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गेहूं की 20 एकड़ भूमि की नरवाई जली,फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया बंडा - सागर कलेक्टर संदीप जी आर के आदेश का उल्लघंन पूर्व में आदेश जारी किया गया था कि कोई भी व्यक्ति गेहूं की नरवाई जलाने पर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया जाएगा। वहीं बंडा के जगथर में बड़ी खेर माता मंदिर के पीछे और तालाब के पास 20 एकड़ भूमि नरवाई में लगीं आग, वहीं गांव के एक व्यक्ति के द्वारा बंडा फायर ब्रिगेड को सूचना दी। वहीं फायर ब्रिगेड को जानकारी लगते ही मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया गया।
गजेन्द्र सिंह लोधी बंडा
गेहूं की 20 एकड़ भूमि की नरवाई जली,फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया बंडा - सागर कलेक्टर संदीप जी आर के आदेश का उल्लघंन पूर्व में आदेश जारी किया गया था कि कोई भी व्यक्ति गेहूं की नरवाई जलाने पर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया जाएगा। वहीं बंडा के जगथर में बड़ी खेर माता मंदिर के पीछे और तालाब के पास 20 एकड़ भूमि नरवाई में लगीं आग, वहीं गांव के एक व्यक्ति के द्वारा बंडा फायर ब्रिगेड को सूचना दी। वहीं फायर ब्रिगेड को जानकारी लगते ही मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया गया।
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- *अभद्रता पर भड़का पत्रकार संघ, सख्त कार्रवाई की मांग* *घुवारा में वर्दी की गुंडागर्दी श्रमजीवी पत्रकार संघ का सीधा वार भ्रष्ट वर्दीधारी हटाओ* *घुवारा चौकी में पदस्थ आरक्षक की अभद्रता, गाली-गलौज और धमकी से मचा हड़कंप* घुवारा में वर्दी के दुरुपयोग और पत्रकारों के साथ हुई अभद्रता का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। घटना से आक्रोशित श्रमजीवी पत्रकार संघ ने एकजुट होकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। श्रमजीवी पत्रकार संघ के द्वारा चौकी परिसर में एकजुट होकर घुवारा चौकी में एसपी के नाम ज्ञापन सौंपा है। वही आरक्षक दीपक सूत्रकार के खिलाफ सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। वही ज्ञापन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि जब पत्रकार मानवता का परिचय देते हुए घायल युवक को अस्पताल पहुंचा रहे थे और सड़क पर घायल गाय को सुरक्षित स्थान पर ले जाने का प्रयास कर रहे थे,उसी दौरान घुवारा चौकी में पदस्थ आरक्षक ने शराब के नशे में अमानवीय और शर्मनाक व्यवहार किया। इतना ही नहीं, श्रमजीवी पत्रकार संघ के तहसील अध्यक्ष किशन कुशवाहा के साथ भी खुलेआम गाली-गलौज कर अपमानित किया गया, जो न केवल पत्रकारिता का अपमान है बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला है।पत्रकार संघ ने आरोप लगाया कि उक्त आरक्षक ने चौकी परिसर में भी वरिष्ठ अधिकारियों के सामने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए अपने पद का घमंड दिखाया और धमकी दी कि उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। इस तरह की भाषा और रवैया पुलिस विभाग की छवि को धूमिल करने वाला है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मी पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो पत्रकार संगठन उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि ऐसे गैर-जिम्मेदार और भ्रष्ट आचरण वाले पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी आम नागरिक या पत्रकार के साथ इस तरह की घटना न हो। यह मामला अब सिर्फ एक व्यक्ति की अभद्रता तक सीमित नहीं रहा,बल्कि यह पूरे प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो यह आक्रोश बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह प्रशासन की होगी।1
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- नरेगा मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम में फर्जी हाजिरी का खेल! बटियागढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत लड़ाई बमोरी से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां मनरेगा में फर्जी हाजिरी लगाने का कथित ऑडियो वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि इस ऑडियो में सरपंच प्रतिनिधि प्रवीण की बातचीत सामने आई है, जिसमें फर्जी हाजिरी को लेकर खुलकर चर्चा हो रही है। इस मामले ने ग्रामीणों के बीच आक्रोश पैदा कर दिया है और अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर ऐसे भ्रष्टाचार पर कार्रवाई कब होगी? ग्रामीणों की मांग है कि वायरल ऑडियो की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और ऐसे भ्रष्ट सरपंच प्रतिनिधियों को तत्काल प्रभाव से पद से हटाया जाए।1