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*किताबों के नाम पर ‘ज्ञान’ नहीं, वसूली का खेल! अमृतपुर में प्राइवेट स्कूलों पर गंभीर आरोप,बीईओ बोले- शिकायत दो, होगी सख्त कार्रवाई;अभिभावक बोले- रसीद तक नहीं देते स्कूल* *किताबों के नाम पर ‘ज्ञान’ नहीं, वसूली का खेल! अमृतपुर में प्राइवेट स्कूलों पर गंभीर आरोप,बीईओ बोले- शिकायत दो, होगी सख्त कार्रवाई;अभिभावक बोले- रसीद तक नहीं देते स्कूल* संवाददाता रामू राजपूत *अमृतपुर/फर्रुखाबाद* अमृतपुर तहसील क्षेत्र में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी चरम पर है। किताबों के नाम पर अवैध वसूली के आरोपों ने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की पढ़ाई के नाम पर खुलेआम पैसे वसूले जा रहे हैं, लेकिन न तो रसीद दी जा रही है और न ही समय पर किताबें उपलब्ध कराई जा रही हैं। ‘रसीद मांगो तो टालमटोल, किताबें भी नहीं’ – अभिभावकों का आरोप कई अभिभावकों ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि स्कूलों द्वारा किताबों के नाम पर मोटी रकम ली जा रही है। जब उन्होंने भुगतान की रसीद मांगी तो स्कूल प्रबंधन ने साफ इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, “आज-कल” कहकर किताबें देने में भी देरी की जा रही है। अभिभावकों का कहना है कि वे खुलकर विरोध भी नहीं कर पा रहे, क्योंकि यह उनके बच्चों के भविष्य से जुड़ा मामला है। जमापुर के पास स्थित स्कूल पर भी सवाल, दबाव में अभिभावक मामला जमापुर के पास स्थित एक निजी स्कूल से भी जुड़ा बताया जा रहा है, जहां अभिभावकों का आरोप है कि खुलेआम नियमों की अनदेखी हो रही है। हालांकि, बच्चे की पढ़ाई प्रभावित होने के डर से अभिभावक खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं। सरकार के आदेश बेअसर, अभियान के बावजूद जारी वसूली एक तरफ सरकार स्पष्ट निर्देश दे चुकी है कि प्राइवेट स्कूल किसी भी प्रकार की अवैध वसूली नहीं करेंगे। इसके लिए अभियान भी चलाया जा रहा है। इसके बावजूद अमृतपुर क्षेत्र के दर्जनों स्कूलों में नियमों की अनदेखी कर मनमाने तरीके से वसूली जारी है। बीईओ राजीव कुमार का बयान: लिखित शिकायत पर होगी कार्रवाई राजेपुर खंड शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि यदि कोई भी निजी विद्यालय अवैध तरीके से किताबें देकर धन उगाही कर रहा है, तो उसकी लिखित शिकायत जिला अधिकारी फर्रुखाबाद को दी जाए। शिकायत मिलने पर संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। डीएम से कार्रवाई की मांग, अभिभावकों में रोष अभिभावकों ने जिला अधिकारी आशुतोष द्विवेदी से मामले का संज्ञान लेकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि शिक्षा के नाम पर हो रही इस वसूली पर रोक लगनी चाहिए, ताकि बच्चों की पढ़ाई के साथ खिलवाड़ न हो। *बड़ा सवाल: शिक्षा का मंदिर या वसूली का अड्डा?* लगातार मिल रही शिकायतों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या प्राइवेट स्कूल शिक्षा देने का काम कर रहे हैं या फिर अभिभावकों से अवैध वसूली का जरिया बन चुके हैं। प्रशासन की सख्ती ही अब इस खेल पर रोक लगा सकती है।

6 hrs ago
user_रामू राजपूत पत्रकार
रामू राजपूत पत्रकार
Court reporter अमृतपुर, फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश•
6 hrs ago
746d22b3-b6ed-4d9c-92f7-86eb6e11f5c4

