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सरकार ने माताओं की सेहत और बच्चों की परवरिश को सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष पहल की है। इस खास पहल के तहत, सरकार गर्भवती महिलाओं को ₹11,000 की आर्थिक मदद प्रदान कर रही है। यह उन सभी के लिए एक 'खुशखबरी' है जो इस सहायता का लाभ उठा सकते हैं।
Mohammad Afzal
सरकार ने माताओं की सेहत और बच्चों की परवरिश को सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष पहल की है। इस खास पहल के तहत, सरकार गर्भवती महिलाओं को ₹11,000 की आर्थिक मदद प्रदान कर रही है। यह उन सभी के लिए एक 'खुशखबरी' है जो इस सहायता का लाभ उठा सकते हैं।
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- प्रयागराज जिले के सराय इनायत थाना क्षेत्र की फतूहा ग्राम सभा में एक महिला को उसके पति द्वारा आए दिन मारपीट करने का मामला सामने आया है। पति के इस हिंसक व्यवहार से परेशान होकर, पीड़ित महिला ने आज सरायइनायत थाने में प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।1
- एक व्यक्ति ने लोगों से आर्थिक सहायता की अपील की है, क्योंकि वह पैसे की गंभीर दिक्कत का सामना कर रहा है। उसने कहा कि उसे उम्मीद है कि लोगों के सहयोग से उसकी बेटी स्वस्थ हो जाएगी।1
- मोहिनी शुक्ला ने दर्शकों का चटपटी और मीठी-मीठी खबरों के साथ स्वागत किया। उन्होंने सभी से उनके साथ बने रहने का आग्रह किया और अपनी प्रस्तुति का समापन 'थैंक यू राधे राधे' कहकर किया।1
- प्रयागराज के घुरपुर थाना क्षेत्र में हवाई पट्टी के पास झाड़ियों में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला है। सूचना मिलने पर घुरपुर पुलिस और फॉरेंसिक टीम तुरंत मौके पर पहुँची। पुलिस फिलहाल इस पूरे मामले की गहनता से जांच पड़ताल में जुटी हुई है।1
- प्रयागराज में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने वरिष्ठ पत्रकार आलोक मालवीय की माताश्री को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस खबर की जानकारी जेजीई न्यूज द्वारा दी गई है।1
- प्रयागराज के खुल्दाबाद थाने के सामने स्थित बाल सुधार गृह का मामला गरमा गया है, जहां 20 जून 2026 को परिजनों ने गंभीर आरोप लगाया कि उनके नाबालिग बच्चे को कोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद रिहा नहीं किया गया, बल्कि उसके साथ मारपीट की गई। माता-पिता का कहना है कि जमानत आदेश की प्रति जमा करने के बाद भी प्रशासन ने बच्चे को छोड़ने में देरी की, और इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने बच्चे की पिटाई की। बच्चे के शरीर पर चोट के निशान पाए जाने से परिजन अत्यधिक आक्रोशित हो गए। घटना की सूचना मिलते ही जिला अदालत के कई अधिवक्ता बाल सुधार गृह पहुंचे और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। वकीलों ने थाने के सामने नारेबाजी करते हुए दोषी कर्मियों पर तत्काल कार्रवाई करने और बाल सुधार गृह प्रभारी को निलंबित करने की मांग की। यह हंगामा लगभग एक घंटे तक चलता रहा। मौके पर पहुंचे एसीपी खुल्दाबाद ने अधिवक्ताओं और परिजनों को समझाकर शांत कराया। उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरे मामले की मजिस्ट्रेट जांच कराई जाएगी, क्योंकि जमानत के बाद मारपीट का आरोप बेहद गंभीर है। एसीपी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, नाबालिग को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है और जमानत आदेश के तहत उसकी रिहाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बार एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो वे जिला स्तर पर बड़ा प्रदर्शन करेंगे। किशोर न्याय अधिनियम के तहत, जमानत मिलने के बाद नाबालिग को तुरंत रिहा करना अनिवार्य है, और किसी भी प्रकार की हिंसा या मानसिक प्रताड़ना एक दंडनीय अपराध है।1
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- महाराष्ट्र के अकोला में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ एक मंदिर की छत गिर गई। इस घटना के कारण कई श्रद्धालु मलबे में दब गए हैं और उनके फंसे होने की खबर है।1