logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

गाजियाबाद के राकेश मार्ग स्थित गुलमोहर एनक्लेव सोसायटी की लिफ्ट सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एसपी-2 टॉवर की लिफ्ट नंबर 3 में इमरजेंसी इंटरकॉम सेवा बंद होने का मामला सामने आने के बाद निवासियों में गहरी चिंता बढ़ गई है। निवासियों का आरोप है कि ओटिस कंपनी को भारी-भरकम एएमसी का भुगतान करने के बावजूद लिफ्ट में आवश्यक सुरक्षा सुविधाएँ नदारद हैं, जिनमें इंटरकॉम का बंद होना, ऑटोमैटिक रेस्क्यू डिवाइस (एआरडी) प्रणाली का न होना और रात के समय सहायता के लिए किसी कर्मचारी की अनुपस्थिति शामिल है। एक निवासी, गौरव बंसल, की शिकायत पर जब ओटीस के इंजीनियर आनंद से इंटरकॉम के बारे में जानकारी ली गई, तो उन्होंने बताया कि इंटरकॉम उनकी कार्यसीमा में नहीं आता और इसके लिए अलग केबलिंग एवं व्यवस्था होती है। निवासियों के अनुसार, लिफ्ट में लगाया गया इमरजेंसी इंटरकॉम आपात स्थिति में फंसे व्यक्ति को सहायता उपलब्ध कराने का एक महत्वपूर्ण माध्यम होता है, लेकिन एसपी-2 टॉवर की इस लिफ्ट में यह सुविधा कई महीनों से बंद है। इस स्थिति को और गंभीर बनाते हुए, लिफ्ट के अंदर मोबाइल नेटवर्क भी उपलब्ध नहीं रहता, जिससे आपात स्थिति में सहायता मांगने का कोई प्रभावी साधन नहीं बचता है। निवासियों ने यह भी बताया कि आरडब्ल्यूए द्वारा नियुक्त लिफ्ट कर्मचारी केवल दिन के समय ही उपलब्ध रहते हैं, जबकि रात में लिफ्ट संबंधी सहायता के लिए कोई कर्मचारी मौजूद नहीं होता। इसके अलावा, सोसायटी की लिफ्टों में अभी तक ऑटोमैटिक रेस्क्यू डिवाइस (एआरडी) प्रणाली स्थापित नहीं की गई है, जो बिजली बाधित होने या तकनीकी खराबी में यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद करती है। लिफ्टों के आवश्यक पंजीकरण और सुरक्षा मानकों के अनुपालन को लेकर भी निवासियों ने प्रश्न उठाए हैं। इन सभी खामियों को देखते हुए, निवासियों ने आरडब्ल्यूए और संबंधित एजेंसी से तत्काल लिफ्ट सुरक्षा से जुड़े सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि किसी भी आपात स्थिति में फंसे व्यक्ति की सुरक्षा और सहायता की जिम्मेदारी किसकी होगी।

12 hrs ago
user_Gaurav bansal
Gaurav bansal
Grain Trader गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
12 hrs ago

गाजियाबाद के राकेश मार्ग स्थित गुलमोहर एनक्लेव सोसायटी की लिफ्ट सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एसपी-2 टॉवर की लिफ्ट नंबर 3 में इमरजेंसी इंटरकॉम सेवा बंद होने का मामला सामने आने के बाद निवासियों में गहरी चिंता बढ़ गई है। निवासियों का आरोप है कि ओटिस कंपनी को भारी-भरकम एएमसी का भुगतान करने के बावजूद लिफ्ट में आवश्यक सुरक्षा सुविधाएँ नदारद हैं, जिनमें इंटरकॉम का बंद होना, ऑटोमैटिक रेस्क्यू डिवाइस (एआरडी) प्रणाली का न होना और रात के समय सहायता के लिए किसी कर्मचारी की अनुपस्थिति शामिल है। एक निवासी, गौरव बंसल, की शिकायत पर जब ओटीस के इंजीनियर आनंद से इंटरकॉम के बारे में जानकारी ली

