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एक व्यक्ति ने लोगों से आर्थिक सहायता की अपील की है, क्योंकि वह पैसे की गंभीर दिक्कत का सामना कर रहा है। उसने कहा कि उसे उम्मीद है कि लोगों के सहयोग से उसकी बेटी स्वस्थ हो जाएगी।
Sonu varma
एक व्यक्ति ने लोगों से आर्थिक सहायता की अपील की है, क्योंकि वह पैसे की गंभीर दिक्कत का सामना कर रहा है। उसने कहा कि उसे उम्मीद है कि लोगों के सहयोग से उसकी बेटी स्वस्थ हो जाएगी।
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- प्रयागराज जिले के सराय इनायत थाना क्षेत्र की फतूहा ग्राम सभा में एक महिला को उसके पति द्वारा आए दिन मारपीट करने का मामला सामने आया है। पति के इस हिंसक व्यवहार से परेशान होकर, पीड़ित महिला ने आज सरायइनायत थाने में प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।1
- एक व्यक्ति ने लोगों से आर्थिक सहायता की अपील की है, क्योंकि वह पैसे की गंभीर दिक्कत का सामना कर रहा है। उसने कहा कि उसे उम्मीद है कि लोगों के सहयोग से उसकी बेटी स्वस्थ हो जाएगी।1
- प्रयागराज के खुल्दाबाद थाने के सामने स्थित बाल सुधार गृह का मामला गरमा गया है, जहां 20 जून 2026 को परिजनों ने गंभीर आरोप लगाया कि उनके नाबालिग बच्चे को कोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद रिहा नहीं किया गया, बल्कि उसके साथ मारपीट की गई। माता-पिता का कहना है कि जमानत आदेश की प्रति जमा करने के बाद भी प्रशासन ने बच्चे को छोड़ने में देरी की, और इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने बच्चे की पिटाई की। बच्चे के शरीर पर चोट के निशान पाए जाने से परिजन अत्यधिक आक्रोशित हो गए। घटना की सूचना मिलते ही जिला अदालत के कई अधिवक्ता बाल सुधार गृह पहुंचे और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। वकीलों ने थाने के सामने नारेबाजी करते हुए दोषी कर्मियों पर तत्काल कार्रवाई करने और बाल सुधार गृह प्रभारी को निलंबित करने की मांग की। यह हंगामा लगभग एक घंटे तक चलता रहा। मौके पर पहुंचे एसीपी खुल्दाबाद ने अधिवक्ताओं और परिजनों को समझाकर शांत कराया। उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरे मामले की मजिस्ट्रेट जांच कराई जाएगी, क्योंकि जमानत के बाद मारपीट का आरोप बेहद गंभीर है। एसीपी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, नाबालिग को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है और जमानत आदेश के तहत उसकी रिहाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बार एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो वे जिला स्तर पर बड़ा प्रदर्शन करेंगे। किशोर न्याय अधिनियम के तहत, जमानत मिलने के बाद नाबालिग को तुरंत रिहा करना अनिवार्य है, और किसी भी प्रकार की हिंसा या मानसिक प्रताड़ना एक दंडनीय अपराध है।1
- कौशाम्बी में एक तेज रफ्तार कंटेनर ने बाइक सवार युवक को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे मौके पर ही युवक की दर्दनाक मौत हो गई। यह बाइक सवार युवक प्रयागराज से कानपुर की तरफ हाइवे के किनारे से जा रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। यह मामला सैनी थाना क्षेत्र के पहाड़पुर कोदन नेशनल हाईवे के पास का है।1
- कौशाम्बी जिले के मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के कोतारी पश्चिम स्थित न्यू प्रीति अस्पताल में डॉक्टरों की कथित लापरवाही से एक महिला की जान चली गई। इस घटना के बाद, परिजनों ने मंझनपुर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पुलिस ने उनके साथ मारपीट की, उनका मोबाइल छीना और बिना पंचनामा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका के पति, सुरसेना कोतवाली सराय अकिल निवासी लवकेश कुमार ने बताया कि उनकी पत्नी मुन्नी देवी को 6 दिन पहले उनके मायके वालों ने बिना उनकी जानकारी के न्यू प्रीति अस्पताल में भर्ती कराया था। वहाँ उनका ऑपरेशन हुआ और इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई। लवकेश कुमार ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया, जिसके कारण मुन्नी देवी की मौत हुई। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब कौशाम्बी जिले में 'नामी डॉक्टरों का बोर्ड लगाकर' जगह-जगह ऐसे 'मानक विहीन' अस्पताल चलाए जा रहे हैं, जो कथित तौर पर 'मौत बांट रहे हैं', और जिनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने पर 'जिम्मेदारों की मेहरबानी' पर सवाल उठाए जा रहे हैं। मुन्नी देवी की मौत की खबर जब ससुराल वालों को मिली तो काफी संख्या में लोग मौके पर पहुँचे। लवकेश कुमार ने मंझनपुर पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस ने मौके पर उनके साथ जबरन मारपीट की, उनका मोबाइल छीन लिया और बिना पंचनामा तैयार किए ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस बीच, अस्पताल के डॉक्टर और अन्य स्टाफ मौके से फरार बताए जा रहे हैं। मंझनपुर पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जाँच में जुटी है।1
- सरकार ने माताओं की सेहत और बच्चों की परवरिश को सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष पहल की है। इस खास पहल के तहत, सरकार गर्भवती महिलाओं को ₹11,000 की आर्थिक मदद प्रदान कर रही है। यह उन सभी के लिए एक 'खुशखबरी' है जो इस सहायता का लाभ उठा सकते हैं।1
- महाराष्ट्र के अकोला में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ एक मंदिर की छत गिर गई। इस घटना के कारण कई श्रद्धालु मलबे में दब गए हैं और उनके फंसे होने की खबर है।1