसीलदार आबा महाजन,तालुका कृषी अधिकारी शुभम बेरड यांच्यासह प्रशासनातील महत्त्वाचे अधिकारी उपस्थित होते आमदार दराडे यांनी तात्काळ पंचनामे करून शेतकऱ्यांना मदत मिळाली पाहिजे असा अहवाल तात्काळ तयार करून वरिष्ठांना द्यावा अशा सूचना आमदार दराडे यांनी केल्या तालुक्यातील ज्या ज्या भागात मुस्कान झाले आहे त्या ठिकाणी आमदार किशोर दराडे व शिवसेना तालुकाप्रमुख पांडुरंग शेळके पाटील यांनी स्वतः शेतीचा बांधावर जात पाहणी करत शेतकऱ्यांना धीर देत सांत्वन केले आहे प्रशासनाकडून तात्काळ पंचनामे करून घेत शेतकऱ्यांच्या हाताला मदत कशी मिळेल यासाठी उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांच्याकडे देखील तालुक्याचा सविस्तर आढावा देणार असल्याचे श्री दराडे यांनी सांगितले. प्रतिक्रिया अवकाळी पावसामुळे तालुक्यात शेती क्षेत्राची मोठी नुकसान झाले आहे शेतकरी आधीच अडचणीत असल्यामुळे त्याला या अस्मानी संकटाला देखील तोंड द्यावे लागत आहे ही अतिशय कदाचित गोष्ट असून शेतकऱ्यांनी कुठे खचून जाऊ नये आम्ही तात्काळ पंचनामेचे आदेश केले आहे लवकरात लवकर आपल्याला मदत मिळावी यासाठी वरिष्ठ पातळीवरती तालुक्यातील शेतकऱ्यांसाठी आम्ही न्याय मागून. आमदार किशोर दराडे प्रतिक्रिया. तालुक्यातील शेतकऱ्यांची आर्थिक परिस्थिती आधीच बिकट होती त्यात या अवकाळी पावसामुळे शेतकऱ्याची पूर्णपणे वाट लागली आहे आम्ही सर्व शिवसेनेचे पदाधिकारी व कार्यकर्ते शेतकऱ्यांच्या सोबत आहोत शेतकऱ्यांना पंचनामे किंवा प्रशासकीय यंत्रणेत कुठलीही अडचण आल्यास तात्काळ आमच्या पदाधिकारी किंवा कार्यकर्त्यांची संपर्क साधावा असे आव्हान आम्ही या निमित्ताने करत आहोत. तालुक्यातील संपूर्ण पंचनामे होत नाही तो पर्यंत आम्ही प्रशासनाचा पाठपुरावा करत राहू. पांडुरंग शेळके पाटील शिवसेना तालुकाप्रमुख येवला.
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    तालुक्यामध्ये अवकाळी पावसाने मोठे नुकसान केले आहे काढणीला आलेला कांदा,मका, गहू, हरभरा,टरबूज,टोमॅटो इत्यादी पिकाचे मोठ्या प्रमाणात नुकसान झाले आहे त्याचबरोबर पुरणगाव येथील समाधान झांबरे यांच्या रोपवाटिकेचे देखील मोठे नुकसान झाले आहे अचानकपणे काल झालेल्या या बे मोसमी पावसामुळे तालुक्यातील शेतकरी मोठा अडचणीत आला आहे आधीच कुठल्याही पिकाला भाव नसल्यामुळे शेतकरी मोठ्या आर्थिक संकटांना तोंड देत होता त्यात आता या अवकाळी पावसाचं मोठं संकट त्याच्यासमोर उभे राहिले आहे काल झालेल्या या अवकाळी पावसामुळे शेतकऱ्यांचे मोठी नुकसान झाले आहे पुरणगाव येथील समाधान झांबरे यांच्या रोपवाटिकेचे जवळपास आठ ते दहा लाख रुपये नुकसान झाल्याचे समोर आले आहे घटनेची माहिती मिळताच शिवसेनेचे तालुकाप्रमुख पांडुरंग शेळके पाटील यांनी प्रत्यक्ष जाऊन पाहणे केली तिथूनच शिक्षक आमदार किशोर दराडे यांना शेतकऱ्याची व्यथा सांगितली तात्काळ आमदार दराडे यांनी स्थानिक प्रशासनाला सोबत घेऊन पाहणी दौरा केला या दौऱ्यामध्ये तहसीलदार आबा महाजन,तालुका कृषी अधिकारी शुभम बेरड यांच्यासह प्रशासनातील महत्त्वाचे अधिकारी उपस्थित होते आमदार दराडे यांनी तात्काळ पंचनामे करून शेतकऱ्यांना मदत मिळाली पाहिजे असा अहवाल तात्काळ तयार करून वरिष्ठांना द्यावा अशा सूचना आमदार दराडे यांनी केल्या तालुक्यातील ज्या ज्या भागात मुस्कान झाले आहे त्या ठिकाणी आमदार किशोर दराडे व शिवसेना तालुकाप्रमुख पांडुरंग शेळके पाटील यांनी स्वतः शेतीचा बांधावर जात पाहणी करत शेतकऱ्यांना धीर देत सांत्वन केले आहे प्रशासनाकडून तात्काळ पंचनामे करून घेत शेतकऱ्यांच्या हाताला मदत कशी मिळेल यासाठी उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांच्याकडे देखील तालुक्याचा सविस्तर आढावा देणार असल्याचे श्री दराडे यांनी सांगितले.