ce3daccb-2eef-493d-af75-b3828004db84

गई, तो उन्होंने बताया कि इंटरकॉम उनकी कार्यसीमा में नहीं आता और इसके लिए अलग केबलिंग एवं व्यवस्था होती है। निवासियों के अनुसार, लिफ्ट में लगाया गया इमरजेंसी इंटरकॉम आपात स्थिति में फंसे व्यक्ति को सहायता उपलब्ध कराने का एक महत्वपूर्ण माध्यम होता है, लेकिन एसपी-2 टॉवर की इस लिफ्ट में यह सुविधा कई महीनों से बंद है। इस स्थिति को और गंभीर बनाते हुए, लिफ्ट के अंदर मोबाइल नेटवर्क भी उपलब्ध नहीं रहता, जिससे आपात स्थिति में सहायता मांगने का कोई प्रभावी साधन नहीं बचता है। निवासियों ने यह भी बताया कि आरडब्ल्यूए द्वारा नियुक्त लिफ्ट कर्मचारी केवल दिन के समय ही उपलब्ध रहते हैं, जबकि रात में लिफ्ट संबंधी

356d42fa-ff0d-4e48-b964-52cf86967982

सहायता के लिए कोई कर्मचारी मौजूद नहीं होता। इसके अलावा, सोसायटी की लिफ्टों में अभी तक ऑटोमैटिक रेस्क्यू डिवाइस (एआरडी) प्रणाली स्थापित नहीं की गई है, जो बिजली बाधित होने या तकनीकी खराबी में यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद करती है। लिफ्टों के आवश्यक पंजीकरण और सुरक्षा मानकों के अनुपालन को लेकर भी निवासियों ने प्रश्न उठाए हैं। इन सभी खामियों को देखते हुए, निवासियों ने आरडब्ल्यूए और संबंधित एजेंसी से तत्काल लिफ्ट सुरक्षा से जुड़े सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि किसी भी आपात स्थिति में फंसे व्यक्ति की सुरक्षा और सहायता की जिम्मेदारी किसकी होगी।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत एक बड़ी सफलता हासिल हुई है। प्रभावी पैरवी और मजबूत साक्ष्यों के आधार पर, न्यायालय ने वर्ष 2016 के एक हत्या के मामले में दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। थाना सिहानीगेट में दर्ज इस मुकदमे में आरोपी उमेश शर्मा और अंकुर शर्मा पर लोहे की रॉड और बीयर की बोतल से हमला कर एक युवक की हत्या करने का आरोप था। मामले की विवेचना, कन्विक्शन सेल के समन्वय और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप, गाजियाबाद की अदालत ने दोनों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302/34 के तहत आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके अतिरिक्त, धारा 201 के तहत उन्हें 3 वर्ष का सश्रम कारावास तथा 1 हजार रुपये अर्थदंड भी दिया गया है। गाजियाबाद पुलिस ने बताया है कि अपराधियों को सजा दिलाने के लिए ऑपरेशन कन्विक्शन लगातार महत्वपूर्ण और प्रभावी भूमिका निभा रहा है।
    1
    गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत एक बड़ी सफलता हासिल हुई है। प्रभावी पैरवी और मजबूत साक्ष्यों के आधार पर, न्यायालय ने वर्ष 2016 के एक हत्या के मामले में दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

थाना सिहानीगेट में दर्ज इस मुकदमे में आरोपी उमेश शर्मा और अंकुर शर्मा पर लोहे की रॉड और बीयर की बोतल से हमला कर एक युवक की हत्या करने का आरोप था। मामले की विवेचना, कन्विक्शन सेल के समन्वय और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप, गाजियाबाद की अदालत ने दोनों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302/34 के तहत आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके अतिरिक्त, धारा 201 के तहत उन्हें 3 वर्ष का सश्रम कारावास तथा 1 हजार रुपये अर्थदंड भी दिया गया है।

