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धनबाद में सांसद ढुलू महतो और विधायक अरुप चटर्जी के बीच तीखा घमासान देखने को मिला है। विधायक चटर्जी ने धनबाद सांसद ढुलू महतो की बातों पर पलटवार करते हुए अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

8 hrs ago
user_संतोष कुमार दे
संतोष कुमार दे
रिपोर्टर बाघमारा-कम-कटरास, धनबाद, झारखंड•
8 hrs ago

धनबाद में सांसद ढुलू महतो और विधायक अरुप चटर्जी के बीच तीखा घमासान देखने को मिला है। विधायक चटर्जी ने धनबाद सांसद ढुलू महतो की बातों पर पलटवार करते हुए अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

More news from झारखंड and nearby areas
  • धनबाद सांसद ढुल्लू महतो द्वारा अपने स्वर्गीय पिता पर की गई टिप्पणी से नाराज़ होकर, निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने मोर्चा खोल दिया है। धनबाद परिसदन में एक प्रेस वार्ता कर विधायक चटर्जी ने सांसद के बयान की कड़ी निंदा की और उन पर कोयला कारोबार, फ्लाईओवर के श्रेय विवाद और ज़मीन से जुड़े कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पिता ने हमेशा मजदूरों के हित के लिए संघर्ष किया और आज भी उनके शहादत दिवस पर बड़ी संख्या में लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने आते हैं। विधायक अरूप चटर्जी ने सांसद ढुल्लू महतो पर सीधे निशाना साधते हुए कहा कि सांसद खुद को 'हरिश्चंद्र' बताते हैं और दूसरों को 'माफिया' कहते हैं, जबकि उनके खुद के कई मामलों की जांच होनी चाहिए। चटर्जी के अनुसार, धनबाद में कोयले के अवैध कारोबार में सांसद की बड़ी भूमिका है और उनके बेटे भी इसी धंधे में शामिल हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सांसद हार्डकोक उद्योग को बर्बाद करने में लगे हैं और खुद कई हार्डकोक भट्ठों का संचालन कर चोरी के कोयले को खपा रहे हैं। चटर्जी ने दावा किया कि धनबाद में सांसद से बड़ा माफिया कोई नहीं है। उन्होंने सांसद के सीबीआई और ईडी जांच वाले बयानों पर भी हमला करते हुए कहा कि अगर सांसद खुद को बेदाग मानते हैं तो जांच से क्यों डरते हैं। विधायक ने यह भी चुनौती दी कि अगर सांसद सच में गरीबों के मसीहा हैं, तो उनके नाम पर कब्जे वाली ज़मीन गरीबों को दान कर देनी चाहिए। फ्लाईओवर विवाद पर भी अरूप चटर्जी ने सांसद पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने बताया कि गोविंदपुर-निरसा एलिवेटेड फ्लाईओवर की मांग क्षेत्र की जनता की थी और यह योजना सांसद के विधायक बनने से पहले ही स्वीकृत हो चुकी थी। चटर्जी ने आरोप लगाया कि सांसद केवल श्रेय लेने की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि धनबाद का गया पुल विधायक राज सिन्हा के प्रयासों का परिणाम है, जिस पर भी सांसद अपना श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं। विधायक ने सांसद पर केंद्र सरकार से आज तक एक नाला तक का फंड पास न करा पाने का आरोप भी लगाया। फ्लाईओवर निर्माण में कमीशन के आरोपों पर चटर्जी ने अपनी आपत्ति दोहराई कि टेंडर लेने वाली कंपनी काम को कोयला माफियाओं के हाथों न सौंपे। उन्होंने गोपालीगंज क्षेत्र की जमीन और वसूली को लेकर भी सांसद पर आरोप लगाए, साथ ही यह भी चेतावनी दी कि निरसा में कोई धमका कर काम नहीं कर सकता। विधायक ने सांसद पर रंगदारी और अवैध कोयला कारोबार के आरोप लगाते हुए कहा कि जो व्यक्ति खुद आरोपों से घिरा है, वह दूसरों को बदनाम करने में लगा है। अंत में, अरूप चटर्जी ने भाजपा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी को ऐसे व्यक्ति को टिकट देने पर विचार करना चाहिए और दावा किया कि वर्ष 2029 में भाजपा ऐसे व्यक्ति को टिकट नहीं देगी। उन्होंने सांसद को चुनौती दी कि अगर उनमें दम है तो निर्दलीय चुनाव लड़कर दिखाएं। यह पूरी राजनीतिक बयानबाजी सांसद ढुल्लू महतो के उस बयान के बाद तेज़ हुई है, जिसमें उन्होंने गोविंदपुर-निरसा एलिवेटेड फ्लाईओवर मामले को लेकर विधायक अरूप चटर्जी पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा था कि वह उनके पिता के समय से विधायक हैं और अरूप चटर्जी 'अनुकंपा और दया पर' विधायक बने हैं।
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    धनबाद सांसद ढुल्लू महतो द्वारा अपने स्वर्गीय पिता पर की गई टिप्पणी से नाराज़ होकर, निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने मोर्चा खोल दिया है। धनबाद परिसदन में एक प्रेस वार्ता कर विधायक चटर्जी ने सांसद के बयान की कड़ी निंदा की और उन पर कोयला कारोबार, फ्लाईओवर के श्रेय विवाद और ज़मीन से जुड़े कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पिता ने हमेशा मजदूरों के हित के लिए संघर्ष किया और आज भी उनके शहादत दिवस पर बड़ी संख्या में लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने आते हैं।