*किताबों के नाम पर ‘ज्ञान’ नहीं, वसूली का खेल! अमृतपुर में प्राइवेट स्कूलों पर गंभीर आरोप,बीईओ बोले- शिकायत दो, होगी सख्त कार्रवाई;अभिभावक बोले- रसीद तक नहीं देते स्कूल* *किताबों के नाम पर ‘ज्ञान’ नहीं, वसूली का खेल! अमृतपुर में प्राइवेट स्कूलों पर गंभीर आरोप,बीईओ बोले- शिकायत दो, होगी सख्त कार्रवाई;अभिभावक बोले- रसीद तक नहीं देते स्कूल* संवाददाता रामू राजपूत *अमृतपुर/फर्रुखाबाद* अमृतपुर तहसील क्षेत्र में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी चरम पर है। किताबों के नाम पर अवैध वसूली के आरोपों ने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की पढ़ाई के नाम पर खुलेआम पैसे वसूले जा रहे हैं, लेकिन न तो रसीद दी जा रही है और न ही समय पर किताबें उपलब्ध कराई जा रही हैं। ‘रसीद मांगो तो टालमटोल, किताबें भी नहीं’ – अभिभावकों का आरोप कई अभिभावकों ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि स्कूलों द्वारा किताबों के नाम पर मोटी रकम ली जा रही है। जब उन्होंने भुगतान की रसीद मांगी तो स्कूल प्रबंधन ने साफ इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, “आज-कल” कहकर किताबें देने में भी देरी की जा रही है। अभिभावकों का कहना है कि वे खुलकर विरोध भी नहीं कर पा रहे, क्योंकि यह उनके बच्चों के भविष्य से जुड़ा मामला है। जमापुर के पास स्थित स्कूल पर भी सवाल, दबाव में अभिभावक मामला जमापुर के पास स्थित एक निजी स्कूल से भी जुड़ा बताया जा रहा है, जहां अभिभावकों का आरोप है कि खुलेआम नियमों की अनदेखी हो रही है। हालांकि, बच्चे की पढ़ाई प्रभावित होने के डर से अभिभावक खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं। सरकार के आदेश बेअसर, अभियान के बावजूद जारी वसूली एक तरफ सरकार स्पष्ट निर्देश दे चुकी है कि प्राइवेट स्कूल किसी भी प्रकार की अवैध वसूली नहीं करेंगे। इसके लिए अभियान भी चलाया जा रहा है। इसके बावजूद अमृतपुर क्षेत्र के दर्जनों स्कूलों में नियमों की अनदेखी कर मनमाने तरीके से वसूली जारी है। बीईओ राजीव कुमार का बयान: लिखित शिकायत पर होगी कार्रवाई राजेपुर खंड शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि यदि कोई भी निजी विद्यालय अवैध तरीके से किताबें देकर धन उगाही कर रहा है, तो उसकी लिखित शिकायत जिला अधिकारी फर्रुखाबाद को दी जाए। शिकायत मिलने पर संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। डीएम से कार्रवाई की मांग, अभिभावकों में रोष अभिभावकों ने जिला अधिकारी आशुतोष द्विवेदी से मामले का संज्ञान लेकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि शिक्षा के नाम पर हो रही इस वसूली पर रोक लगनी चाहिए, ताकि बच्चों की पढ़ाई के साथ खिलवाड़ न हो। *बड़ा सवाल: शिक्षा का मंदिर या वसूली का अड्डा?* लगातार मिल रही शिकायतों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या प्राइवेट स्कूल शिक्षा देने का काम कर रहे हैं या फिर अभिभावकों से अवैध वसूली का जरिया बन चुके हैं। प्रशासन की सख्ती ही अब इस खेल पर रोक लगा सकती है।

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  • मंत्री जी नहीं पढ़ पा रहे है कि कितने पैसे लिखे है
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    मंत्री जी नहीं पढ़ पा रहे है कि कितने पैसे लिखे है
    user_Rahul katheriya
    Rahul katheriya
    Samaj Sevak फर्रुखाबाद, फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • Post by CITY NEWS
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    Post by CITY NEWS
    user_CITY NEWS
    CITY NEWS
    Farrukhabad, Uttar Pradesh•
    5 hrs ago
  • बहराइच जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक महिला की उसके ही देवर ने निर्मम हत्या कर दी। मृतका की पहचान आरती के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, आरती के पति की एक साल पहले सड़क हादसे में मौत हो गई थी। हाल ही में पति का इंश्योरेंस का पैसा आरती के बैंक खाते में आया था। आरोप है कि देवर उस पैसे को अपने कब्जे में लेना चाहता था। बताया जा रहा है कि जब आरती ने पैसे देने से इनकार किया, तो आरोपी देवर ने पहले उसके हाथ-पांव बांध दिए और फिर कुल्हाड़ी से हमला कर उसकी हत्या कर दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार करने की बात कही जा रही है।