गाजियाबाद पुलिस ने बताया है कि अपराधियों को सजा दिलाने के लिए ऑपरेशन कन्विक्शन लगातार महत्वपूर्ण और प्रभावी भूमिका निभा रहा है।
    user_पत्रकार जितेन्द्र ठाकुर
    पत्रकार जितेन्द्र ठाकुर
    Media house गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • गाजियाबाद के राकेश मार्ग स्थित गुलमोहर एनक्लेव सोसायटी के एसपी-2 टॉवर की लिफ्ट नंबर 3 में इमरजेंसी इंटरकॉम सेवा कई महीनों से बंद होने के बाद निवासियों में लिफ्ट सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता व्याप्त है। निवासी गौरव बंसल की शिकायत पर पहुंचे ओटिस कंपनी के इंजीनियर आनंद ने बताया कि इंटरकॉम उनकी कार्यसीमा में नहीं आता और इसके लिए अलग केबलिंग व व्यवस्था की आवश्यकता होती है। निवासियों का कहना है कि आपात स्थिति में फंसे व्यक्ति के लिए इंटरकॉम सहायता का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, लेकिन यह सुविधा बंद पड़ी है। स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब लिफ्ट के भीतर मोबाइल नेटवर्क भी उपलब्ध नहीं होता, जिससे सहायता मांगने का कोई प्रभावी साधन नहीं बचता। निवासियों के अनुसार, आरडब्ल्यूए द्वारा नियुक्त लिफ्ट कर्मचारी केवल दिन के समय ही उपलब्ध रहते हैं, जबकि रात में लिफ्ट संबंधी सहायता के लिए कोई कर्मचारी मौजूद नहीं होता, जिससे रात के समय आपातकालीन राहत और बचाव पर सवाल खड़े होते हैं। निवासियों ने आरोप लगाया है कि सोसायटी की लिफ्टों में अभी तक ऑटोमैटिक रेस्क्यू डिवाइस (एआरडी) प्रणाली भी स्थापित नहीं की गई है, जो बिजली बाधित होने पर लिफ्ट को निकटतम तल पर लाकर यात्रियों को सुरक्षित निकालती है। इसके अतिरिक्त, लिफ्टों के आवश्यक पंजीकरण और सुरक्षा मानकों के अनुपालन पर भी प्रश्न उठाए जा रहे हैं। निवासियों का स्पष्ट कहना है कि भारी-भरकम एएमसी का भुगतान करने के बावजूद यदि इंटरकॉम बंद है, एआरडी सिस्टम नहीं है और रात में कोई कर्मचारी नहीं है, तो यह सुरक्षा व्यवस्था पर एक गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। इन गंभीर खामियों को देखते हुए, निवासियों ने आरडब्ल्यूए और संबंधित एजेंसी से तत्काल लिफ्ट सुरक्षा से जुड़े सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने की मांग की है। वे यह स्पष्टीकरण भी चाहते हैं कि किसी आपात स्थिति में फंसे व्यक्ति की सुरक्षा और सहायता की अंतिम जिम्मेदारी किसकी होगी।
    3
    गाजियाबाद के राकेश मार्ग स्थित गुलमोहर एनक्लेव सोसायटी के एसपी-2 टॉवर की लिफ्ट नंबर 3 में इमरजेंसी इंटरकॉम सेवा कई महीनों से बंद होने के बाद निवासियों में लिफ्ट सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता व्याप्त है। निवासी गौरव बंसल की शिकायत पर पहुंचे ओटिस कंपनी के इंजीनियर आनंद ने बताया कि इंटरकॉम उनकी कार्यसीमा में नहीं आता और इसके लिए अलग केबलिंग व व्यवस्था की आवश्यकता होती है। निवासियों का कहना है कि आपात स्थिति में फंसे व्यक्ति के लिए इंटरकॉम सहायता का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, लेकिन यह सुविधा बंद पड़ी है। स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब लिफ्ट के भीतर मोबाइल नेटवर्क भी उपलब्ध नहीं होता, जिससे सहायता मांगने का कोई प्रभावी साधन नहीं बचता।