विधायक अरूप चटर्जी ने सांसद ढुल्लू महतो पर सीधे निशाना साधते हुए कहा कि सांसद खुद को 'हरिश्चंद्र' बताते हैं और दूसरों को 'माफिया' कहते हैं, जबकि उनके खुद के कई मामलों की जांच होनी चाहिए। चटर्जी के अनुसार, धनबाद में कोयले के अवैध कारोबार में सांसद की बड़ी भूमिका है और उनके बेटे भी इसी धंधे में शामिल हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सांसद हार्डकोक उद्योग को बर्बाद करने में लगे हैं और खुद कई हार्डकोक भट्ठों का संचालन कर चोरी के कोयले को खपा रहे हैं। चटर्जी ने दावा किया कि धनबाद में सांसद से बड़ा माफिया कोई नहीं है। उन्होंने सांसद के सीबीआई और ईडी जांच वाले बयानों पर भी हमला करते हुए कहा कि अगर सांसद खुद को बेदाग मानते हैं तो जांच से क्यों डरते हैं। विधायक ने यह भी चुनौती दी कि अगर सांसद सच में गरीबों के मसीहा हैं, तो उनके नाम पर कब्जे वाली ज़मीन गरीबों को दान कर देनी चाहिए।

फ्लाईओवर विवाद पर भी अरूप चटर्जी ने सांसद पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने बताया कि गोविंदपुर-निरसा एलिवेटेड फ्लाईओवर की मांग क्षेत्र की जनता की थी और यह योजना सांसद के विधायक बनने से पहले ही स्वीकृत हो चुकी थी। चटर्जी ने आरोप लगाया कि सांसद केवल श्रेय लेने की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि धनबाद का गया पुल विधायक राज सिन्हा के प्रयासों का परिणाम है, जिस पर भी सांसद अपना श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं। विधायक ने सांसद पर केंद्र सरकार से आज तक एक नाला तक का फंड पास न करा पाने का आरोप भी लगाया। फ्लाईओवर निर्माण में कमीशन के आरोपों पर चटर्जी ने अपनी आपत्ति दोहराई कि टेंडर लेने वाली कंपनी काम को कोयला माफियाओं के हाथों न सौंपे। उन्होंने गोपालीगंज क्षेत्र की जमीन और वसूली को लेकर भी सांसद पर आरोप लगाए, साथ ही यह भी चेतावनी दी कि निरसा में कोई धमका कर काम नहीं कर सकता। विधायक ने सांसद पर रंगदारी और अवैध कोयला कारोबार के आरोप लगाते हुए कहा कि जो व्यक्ति खुद आरोपों से घिरा है, वह दूसरों को बदनाम करने में लगा है।