प्रतिक्रिया
अवकाळी पावसामुळे तालुक्यात शेती क्षेत्राची मोठी नुकसान झाले आहे शेतकरी आधीच अडचणीत असल्यामुळे त्याला या अस्मानी संकटाला देखील तोंड द्यावे लागत आहे ही अतिशय कदाचित गोष्ट असून शेतकऱ्यांनी कुठे खचून जाऊ नये आम्ही तात्काळ पंचनामेचे आदेश केले आहे लवकरात लवकर आपल्याला मदत मिळावी यासाठी वरिष्ठ पातळीवरती तालुक्यातील शेतकऱ्यांसाठी आम्ही न्याय मागून.
आमदार किशोर दराडे 
प्रतिक्रिया.
तालुक्यातील शेतकऱ्यांची आर्थिक परिस्थिती आधीच बिकट होती त्यात या अवकाळी पावसामुळे शेतकऱ्याची पूर्णपणे वाट लागली आहे आम्ही सर्व शिवसेनेचे पदाधिकारी व कार्यकर्ते शेतकऱ्यांच्या सोबत आहोत शेतकऱ्यांना पंचनामे किंवा प्रशासकीय यंत्रणेत कुठलीही अडचण आल्यास तात्काळ आमच्या पदाधिकारी किंवा कार्यकर्त्यांची संपर्क साधावा असे आव्हान आम्ही या निमित्ताने करत आहोत. तालुक्यातील संपूर्ण पंचनामे होत नाही तो पर्यंत आम्ही प्रशासनाचा पाठपुरावा करत राहू.
पांडुरंग शेळके पाटील शिवसेना तालुकाप्रमुख येवला.
    user_Sachin Dilip Wakhare
    Sachin Dilip Wakhare
    Reporter येवला, नाशिक, महाराष्ट्र•
    2 hrs ago
  • वैजापूर.महावितरण कार्यालयांचे दुर्लक्ष विज ग्राहकांना वेठीस धरण्याचे काम महावितरण कंपनी शिवराई सबस्टेशन येथून दोन दिवसांपासून लाईट गुल एक ही महावितरण कंपनीचे अधिकारी फिरकले नाही गोळवाडी दहेगाव करंजगाव राहेगव्हाण विजग्रहकांना सेवा देण्यासाठी अ कार्यक्षम.
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    वैजापूर.महावितरण कार्यालयांचे दुर्लक्ष विज ग्राहकांना वेठीस धरण्याचे काम महावितरण कंपनी शिवराई सबस्टेशन येथून दोन दिवसांपासून लाईट गुल एक ही महावितरण कंपनीचे अधिकारी फिरकले नाही गोळवाडी दहेगाव करंजगाव राहेगव्हाण विजग्रहकांना सेवा देण्यासाठी अ कार्यक्षम.
