पीलीभीत के जहानाबाद कोतवाली क्षेत्र में एक हृदयविदारक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। बारात से लौट रही एक बस के हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से बस चालक और उनके 16 वर्षीय बेटे की मौके पर और इलाज के दौरान मौत हो गई। करंट का झटका इतना जबरदस्त था कि बस में आग भी लग गई। शहर के मोहल्ला मोहम्मद फारूक निवासी 65 वर्षीय सज्जन अपनी बस से बारात लेकर बरेली गए थे, उनके साथ उनका 16 वर्षीय बेटा सुभान भी था। रात करीब 11 बजे जब वे जहानाबाद के गौनेरी गांव पहुंचे और बारातियों को उतारने के बाद सज्जन बस को मोड़ रहे थे, तभी बस अनियंत्रित होकर ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गई। करंट के तीव्र झटके से बस चालक सज्जन की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से झुलसे उनके बेटे सुभान को ग्रामीणों और बारातियों ने आनन-फानन में जिला अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका और इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। परिजनों ने बताया है कि सज्जन ने तीन साल पहले कर्ज लेकर और अपनी पूरी जमापूंजी लगाकर यह बस खरीदी थी, जिससे उनके परिवार का भरण-पोषण चलता था। इस हादसे ने हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन ली हैं। हादसे की सूचना मिलते ही सीओ सदर नताशा गोयल पुलिस बल के साथ घटनास्थल और जिला अस्पताल पहुंचीं। परिजनों ने रात में ही दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराने की मांग की है।
पीलीभीत के जहानाबाद कोतवाली क्षेत्र में एक हृदयविदारक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। बारात से लौट रही एक बस के हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से बस चालक और उनके 16 वर्षीय बेटे की मौके पर और इलाज के दौरान मौत हो गई। करंट का झटका इतना जबरदस्त था कि बस में आग भी लग गई। शहर के मोहल्ला मोहम्मद फारूक निवासी 65 वर्षीय सज्जन अपनी बस से बारात लेकर बरेली गए थे, उनके साथ उनका 16 वर्षीय
बेटा सुभान भी था। रात करीब 11 बजे जब वे जहानाबाद के गौनेरी गांव पहुंचे और बारातियों को उतारने के बाद सज्जन बस को मोड़ रहे थे, तभी बस अनियंत्रित होकर ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गई। करंट के तीव्र झटके से बस चालक सज्जन की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से झुलसे उनके बेटे सुभान को ग्रामीणों और बारातियों ने आनन-फानन में जिला अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद
उसे बचाया नहीं जा सका और इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। परिजनों ने बताया है कि सज्जन ने तीन साल पहले कर्ज लेकर और अपनी पूरी जमापूंजी लगाकर यह बस खरीदी थी, जिससे उनके परिवार का भरण-पोषण चलता था। इस हादसे ने हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन ली हैं। हादसे की सूचना मिलते ही सीओ सदर नताशा गोयल पुलिस बल के साथ घटनास्थल और जिला अस्पताल पहुंचीं। परिजनों ने रात में ही दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराने की मांग की है।
- पीलीभीत के गौहनिया चौराहा पर सोमवार को नेकी की दीवार सामाजिक संस्था और श्री राधा माधव संकीर्तन मंडल के संयुक्त तत्वावधान में एक सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया गया। इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह की मौजूदगी में दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट वितरित किए गए। अभियान के दौरान उपस्थित लोगों से सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने, वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने और यातायात नियमों के प्रति जागरूक रहने का आग्रह किया गया। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि हेलमेट केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा के लिए बेहद आवश्यक है। इस पहल में सामाजिक संस्था के पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिसका मुख्य संदेश लोगों को सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूक करना था।4
