दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों के रहने वालों के लिए राहत की खबर है। केंद्र की मोदी सरकार ने एक अहम फैसला लिया है, जिससे करीब 50 लाख लोगों को फायदा मिलेगा दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों के रहने वालों के लिए राहत की खबर है। केंद्र की मोदी सरकार ने एक अहम फैसला लिया है, जिससे करीब 50 लाख लोगों को फायदा मिलेगा, अब दिल्ली की 1,731 अनधिकृत कॉलोनियों में से 1,511 कॉलोनियों को 'जैसा है, जहां है' के आधार पर नियमित किया जाएगा, इसका मतलब है कि जिन परिवारों ने वर्षों तक अपने ही घर में रहते हुए भी अधिकार नहीं पाए, उन्हें अब कानूनी रूप से अपने घर का हक मिलेगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल का दिल्ली की जनता की ओर से आभार जताया। सीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "आज का दिन दिल्ली के 45 लाख लोगों के जीवन में राहत, सम्मान और अधिकार का नया अध्याय लेकर आया है, प्रधानमंत्री ने वर्षों से अनदेखी इस पीड़ा को समझा, उन परिवारों के सपनों को महसूस किया, जो अपने ही घरों में रहते हुए भी अधिकार से वंचित थे। इसी संवेदनशील सोच से पीएम उदय योजना का मार्ग बना और आज 1,731 में से 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण का रास्ता साफ हुआ है।" उन्होंने बताया कि 24 अप्रैल से आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी। 7 दिन में जाआईएस सर्वे, 15 दिन में आवेदन की कमी दूर करने की प्रक्रिया और 45 दिन में हस्तांतरण डीड जारी करने की समयसीमा तय की गई है। रेखा गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार ने मिलकर इस प्रक्रिया की 22 बड़ी बाधाओं को दूर किया ताकि लाखों परिवारों को उनका हक बिना अटके, लटके, भटके मिल सके। साथ ही, 20 वर्गमीटर तक की छोटी दुकानों को भी शर्तों के साथ नियमित किया जाएगा, जिससे छोटे व्यापारियों को भी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विजनरी सोच के अनुरूप दिल्ली के भविष्य को भी मजबूत किया जा रहा है।
दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों के रहने वालों के लिए राहत की खबर है। केंद्र की मोदी सरकार ने एक अहम फैसला लिया है, जिससे करीब 50 लाख लोगों को फायदा मिलेगा दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों के रहने वालों के लिए राहत की खबर है। केंद्र की मोदी सरकार ने एक अहम फैसला लिया है, जिससे करीब 50 लाख लोगों को फायदा मिलेगा, अब दिल्ली की 1,731 अनधिकृत कॉलोनियों में से 1,511 कॉलोनियों को 'जैसा है, जहां है' के आधार पर नियमित किया जाएगा, इसका मतलब है कि जिन परिवारों ने वर्षों तक अपने ही घर में रहते हुए भी अधिकार नहीं पाए, उन्हें अब कानूनी रूप से अपने घर का हक मिलेगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल का दिल्ली की जनता की ओर से आभार जताया। सीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "आज का दिन दिल्ली के 45 लाख लोगों के जीवन में राहत, सम्मान और अधिकार का नया अध्याय लेकर आया है, प्रधानमंत्री ने वर्षों से अनदेखी इस पीड़ा को समझा, उन परिवारों के सपनों को महसूस किया, जो अपने ही घरों में रहते हुए भी अधिकार से वंचित थे। इसी संवेदनशील सोच से पीएम उदय योजना का मार्ग बना और आज 1,731 में से 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण का रास्ता साफ हुआ है।" उन्होंने बताया कि 24 अप्रैल से आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी। 7 दिन में जाआईएस सर्वे, 15 दिन में आवेदन की कमी दूर करने की प्रक्रिया और 45 दिन में हस्तांतरण डीड जारी करने की समयसीमा तय की गई है। रेखा गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार ने मिलकर इस प्रक्रिया की 22 बड़ी बाधाओं को दूर किया ताकि लाखों परिवारों को उनका हक बिना अटके, लटके, भटके मिल सके। साथ ही, 20 वर्गमीटर तक की छोटी दुकानों को भी शर्तों के साथ नियमित किया जाएगा, जिससे छोटे व्यापारियों को भी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विजनरी सोच के अनुरूप दिल्ली के भविष्य को भी मजबूत किया जा रहा है।
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- Post by mahfuj Alam1
