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उमरिया में महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर हिंदू-मुस्लिम एकता मंच द्वारा भव्य स्वागत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर मंच ने महाराणा प्रताप की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।
जिला ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
उमरिया में महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर हिंदू-मुस्लिम एकता मंच द्वारा भव्य स्वागत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर मंच ने महाराणा प्रताप की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।
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- उमरिया में महिला कांग्रेस जिला इकाई ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर के माध्यम से एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में इस मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच के साथ-साथ दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की गई है। महिला कांग्रेस पदाधिकारियों ने इस घटना को लोकतांत्रिक प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न बताया है, उनका कहना है कि सभी प्रत्याशियों को चुनावी प्रक्रिया में समान अवसर मिलने चाहिए और प्रशासनिक या प्रक्रियागत त्रुटियों के कारण लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन नहीं होना चाहिए। जनपद सदस्य मानपुर रोशनी सिंह ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज किए जाने को 'लोकतंत्र की हत्या' करार दिया और इसे षड्यंत्रपूर्वक कार्रवाई बताया। वहीं, महिला कांग्रेस की जिला महामंत्री बेटी बाई रजक ने इस कार्रवाई को असंवैधानिक बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर उम्मीदवार को निष्पक्ष अवसर मिलना चाहिए। जिला कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव पुष्पराज सिंह ने भी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन विधि-विरुद्ध तरीके से खारिज किए जाने पर निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी भविष्य में ऐसे निरस्तीकरण को रोकने और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव संघर्ष करती रहेगी। ज्ञापन में नामांकन निरस्तीकरण के कारणों को सार्वजनिक करने, दोष पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की गई है। महिला कांग्रेस ने उम्मीद जताई है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच से लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।2
- उमरिया में महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर हिंदू-मुस्लिम एकता मंच द्वारा भव्य स्वागत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर मंच ने महाराणा प्रताप की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 18 जून को इंदौर एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन राष्ट्रपति का मध्यप्रदेश की पावन धरती और मां अहिल्या की नगरी में आगमन अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री तुलसीराम सिलावट तथा अन्य गणमान्य अतिथि भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि राष्ट्रपति का यह दौरा प्रदेशवासियों में उत्साह और उमंग का संचार करेगा। राष्ट्रपति मुर्मू अपने प्रवास के दौरान कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में सहभागिता करेंगी। वे कूनो क्षेत्र में चीता प्रोजेक्ट का अवलोकन करेंगी और सिकल सेल एनीमिया जैसी गंभीर चुनौती से निपटने के लिए संचालित कार्यक्रमों में भी शामिल होंगी। इसके अतिरिक्त, वे ईश्वरीय प्रजापति ब्रह्मकुमारी संस्था के कार्यक्रम में भी शिरकत करेंगी, जिससे स्वयंसेवी एवं आध्यात्मिक संस्थाओं के प्रति सरकार के सकारात्मक दृष्टिकोण को समझने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार निरंतर विकास एवं जनकल्याण के कार्यों को गति प्रदान कर रही है। डॉ. यादव ने प्रदेश के विकास कार्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि केंद्र सरकार के नेतृत्व में देश ने नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता प्राप्त की है, और बालाघाट, मंडला व डिंडोरी जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति एवं प्रगति का वातावरण निर्मित हुआ है। उन्होंने भोपाल गैस त्रासदी से जुड़े लगभग 40 वर्ष पुराने यूनियन कार्बाइड कचरे के सुरक्षित निस्तारण को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। साथ ही, नदी जोड़ो अभियान और चीता प्रोजेक्ट के सफल क्रियान्वयन की भी चर्चा की, जिससे मध्यप्रदेश ने विश्व स्तर पर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। मुख्यमंत्री ने धार स्थित भोजशाला में बसंत पंचमी पर शांतिपूर्ण पूजा और नमाज की व्यवस्था को 700 वर्ष पुराने विवाद के समाधान की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अनेक मेडिकल कॉलेज, पीएम एक्सीलेंस कॉलेज और उच्च शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्र की नई संस्थाओं की स्थापना की गई है। मध्यप्रदेश देश में सबसे कम बेरोजगारी वाले राज्यों में अग्रणी है। उन्होंने बताया कि विगत ढाई वर्षों में प्रदेश ने विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, रोजगार और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त की हैं। सरकार ने आगामी ढाई वर्षों में सिंचित क्षेत्र को 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश में सरकार बनने से पूर्व प्रति व्यक्ति आय लगभग 11 हजार रुपये थी, जो अब बढ़कर 1 लाख 70 हजार रुपये से अधिक हो चुकी है, और अमृतकाल 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए इसे लगभग 22.50 लाख रुपये वार्षिक तक पहुंचाने के सुनियोजित प्रयास किए जाएंगे।1
