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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 18 जून को इंदौर एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का स्वागत किया। इस अवसर पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और मंत्री तुलसीराम सिलावट सहित अन्य गणमान्य अतिथि भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रपति के आगमन को मध्य प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण बताया और विश्वास जताया कि उनका दौरा प्रदेशवासियों में उत्साह और उमंग का संचार करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार विकास और जनकल्याण के कार्यों को गति दे रही है। राष्ट्रपति अपने प्रवास के दौरान कूनो क्षेत्र में चीता प्रोजेक्ट का अवलोकन करेंगी और सिकल सेल एनीमिया जैसी गंभीर चुनौती से निपटने के लिए संचालित कार्यक्रमों में भी भाग लेंगी। इसके अतिरिक्त, वे ईश्वरीय प्रजापति ब्रह्मकुमारी संस्था के कार्यक्रम में भी शामिल होंगी, जिससे स्वयंसेवी और आध्यात्मिक संस्थाओं के प्रति सरकार के सकारात्मक दृष्टिकोण को समझने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने इस दौरान राज्य सरकार की कुछ प्रमुख उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश ने नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता प्राप्त की है, और बालाघाट, मंडला तथा डिंडोरी जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास एवं शांति का वातावरण निर्मित हुआ है। उन्होंने भोपाल गैस त्रासदी से जुड़े लगभग 40 वर्ष पुराने यूनियन कार्बाइड कचरे के सुरक्षित निस्तारण को एक महत्वपूर्ण कदम बताया। साथ ही, नदी जोड़ो अभियान और चीता प्रोजेक्ट के सफल क्रियान्वयन जैसी पहलों को देश-दुनिया के लिए आश्चर्य एवं प्रेरणा का विषय बताया। भोजशाला से जुड़े 700 वर्ष पुराने विवाद के समाधान की दिशा में वसंत पंचमी पर शांतिपूर्ण पूजा एवं नमाज की व्यवस्था को ऐतिहासिक निर्णय बताया गया। डॉ. यादव ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी प्रदेश की प्रगति पर प्रकाश डाला, जिसमें अनेक मेडिकल कॉलेज, पीएम एक्सीलेंस कॉलेज और नई संस्थाओं की स्थापना शामिल है। उन्होंने दावा किया कि देश में सबसे कम बेरोजगारी वाले राज्यों में मध्य प्रदेश अग्रणी है। विगत ढाई वर्षों में प्रदेश ने विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, रोजगार और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त की हैं। सरकार का लक्ष्य आगामी ढाई वर्षों में सिंचित क्षेत्र को 100 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में सरकार बनने से पहले प्रति व्यक्ति आय लगभग 11 हजार रुपये थी, जो बढ़कर 1 लाख 70 हजार रुपये से अधिक हो चुकी है, और अमृतकाल 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए इसे लगभग 22.50 लाख रुपये वार्षिक तक पहुँचाने के लिए सुनियोजित प्रयास किए जाएंगे।

1 hr ago
user_जिला ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
जिला ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
Carpenter बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 18 जून को इंदौर एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का स्वागत किया। इस अवसर पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और मंत्री तुलसीराम सिलावट सहित अन्य गणमान्य अतिथि भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रपति के आगमन को मध्य प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण बताया और विश्वास जताया कि उनका दौरा प्रदेशवासियों में उत्साह और उमंग का संचार करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार विकास और जनकल्याण के कार्यों को गति दे रही है। राष्ट्रपति अपने प्रवास के दौरान कूनो क्षेत्र में चीता प्रोजेक्ट का अवलोकन करेंगी और सिकल सेल एनीमिया जैसी गंभीर चुनौती से निपटने के लिए संचालित कार्यक्रमों में भी भाग लेंगी। इसके अतिरिक्त, वे ईश्वरीय प्रजापति ब्रह्मकुमारी संस्था के कार्यक्रम में भी शामिल होंगी, जिससे स्वयंसेवी और आध्यात्मिक संस्थाओं के प्रति सरकार के सकारात्मक दृष्टिकोण को समझने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने इस दौरान राज्य सरकार की कुछ प्रमुख उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश ने नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता प्राप्त की है, और बालाघाट, मंडला तथा डिंडोरी जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास एवं शांति का वातावरण निर्मित हुआ है। उन्होंने भोपाल गैस त्रासदी से जुड़े लगभग 40 वर्ष पुराने यूनियन कार्बाइड कचरे के सुरक्षित निस्तारण को एक महत्वपूर्ण कदम बताया। साथ ही, नदी जोड़ो अभियान और चीता प्रोजेक्ट के सफल क्रियान्वयन जैसी पहलों को देश-दुनिया के लिए आश्चर्य एवं प्रेरणा का विषय बताया। भोजशाला से जुड़े 700 वर्ष पुराने विवाद के समाधान की दिशा में वसंत पंचमी पर शांतिपूर्ण पूजा एवं नमाज की व्यवस्था को ऐतिहासिक निर्णय बताया गया। डॉ. यादव ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी प्रदेश की प्रगति पर प्रकाश डाला, जिसमें अनेक मेडिकल कॉलेज, पीएम एक्सीलेंस कॉलेज और नई संस्थाओं की स्थापना शामिल है। उन्होंने दावा किया कि देश में सबसे कम बेरोजगारी वाले राज्यों में मध्य प्रदेश अग्रणी है। विगत ढाई वर्षों में प्रदेश ने विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, रोजगार और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त की हैं। सरकार का लक्ष्य आगामी ढाई वर्षों में सिंचित क्षेत्र को 100 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में सरकार बनने से पहले प्रति व्यक्ति आय लगभग 11 हजार रुपये थी, जो बढ़कर 1 लाख 70 हजार रुपये से अधिक हो चुकी है, और अमृतकाल 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए इसे लगभग 22.50 लाख रुपये वार्षिक तक पहुँचाने के लिए सुनियोजित प्रयास किए जाएंगे।

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  • उमरिया जिले के अमिलिया ग्राम में आयोजित जन कल्याण शिविर में तीसरे दिन भी अपेक्षित संख्या में हितग्राही नहीं पहुंचे। शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से लगाए गए इस शिविर में अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति तो थी, लेकिन हितग्राहियों की संख्या काफी कम रही।
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    उमरिया जिले के अमिलिया ग्राम में आयोजित जन कल्याण शिविर में तीसरे दिन भी अपेक्षित संख्या में हितग्राही नहीं पहुंचे। शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से लगाए गए इस शिविर में अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति तो थी, लेकिन हितग्राहियों की संख्या काफी कम रही।
    user_राहुल शीतलानीन्यूज़ रिपोर
    राहुल शीतलानीन्यूज़ रिपोर
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 18 जून को इंदौर एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का स्वागत किया। इस अवसर पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और मंत्री तुलसीराम सिलावट सहित अन्य गणमान्य अतिथि भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रपति के आगमन को मध्य प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण बताया और विश्वास जताया कि उनका दौरा प्रदेशवासियों में उत्साह और उमंग का संचार करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार विकास और जनकल्याण के कार्यों को गति दे रही है। राष्ट्रपति अपने प्रवास के दौरान कूनो क्षेत्र में चीता प्रोजेक्ट का अवलोकन करेंगी और सिकल सेल एनीमिया जैसी गंभीर चुनौती से निपटने के लिए संचालित कार्यक्रमों में भी भाग लेंगी। इसके अतिरिक्त, वे ईश्वरीय प्रजापति ब्रह्मकुमारी संस्था के कार्यक्रम में भी शामिल होंगी, जिससे स्वयंसेवी और आध्यात्मिक संस्थाओं के प्रति सरकार के सकारात्मक दृष्टिकोण को समझने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने इस दौरान राज्य सरकार की कुछ प्रमुख उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश ने नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता प्राप्त की है, और बालाघाट, मंडला तथा डिंडोरी जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास एवं शांति का वातावरण निर्मित हुआ है। उन्होंने भोपाल गैस त्रासदी से जुड़े लगभग 40 वर्ष पुराने यूनियन कार्बाइड कचरे के सुरक्षित निस्तारण को एक महत्वपूर्ण कदम बताया। साथ ही, नदी जोड़ो अभियान और चीता प्रोजेक्ट के सफल क्रियान्वयन जैसी पहलों को देश-दुनिया के लिए आश्चर्य एवं प्रेरणा का विषय बताया। भोजशाला से जुड़े 700 वर्ष पुराने