इटावा कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल की अध्यक्षता और अपर आयुक्त ग्रेड वन एच पी राव दीक्षित की उपस्थिति में व्यापार बंधु की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में व्यापारियों ने जलकर की वसूली, बिजली कटौती और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला महामंत्री धर्मेंद्र जैन ने बैठक में कहा कि व्यापारियों और उपभोक्ताओं के सामने जलकर की मनमानी वसूली गंभीर समस्या बन गई है। बंद भवनों और निष्क्रिय जल कनेक्शनों पर भी जलकर लगाया जा रहा है, जिससे प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिला प्रवक्ता इक़रार अहमद ने बार-बार हो रही बिजली कटौती पर नाराजगी जताई। उन्होंने लखनऊ आगजनी जैसी घटनाओं से सबक लेते हुए कोचिंग संस्थानों में छात्रों की संख्या सीमित करने, चेहल्लुम, स्वतंत्रता दिवस और रक्षा बंधन पर विशेष सतर्कता बरतने की मांग की। साथ ही सड़कों के कूड़ा प्वाइंट्स को हटाकर पुनः सेल्फी प्वाइंट बनाने, टी टी चौराहे को ब्लैक स्पॉट घोषित करने, कहारनपुल को जल्द खोलने और पक्का तालाब विक्टोरिया मेमोरियल के पास जमीन पर पड़े बिजली तारों व झुके खंभे को ठीक कराने का मुद्दा उठाया। बैठक में जलभराव और सफाई की समस्याएं भी गूंजीं। महिला जिलाध्यक्ष ने रामनगर शिव कॉलोनी की गलियों में भरे नाली के गंदे पानी को निकालने की मांग रखी, जबकि युवा जिला महामंत्री रंजीत सिंह कुशवाहा ने पक्का बाग मानिकपुर मोड़ के पास सड़क पर जमा बरसात के पानी से हो रही परेशानी का शीघ्र समाधान करने को कहा। इसके अतिरिक्त बस स्टैंड परिसर से ही सवारियां भरने, सुंदरपुर फीडर के पास नाली सफाई कराने और आबादी के बीच से गुजरने वाले बड़े नालों की बरसात के मद्देनजर सुरक्षा जांच कराने की मांग की गई। बैठक में धर्मेंद्र कुमार जैन, रंजीत कुशवाहा, इक़रार अहमद, हरि शंकर पटेल, मोहम्मद उवैस, लल्लू वारसी, संतोष वर्मा, सुनील कुमार, सतेंद्र कुशवाहा, अर्चना कुशवाहा और अंजू यादव सहित अनेक व्यापारी उपस्थित रहे।
इटावा कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल की अध्यक्षता और अपर आयुक्त ग्रेड वन एच पी राव दीक्षित की उपस्थिति में व्यापार बंधु की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में व्यापारियों ने जलकर की वसूली, बिजली कटौती और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला महामंत्री धर्मेंद्र जैन ने बैठक में कहा कि व्यापारियों और उपभोक्ताओं के सामने जलकर की मनमानी वसूली गंभीर समस्या बन गई है। बंद भवनों और निष्क्रिय जल कनेक्शनों पर भी जलकर लगाया जा रहा है, जिससे प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिला प्रवक्ता इक़रार अहमद ने बार-बार हो रही बिजली कटौती पर नाराजगी जताई। उन्होंने लखनऊ आगजनी जैसी घटनाओं से सबक लेते हुए कोचिंग संस्थानों में छात्रों की संख्या सीमित करने, चेहल्लुम, स्वतंत्रता दिवस और रक्षा बंधन पर विशेष सतर्कता बरतने की मांग की। साथ ही सड़कों के कूड़ा प्वाइंट्स को हटाकर पुनः सेल्फी प्वाइंट बनाने,