निवासियों के अनुसार, आरडब्ल्यूए द्वारा नियुक्त लिफ्ट कर्मचारी केवल दिन के समय ही उपलब्ध रहते हैं, जबकि रात में लिफ्ट संबंधी सहायता के लिए कोई कर्मचारी मौजूद नहीं होता, जिससे रात के समय आपातकालीन राहत और बचाव पर सवाल खड़े होते हैं। निवासियों ने आरोप लगाया है कि सोसायटी की लिफ्टों में अभी तक ऑटोमैटिक रेस्क्यू डिवाइस (एआरडी) प्रणाली भी स्थापित नहीं की गई है, जो बिजली बाधित होने पर लिफ्ट को निकटतम तल पर लाकर यात्रियों को सुरक्षित निकालती है। इसके अतिरिक्त, लिफ्टों के आवश्यक पंजीकरण और सुरक्षा मानकों के अनुपालन पर भी प्रश्न उठाए जा रहे हैं। निवासियों का स्पष्ट कहना है कि भारी-भरकम एएमसी का भुगतान करने के बावजूद यदि इंटरकॉम बंद है, एआरडी सिस्टम नहीं है और रात में कोई कर्मचारी नहीं है, तो यह सुरक्षा व्यवस्था पर एक गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।

इन गंभीर खामियों को देखते हुए, निवासियों ने आरडब्ल्यूए और संबंधित एजेंसी से तत्काल लिफ्ट सुरक्षा से जुड़े सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने की मांग की है। वे यह स्पष्टीकरण भी चाहते हैं कि किसी आपात स्थिति में फंसे व्यक्ति की सुरक्षा और सहायता की अंतिम जिम्मेदारी किसकी होगी।
    user_पत्रकार  धीरेंद्र त्रिपाठी
    पत्रकार धीरेंद्र त्रिपाठी
    Press advisory गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • गाजियाबाद के राकेश मार्ग स्थित गुलमोहर एनक्लेव सोसायटी की लिफ्ट सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एसपी-2 टॉवर की लिफ्ट नंबर 3 में इमरजेंसी इंटरकॉम सेवा बंद होने का मामला सामने आने के बाद निवासियों में गहरी चिंता बढ़ गई है। निवासियों का आरोप है कि ओटिस कंपनी को भारी-भरकम एएमसी का भुगतान करने के बावजूद लिफ्ट में आवश्यक सुरक्षा सुविधाएँ नदारद हैं, जिनमें इंटरकॉम का बंद होना, ऑटोमैटिक रेस्क्यू डिवाइस (एआरडी) प्रणाली का न होना और रात के समय सहायता के लिए किसी कर्मचारी की अनुपस्थिति शामिल है। एक निवासी, गौरव बंसल, की शिकायत पर जब ओटीस के इंजीनियर आनंद से इंटरकॉम के बारे में जानकारी ली गई, तो उन्होंने बताया कि इंटरकॉम उनकी कार्यसीमा में नहीं आता और इसके लिए अलग केबलिंग एवं व्यवस्था होती है। निवासियों के अनुसार, लिफ्ट में लगाया गया इमरजेंसी इंटरकॉम आपात स्थिति में फंसे व्यक्ति को सहायता उपलब्ध कराने का एक महत्वपूर्ण माध्यम होता है, लेकिन एसपी-2 टॉवर की इस लिफ्ट में यह सुविधा कई महीनों से बंद है। इस स्थिति को और गंभीर बनाते हुए, लिफ्ट के अंदर मोबाइल नेटवर्क भी उपलब्ध नहीं रहता, जिससे आपात स्थिति में सहायता मांगने का कोई प्रभावी साधन नहीं बचता है। निवासियों ने यह भी बताया कि आरडब्ल्यूए द्वारा नियुक्त लिफ्ट कर्मचारी केवल दिन के समय ही उपलब्ध रहते हैं, जबकि रात में लिफ्ट संबंधी सहायता के लिए कोई कर्मचारी मौजूद नहीं होता। इसके अलावा, सोसायटी की लिफ्टों में अभी तक ऑटोमैटिक रेस्क्यू डिवाइस (एआरडी) प्रणाली स्थापित नहीं की गई है, जो बिजली बाधित होने या तकनीकी खराबी में यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद करती है। लिफ्टों के आवश्यक पंजीकरण और सुरक्षा मानकों के अनुपालन को लेकर भी निवासियों ने प्रश्न उठाए हैं। इन सभी खामियों को देखते हुए, निवासियों ने आरडब्ल्यूए और संबंधित एजेंसी से तत्काल लिफ्ट सुरक्षा से जुड़े सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि किसी भी आपात स्थिति में फंसे व्यक्ति की सुरक्षा और सहायता की जिम्मेदारी किसकी होगी।
    3
    गाजियाबाद के राकेश मार्ग स्थित गुलमोहर एनक्लेव सोसायटी की लिफ्ट सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एसपी-2 टॉवर की लिफ्ट नंबर 3 में इमरजेंसी इंटरकॉम सेवा बंद होने का मामला सामने आने के बाद निवासियों में गहरी चिंता बढ़ गई है। निवासियों का आरोप है कि ओटिस कंपनी को भारी-भरकम एएमसी का भुगतान करने के बावजूद लिफ्ट में आवश्यक सुरक्षा सुविधाएँ नदारद हैं, जिनमें इंटरकॉम का बंद होना, ऑटोमैटिक रेस्क्यू डिवाइस (एआरडी) प्रणाली का न होना और रात के समय सहायता के लिए किसी कर्मचारी की अनुपस्थिति शामिल है।