- Post by PANKAJ KUMAR1
- दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों के रहने वालों के लिए राहत की खबर है। केंद्र की मोदी सरकार ने एक अहम फैसला लिया है, जिससे करीब 50 लाख लोगों को फायदा मिलेगा, अब दिल्ली की 1,731 अनधिकृत कॉलोनियों में से 1,511 कॉलोनियों को 'जैसा है, जहां है' के आधार पर नियमित किया जाएगा, इसका मतलब है कि जिन परिवारों ने वर्षों तक अपने ही घर में रहते हुए भी अधिकार नहीं पाए, उन्हें अब कानूनी रूप से अपने घर का हक मिलेगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल का दिल्ली की जनता की ओर से आभार जताया। सीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "आज का दिन दिल्ली के 45 लाख लोगों के जीवन में राहत, सम्मान और अधिकार का नया अध्याय लेकर आया है, प्रधानमंत्री ने वर्षों से अनदेखी इस पीड़ा को समझा, उन परिवारों के सपनों को महसूस किया, जो अपने ही घरों में रहते हुए भी अधिकार से वंचित थे। इसी संवेदनशील सोच से पीएम उदय योजना का मार्ग बना और आज 1,731 में से 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण का रास्ता साफ हुआ है।" उन्होंने बताया कि 24 अप्रैल से आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी। 7 दिन में जाआईएस सर्वे, 15 दिन में आवेदन की कमी दूर करने की प्रक्रिया और 45 दिन में हस्तांतरण डीड जारी करने की समयसीमा तय की गई है। रेखा गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार ने मिलकर इस प्रक्रिया की 22 बड़ी बाधाओं को दूर किया ताकि लाखों परिवारों को उनका हक बिना अटके, लटके, भटके मिल सके। साथ ही, 20 वर्गमीटर तक की छोटी दुकानों को भी शर्तों के साथ नियमित किया जाएगा, जिससे छोटे व्यापारियों को भी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विजनरी सोच के अनुरूप दिल्ली के भविष्य को भी मजबूत किया जा रहा है।1
- Post by সেন্টু সরকার1
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- बंगाल में आतंकी शासन का अंत होगा मोदी का एलान, ममता बोली हम सबको मच्छी खिलाता, हिंदू वोटों के भरोसे हिमंता, केरल में बीजेपी को एक सीट नहीं - थरूर , इजरायली बमबारी जारी और शिक्षिका देवी पर पंखा डुलाता भविष्य.... देखिए देश दुनिया की छ बड़ी खबरें राजपथ न्यूज़ पर....1
- रानी बाग पुलिस की बड़ी कामयाबी, हत्या के मामले में दो आरोपी घंटों में गिरफ्तार दिल्ली के रानी बाग इलाके में पुलिस ने एक सनसनीखेज हत्या के मामले का खुलासा करते हुए महज़ कुछ घंटों के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। त्वरित कार्रवाई और मुस्तैदी के चलते पुलिस ने इस केस में बड़ी सफलता हासिल की है। दरअसल, बीएसए अस्पताल रोहिणी से पुलिस को सूचना मिली थी कि पीतमपुरा निवासी 40 वर्षीय राजू को चाकू लगने के बाद गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया है। लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही रानी बाग थाना पुलिस और जांच अधिकारी एएसआई सुनील मौके पर पहुंचे। क्राइम टीम को बुलाकर घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और अहम सबूत जुटाए गए। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने कई टीमों का गठन किया। इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार के नेतृत्व में और एसीपी मंगोलपुरी मुरारी लाल की निगरानी में एक विशेष टीम बनाई गई। पुलिस टीम ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसके आधार पर आरोपियों की पहचान लाल बाबू उर्फ लालू और कुंदन के रूप में हुई। साथ ही, गुप्त सूत्रों को भी सक्रिय किया गया। जल्द ही पुलिस को सूचना मिली कि दोनों आरोपी रानी बाग स्थित एक पार्क में छिपे हुए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर दोनों को पकड़ने की कोशिश की। इस दौरान आरोपियों ने पुलिसकर्मियों से सर्विस पिस्टल छीनकर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जिससे दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी और उन्हें काबू कर लिया गया। दोनों घायलों को तुरंत भगवान महावीर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। फिलहाल, पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।1