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यह पोस्ट भक्तिपूर्ण उद्घोषों से भरा है, जिसमें बार-बार 'जय महाकाल', 'जय सनातन धर्म' और 'जय बजरंग बली' का आह्वान किया गया है। यह संदेश आध्यात्मिक समर्पण और आस्था को दर्शाता है।
Amit Kumar
यह पोस्ट भक्तिपूर्ण उद्घोषों से भरा है, जिसमें बार-बार 'जय महाकाल', 'जय सनातन धर्म' और 'जय बजरंग बली' का आह्वान किया गया है। यह संदेश आध्यात्मिक समर्पण और आस्था को दर्शाता है।
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- यह पोस्ट भक्तिपूर्ण उद्घोषों से भरा है, जिसमें बार-बार 'जय महाकाल', 'जय सनातन धर्म' और 'जय बजरंग बली' का आह्वान किया गया है। यह संदेश आध्यात्मिक समर्पण और आस्था को दर्शाता है।1
- हरदोई जिले के सुरसा थाना क्षेत्र अंतर्गत खजुरहरा मजरा ककुम्मर के पास एक हैरान करने वाली घटना सामने आई, जहाँ झबरा पूर्वा निवासी साहिल पुत्र राम रतन अपनी प्रेमिका को हासिल करने की जिद में एक हाई वोल्टेज बिजली के खंभे पर चढ़ गया। गांव और घर के लोगों ने उसे नीचे उतारने के लिए काफी समझाया, लेकिन युवक उनकी बातों पर ध्यान नहीं दे रहा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, सुरसा पुलिस प्रशासन और ग्राम पंचायत प्रधान पति उदय प्रताप को मौके पर बुलाया गया। इन सभी लोगों द्वारा काफी समझाने-बुझाने के बाद ही युवक साहिल खंभे से सुरक्षित नीचे उतरा, जिसके बाद यह मामला शांत हुआ।1
- हरदोई जनपद में कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर थाना बघौली से संबंधित खबर प्रसारित होने के बाद पुलिस अधीक्षक ने तत्काल संज्ञान लेते हुए एक मुख्य आरक्षी को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई हरदोई के परिवहन विभाग द्वारा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ चलाए जा रहे चेकिंग अभियान के दौरान हुई। अभियान में एक बस को क्षमता से अधिक सवारियां ले जाने के आरोप में पीटीओ अधिकारी ने सीज कर बस चालक के माध्यम से थाना बघौली पहुंचाया था। थाना परिसर में बस खड़ी करने को लेकर बस चालक द्वारा विरोध किया जा रहा था, और इसी दौरान थाना बघौली पर तैनात मु0आ0 कृष्ण कुमार ने बस परिचालक के साथ अभद्र व्यवहार किया। इस पूरे प्रकरण को तुरंत संज्ञान में लेते हुए, हरदोई जनपद के पुलिस अधीक्षक महोदय ने मु0आ0 कृष्ण कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और मामले की जांच के आदेश दिए हैं। इस प्रकरण के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी श्री सुबोध गौतम की बाइट भी जारी की गई है।1
- हरदोई के सुरसा थाना क्षेत्र में जमीन बंटवारे को लेकर हुए विवाद में एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घायल युवक विनोद कुमार ने लखनऊ में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जिसके बाद रविवार शाम को उसका शव गांव लाया गया और सोमवार को अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान मौके पर भारी पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस ने इस मामले में आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार दोपहर को थाना क्षेत्र के तुंदवल मजरा काहटरा गांव की नहर पटरी पर जमीनी बंटवारे को लेकर दो पक्षों में जमकर मारपीट हुई थी, जिसमें लोहे के रॉड और लाठी-डंडे चले। इसी बीच, सुरसा क्षेत्र के तुंदवल मजरा बदरूद्दीन पुर निवासी विनोद कुमार अपने साथी मित्रसेन के साथ हरदोई से स्कूटी पर गांव वापस जा रहे थे। आरोप है कि गांव की नहर पटरी पर विपक्षी, जिनमें थाना सांडी के बघराई निवासी हरिश्चंद्र, उसके पुत्र राहुल और ओंमसिह, तथा उसका साथी कासिम अली शामिल थे, घात लगाकर बैठे थे। उन्होंने विनोद की स्कूटी के आगे मोटरसाइकिल लगाकर उसे रोका और लोहे की रॉड तथा लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा, जिससे विनोद और मित्रसेन घायल हो गए। विनोद की हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल से लखनऊ रेफर किया गया, जहाँ शनिवार रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। यह विवाद बुधवार को हुई एक और मारपीट से जुड़ा है। हरिश्चंद्र पुत्र रामलाल ने बुधवार को थाने में तहरीर दी थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि विनोद कुमार, ओंमकार, पुनीत और अजीत ने उसके घर में घुसकर उसके साथ मारपीट की थी। उसे बचाने आई उसकी पत्नी कमला देवी को भी काफी चोटें आई थीं। पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी और इस जमीनी विवाद में पहले भी दोनों पक्षों पर कार्रवाई की थी।1