विवाद के समाधान की दिशा में वसंत पंचमी पर शांतिपूर्ण पूजा एवं नमाज की व्यवस्था को ऐतिहासिक निर्णय बताया गया। डॉ. यादव ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी प्रदेश की प्रगति पर प्रकाश डाला, जिसमें अनेक मेडिकल कॉलेज, पीएम एक्सीलेंस कॉलेज और नई संस्थाओं की स्थापना शामिल है। उन्होंने दावा किया कि देश में सबसे कम बेरोजगारी वाले राज्यों में मध्य प्रदेश अग्रणी है। विगत ढाई वर्षों में प्रदेश ने विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, रोजगार और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त की हैं। सरकार का लक्ष्य आगामी ढाई वर्षों में सिंचित क्षेत्र को 100 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में सरकार बनने से पहले प्रति व्यक्ति आय लगभग 11 हजार रुपये थी, जो बढ़कर 1 लाख 70 हजार रुपये से अधिक हो चुकी है, और अमृतकाल 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए इसे लगभग 22.50 लाख रुपये वार्षिक तक पहुँचाने के लिए सुनियोजित प्रयास किए जाएंगे।
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    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 18 जून को इंदौर एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का स्वागत किया। इस अवसर पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और मंत्री तुलसीराम सिलावट सहित अन्य गणमान्य अतिथि भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रपति के आगमन को मध्य प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण बताया और विश्वास जताया कि उनका दौरा प्रदेशवासियों में उत्साह और उमंग का संचार करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार विकास और जनकल्याण के कार्यों को गति दे रही है।

राष्ट्रपति अपने प्रवास के दौरान कूनो क्षेत्र में चीता प्रोजेक्ट का अवलोकन करेंगी और सिकल सेल एनीमिया जैसी गंभीर चुनौती से निपटने के लिए संचालित कार्यक्रमों में भी भाग लेंगी। इसके अतिरिक्त, वे ईश्वरीय प्रजापति ब्रह्मकुमारी संस्था के कार्यक्रम में भी शामिल होंगी, जिससे स्वयंसेवी और आध्यात्मिक संस्थाओं के प्रति सरकार के सकारात्मक दृष्टिकोण को समझने का अवसर मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान राज्य सरकार की कुछ प्रमुख उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश ने नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता प्राप्त की है, और बालाघाट, मंडला तथा डिंडोरी जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास एवं शांति का वातावरण निर्मित हुआ है। उन्होंने भोपाल गैस त्रासदी से जुड़े लगभग 40 वर्ष पुराने यूनियन कार्बाइड कचरे के सुरक्षित निस्तारण को एक महत्वपूर्ण कदम बताया। साथ ही, नदी जोड़ो अभियान और चीता प्रोजेक्ट के सफल क्रियान्वयन जैसी पहलों को देश-दुनिया के लिए आश्चर्य एवं प्रेरणा का विषय बताया। भोजशाला से जुड़े 700 वर्ष पुराने विवाद के समाधान की दिशा में वसंत पंचमी पर शांतिपूर्ण पूजा एवं नमाज की व्यवस्था को ऐतिहासिक निर्णय बताया गया।

डॉ. यादव ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी प्रदेश की प्रगति पर प्रकाश डाला, जिसमें अनेक मेडिकल कॉलेज, पीएम एक्सीलेंस कॉलेज और नई संस्थाओं की स्थापना शामिल है। उन्होंने दावा किया कि देश में सबसे कम बेरोजगारी वाले राज्यों में मध्य प्रदेश अग्रणी है। विगत ढाई वर्षों में प्रदेश ने विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, रोजगार और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त की हैं। सरकार का लक्ष्य आगामी ढाई वर्षों में सिंचित क्षेत्र को 100 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में सरकार बनने से पहले प्रति व्यक्ति आय लगभग 11 हजार रुपये थी, जो बढ़कर 1 लाख 70 हजार रुपये से अधिक हो चुकी है, और अमृतकाल 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए इसे लगभग 22.50 लाख रुपये वार्षिक तक पहुँचाने के लिए सुनियोजित प्रयास किए जाएंगे।
    user_जिला ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
    जिला ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