- उमरिया जिले के अमिलिया ग्राम में आयोजित जन कल्याण शिविर में तीसरे दिन भी अपेक्षित संख्या में हितग्राही नहीं पहुंचे। शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से लगाए गए इस शिविर में अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति तो थी, लेकिन हितग्राहियों की संख्या काफी कम रही।4
- मध्य प्रदेश सरकार द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रदेश भर में जनकल्याण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य जनता की समस्याओं को उनके गाँव और घर पर ही सुनकर सरकार की योजनाओं का लाभ उन तक पहुँचाना है। इसी क्रम में उमरिया जिले के समस्त विकासखंडों, खंड स्तरीय, नगर निगम और नगर परिषदों में भी ये शिविर लगाए जा रहे हैं। मंगलवार को अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री और उमरिया जिले के प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान एक दिवसीय दौरे पर जिले में थे। उन्होंने विकासखंड पाली के ग्राम अमिलिहा में आयोजित जन कल्याण शिविर में पहुँचकर विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने हितग्राहियों को प्रमाण पत्र, खाद और बीज, लाड़ली लक्ष्मी योजना सहित अन्य शासकीय योजनाओं की सामग्री और प्रमाण पत्र वितरित किए, जिससे उपस्थित ग्रामीणों को लाभ मिला। प्रभारी मंत्री ने बताया कि इन शिविरों का मुख्य फोकस केंद्र सरकार की योजनाओं पर रहेगा, जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, आयुष्मान भारत योजना, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, मुद्रा योजना और जनधन योजना शामिल हैं। इन योजनाओं की जानकारी अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने और पात्र हितग्राहियों को इनसे जोड़ने का विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही, शिविरों में मध्य प्रदेश सरकार की लाड़ली बहना योजना, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी और लाभ भी उपलब्ध कराया जाएगा। मंत्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार निरंतर जनकल्याण के लिए कार्य कर रही है। इन शिविरों की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी एक ही स्थान पर उपलब्ध रहेंगे, जिससे नागरिकों की शिकायतों, समस्याओं और योजनाओं से संबंधित आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया जा सके। जिन नागरिकों को किसी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है, उनके आवेदन स्वीकार कर उन्हें संबंधित योजना से जोड़ने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी, जिससे लोगों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत मिलेगी। प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान ने भाजपा कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के नागरिकों से अपील की कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें। उन्होंने कहा कि ये शिविर सरकार और जनता के बीच संवाद का प्रभावी माध्यम हैं, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत एवं मुख्यमंत्री मोहन यादव के विकसित मध्य प्रदेश के संकल्प को जनभागीदारी के बिना पूरा नहीं किया जा सकता। उन्होंने क्षेत्रवासियों से 16, 17 और 18 जून को आयोजित शिविरों में अधिक से अधिक संख्या में पहुँचने और योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। इसके अतिरिक्त, प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान ने पाली जनपद के ग्राम भिम्माडोंगरी पहुँचकर नल-जल योजना का निरीक्षण भी किया, जहाँ विभाग के अधिकारी एच.एस. धुर्वे और सब इंजीनियर हिमांशु जायसवाल ने उन्हें निरीक्षण कराया। इस दौरान उन्होंने पाया कि गाँव के लोगों को शुद्ध पीने का पानी मिल रहा है, और अधिकारी लगातार भ्रमण कर उन्हें जल्द से जल्द जल उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत हैं।2
- उमरिया जिले के जनपद पंचायत पाली अंतर्गत ग्राम पंचायत अमिलिया में आयोजित जन कल्याण शिविर का आज तीसरा दिन है। जानकारी के अनुसार, शिविर में प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी जैसे पटवारी, सरपंच, सचिव और जनपद के अधिकारी तो मौजूद हैं, लेकिन कोई भी हितग्राही दिखाई नहीं दे रहा है। ऐसा प्रतीत होता है कि हितग्राहियों की इस शिविर में कोई रुचि नहीं है और उन्हें किसी भी प्रकार की सुविधा की आवश्यकता नहीं है, जिसके चलते उनकी गैरमौजूदगी दर्ज की गई है।4
- उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली में आयोजित जनकल्याण शिविर उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब प्रदेश के अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री और जिला प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान निर्धारित कार्यक्रम के बावजूद शिविर में नहीं पहुंचे। लोग घंटों तक उनके आने का इंतजार करते रहे, जबकि मंत्री का काफिला शिविर स्थल के पास से गुजरते हुए उमरिया की ओर चला गया। पाली नगर पालिका क्षेत्र में गायत्री मंदिर के सामने आयोजित इस शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए थे और प्रशासन ने हितग्राहियों को प्रमाण पत्र, खाद-बीज समेत कई योजनाओं का लाभ वितरित किया। कार्यक्रम के अनुसार मंत्री नागर सिंह चौहान को दोपहर 12:30 बजे शिविर में शामिल होना था, लेकिन वे नहीं आए। लोगों ने आरोप लगाया कि मंत्री का काफिला अंबेडकर चौक से गुजरा, जो शिविर स्थल से करीब ही है, फिर भी वे शामिल हुए बिना आगे बढ़ गए, जिससे उनमें निराशा और नाराजगी देखी गई। दूसरी ओर, कांग्रेस और यूथ कांग्रेस के पदाधिकारी भी अपने कार्यकर्ताओं के साथ मंत्री का इंतजार कर रहे थे। वे नगर पालिका पाली द्वारा बनाए जा रहे नए बस स्टैंड के निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं की शिकायत प्रभारी मंत्री को सौंपना चाहते थे। मंत्री के न पहुंचने पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रवि मिश्रा और यूथ कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष रजनीश तिवारी ने जिला कलेक्टर राखी सहाय को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच की मांग की। उन्होंने इसे जनता की अपेक्षाओं की अनदेखी बताया और कहा कि अगर मंत्री को नहीं आना था, तो लोगों को इंतजार नहीं कराना चाहिए था। हालांकि, मंत्री की अनुपस्थिति के बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने शिविर की गतिविधियां जारी रखीं। कलेक्टर राखी सहाय ने स्वयं शिविर पहुंचकर विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया और लोगों की समस्याएं सुनीं। अधिकारियों द्वारा हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ भी वितरित किया गया। जारी आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, मंत्री नागर सिंह चौहान को सुबह अमिलिहा और दोपहर 12:30 बजे पाली में जनकल्याण शिविर में शामिल होना था, जिसके बाद उन्हें अन्य कार्यक्रमों में भी भाग लेना था। पाली शिविर में उनके न पहुंचने से यह सवाल दिनभर चर्चा का विषय बना रहा।4
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 18 जून को इंदौर एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का स्वागत किया। इस अवसर पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और मंत्री तुलसीराम सिलावट सहित अन्य गणमान्य अतिथि भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रपति के आगमन को मध्य प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण बताया और विश्वास जताया कि उनका दौरा प्रदेशवासियों में उत्साह और उमंग का संचार करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार विकास और जनकल्याण के कार्यों को गति दे रही है। राष्ट्रपति अपने प्रवास के दौरान कूनो क्षेत्र में चीता प्रोजेक्ट का अवलोकन करेंगी और सिकल सेल एनीमिया जैसी गंभीर चुनौती से निपटने के लिए संचालित कार्यक्रमों में भी भाग लेंगी। इसके अतिरिक्त, वे ईश्वरीय प्रजापति ब्रह्मकुमारी संस्था के कार्यक्रम में भी शामिल होंगी, जिससे स्वयंसेवी और आध्यात्मिक संस्थाओं के प्रति सरकार के सकारात्मक दृष्टिकोण को समझने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने इस दौरान राज्य सरकार की कुछ प्रमुख उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश ने नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता प्राप्त की है, और बालाघाट, मंडला तथा डिंडोरी जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास एवं शांति का वातावरण निर्मित हुआ है। उन्होंने भोपाल गैस त्रासदी से जुड़े लगभग 40 वर्ष पुराने यूनियन कार्बाइड कचरे के सुरक्षित निस्तारण को एक महत्वपूर्ण कदम बताया। साथ ही, नदी जोड़ो अभियान और चीता प्रोजेक्ट के सफल क्रियान्वयन जैसी पहलों को देश-दुनिया के लिए आश्चर्य एवं प्रेरणा का विषय बताया। भोजशाला से जुड़े 700 वर्ष पुराने विवाद के समाधान की दिशा में वसंत पंचमी पर शांतिपूर्ण पूजा एवं नमाज की व्यवस्था को ऐतिहासिक निर्णय बताया गया। डॉ. यादव ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी प्रदेश की प्रगति पर प्रकाश डाला, जिसमें अनेक मेडिकल कॉलेज, पीएम एक्सीलेंस कॉलेज और नई संस्थाओं की स्थापना शामिल है। उन्होंने दावा किया कि देश में सबसे कम बेरोजगारी वाले राज्यों में मध्य प्रदेश अग्रणी है। विगत ढाई वर्षों में प्रदेश ने विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, रोजगार और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त की हैं। सरकार का लक्ष्य आगामी ढाई वर्षों में सिंचित क्षेत्र को 100 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में सरकार बनने से पहले प्रति व्यक्ति आय लगभग 11 हजार रुपये थी, जो बढ़कर 1 लाख 70 हजार रुपये से अधिक हो चुकी है, और अमृतकाल 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए इसे लगभग 22.50 लाख रुपये वार्षिक तक पहुँचाने के लिए सुनियोजित प्रयास किए जाएंगे।1