- हरदोई के सबायजपुर में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में उस समय अव्यवस्था फैल गई, जब जिलाधिकारी के जाने के कुछ ही देर बाद, लगभग दोपहर 1:20 बजे, अधिकांश अधिकारी जनसुनवाई कक्ष छोड़कर चले गए। अधिकारियों के उठकर चले जाने के बाद कुर्सियां खाली पड़ी रहीं, जबकि बड़ी संख्या में फरियादी अपनी शिकायतों के समाधान की उम्मीद में इंतजार करते रहे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जिलाधिकारी के पास अधिक शिकायतें न पहुंचें, यह सुनिश्चित करने के लिए सैकड़ों फरियादियों को गेट पर ही रोक दिया गया था। एसडीएम सबायजपुर द्वारा की गई अव्यवस्था और फरियादियों की अत्यधिक संख्या को देखकर ही जिलाधिकारी समय से पहले ही उठकर चले गए थे। इसके परिणामस्वरूप, दर्जनों फरियादी बिना सुनवाई के ही वापस लौटने को मजबूर हुए, जिससे तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि तहसील स्तर पर शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी ढंग से निस्तारण होता, तो सम्पूर्ण समाधान दिवस में इतनी बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ नहीं उमड़ती। उनका कहना है कि स्थानीय स्तर पर समस्याओं का समाधान न होने के कारण उन्हें बार-बार अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। यह घटना इस बात पर प्रश्नचिह्न लगाती है कि क्या सम्पूर्ण समाधान दिवस केवल एक औपचारिकता बनकर रह गया है? जब इस दिवस का मुख्य उद्देश्य आम जनता की शिकायतों का समाधान करना है, तो जिलाधिकारी के जाते ही अधिकारियों का जनसुनवाई छोड़कर चले जाना इस व्यवस्था की गंभीरता पर संदेह पैदा करता है। बिना सुनवाई के लौटे फरियादियों की जिम्मेदारी कौन लेगा और जब तहसील स्तर पर समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है, तो जवाबदेही किसकी तय होगी, यह सवाल अब उठ रहे हैं।1
- हरदोई जिले के सुरसा थाना क्षेत्र में तुंदवल पुल के पास शुक्रवार को दो पक्षों के बीच हुई मारपीट में गंभीर रूप से घायल विनोद पुत्र गयासिंह, निवासी बहरुद्दीनपुर की लखनऊ ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शनिवार को सेमरा चौराहे पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया। सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। क्षेत्राधिकारी नगर अजीत चौहान ने बताया कि मृतक की पत्नी रोहिणी सिंह की तहरीर पर पहले ही चार अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने परिजनों को अब तक की गई त्वरित कार्रवाई से अवगत कराया और उन्हें समझा-बुझाकर शांत किया, जिसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए भेज दिया गया। वर्तमान में मौके पर शांति व्यवस्था पूरी तरह से कायम है।1
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- शनिवार देर शाम हरदोई के शाहाबाद कस्बे में भरत भूषण तिवारी के निधन पर एक भावभीनी श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। समाजसेवी अरुण गुप्ता के नेतृत्व में निकाले गए इस कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, समाजसेवी और गौ रक्षा से जुड़े कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर मौन जुलूस निकाला और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। गौ रक्षा प्रमुख अरुण गुप्ता ने इस दौरान भरत भूषण तिवारी को समाज का एक सजग और सम्मानित व्यक्ति बताया, जिनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी। उन्होंने प्रशासन से इस मामले में निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग भी की। जुलूस मुख्य मार्गों से होते हुए निर्धारित स्थल तक पहुँचा, जहाँ दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान लोगों ने “हम न्याय चाहते हैं” जैसे नारों के साथ अपनी भावनाओं को व्यक्त किया और एकजुटता का प्रदर्शन किया। मौजूद लोगों ने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान माहौल बेहद गमगीन रहा और हर किसी की आँखें नम थीं।1