टी टी चौराहे को ब्लैक स्पॉट घोषित करने, कहारनपुल को जल्द खोलने और पक्का तालाब विक्टोरिया मेमोरियल के पास जमीन पर पड़े बिजली तारों व झुके खंभे को ठीक कराने का मुद्दा उठाया। बैठक में जलभराव और सफाई की समस्याएं भी गूंजीं। महिला जिलाध्यक्ष ने रामनगर शिव कॉलोनी की गलियों में भरे नाली के गंदे पानी को निकालने की मांग रखी, जबकि युवा जिला महामंत्री रंजीत सिंह कुशवाहा ने पक्का बाग मानिकपुर मोड़ के पास सड़क पर जमा बरसात के पानी से हो रही परेशानी का शीघ्र समाधान करने को कहा। इसके अतिरिक्त बस स्टैंड परिसर से ही सवारियां भरने, सुंदरपुर फीडर के पास नाली सफाई कराने और आबादी के बीच से गुजरने वाले बड़े नालों की बरसात के मद्देनजर सुरक्षा जांच कराने की मांग की गई। बैठक में धर्मेंद्र कुमार जैन, रंजीत कुशवाहा, इक़रार अहमद, हरि शंकर पटेल, मोहम्मद उवैस, लल्लू वारसी, संतोष वर्मा, सुनील कुमार, सतेंद्र कुशवाहा, अर्चना कुशवाहा और अंजू यादव सहित अनेक व्यापारी उपस्थित रहे।
- इटावा कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल की अध्यक्षता और अपर आयुक्त ग्रेड वन एच पी राव दीक्षित की उपस्थिति में व्यापार बंधु की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में व्यापारियों ने जलकर की वसूली, बिजली कटौती और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला महामंत्री धर्मेंद्र जैन ने बैठक में कहा कि व्यापारियों और उपभोक्ताओं के सामने जलकर की मनमानी वसूली गंभीर समस्या बन गई है। बंद भवनों और निष्क्रिय जल कनेक्शनों पर भी जलकर लगाया जा रहा है, जिससे प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिला प्रवक्ता इक़रार अहमद ने बार-बार हो रही बिजली कटौती पर नाराजगी जताई। उन्होंने लखनऊ आगजनी जैसी घटनाओं से सबक लेते हुए कोचिंग संस्थानों में छात्रों की संख्या सीमित करने, चेहल्लुम, स्वतंत्रता दिवस और रक्षा बंधन पर विशेष सतर्कता बरतने की मांग की। साथ ही सड़कों के कूड़ा प्वाइंट्स को हटाकर पुनः सेल्फी प्वाइंट बनाने, टी टी चौराहे को ब्लैक स्पॉट घोषित करने, कहारनपुल को जल्द खोलने और पक्का तालाब विक्टोरिया मेमोरियल के पास जमीन पर पड़े बिजली तारों व झुके खंभे को ठीक कराने का मुद्दा उठाया। बैठक में जलभराव और सफाई की समस्याएं भी गूंजीं। महिला जिलाध्यक्ष ने रामनगर शिव कॉलोनी की गलियों में भरे नाली के गंदे पानी को निकालने की मांग रखी, जबकि युवा जिला महामंत्री रंजीत सिंह कुशवाहा ने पक्का बाग मानिकपुर मोड़ के पास सड़क पर जमा बरसात के पानी से हो रही परेशानी का शीघ्र समाधान करने को कहा। इसके अतिरिक्त बस स्टैंड परिसर से ही सवारियां भरने, सुंदरपुर फीडर के पास नाली सफाई कराने और आबादी के बीच से गुजरने वाले बड़े नालों की बरसात के मद्देनजर सुरक्षा जांच कराने की मांग की गई। बैठक में धर्मेंद्र कुमार जैन, रंजीत कुशवाहा, इक़रार अहमद, हरि शंकर पटेल, मोहम्मद उवैस, लल्लू वारसी, संतोष वर्मा, सुनील कुमार, सतेंद्र कुशवाहा, अर्चना कुशवाहा और अंजू यादव सहित अनेक व्यापारी उपस्थित रहे।2
- इटावा जिले के जसवंतनगर विद्युत उपखंड में गुरुवार को राजेश कुमार ने नए उपखंड अधिकारी (एसडीओ) के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। उन्होंने पूर्व एसडीओ आनंदपाल सिंह का स्थान लिया है। मूल रूप से रुद्रपुर के रहने वाले राजेश कुमार का स्थानांतरण बुलंदशहर से जसवंतनगर विद्युत उपखंड में हुआ है। हाईवे किनारे स्थित उपखंड कार्यालय में पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने विभागीय अधिकारियों, अवर अभियंताओं, लाइन स्टाफ और अन्य कर्मचारियों के साथ समीक्षा बैठक की और लंबित कार्यों तथा उपभोक्ता समस्याओं