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bichawadu online tutane se fasal thodi thodi jaldi kripya karke acchi tarah se check kar le FIR line chalu Karen nahin to gharon ke upar se line ja rahi hai vah band kar de dusri jagah se nikale
Ganesh Katara
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- ग्राम पंचायत bichhawara लाइन को रिपेयर किया था और 2 दिन के बाद जल गई इसका कारण ही लाइन वाले ही है4
- मानगढ़ धाम में 7,600 दीपों से जगमगाया आकाश, पीएम मोदी के जन्मदिन पर गूंजा सेवा-सुशासन का संकल्प आनंदपुरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिवस के अवसर पर ऐतिहासिक मानगढ़ धाम में भव्य ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित हुआ। 7,600 दीपों की सामूहिक रोशनी से पूरा मानगढ़ धाम परिसर जगमगा उठा। संतरामपुर विधायक डॉ. कुबेरभाई डिंडोर की अध्यक्षता में कार्यक्रम की शुरुआत स्वच्छता अभियान, वैदिक गायत्री यज्ञ और वृक्षारोपण से हुई। शाम को दीप प्रज्वलन के बाद भारत माता मंदिर के समक्ष सामूहिक आरती हुई और ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष गूंजे। मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी महिसागर जिला संगठन प्रभारी विशालभाई भरवाड़ ने सेवा और सुशासन के संकल्प को आत्मसात करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में महामंत्री चिंतनभाई पटेल, कमलेशभाई पादरिया, जिला संगठन मंत्री संदीपभाई भोई, बांसवाड़ा एसटी मोर्चा महामंत्री एडवोकेट विनोद डामोर, आनंदपुरी मंडल अध्यक्ष प्रकाश डामोर, नाहरपुरा मंडल अध्यक्ष मनीष मसार, पूर्व मंडल अध्यक्ष गौतमलाल पारगी और मनोज पटेल सहित पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, सरपंच और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।2
- नगर परिषद सभापति चुनाव में बड़ा अपडेट निर्दलीय प्रत्याशी प्रभु पण्डया ने नामांकन लिया वापस 🚨 ब्रेकिंग न्यूज | डूंगरपुर नगर परिषद सभापति चुनाव में बड़ा अपडेट निर्दलीय प्रत्याशी प्रभु पण्डया ने नामांकन लिया वापस डूंगरपुर। नगर परिषद सभापति पद के चुनाव को लेकर तस्वीर अब साफ हो गई है। निर्दलीय प्रत्याशी प्रभु पण्डया ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। इसके साथ ही सभापति पद के लिए अब भाजपा की अधिकृत प्रत्याशी सुशीला केके गुप्ता और कांग्रेस प्रत्याशी भरत नागदा चुनावी मैदान में हैं। अब दो प्रत्याशियों के बीच मुकाबला नामांकन वापसी के बाद सभापति पद के चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशियों के बीच सीधा मुकाबला रह गया है। डूंगरपुर नगर परिषद के 40 वार्डों में भाजपा ने 24 वार्डों में जीत दर्ज की है, जबकि सभापति चुनाव में बहुमत का आंकड़ा 21 पार्षदों का है। सभापति पद के लिए मतदान 21 सितंबर 2026 को होगा। ब्यूरो रिपोर्ट — राकेश कलाल कुआँ हर खबर वागड़ न्यूज | डूंगरपुर1
- खड़गदा से भवानपुरा का संपर्क टूटा, तेज बहाव से पुलिया क्षतिग्रस्त, मोरन नदी उफान पर खड़गदा से भवानपुरा का संपर्क टूटा, तेज बहाव से पुलिया क्षतिग्रस्त, मोरन नदी उफान पर सागवाड़ा। डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा उपखंड क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के चलते मोरन नदी उफान पर आ गई है। खड़गदा गांव से होकर बहने वाली मोरन नदी में बीती रात हुई तेज बारिश के बाद जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई। शुक्रवार को दिनभर हुई बारिश से नदी का बहाव और तेज हो गया, जिससे खड़गदा और भवानपुरा के बीच सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया। तेज बहाव के कारण नदी पर बनी पुलिया को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे आवागमन प्रभावित हो गया है। नदी के उफान पर होने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के लोग मोरन नदी का नजारा देखने के लिए नदी किनारे पहुंच गए। उफनती जलधारा और तेज बहाव को देखने को लेकर लोगों में उत्सुकता बनी रही। स्थानीय लोगों के अनुसार मोरन नदी में इस तरह का जलस्तर लंबे समय बाद देखने को मिला है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2006 में भी नदी इसी तरह उफान पर आई थी और उसके बाद करीब 20 वर्षों में पहली बार इतना अधिक जलस्तर और तेज बहाव देखने को मिल रहा है। प्रशासन की ओर से लोगों को नदी और क्षतिग्रस्त पुलिया के आसपास जाने से बचने तथा सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।1
