कटनी जिले के बड़वारा में शासन की आवासीय पट्टा वितरण योजना में हो रहे बड़े भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया है। बड़वारा के हक और इंसाफ के लिए आवाज बुलंद करते हुए यह साफ कर दिया गया है कि अब इस लड़ाई को अनसुना नहीं रहने दिया जाएगा। ज्ञापन के जरिए पट्टा वितरण में हो रहे गंभीर फर्जीवाड़े का खुलासा किया गया है। अपात्र लोगों ने फर्जी और कूट रचित दस्तावेज बनवाकर और गलत तरीके से खुद को 'विधवा या बेवा' दिखाकर सरकारी पट्टे हड़प लिए हैं। वहीं, जिन रसूखदारों के पास पहले से ही पक्के मकान और पुश्तैनी संपत्ति मौजूद है, वे भी सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा जमाए बैठे हैं। खसरा नंबरों में भी बड़े पैमाने पर हेरफेर किया गया है, जिसके कारण पट्टा किसी और के नाम पर जारी हुआ है और उस जमीन पर निर्माण कार्य कोई दूसरा व्यक्ति कर रहा है। इसके साथ ही प्रशासन के दोहरे मापदंड पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं, जहां गरीब के कच्चे घर को ढहाने के लिए तुरंत नोटिस जारी कर दिया जाता है, लेकिन रसूखदारों के आलीशान अवैध निर्माणों पर प्रशासन चुप्पी साधे बैठा है।
कटनी जिले के बड़वारा में शासन की आवासीय पट्टा वितरण योजना में हो रहे बड़े भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया है। बड़वारा के हक और इंसाफ के लिए आवाज बुलंद करते हुए यह साफ कर दिया गया है कि अब इस लड़ाई को अनसुना नहीं रहने दिया जाएगा। ज्ञापन के जरिए पट्टा वितरण में हो रहे गंभीर फर्जीवाड़े का खुलासा किया गया है। अपात्र लोगों ने फर्जी और कूट रचित दस्तावेज बनवाकर और गलत तरीके से खुद को 'विधवा या बेवा' दिखाकर सरकारी पट्टे हड़प लिए हैं। वहीं, जिन रसूखदारों के पास पहले से ही पक्के मकान और पुश्तैनी संपत्ति मौजूद है, वे भी सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा जमाए बैठे हैं। खसरा नंबरों में भी बड़े पैमाने पर हेरफेर किया गया है, जिसके कारण पट्टा किसी और के नाम पर जारी हुआ है और उस जमीन पर निर्माण कार्य कोई दूसरा व्यक्ति कर रहा है। इसके साथ ही प्रशासन के दोहरे मापदंड पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं, जहां गरीब के कच्चे घर को ढहाने के लिए तुरंत नोटिस जारी कर दिया जाता है, लेकिन रसूखदारों के आलीशान अवैध निर्माणों पर प्रशासन चुप्पी साधे बैठा है।
- कटनी जिले के बड़वारा में शासन की आवासीय पट्टा वितरण योजना में हो रहे बड़े भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया है। बड़वारा के हक और इंसाफ के लिए आवाज बुलंद करते हुए यह साफ कर दिया गया है कि अब इस लड़ाई को अनसुना नहीं रहने दिया जाएगा। ज्ञापन के जरिए पट्टा वितरण में हो रहे गंभीर फर्जीवाड़े का खुलासा किया गया है। अपात्र लोगों ने फर्जी और कूट रचित दस्तावेज बनवाकर और गलत तरीके से खुद को 'विधवा या बेवा' दिखाकर सरकारी पट्टे हड़प लिए हैं। वहीं, जिन रसूखदारों के पास पहले से ही पक्के मकान और पुश्तैनी संपत्ति मौजूद है, वे भी सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा जमाए बैठे हैं। खसरा नंबरों में भी बड़े पैमाने पर हेरफेर किया गया है, जिसके कारण पट्टा किसी और के नाम पर जारी हुआ है और उस जमीन पर निर्माण कार्य कोई दूसरा व्यक्ति कर रहा है। इसके साथ ही प्रशासन के दोहरे मापदंड पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं, जहां गरीब के कच्चे घर को ढहाने के लिए तुरंत नोटिस जारी कर दिया जाता है, लेकिन रसूखदारों के आलीशान अवैध निर्माणों पर प्रशासन चुप्पी साधे बैठा है।1
- कटनी कलेक्ट्रेट में बुधवार को उस समय भावुक और आक्रोशपूर्ण माहौल देखने को मिला, जब समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष डॉ. खान और आदिवासी प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष भाई प्रह्लाद सिंह ठाकुर के नेतृत्व में सैकड़ों आदिवासी, किसान और मजदूर परिवार अपनी फरियाद लेकर पहुंचे। ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि उनकी बरसों की मेहनत से लगाए गए आम, अमरूद, नींबू, आंवला और कटहल जैसे दर्जनों फलदार पेड़ों को जेसीबी मशीन चलाकर उखाड़ दिया गया। इतना ही नहीं, इस दमनकारी कार्रवाई के बाद आदिवासियों से प्रति व्यक्ति 520 रुपये की वसूली भी की गई, जिससे आदिवासियों की रोजी-रोटी, मेहनत और पर्यावरण पर एक साथ गहरी चोट पहुंची है। कलेक्ट्रेट पहुंचे पीड़ित आदिवासी परिवार अपनी शिकायत लेकर घंटों तक भूखे-प्यासे प्रशासन से न्याय की उम्मीद में इंतजार करते रहे। पीड़ितों का कहना है कि उनके साथ लगातार अन्याय और उत्पीड़न का सिलसिला चल रहा है, लेकिन अब तक उन्हें कोई राहत नहीं मिली है। इस मामले पर कड़ा विरोध जताते हुए समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष डॉ. खान ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार करोड़ों पौधे लगाने का दिखावा करती है, तो दूसरी तरफ गरीबों द्वारा संजोए गए पेड़ों को बेरहमी से उखाड़ा जा रहा है। उन्होंने इसे गरीबों के अधिकारों और उनकी आजीविका पर सीधा हमला बताया है। समाजवादी पार्टी ने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने, जिम्मेदार दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने, उखाड़े गए पेड़ों का उचित मुआवजा देने और भविष्य में गरीबों के साथ ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की है। आदिवासी प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष भाई प्रह्लाद सिंह ठाकुर ने दोटूक चेतावनी दी है कि आदिवासी समाज अपने अधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने साफ किया कि यदि प्रशासन ने जल्द ही पीड़ितों को न्याय नहीं दिलाया, तो समाजवादी पार्टी आदिवासी समाज को साथ लेकर एक बड़ा जनआंदोलन खड़ा करेगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय किसान, मजदूर, आदिवासी और समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता एकजुट रहे।1