की जानकारी ली। नवनियुक्त एसडीओ राजेश कुमार ने क्षेत्र के उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना अपनी पहली प्राथमिकता बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली आपूर्ति में अनावश्यक व्यवधान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जन शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कर्मचारियों को फाल्ट होने पर तत्काल मरम्मत कर आपूर्ति बहाल करने, बिजली चोरी पर प्रभावी अंकुश लगाने, राजस्व वसूली में तेजी लाने और उपभोक्ताओं के साथ बेहतर व्यवहार बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।1
- इटावा की सैफई तहसील क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत हरदोई में चकरोड़ (रास्ता) विवाद को लेकर हंगामा खड़ा हो गया है। मामले से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दो दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने घटनाक्रम की जानकारी दी। ग्रामीणों के अनुसार, राजस्व विभाग की टीम गांव में चकरोड़ की पैमाइश करने पहुंची थी, जहां समाजवादी पार्टी की महिला जिलाध्यक्ष सीमा यादव ने इस कार्रवाई का विरोध किया। ग्रामीणों का आरोप है कि विरोध के दौरान राजस्व टीम पर पथराव करने की कोशिश की गई, जिससे अधिकारी और कर्मचारी बिना पैमाइश पूरी किए ही वापस लौट गए। इस दौरान कुछ महिलाओं द्वारा ग्राम प्रधान सर्वेश कुमार के साथ मारपीट भी की गई। वहीं, सीमा यादव द्वारा लगाए गए कथित छेड़छाड़ के आरोपों को ग्रामीणों ने पूरी तरह निराधार बताया है और कहा है कि पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए यह आरोप लगाए जा रहे हैं। पीड़ित ग्राम प्रधान सर्वेश कुमार ने मारपीट की तहरीर संबंधित थाने में दे दी है और प्रशासन से प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की है। इसके अलावा ग्रामीणों ने सीमा यादव पर ग्राम समाज, श्मशान घाट, चरागाह और चकरोड़ सहित अन्य सार्वजनिक भूमि पर कब्जा करने का भी आरोप लगाया है। फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है, और पुलिस तथा राजस्व विभाग मामले की जांच कर रहे हैं।3
- इटावा में उड़ी मोड़ स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप और पुलिस चौकी के पास आवारा गौवंश की दयनीय स्थिति बनी हुई है। सड़क किनारे भूखे-प्यासे गौवंश खुले में भटकने को मजबूर हैं और कई पशु घायल अवस्था में पड़े दिखाई दे रहे हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नजर नहीं आ रहा है। सरकार द्वारा गौवंश की सुरक्षा और देखभाल के लिए गौशालाओं के संचालन के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हकीकत इसके उलट दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने संबंधित विभाग और प्रशासन को कई बार इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। सड़क पर आवारा घूम रहे इन गौवंश के कारण दुर्घटनाओं का भी लगातार खतरा बना रहता है, जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों से माँग की है कि गौवंश को तत्काल प्रभाव से सुरक्षित गौशालाओं में पहुँचाया जाए तथा उनके चारे, पानी और उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही स्थानीय लोगों ने जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की माँग की है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।1