- पीलीभीत के पूरनपुर क्षेत्र में नजीरगंज, बिलहरी और लाह हुसैना को जोड़ने वाली सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर सोमवार को ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया। वर्षों से टूटी और खस्ताहाल सड़क से परेशान होकर ग्रामीणों ने एकत्र होकर प्रदर्शन किया और प्रशासन से तत्काल सड़क निर्माण कराने की मांग उठाई। ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिससे राहगीरों, छात्रों और किसानों को आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में सड़क की हालत और भी खराब हो जाती है, क्योंकि गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटनाओं का खतरा हमेशा बना रहता है। कई बार बाइक सवार और अन्य वाहन चालक चोटिल भी हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद संबंधित विभाग द्वारा सड़क की मरम्मत या निर्माण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। प्रदर्शनकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि यह मार्ग कई गांवों को जोड़ता है और एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इसी रास्ते से किसान अपनी उपज मंडी तक पहुंचाते हैं और ग्रामीण अपनी दैनिक जरूरतों के लिए आते-जाते हैं। सड़क खराब होने के कारण लोगों का समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। प्रदर्शन के दौरान, राजकिशोर शुक्ला ने कहा कि क्षेत्र की जनता लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग कर रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या के समाधान के प्रति गंभीर नहीं दिख रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से जनहित को ध्यान में रखते हुए तत्काल सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। इस प्रदर्शन में अभय मिश्रा, विपुल पांडे, मयंक मिश्रा, सुरेंद्र मिश्रा, जितेंद्र दीक्षित, ज्ञानदेव पांडे, अनुराग मिश्रा, मनमोहन शुक्ल, शशांक मिश्र, सत्या, देवेंद्र मिश्रा, निलेश मिश्रा, सुमित मिश्रा, दीपू मिश्रा सहित दर्जनों ग्रामीण और कार्यकर्ता मौजूद थे। सभी ने एकजुट होकर सड़क निर्माण की अपनी मांग दोहराई।2
- पीलीभीत में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा ने एक कार्यकर्ता सम्मेलन में उमड़ी भारी भीड़ को संबोधित करते हुए दावा किया कि 'PDA' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) ही सामाजिक न्याय दिलाएगा। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सपा एकमात्र ऐसी ताकत है जो गरीब, किसान और युवाओं की लड़ाई लड़ रही है, क्योंकि आज किसान और नौजवान आर्थिक संकट और बेरोजगारी से जूझ रहे हैं। जग्गा ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में 'PDA' का आंदोलन सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और बराबरी के लिए एक बड़ा जनआंदोलन है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया और संकल्प लिया कि जनता के हक और संविधान की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।4
- पीलीभीत के रिछोला से गजरौला मार्ग की सड़क महज एक साल के भीतर ही पूरी तरह से जर्जर हो गई है। करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित इस मार्ग की इतनी दयनीय स्थिति ने इसके निर्माण कार्य की गुणवत्ता और उसमें संभावित भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह प्रश्न उठाया जा रहा है कि क्या यह सड़क वास्तव में 'हाई-टेक्नोलॉजी' से बनाई गई थी, या फिर इसका निर्माण कार्य व्यापक भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। इतनी जल्दी सड़क का खराब होना जनता के मन में कई सवाल पैदा करता है, और लोगों से इस पर अपनी राय देने को कहा गया है कि इसके लिए निर्माण की गुणवत्ता जिम्मेदार है या फिर भ्रष्टाचार।1
- पीलीभीत के बीसलपुर क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन और उसके परिवहन को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वैध अनुमति के बिना ही मिट्टी से भरे ओवरलोड डंपर दिन-रात सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जबकि जिम्मेदार विभाग कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साधे हुए है। सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र के एक ठेकेदार नरेंद्र पर गौशाला के नाम पर जारी रॉयल्टी का इस्तेमाल अन्य स्थानों पर मिट्टी पाटने के लिए करने का आरोप है। बताया गया है कि जिस गौशाला के लिए मिट्टी निकासी और परिवहन की अनुमति ली गई थी, वहां पिछले लगभग पांच दिनों से कोई पटान कार्य नहीं हो रहा है, बावजूद इसके मिट्टी से भरे डंपरों का संचालन लगातार जारी है। स्थानीय लोगों का दावा है कि नसरुल्लापुर क्षेत्र से लाई गई मिट्टी का उपयोग बीसलपुर के अर्जुनपुर मोड़ के पास स्थित निजी प्लॉटों को पाटने में किया जा रहा है, जिससे गौशाला के नाम पर मिली रॉयल्टी और अनुमति का व्यावसायिक लाभ के लिए दुरुपयोग हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि गौशाला में काम बंद है