    Carpenter बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • मध्य प्रदेश सरकार द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रदेश भर में जनकल्याण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य जनता की समस्याओं को उनके गाँव और घर पर ही सुनकर सरकार की योजनाओं का लाभ उन तक पहुँचाना है। इसी क्रम में उमरिया जिले के समस्त विकासखंडों, खंड स्तरीय, नगर निगम और नगर परिषदों में भी ये शिविर लगाए जा रहे हैं। मंगलवार को अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री और उमरिया जिले के प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान एक दिवसीय दौरे पर जिले में थे। उन्होंने विकासखंड पाली के ग्राम अमिलिहा में आयोजित जन कल्याण शिविर में पहुँचकर विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने हितग्राहियों को प्रमाण पत्र, खाद और बीज, लाड़ली लक्ष्मी योजना सहित अन्य शासकीय योजनाओं की सामग्री और प्रमाण पत्र वितरित किए, जिससे उपस्थित ग्रामीणों को लाभ मिला। प्रभारी मंत्री ने बताया कि इन शिविरों का मुख्य फोकस केंद्र सरकार की योजनाओं पर रहेगा, जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, आयुष्मान भारत योजना, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, मुद्रा योजना और जनधन योजना शामिल हैं। इन योजनाओं की जानकारी अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने और पात्र हितग्राहियों को इनसे जोड़ने का विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही, शिविरों में मध्य प्रदेश सरकार की लाड़ली बहना योजना, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी और लाभ भी उपलब्ध कराया जाएगा। मंत्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार निरंतर जनकल्याण के लिए कार्य कर रही है। इन शिविरों की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी एक ही स्थान पर उपलब्ध रहेंगे, जिससे नागरिकों की शिकायतों, समस्याओं और योजनाओं से संबंधित आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया जा सके। जिन नागरिकों को किसी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है, उनके आवेदन स्वीकार कर उन्हें संबंधित योजना से जोड़ने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी, जिससे लोगों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत मिलेगी। प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान ने भाजपा कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के नागरिकों से अपील की कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें। उन्होंने कहा कि ये शिविर सरकार और जनता के बीच संवाद का प्रभावी माध्यम हैं, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत एवं मुख्यमंत्री मोहन यादव के विकसित मध्य प्रदेश के संकल्प को जनभागीदारी के बिना पूरा नहीं किया जा सकता। उन्होंने क्षेत्रवासियों से 16, 17 और 18 जून को आयोजित शिविरों में अधिक से अधिक संख्या में पहुँचने और योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। इसके अतिरिक्त, प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान ने पाली जनपद के ग्राम भिम्माडोंगरी पहुँचकर नल-जल योजना का निरीक्षण भी किया, जहाँ विभाग के अधिकारी एच.एस. धुर्वे और सब इंजीनियर हिमांशु जायसवाल ने उन्हें निरीक्षण कराया। इस दौरान उन्होंने पाया कि गाँव के लोगों को शुद्ध पीने का पानी मिल रहा है, और अधिकारी लगातार भ्रमण कर उन्हें जल्द से जल्द जल उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत हैं।
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    मध्य प्रदेश सरकार द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रदेश भर में जनकल्याण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य जनता की समस्याओं को उनके गाँव और घर पर ही सुनकर सरकार की योजनाओं का लाभ उन तक पहुँचाना है। इसी क्रम में उमरिया जिले के समस्त विकासखंडों, खंड स्तरीय, नगर निगम और नगर परिषदों में भी ये शिविर लगाए जा रहे हैं।