- मध्य प्रदेश के कटनी नगर में प्रभु जगन्नाथ का दिव्य दरबार सजकर तैयार हो गया है। मनमोहक फूलों, रंग-बिरंगी सजावट और अलौकिक श्रृंगार से मंदिर का पूरा वातावरण अत्यंत भक्तिमय हो उठा है, जहां चारों ओर 'जय जगन्नाथ' के जयघोष गूंज रहे हैं और श्रद्धालुओं के हृदय भक्ति से सराबोर हैं। 'जय जय' का संकल्प पूरा करने के लिए पूरा कटनी उत्साह, श्रद्धा और सेवा भाव के साथ पूरी तरह तैयार है। जगन्नाथ मंदिर में आयोजित होने वाले इस पावन आयोजन में शामिल होकर श्रद्धालु प्रभु के दर्शन, आरती और आशीर्वाद का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। इस अलौकिक अवसर पर सभी से प्रभु जगन्नाथ के श्रीचरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करने और इस दिव्य उत्सव को भक्ति, प्रेम, सद्भाव और उल्लास के साथ सफल बनाने की अपील की गई है।1
- कटनी जिले की ग्राम पंचायत कोटेश्वर में प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर वसूली की गई है। इसके साथ ही इस योजना के जो पात्र हितग्राही हैं, उनके नाम भी गायब कर दिए गए हैं।1
- Characters: [CHARACTER 1], [CHARACTER 2], Use the uploaded image as the exact character reference. Keep the same character(s), appearance, and original art style. Animate only the character(s) with realistic lip sync, natural facial expressions, eye blinking, head movement, and hand gestures while speaking. Dialogue: [श्री जुगल किशोर सरकार सप्तनिधि धाम, पन्ना में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा]: "[मोटू कयूं]" [श्री गुरु पूर्णिमा महोत्सव के शुभारंभ के पावन अवसर पर आज]: "[15 जुलाई को दोपहर 3 बजे एक भव्य एवं दिव्य कलश यात्रा निकाली जा रही है] श्री श्री 1008 श्री जुगल किशोर सरकार सप्तनिधि धाम, पन्ना में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा, श्रीभक्तमाल कथा एवं श्री गुरु पूर्णिमा महोत्सव के शुभारंभ के पावन अवसर पर आज 15 जुलाई को दोपहर 3 बजे एक भव्य एवं दिव्य कलश यात्रा निकाली जा रही है।1
- कटनी जिले के बड़वारा ग्राम में शासन की आवासीय पट्टा वितरण योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। जय सूर्यवंशी के नेतृत्व में स्थानीय ग्रामीणों ने तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपकर इस पूरी प्रक्रिया की उच्च स्तरीय जाँच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस योजना में अपात्र लोगों ने साजिश रचकर और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर गरीबों के हक की जमीन हड़प ली है। ज्ञापन में सनसनीखेज खुलासा किया गया है कि कई मामलों में महिलाओं ने पति के जीवित रहते हुए खुद को 'विधवा/बेवा' बताकर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर पट्टा हासिल कर लिया। ग्रामीणों के अनुसार, यह योजना मूलतः भूमिहीनों और गरीबों के कल्याण के लिए थी, लेकिन पक्के मकान और पर्याप्त भूमि वाले रसूखदार लोगों ने अपनी पहुंच का फायदा उठाकर जमीनें हथिया ली हैं। खसरा संख्या 39, 25, 197, 46, 429, 127, 485, 436/1, 425, 63, 486/1, 453, 466/1, 458/1, 132, 426/1, 446, 427/1 और 432 सहित अन्य जमीनों पर अवैध निर्माण और बेनामी सौदों का आरोप है, जहां पट्टा धारक कोई और है और निर्माणकर्ता कोई और। इसके अलावा, ग्रामीणों ने हल्का पटवारी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाया है कि गरीबों के कच्चे घरों को तोड़ने के लिए तो नोटिस जारी किया जा रहा है, लेकिन रसूखदारों के भव्य अवैध निर्माणों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें उल्लेखित खसरा नंबरों की तत्काल भौतिक व अभिलेखीय जाँच करना, फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों पर धारा 420, 467, 468 के तहत एफआईआर दर्ज करना, अपात्रों के पट्टे निरस्त कर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना और भेदभावपूर्ण रवैये को तुरंत बंद करना शामिल है। जय सूर्यवंशी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस मामले में निष्पक्ष जाँच और कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।2
- मध्य प्रदेश के कटनी जिला अस्पताल में एक किशोरी की मौत का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल ने एक ज्ञापन सौंपा है। संगठन द्वारा इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की जा रही है।1