तो फिर मिट्टी का परिवहन किस आधार पर हो रहा है और उसका उपयोग कहां किया जा रहा है, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। लोगों का आरोप है कि इस पूरे मामले में संबंधित अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में लाई जानी चाहिए। क्षेत्रवासियों का कहना है कि इस अवैध खनन और ओवरलोड वाहनों के कारण सरकार को राजस्व की हानि हो रही है, ग्रामीण सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं तथा धूल उड़ने से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि लगातार शिकायतों के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई न होने से खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। लोगों ने जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है, ताकि यह पता चल सके कि गौशाला के नाम पर जारी रॉयल्टी का उपयोग वास्तव में कहां हो रहा है। उन्होंने नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की भी मांग की है। समाचार में वर्णित आरोप स्थानीय लोगों एवं सूत्रों से प्राप्त जानकारी पर आधारित हैं और इनकी आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग द्वारा किया जाना शेष है।2
- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी सप्लाई चेन संकट और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण अब देश के आम नागरिकों की रसोई पर सीधा असर दिखने लगा है। सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) ने 7 जून से घरेलू रसोई गैस (14.2 किलोग्राम) की कीमतों में प्रति सिलेंडर ₹29 का बड़ा इजाफा कर दिया है, जिससे जनता की परेशानी बढ़ गई है। यह बढ़ोतरी इस तिमाही की दूसरी बड़ी वृद्धि है, जो मार्च 2026 में हुए ₹60 के इजाफे के बाद आई है। इसके साथ ही, गैस बुकिंग के नियमों में भी बदलाव किया गया है; अब शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन से पहले दूसरी बुकिंग संभव नहीं होगी। घरेलू सिलेंडरों के दामों में वृद्धि से पहले, 1 जून को ही 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडरों के दाम भी ₹42 से ₹53 तक बढ़ा दिए गए थे, जिससे बाहर खाना-पीना भी महंगा हो गया है। इस ताजा बढ़ोतरी के बाद, 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर के नए दाम महानगरों में इस प्रकार हैं: दिल्ली में ₹942.00, मुंबई में ₹941.50, कोलकाता में ₹968.00 और लखनऊ में ₹979.50। रसोई के बजट पर पड़ रहे इस सीधे असर से आम जनता खासी परेशान है, और लगातार बढ़ती कीमतों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।1
- पीलीभीत के जहानाबाद कोतवाली क्षेत्र में एक हृदयविदारक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। बारात से लौट रही एक बस के हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से बस चालक और उनके 16 वर्षीय बेटे की मौके पर और इलाज के दौरान मौत हो गई। करंट का झटका इतना जबरदस्त था कि बस में आग भी लग गई। शहर के मोहल्ला मोहम्मद फारूक निवासी 65 वर्षीय सज्जन अपनी बस से बारात लेकर बरेली गए थे, उनके साथ उनका 16 वर्षीय बेटा सुभान भी था। रात करीब 11 बजे जब वे जहानाबाद के गौनेरी गांव पहुंचे और बारातियों को उतारने के बाद सज्जन बस को मोड़ रहे थे, तभी बस अनियंत्रित होकर ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गई। करंट के तीव्र झटके से बस चालक सज्जन की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से झुलसे उनके बेटे सुभान को ग्रामीणों और बारातियों ने आनन-फानन में जिला अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका और इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। परिजनों ने बताया है कि सज्जन ने तीन साल पहले कर्ज लेकर और अपनी पूरी जमापूंजी लगाकर यह बस खरीदी थी, जिससे उनके परिवार का भरण-पोषण चलता था। इस हादसे ने हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन ली हैं। हादसे की सूचना मिलते ही सीओ सदर नताशा गोयल पुलिस बल के साथ घटनास्थल और जिला अस्पताल पहुंचीं। परिजनों ने रात में ही दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराने की मांग की है।3
- जौनपुर जिले से एक युवक की बेल्ट से बेरहमी से पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, हमलावरों ने खुद पिटाई का वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित किया। वायरल वीडियो में पिटने वाले युवक की पहचान शुभम सिंह और लोहा यादव के रूप में होने का दावा किया जा रहा है। यह घटना सिंगरामऊ थाना क्षेत्र के बरैया गांव की बताई जा रही है।1