अंत में, अरूप चटर्जी ने भाजपा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी को ऐसे व्यक्ति को टिकट देने पर विचार करना चाहिए और दावा किया कि वर्ष 2029 में भाजपा ऐसे व्यक्ति को टिकट नहीं देगी। उन्होंने सांसद को चुनौती दी कि अगर उनमें दम है तो निर्दलीय चुनाव लड़कर दिखाएं। यह पूरी राजनीतिक बयानबाजी सांसद ढुल्लू महतो के उस बयान के बाद तेज़ हुई है, जिसमें उन्होंने गोविंदपुर-निरसा एलिवेटेड फ्लाईओवर मामले को लेकर विधायक अरूप चटर्जी पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा था कि वह उनके पिता के समय से विधायक हैं और अरूप चटर्जी 'अनुकंपा और दया पर' विधायक बने हैं।
    user_Niraj Kumar
    Niraj Kumar
    Local News Reporter धनबाद-कम-केंदुआडीह-कम-जागता, धनबाद, झारखंड•
    22 hrs ago
  • रोजगार की मांग को लेकर जिंदल कंपनी को मांग पत्र सौंपने जा रहे ग्रामीणों पर बुढींडीह के कुछ ग्रामीणों ने कोल वाशरी मोड़ के समीप अचानक हमला कर दिया। यह घटना तब हुई जब ग्रामीण जिंदल कंपनी की ओर आगे बढ़ रहे थे।
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    रोजगार की मांग को लेकर जिंदल कंपनी को मांग पत्र सौंपने जा रहे ग्रामीणों पर बुढींडीह के कुछ ग्रामीणों ने कोल वाशरी मोड़ के समीप अचानक हमला कर दिया। यह घटना तब हुई जब ग्रामीण जिंदल कंपनी की ओर आगे बढ़ रहे थे।
    user_Churaman Thakur Press
    Churaman Thakur Press
    रिपोर्टिंग चंद्रपुरा, बोकारो, झारखंड•
    23 hrs ago
  • राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का 'महापाप' सामने आने के बाद एक विशेष जाँच दल (SIT) का गठन किया गया था, जिसकी रिपोर्ट जमा तो हो गई है, लेकिन उसे अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। AICC-सोशल मीडिया व डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की चेयरपर्सन सुप्रिया श्रीनेत जी ने दिल्ली से बयान देते हुए आरोप लगाया है कि इस SIT का उद्देश्य सिर्फ 'प्यादों' को पकड़ना और 'बड़े लोगों' को छोड़ देना था, ताकि चोरी किया गया माल ठिकाने लगाया जा सके। उन्होंने आगे कहा कि देश के लोगों ने पूरी आस्था के साथ दान दिया था, लेकिन उनकी आस्था के साथ खिलवाड़ किया गया, जब एक गोपनीय SIT बनाई गई जिसकी रिपोर्ट का आज तक कोई पता नहीं है। सुप्रिया श्रीनेत जी ने इस मामले में गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि CCTV फुटेज से यह बात सामने आई है कि 40 दिनों के भीतर 70 चोरियां हुई हैं। ऐसे में उन्होंने पूछा कि पिछले साढ़े पांच सालों में कुल कितनी चोरियाँ हुई होंगी, और इसका ब्यौरा कौन देगा।
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    राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का 'महापाप' सामने आने के बाद एक विशेष जाँच दल (SIT) का गठन किया गया था, जिसकी रिपोर्ट जमा तो हो गई है, लेकिन उसे अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। AICC-सोशल मीडिया व डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की चेयरपर्सन सुप्रिया श्रीनेत जी ने दिल्ली से बयान देते हुए आरोप लगाया है कि इस SIT का उद्देश्य सिर्फ 'प्यादों' को पकड़ना और 'बड़े लोगों' को छोड़ देना था, ताकि चोरी किया गया माल ठिकाने लगाया जा सके।