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    बहराइच जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक महिला की उसके ही देवर ने निर्मम हत्या कर दी। मृतका की पहचान आरती के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार, आरती के पति की एक साल पहले सड़क हादसे में मौत हो गई थी। हाल ही में पति का इंश्योरेंस का पैसा आरती के बैंक खाते में आया था। आरोप है कि देवर उस पैसे को अपने कब्जे में लेना चाहता था।
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घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। आरोपी की तलाश जारी है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार करने की बात कही जा रही है।
    user_Gopinath
    Gopinath
    फर्रुखाबाद, फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • Post by Shivam Rajput
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    Post by Shivam Rajput
    user_Shivam Rajput
    Shivam Rajput
    फर्रुखाबाद, फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • किसान नेताओं को हाउस अरेस्ट किए जाने पर भड़का आक्रोश “प्रशासन की गुंडागर्दी, लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन” — भाकियू (भानु) फर्रुखाबाद | 17 अप्रैल, 2026 भारतीय किसान यूनियन (भानु) के कार्यकर्ताओं में उस समय भारी आक्रोश फैल गया जब गढ़मुक्तेश्वर कूच की तैयारी कर रहे किसान नेताओं को जिला प्रशासन ने हाउस अरेस्ट कर लिया। संगठन ने इसे किसान विरोधी कार्रवाई बताते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघन करार दिया है। प्रदेश अध्यक्ष के आह्वान पर किसान नेता गढ़मुक्तेश्वर जाने के लिए तैयार थे, तभी घटिया घाट चौकी प्रभारी मोहित मिश्रा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और नेताओं को घरों में ही नजरबंद कर दिया। इस कार्रवाई से जिले भर के किसानों में रोष व्याप्त है। प्रशासन की इस कार्रवाई में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विकास चंद्र अग्निहोत्री, जिला अध्यक्ष जगपाल सिंह राठौर और जिला पंचायत प्रत्याशी उदित मिश्रा को मुख्य रूप से नजरबंद किया गया। इनके अलावा राजेंद्र सिंह (उपाध्यक्ष, व्यापार प्रकोष्ठ), मुन्ना सिंह (जिला अध्यक्ष, व्यापार प्रकोष्ठ), रामदास गुप्ता (जिला उपाध्यक्ष) सहित जगवीर सिंह, हरवीर सिंह, बाल किशन और अनुज तिवारी को भी पुलिस ने हिरासत में रखा। किसान नेताओं ने प्रशासन के इस कदम को दमनकारी बताते हुए कहा कि पुलिस की लाठियां और बंदिशें किसानों के हौसले को नहीं तोड़ सकतीं। उन्होंने चेतावनी दी कि किसान अपने अधिकारों के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे और किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे। नेताओं ने कहा कि किसानों को उनके घरों में कैद करना प्रशासन की हताशा को दर्शाता है। “हम जेलों से नहीं डरते, हम लड़ेंगे और जीतेंगे,” यह कहते हुए उन्होंने संघर्ष तेज करने का ऐलान किया। दरअसल, भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष के खिलाफ प्रदेश सरकार के एक पूर्व मंत्री द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी के विरोध में पूरे उत्तर प्रदेश में किसान संगठन विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रहे थे। इसी क्रम में प्रशासन ने विभिन्न जनपदों में किसान नेताओं को एहतियातन हाउस अरेस्ट कर दिया। संगठन ने साफ चेतावनी दी है कि इस कार्रवाई के खिलाफ जल्द ही अगली रणनीति बनाई जाएगी। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश मिलते ही जिले भर के किसान सड़कों पर उतरेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