- भारी बारिश से नदी उफान पर, घाटोल-बड़ी पड़ाल मार्ग का संपर्क कटा आधा दर्जन गांवों का आवागमन प्रभावित, लंबे इंतजार के बाद झमाझम बारिश से मिली राहत घाटोल - बाँसवाड़ा जिले के घाटोल उपखण्ड में शुक्रवार सुबह से हो रही तेज बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। लंबे समय से मानसून की बारिश का इंतजार कर रहे लोगों को शुक्रवार को झमाझम बारिश से राहत तो मिली, लेकिन कई इलाकों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से आवागमन प्रभावित हो गया। ग्राम पंचायत बड़ी पड़ाल क्षेत्र में लगातार बारिश के चलते नदी का जलस्तर बढ़ गया। इसके कारण घाटोल से बड़ी पड़ाल के बीच का सड़क संपर्क बाधित हो गया। मार्ग पर पानी बढ़ने से दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। मार्ग अवरुद्ध होने का असर केवल बड़ी पड़ाल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि गरनावट, मकनपुरा, कंठाव सहित आसपास के करीब आधा दर्जन गांवों के लोगों का आवागमन भी प्रभावित हुआ। अचानक बढ़े जलस्तर के कारण ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। इधर, लंबे इंतजार के बाद हुई अच्छी बारिश से किसानों और ग्रामीणों के चेहरों पर राहत नजर आई। हालांकि नदी-नालों में बढ़ते जलस्तर ने ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को लेकर चिंता भी बढ़ा दी है। ग्रामीणों ने जलस्तर कम होने तक लोगों से नदी-नालों के आसपास सतर्कता बरतने की अपील की है।1
- jankari बाबा रामदेव जी का जुलूस निकाला सारंगी धूमधाम से निकला aap apne Shahar Baba Ramdev ji ka1
- प्रभु पंड्या के नाम वापसी से भाजपा की राह हुई आसान, अब सुशीला गुप्ता-भरत नागदा आमने-सामने भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सहित संगठन में कई अहम जिम्मेदारियां निभा चुके पंड्या ने संगठन हित में लिया फैसला, बोले—पार्टी का सच्चा सिपाही हूं, सुशीला गुप्ता ही बनेंगी सभापति डूंगरपुर(गुणवंत कलाल)। नगरपरिषद सभापति पद के चुनाव को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रही सियासी हलचल के बीच शुक्रवार को महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। सभापति पद के लिए निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल करने वाले भाजपा पार्षद प्रभु पंड्या ने अपना नामांकन वापस ले लिया। पंड्या ने रिटर्निंग अधिकारी सोनू गुर्जर के समक्ष प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर नामांकन वापस लिया। उनके नामांकन वापस लेने के साथ ही अब सभापति पद के लिए भाजपा की सुशीला गुप्ता और कांग्रेस के भरत नागदा के बीच सीधा मुकाबला रह गया है। प्रभु पंड्या के नाम वापसी के बाद भाजपा खेमे में राहत का माहौल है। नगरपरिषद के कुल 40 पार्षदों में भाजपा के 24, कांग्रेस के 12, बीएपी के 3 और एक निर्दलीय पार्षद है। ऐसे में सदन में भाजपा के पास स्पष्ट बहुमत है। नामांकन वापसी के बाद भाजपा ने अपने संगठनात्मक निर्णय और पार्षदों की एकजुटता के साथ चुनावी रणनीति को और स्पष्ट कर दिया है। संगठन हित में लिया फैसला प्रभु पंड्या का नामांकन वापस लेना इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि वे भाजपा के वरिष्ठ और अनुभवी संगठन कार्यकर्ता रहे हैं। वे भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष सहित जिले और प्रदेश स्तर पर संगठन की विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन कर चुके हैं। लंबे राजनीतिक एवं संगठनात्मक अनुभव के चलते उनके द्वारा लिया गया यह निर्णय पार्टी के भीतर संगठन के प्रति जिम्मेदारी और अनुशासन के संदेश के रूप में देखा जा रहा है। नामांकन वापसी के बाद प्रभु पंड्या ने कहा कि उन्होंने पार्टी के निर्देश पर सभापति पद के लिए नामांकन दाखिल किया था। पार्टी का चुनाव चिह्न नहीं मिलने के बाद संगठन के निर्देश पर उन्होंने अपना नामांकन वापस लिया है। उन्होंने कहा कि वे भाजपा के सच्चे सिपाही हैं और संगठन का निर्णय उनके लिए सर्वोपरि है। उन्होंने विश्वास जताया कि डूंगरपुर नगरपरिषद में भाजपा की सुशीला गुप्ता ही सभापति बनेंगी। पंड्या के इस निर्णय से यह संदेश भी गया कि व्यक्तिगत दावेदारी से ऊपर संगठन का निर्णय और पार्टी हित है। राजनीतिक गलियारों में उनके नामांकन वापसी के कदम को संगठन के प्रति जिम्मेदारी निभाने और पार्टी की एकजुटता बनाए रखने के रूप में देखा जा रहा है। अब सीधा मुकाबला प्रभु पंड्या के नामांकन वापस लेने के बाद सभापति पद की तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। अब भाजपा की सुशीला गुप्ता और कांग्रेस के भरत नागदा चुनाव मैदान में आमने-सामने हैं। भाजपा के पास 24 पार्षदों का आंकड़ा होने से उसके पास सदन में स्पष्ट बहुमत है। हालांकि सभापति चुनाव में सभी पार्षदों के मतदान के बाद ही अंतिम परिणाम सामने आएगा। नामांकन वापसी के दौरान भाजपा संगठन जिला प्रभारी वीरेंद्र सिंह चौहान, भाजपा जिला प्रवक्ता एडवोकेट ऋषि दवे और नगीन लाल जैन सहित भाजपा कार्यकर्ता एवं समर्थक मौजूद रहे। सभापति चुनाव को लेकर अब दोनों प्रमुख दलों ने अपनी रणनीति पर फोकस कर दिया है। प्रभु पंड्या के नामांकन वापस लेने के बाद भाजपा की ओर से संगठन की एकजुटता का संदेश सामने आया है, वहीं कांग्रेस प्रत्याशी भरत नागदा के सामने भाजपा के बहुमत वाले सदन में अपने पक्ष में समर्थन जुटाने की चुनौती रहेगी। अब सभी की नजरें सभापति चुनाव के मतदान और परिणाम पर टिकी हैं।2
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