    user_SU NEWS 📡
    SU NEWS 📡
    Social Media Manager वैजापूर, औरंगाबाद, महाराष्ट्र•
    19 hrs ago
  • Post by सचिन शेंडगे 1010
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    Post by सचिन शेंडगे 1010
    user_सचिन शेंडगे 1010
    सचिन शेंडगे 1010
    Social worker कल्याण, ठाणे, महाराष्ट्र•
    23 hrs ago
  • बेझे गाव - *त्र्यंबकेश्वर/नाशिक- महाराष्ट्र*: नाशिक जिले के त्र्यंबकेश्वर तहसील में गंगा-गोदावरी के पावन तट पर बसे छोटे से गांव **बेझे** में 'शिलाई माता यात्रा उत्सव' बड़े ही हर्षोल्लास और भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ। समस्त ग्रामवासियों के सामूहिक सहयोग से आयोजित इस यात्रा के दौरान माता की भव्य शोभायात्रा (मिरवणूक) निकाली गई, जिसमें पूरा गांव भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। ### **श्रद्धा और भक्ति का संगम** शिलाई माता मंदिर के प्रति स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज के क्षेत्रों में भी गहरी आस्था है। इस वर्ष भी यात्रा उत्सव के अवसर पर पंचक्रोशी (आस-पास के गांवों) से भारी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए उमड़े। ढोल-ताशों की गूंज और माता के जयकारों के बीच निकाली गई भव्य शोभायात्रा इस उत्सव का मुख्य आकर्षण रही। ### **अन्य राज्यों से भी पहुंचे श्रद्धालु** बेझे गांव भले ही आकार में छोटा हो, लेकिन शिलाई माता की महिमा अपार है। इस यात्रा उत्सव की खास बात यह रही कि यहाँ केवल स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि: * **मुंबई** और **नाशिक** जैसे बड़े शहरों से। * पड़ोसी राज्य **गुजरात** से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कहा जाता है कि जो भी भक्त यहाँ सच्ची श्रद्धा के साथ आता है, माता उसकी मनोकामना पूरी करती हैं। इसी विश्वास के कारण कई श्रद्धालु अपनी 'मन्नत' (नवस) पूरी करने और माता का आशीर्वाद लेने के लिए मीलों का सफर तय कर यहाँ आते हैं। ### **प्रशासन और ग्रामवासियों का सहयोग** उत्सव को सफल बनाने के लिए बेझे गांव के समस्त ग्रामवासियों ने कड़ी मेहनत की। श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी, छाया और सुचारू दर्शन की व्यवस्था ग्राम समिति द्वारा की गई थी। गोदावरी नदी के किनारे स्थित होने के कारण यहाँ का वातावरण अत्यंत सुखद और आध्यात्मिक रहा। स्थान: -बेझे गांव, त्र्यंबकेश्वर। *प्रमुख आकर्षण:* माता की भव्य शोभायात्रा और गोदावरी तट का धार्मिक महत्व। *भक्तों की उपस्थिति:* महाराष्ट्र और गुजरात से हजारों श्रद्धालुओं का आगमन।
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    बेझे गाव - *त्र्यंबकेश्वर/नाशिक- महाराष्ट्र*:
नाशिक जिले के त्र्यंबकेश्वर तहसील में गंगा-गोदावरी के पावन तट पर बसे छोटे से गांव **बेझे** में 'शिलाई माता यात्रा उत्सव' बड़े ही हर्षोल्लास और भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ। समस्त ग्रामवासियों के सामूहिक सहयोग से आयोजित इस यात्रा के दौरान माता की भव्य शोभायात्रा (मिरवणूक) निकाली गई, जिसमें पूरा गांव भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया।
### **श्रद्धा और भक्ति का संगम**
शिलाई माता मंदिर के प्रति स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज के क्षेत्रों में भी गहरी आस्था है। इस वर्ष भी यात्रा उत्सव के अवसर पर पंचक्रोशी (आस-पास के गांवों) से भारी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए उमड़े। ढोल-ताशों की गूंज और माता के जयकारों के बीच निकाली गई भव्य शोभायात्रा इस उत्सव का मुख्य आकर्षण रही।
### **अन्य राज्यों से भी पहुंचे श्रद्धालु**
बेझे गांव भले ही आकार में छोटा हो, लेकिन शिलाई माता की महिमा अपार है। इस यात्रा उत्सव की खास बात यह रही कि यहाँ केवल स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि:
* **मुंबई** और **नाशिक** जैसे बड़े शहरों से।
* पड़ोसी राज्य **गुजरात** से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
कहा जाता है कि जो भी भक्त यहाँ सच्ची श्रद्धा के साथ आता है, माता उसकी मनोकामना पूरी करती हैं। इसी विश्वास के कारण कई श्रद्धालु अपनी 'मन्नत' (नवस) पूरी करने और माता का आशीर्वाद लेने के लिए मीलों का सफर तय कर यहाँ आते हैं।
### **प्रशासन और ग्रामवासियों का सहयोग**
उत्सव को सफल बनाने के लिए बेझे गांव के समस्त ग्रामवासियों ने कड़ी मेहनत की। श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी, छाया और सुचारू दर्शन की व्यवस्था ग्राम समिति द्वारा की गई थी। गोदावरी नदी के किनारे स्थित होने के कारण यहाँ का वातावरण अत्यंत सुखद और आध्यात्मिक रहा।
स्थान: -बेझे गांव, त्र्यंबकेश्वर।
*प्रमुख आकर्षण:*               माता की भव्य शोभायात्रा और गोदावरी तट का धार्मिक महत्व।                                                                                             *भक्तों की उपस्थिति:*    महाराष्ट्र और गुजरात से हजारों श्रद्धालुओं का आगमन।
    user_Abhijeet KOLHE
    Abhijeet KOLHE
    Press advisory नाशिक, नाशिक, महाराष्ट्र•
    2 hrs ago
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