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    किसान नेताओं को हाउस अरेस्ट किए जाने पर भड़का आक्रोश
“प्रशासन की गुंडागर्दी, लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन” — भाकियू (भानु)
फर्रुखाबाद | 17 अप्रैल, 2026
भारतीय किसान यूनियन (भानु) के कार्यकर्ताओं में उस समय भारी आक्रोश फैल गया जब गढ़मुक्तेश्वर कूच की तैयारी कर रहे किसान नेताओं को जिला प्रशासन ने हाउस अरेस्ट कर लिया। संगठन ने इसे किसान विरोधी कार्रवाई बताते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघन करार दिया है।
प्रदेश अध्यक्ष के आह्वान पर किसान नेता गढ़मुक्तेश्वर जाने के लिए तैयार थे, तभी घटिया घाट चौकी प्रभारी मोहित मिश्रा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और नेताओं को घरों में ही नजरबंद कर दिया। इस कार्रवाई से जिले भर के किसानों में रोष व्याप्त है।
प्रशासन की इस कार्रवाई में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विकास चंद्र अग्निहोत्री, जिला अध्यक्ष जगपाल सिंह राठौर और जिला पंचायत प्रत्याशी उदित मिश्रा को मुख्य रूप से नजरबंद किया गया। इनके अलावा राजेंद्र सिंह (उपाध्यक्ष, व्यापार प्रकोष्ठ), मुन्ना सिंह (जिला अध्यक्ष, व्यापार प्रकोष्ठ), रामदास गुप्ता (जिला उपाध्यक्ष) सहित जगवीर सिंह, हरवीर सिंह, बाल किशन और अनुज तिवारी को भी पुलिस ने हिरासत में रखा।
किसान नेताओं ने प्रशासन के इस कदम को दमनकारी बताते हुए कहा कि पुलिस की लाठियां और बंदिशें किसानों के हौसले को नहीं तोड़ सकतीं। उन्होंने चेतावनी दी कि किसान अपने अधिकारों के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे और किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे।
नेताओं ने कहा कि किसानों को उनके घरों में कैद करना प्रशासन की हताशा को दर्शाता है। “हम जेलों से नहीं डरते, हम लड़ेंगे और जीतेंगे,” यह कहते हुए उन्होंने संघर्ष तेज करने का ऐलान किया।
दरअसल, भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष के खिलाफ प्रदेश सरकार के एक पूर्व मंत्री द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी के विरोध में पूरे उत्तर प्रदेश में किसान संगठन विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रहे थे। इसी क्रम में प्रशासन ने विभिन्न जनपदों में किसान नेताओं को एहतियातन हाउस अरेस्ट कर दिया।
संगठन ने साफ चेतावनी दी है कि इस कार्रवाई के खिलाफ जल्द ही अगली रणनीति बनाई जाएगी। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश मिलते ही जिले भर के किसान सड़कों पर उतरेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
    user_Amit farukhabad indiakhasnews
    Amit farukhabad indiakhasnews
    Reporter फर्रुखाबाद, फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • Post by संपादक गौरी शंकर त्रिवेदी
    1
    Post by संपादक गौरी शंकर त्रिवेदी
    user_संपादक गौरी शंकर त्रिवेदी
    संपादक गौरी शंकर त्रिवेदी
    जलालाबाद, शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी
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    Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी
    user_द कहर न्यूज़ एजेंसी
    द कहर न्यूज़ एजेंसी
    Journalist Kaimganj, Farrukhabad•
    6 hrs ago
  • बड़ी खबर बेजुबान जानवर ने बच्चे को बालकनी से बचाया देखो पूरा वीडियो लाइक करें शेयर करें कमेंट करें
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    बड़ी खबर बेजुबान जानवर ने बच्चे को बालकनी से बचाया देखो पूरा वीडियो लाइक करें शेयर करें कमेंट करें
    user_Rahul katheriya
    Rahul katheriya
    Samaj Sevak फर्रुखाबाद, फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
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