उन्होंने आगे कहा कि देश के लोगों ने पूरी आस्था के साथ दान दिया था, लेकिन उनकी आस्था के साथ खिलवाड़ किया गया, जब एक गोपनीय SIT बनाई गई जिसकी रिपोर्ट का आज तक कोई पता नहीं है। सुप्रिया श्रीनेत जी ने इस मामले में गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि CCTV फुटेज से यह बात सामने आई है कि 40 दिनों के भीतर 70 चोरियां हुई हैं। ऐसे में उन्होंने पूछा कि पिछले साढ़े पांच सालों में कुल कितनी चोरियाँ हुई होंगी, और इसका ब्यौरा कौन देगा।
    user_Khurshid Parvez
    Khurshid Parvez
    न्यायालय पत्रकार नवाडीह, बोकारो, झारखंड•
    4 hrs ago
  • समस्त राम भक्तों को जय श्री राम के पवित्र उद्घोषों के माध्यम से शुभकामनाएं दी गई हैं। इस संदेश में विशेष रूप से भगवान हनुमान, बजरंगबली और पवन पुत्र वीर हनुमान की जयकार की गई है, साथ ही प्रभु श्री राम का भी बार-बार स्मरण किया गया है।
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    समस्त राम भक्तों को जय श्री राम के पवित्र उद्घोषों के माध्यम से शुभकामनाएं दी गई हैं। इस संदेश में विशेष रूप से भगवान हनुमान, बजरंगबली और पवन पुत्र वीर हनुमान की जयकार की गई है, साथ ही प्रभु श्री राम का भी बार-बार स्मरण किया गया है।
    user_सपन कुमार गोस्वामी
    सपन कुमार गोस्वामी
    Farmer चास, बोकारो, झारखंड•
    9 hrs ago
  • निरसा में कथित देह व्यापार के एक बड़े खुलासे के बाद एक लॉज में ज़बरदस्त हंगामा हुआ। इस घटना के दौरान कथित तौर पर दो जोड़े मौके से फरार हो गए। बताया जा रहा है कि यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।
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    निरसा में कथित देह व्यापार के एक बड़े खुलासे के बाद एक लॉज में ज़बरदस्त हंगामा हुआ। इस घटना के दौरान कथित तौर पर दो जोड़े मौके से फरार हो गए। बताया जा रहा है कि यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।
    user_मो० फारुख (पत्रकार)
    मो० फारुख (पत्रकार)
    Newspaper publisher गोविंदपुर, धनबाद, झारखंड•
    9 hrs ago
  • धनबाद के बलियापुर थाना पुलिस ने चोरी और छिनतई की वारदातों को अंजाम देने वाले एक गिरोह का खुलासा किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने चार युवकों को गिरफ्तार किया है। सोमवार को धनबाद के सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार युवकों के पास से बड़ी संख्या में चोरी के मोबाइल फोन, सोने जैसे धातु के आभूषण, दो मोटरसाइकिल और अन्य सामान बरामद किया गया है। सिटी एसपी के अनुसार, 28 जून की रात बेलगड़िया इलाके में गश्त के दौरान पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली थी। सूचना थी कि बेलगड़िया फेज-2 स्थित तीन मंजिला पानी टंकी के पीछे झाड़ियों में कुछ युवक चोरी के सामान का बंटवारा कर रहे हैं। इस जानकारी पर वरीय अधिकारियों को सूचित कर छापेमारी की गई। मौके से सुमित कुमार निषाद, शहबाज अंसारी उर्फ छोटू अंसारी, रोहित कुमार रजक और रवि बाउरी को गिरफ्तार किया गया। तलाशी में इनके पास से 8 मोबाइल फोन, सोने जैसे पीले धातु के आभूषण और दो होंडा साइन मोटरसाइकिल समेत अन्य सामान बरामद हुए। पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार युवकों ने स्वीकार किया कि वे अलग-अलग जगहों पर चैन, मोबाइल, लैपटॉप और पर्स की छिनतई जैसी घटनाओं को अंजाम देते थे। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने एक्साइड बैटरी, माइक्रोटेक इन्वर्टर और मंगलसूत्र समेत कई अन्य सामान भी बरामद किए हैं। बलियापुर थाना में इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और उनकी पिछली घटनाओं की जानकारी जुटाने में लगी है।
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    धनबाद के बलियापुर थाना पुलिस ने चोरी और छिनतई की वारदातों को अंजाम देने वाले एक गिरोह का खुलासा किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने चार युवकों को गिरफ्तार किया है। सोमवार को धनबाद के सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार युवकों के पास से बड़ी संख्या में चोरी के मोबाइल फोन, सोने जैसे धातु के आभूषण, दो मोटरसाइकिल और अन्य सामान बरामद किया गया है।

सिटी एसपी के अनुसार, 28 जून की रात बेलगड़िया इलाके में गश्त के दौरान पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली थी। सूचना थी कि बेलगड़िया फेज-2 स्थित तीन मंजिला पानी टंकी के पीछे झाड़ियों में कुछ युवक चोरी के सामान का बंटवारा कर रहे हैं। इस जानकारी पर वरीय अधिकारियों को सूचित कर छापेमारी की गई। मौके से सुमित कुमार निषाद, शहबाज अंसारी उर्फ छोटू अंसारी, रोहित कुमार रजक और रवि बाउरी को गिरफ्तार किया गया। तलाशी में इनके पास से 8 मोबाइल फोन, सोने जैसे पीले धातु के आभूषण और दो होंडा साइन मोटरसाइकिल समेत अन्य सामान बरामद हुए।

पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार युवकों ने स्वीकार किया कि वे अलग-अलग जगहों पर चैन, मोबाइल, लैपटॉप और पर्स की छिनतई जैसी घटनाओं को अंजाम देते थे। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने एक्साइड बैटरी, माइक्रोटेक इन्वर्टर और मंगलसूत्र समेत कई अन्य सामान भी बरामद किए हैं। बलियापुर थाना में इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और उनकी पिछली घटनाओं की जानकारी जुटाने में लगी है।
    user_Niraj Kumar
    Niraj Kumar
    Local News Reporter धनबाद-कम-केंदुआडीह-कम-जागता, धनबाद, झारखंड•
    23 hrs ago
  • बोकारो के दुगदा क्षेत्र में रोजगार के अधिकार को लेकर दो विस्थापित गुट आपस में भिड़ गए। इस झड़प के बाद, स्थिति को संभालने के लिए कई अधिकारी मौके पर पहुँचे। मोर्चा संभालने वाले अधिकारियों में चंद्रपुरा के सीओ सह बीडीओ ईश्वर दयाल महतो, इंस्पेक्टर साहब, दुग्दा थाना प्रभारी मनीष कुमार, चंद्रपुरा थाना प्रभारी विक्रम कुमार और बोकारो झरिया ओपी प्रभारी श्री निवास सिंह शामिल थे।
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    बोकारो के दुगदा क्षेत्र में रोजगार के अधिकार को लेकर दो विस्थापित गुट आपस में भिड़ गए। इस झड़प के बाद, स्थिति को संभालने के लिए कई अधिकारी मौके पर पहुँचे।

मोर्चा संभालने वाले अधिकारियों में चंद्रपुरा के सीओ सह बीडीओ ईश्वर दयाल महतो, इंस्पेक्टर साहब, दुग्दा थाना प्रभारी मनीष कुमार, चंद्रपुरा थाना प्रभारी विक्रम कुमार और बोकारो झरिया ओपी प्रभारी श्री निवास सिंह शामिल थे।
    user_Churaman Thakur Press
    Churaman Thakur Press
    रिपोर्टिंग चंद्रपुरा, बोकारो, झारखंड•
    23 hrs ago
  • निरसा में, जिला परिषद सदस्य संजय सिंह पिंटू ने घुरजोड़ा गांव में वीर सिद्धू-कान्हू की प्रतिमा का अनावरण करते हुए कहा कि हूल दिवस केवल एक ऐतिहासिक तिथि नहीं, बल्कि आदिवासी स्वाभिमान, साहस और स्वतंत्रता का अमर प्रतीक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 30 जून 1855 को झारखंड की धरती से सिदो-कान्हू और उनके साथियों द्वारा ब्रिटिश हुकूमत तथा शोषक जमींदारों के खिलाफ शुरू किया गया यह संघर्ष आज भी अत्यधिक प्रासंगिक है। पिंटू ने बताया कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा हूल आंदोलन का मूल आधार था। वर्तमान समय में जब वन और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन तथा विस्थापन का संकट गहरा रहा है, हूल दिवस हमें जल-जंगल-जमीन बचाने के लिए एकजुट होने की प्रेरणा देता है। उन्होंने आगे कहा कि यह विद्रोह केवल अंग्रेजों के खिलाफ ही नहीं था, बल्कि उस व्यवस्था के विरुद्ध भी था जहां महाजन, साहूकार और भ्रष्ट जमींदार आदिवासियों का आर्थिक शोषण कर रहे थे, और यह आज भी शोषितों, वंचितों व आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा तथा उन्हें समान अधिकार दिलाने की आवश्यकता को याद दिलाता है। उन्होंने उल्लेख किया कि इस क्रांति के परिणामस्वरूप आदिवासियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम जैसे कई महत्वपूर्ण कानून बने। हूल दिवस हमें ऐसे संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की रक्षा करने तथा उन्हें मजबूत करने के लिए सचेत करता है। इस क्रांति का मुख्य संदेश 'करो या मरो, अंग्रेजों हमारी माटी छोड़ो' था, और यह दिन आदिवासियों को अपनी विशिष्ट संस्कृति, भाषा और ऐतिहासिक पहचान पर गर्व करने का अवसर प्रदान करता है। यह इतिहास का वह अध्याय है जो सिखाता है कि जब अधिकार छीने जाएं, तो एकजुट होकर संघर्ष ही समाधान है, और यह अन्याय तथा दमन के सामने झुकने के बजाय शांतिपूर्ण तरीके से या अपनी रक्षा के लिए आवाज बुलंद करने का हौसला देता है। इससे पूर्व, आदिवासी समाज के लोगों ने माझी थान में पूजा-अर्चना कर कलश यात्रा के साथ सिद्धू-कान्हू के प्रतिमा स्थल पाल पहुंचे और पूरे आदिवासी रीति-रिवाज के साथ प्रतिमा का अनावरण किया।
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    निरसा में, जिला परिषद सदस्य संजय सिंह पिंटू ने घुरजोड़ा गांव में वीर सिद्धू-कान्हू की प्रतिमा का अनावरण करते हुए कहा कि हूल दिवस केवल एक ऐतिहासिक तिथि नहीं, बल्कि आदिवासी स्वाभिमान, साहस और स्वतंत्रता का अमर प्रतीक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 30 जून 1855 को झारखंड की धरती से सिदो-कान्हू और उनके साथियों द्वारा ब्रिटिश हुकूमत तथा शोषक जमींदारों के खिलाफ शुरू किया गया यह संघर्ष आज भी अत्यधिक प्रासंगिक है।