एक निवासी, गौरव बंसल, की शिकायत पर जब ओटीस के इंजीनियर आनंद से इंटरकॉम के बारे में जानकारी ली गई, तो उन्होंने बताया कि इंटरकॉम उनकी कार्यसीमा में नहीं आता और इसके लिए अलग केबलिंग एवं व्यवस्था होती है। निवासियों के अनुसार, लिफ्ट में लगाया गया इमरजेंसी इंटरकॉम आपात स्थिति में फंसे व्यक्ति को सहायता उपलब्ध कराने का एक महत्वपूर्ण माध्यम होता है, लेकिन एसपी-2 टॉवर की इस लिफ्ट में यह सुविधा कई महीनों से बंद है। इस स्थिति को और गंभीर बनाते हुए, लिफ्ट के अंदर मोबाइल नेटवर्क भी उपलब्ध नहीं रहता, जिससे आपात स्थिति में सहायता मांगने का कोई प्रभावी साधन नहीं बचता है।

निवासियों ने यह भी बताया कि आरडब्ल्यूए द्वारा नियुक्त लिफ्ट कर्मचारी केवल दिन के समय ही उपलब्ध रहते हैं, जबकि रात में लिफ्ट संबंधी सहायता के लिए कोई कर्मचारी मौजूद नहीं होता। इसके अलावा, सोसायटी की लिफ्टों में अभी तक ऑटोमैटिक रेस्क्यू डिवाइस (एआरडी) प्रणाली स्थापित नहीं की गई है, जो बिजली बाधित होने या तकनीकी खराबी में यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद करती है। लिफ्टों के आवश्यक पंजीकरण और सुरक्षा मानकों के अनुपालन को लेकर भी निवासियों ने प्रश्न उठाए हैं।

इन सभी खामियों को देखते हुए, निवासियों ने आरडब्ल्यूए और संबंधित एजेंसी से तत्काल लिफ्ट सुरक्षा से जुड़े सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि किसी भी आपात स्थिति में फंसे व्यक्ति की सुरक्षा और सहायता की जिम्मेदारी किसकी होगी।
    user_Gaurav bansal
    Gaurav bansal
    Grain Trader गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • गाजियाबाद के शालीमार गार्डन इलाके में इंटरनेट कंपनियों के तारों का एक विशाल जाल बिछ गया है, जिससे क्षेत्र की सुंदरता प्रभावित हो रही है और निवासियों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। संवाददाता रेनू पुरी की रिपोर्ट के अनुसार, शालीमार गार्डन, जिसकी पहचान कभी साफ-सुथरी सड़कों और व्यवस्थित कॉलोनी के रूप में होती थी, आज इंटरनेट और केवल के तारों के कारण मकड़ी के जाल में बदल गया है। लगभग हर गली और हर खंभे पर इंटरनेट कंपनी के तारों का जंजाल दिखाई देता है, और कई जगह तार बेतरतीब तरीके से लटक रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इंटरनेट लाइन डालते समय पुराने तारों को नहीं हटाया जाता है, जिसके परिणाम स्वरूप खंभों पर तारों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इस वजह से पूरा क्षेत्र मकड़ी के जाल जैसा दिखाई देता है, जो न केवल इलाके की सुंदरता को बिगाड़ रहा है बल्कि लोगों की सुरक्षा के लिए भी खतरा उत्पन्न कर रहा है। इस गंभीर समस्या के बावजूद, नगर निगम इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे यह स्थिति जस की तस बनी हुई है और स्थानीय निवासियों में चिंता बढ़ती जा रही है।
    4
    गाजियाबाद के शालीमार गार्डन इलाके में इंटरनेट कंपनियों के तारों का एक विशाल जाल बिछ गया है, जिससे क्षेत्र की सुंदरता प्रभावित हो रही है और निवासियों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। संवाददाता रेनू पुरी की रिपोर्ट के अनुसार, शालीमार गार्डन, जिसकी पहचान कभी साफ-सुथरी सड़कों और व्यवस्थित कॉलोनी के रूप में होती थी, आज इंटरनेट और केवल के तारों के कारण मकड़ी के जाल में बदल गया है। लगभग हर गली और हर खंभे पर इंटरनेट कंपनी के तारों का जंजाल दिखाई देता है, और कई जगह तार बेतरतीब तरीके से लटक रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इंटरनेट लाइन डालते समय पुराने तारों को नहीं हटाया जाता है, जिसके परिणाम स्वरूप खंभों पर तारों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इस वजह से पूरा क्षेत्र मकड़ी के जाल जैसा दिखाई देता है, जो न केवल इलाके की सुंदरता को बिगाड़ रहा है बल्कि लोगों की सुरक्षा के लिए भी खतरा उत्पन्न कर रहा है।

इस गंभीर समस्या के बावजूद, नगर निगम इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे यह स्थिति जस की तस बनी हुई है और स्थानीय निवासियों में चिंता बढ़ती जा रही है।
    user_PRADEEP PURI
    PRADEEP PURI
    गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • रोहिणी जिला पुलिस की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (AATS) ने एक अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर ऑटो लिफ्टरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर चोरी की गई आठ लग्जरी कारें बरामद की हैं। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी दिल्ली से महंगी कारें चुराते थे और फिर उन्हें पंजाब, चंडीगढ़ और जयपुर जैसे शहरों में ठिकाने लगाते थे।
    1
    रोहिणी जिला पुलिस की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (AATS) ने एक अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर ऑटो लिफ्टरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर चोरी की गई आठ लग्जरी कारें बरामद की हैं।

गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी दिल्ली से महंगी कारें चुराते थे और फिर उन्हें पंजाब, चंडीगढ़ और जयपुर जैसे शहरों में ठिकाने लगाते थे।
    user_Faiz news
    Faiz news
    करावल नगर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    1 hr ago
  • RCB की जीत के बाद एक यादगार पल देखने को मिला, जब अनुष्का ने विराट के आंसू पोंछे। इस भावनात्मक क्षण ने यह एहसास कराया कि साथ होने पर जिंदगी से शिकायतें कम हो जाती हैं और शुक्रिया का भाव बढ़ जाता है, जिससे यह जीत और भी खास बन गई।
    1
    RCB की जीत के बाद एक यादगार पल देखने को मिला, जब अनुष्का ने विराट के आंसू पोंछे। इस भावनात्मक क्षण ने यह एहसास कराया कि साथ होने पर जिंदगी से शिकायतें कम हो जाती हैं और शुक्रिया का भाव बढ़ जाता है, जिससे यह जीत और भी खास बन गई।
    user_आदर्श भारत TV
    आदर्श भारत TV
    TV News Anchor सदरपुर, गाजियाबाद•
    12 hrs ago
  • थाना हापुड़ नगर पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो भोले-भाले नाबालिग बच्चों को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाकर उनका क्रय-विक्रय करता था। पुलिस ने इस गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। इस कार्रवाई के दौरान, अपहृत किए गए दो नाबालिग बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया गया, साथ ही अपराधियों के कब्जे से 5,000 रुपये नकद और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। पुलिस द्वारा की गई जांच में यह सामने आया कि गिरफ्तार अभियुक्त अमित और दीपक, नाबालिग बच्चों को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाते थे। इसके बाद, वे इन बच्चों को अभियुक्त मुकेश शर्मा और योगेश को बेच देते थे, जिससे उन्हें आर्थिक लाभ प्राप्त होता था।
    1
    थाना हापुड़ नगर पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो भोले-भाले नाबालिग बच्चों को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाकर उनका क्रय-विक्रय करता था। पुलिस ने इस गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। इस कार्रवाई के दौरान, अपहृत किए गए दो नाबालिग बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया गया, साथ ही अपराधियों के कब्जे से 5,000 रुपये नकद और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए।

पुलिस द्वारा की गई जांच में यह सामने आया कि गिरफ्तार अभियुक्त अमित और दीपक, नाबालिग बच्चों को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाते थे। इसके बाद, वे इन बच्चों को अभियुक्त मुकेश शर्मा और योगेश को बेच देते थे, जिससे उन्हें आर्थिक लाभ प्राप्त होता था।
    user_Faiz news
    Faiz news
    करावल नगर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    1 hr ago
  • उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है, जहाँ बी.एड. प्रवेश परीक्षा देने पहुँचे कम से कम 20 अभ्यर्थी उस समय सीवर में गिर गए, जब परीक्षा केंद्र के ठीक बाहर सीवर का कंक्रीट ढक्कन अचानक धँस गया। यह घटना उस समय हुई जब छात्र अपना भविष्य बनाने की उम्मीद लेकर परीक्षा देने पहुँचे थे, लेकिन वे खुद एक बदहाल और खतरनाक सार्वजनिक व्यवस्था का शिकार बन गए। बुनियादी नागरिक सुविधाओं की यह दयनीय स्थिति न केवल अत्यंत शर्मनाक है, बल्कि यह सीधे तौर पर लोगों के जीवन को भी खतरे में डालती है।
    1
    उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है, जहाँ बी.एड. प्रवेश परीक्षा देने पहुँचे कम से कम 20 अभ्यर्थी उस समय सीवर में गिर गए, जब परीक्षा केंद्र के ठीक बाहर सीवर का कंक्रीट ढक्कन अचानक धँस गया।

यह घटना उस समय हुई जब छात्र अपना भविष्य बनाने की उम्मीद लेकर परीक्षा देने पहुँचे थे, लेकिन वे खुद एक बदहाल और खतरनाक सार्वजनिक व्यवस्था का शिकार बन गए। बुनियादी नागरिक सुविधाओं की यह दयनीय स्थिति न केवल अत्यंत शर्मनाक है, बल्कि यह सीधे तौर पर लोगों के जीवन को भी खतरे में डालती है।
    user_आदर्श भारत TV
    आदर्श भारत TV
    TV News Anchor सदरपुर, गाजियाबाद•
    12 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.