पिंटू ने बताया कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा हूल आंदोलन का मूल आधार था। वर्तमान समय में जब वन और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन तथा विस्थापन का संकट गहरा रहा है, हूल दिवस हमें जल-जंगल-जमीन बचाने के लिए एकजुट होने की प्रेरणा देता है। उन्होंने आगे कहा कि यह विद्रोह केवल अंग्रेजों के खिलाफ ही नहीं था, बल्कि उस व्यवस्था के विरुद्ध भी था जहां महाजन, साहूकार और भ्रष्ट जमींदार आदिवासियों का आर्थिक शोषण कर रहे थे, और यह आज भी शोषितों, वंचितों व आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा तथा उन्हें समान अधिकार दिलाने की आवश्यकता को याद दिलाता है।

उन्होंने उल्लेख किया कि इस क्रांति के परिणामस्वरूप आदिवासियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम जैसे कई महत्वपूर्ण कानून बने। हूल दिवस हमें ऐसे संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की रक्षा करने तथा उन्हें मजबूत करने के लिए सचेत करता है। इस क्रांति का मुख्य संदेश 'करो या मरो, अंग्रेजों हमारी माटी छोड़ो' था, और यह दिन आदिवासियों को अपनी विशिष्ट संस्कृति, भाषा और ऐतिहासिक पहचान पर गर्व करने का अवसर प्रदान करता है। यह इतिहास का वह अध्याय है जो सिखाता है कि जब अधिकार छीने जाएं, तो एकजुट होकर संघर्ष ही समाधान है, और यह अन्याय तथा दमन के सामने झुकने के बजाय शांतिपूर्ण तरीके से या अपनी रक्षा के लिए आवाज बुलंद करने का हौसला देता है।

इससे पूर्व, आदिवासी समाज के लोगों ने माझी थान में पूजा-अर्चना कर कलश यात्रा के साथ सिद्धू-कान्हू के प्रतिमा स्थल पाल पहुंचे और पूरे आदिवासी रीति-रिवाज के साथ प्रतिमा का अनावरण किया।
    user_Moloy Gope
    Moloy Gope
    Reporter निरसा-कम-चिरकुंडा, धनबाद, झारखंड•
    1 hr ago
  • दहियारी पंचायत में लोगों को जोरदार राहत मिली है। बताया गया है कि मानसिंह जोधा के प्रयासों से प्राप्त हुई यह राहत काफी सुंदर है।
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    दहियारी पंचायत में लोगों को जोरदार राहत मिली है। बताया गया है कि मानसिंह जोधा के प्रयासों से प्राप्त हुई यह राहत काफी सुंदर है।
    user_Kamlesh Turi
    Kamlesh Turi
    नवाडीह, बोकारो, झारखंड•
    9 hrs ago
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