मंगलवार को अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री और उमरिया जिले के प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान एक दिवसीय दौरे पर जिले में थे। उन्होंने विकासखंड पाली के ग्राम अमिलिहा में आयोजित जन कल्याण शिविर में पहुँचकर विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने हितग्राहियों को प्रमाण पत्र, खाद और बीज, लाड़ली लक्ष्मी योजना सहित अन्य शासकीय योजनाओं की सामग्री और प्रमाण पत्र वितरित किए, जिससे उपस्थित ग्रामीणों को लाभ मिला। प्रभारी मंत्री ने बताया कि इन शिविरों का मुख्य फोकस केंद्र सरकार की योजनाओं पर रहेगा, जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, आयुष्मान भारत योजना, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, मुद्रा योजना और जनधन योजना शामिल हैं। इन योजनाओं की जानकारी अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने और पात्र हितग्राहियों को इनसे जोड़ने का विशेष अभियान चलाया जाएगा।

इसके साथ ही, शिविरों में मध्य प्रदेश सरकार की लाड़ली बहना योजना, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी और लाभ भी उपलब्ध कराया जाएगा। मंत्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार निरंतर जनकल्याण के लिए कार्य कर रही है। इन शिविरों की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी एक ही स्थान पर उपलब्ध रहेंगे, जिससे नागरिकों की शिकायतों, समस्याओं और योजनाओं से संबंधित आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया जा सके। जिन नागरिकों को किसी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है, उनके आवेदन स्वीकार कर उन्हें संबंधित योजना से जोड़ने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी, जिससे लोगों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।

प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान ने भाजपा कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के नागरिकों से अपील की कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें। उन्होंने कहा कि ये शिविर सरकार और जनता के बीच संवाद का प्रभावी माध्यम हैं, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत एवं मुख्यमंत्री मोहन यादव के विकसित मध्य प्रदेश के संकल्प को जनभागीदारी के बिना पूरा नहीं किया जा सकता। उन्होंने क्षेत्रवासियों से 16, 17 और 18 जून को आयोजित शिविरों में अधिक से अधिक संख्या में पहुँचने और योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। इसके अतिरिक्त, प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान ने पाली जनपद के ग्राम भिम्माडोंगरी पहुँचकर नल-जल योजना का निरीक्षण भी किया, जहाँ विभाग के अधिकारी एच.एस. धुर्वे और सब इंजीनियर हिमांशु जायसवाल ने उन्हें निरीक्षण कराया। इस दौरान उन्होंने पाया कि गाँव के लोगों को शुद्ध पीने का पानी मिल रहा है, और अधिकारी लगातार भ्रमण कर उन्हें जल्द से जल्द जल उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत हैं।
    user_पत्रकारिता
    पत्रकारिता
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • उमरिया जिले के जनपद पंचायत पाली अंतर्गत ग्राम पंचायत अमिलिया में आयोजित जन कल्याण शिविर का आज तीसरा दिन है। जानकारी के अनुसार, शिविर में प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी जैसे पटवारी, सरपंच, सचिव और जनपद के अधिकारी तो मौजूद हैं, लेकिन कोई भी हितग्राही दिखाई नहीं दे रहा है। ऐसा प्रतीत होता है कि हितग्राहियों की इस शिविर में कोई रुचि नहीं है और उन्हें किसी भी प्रकार की सुविधा की आवश्यकता नहीं है, जिसके चलते उनकी गैरमौजूदगी दर्ज की गई है।
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    उमरिया जिले के जनपद पंचायत पाली अंतर्गत ग्राम पंचायत अमिलिया में आयोजित जन कल्याण शिविर का आज तीसरा दिन है। जानकारी के अनुसार, शिविर में प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी जैसे पटवारी, सरपंच, सचिव और जनपद के अधिकारी तो मौजूद हैं, लेकिन कोई भी हितग्राही दिखाई नहीं दे रहा है।

ऐसा प्रतीत होता है कि हितग्राहियों की इस शिविर में कोई रुचि नहीं है और उन्हें किसी भी प्रकार की सुविधा की आवश्यकता नहीं है, जिसके चलते उनकी गैरमौजूदगी दर्ज की गई है।
    user_Shyamkumargupta
    Shyamkumargupta
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली में आयोजित जनकल्याण शिविर उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब प्रदेश के अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री और जिला प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान निर्धारित कार्यक्रम के बावजूद शिविर में नहीं पहुंचे। लोग घंटों तक उनके आने का इंतजार करते रहे, जबकि मंत्री का काफिला शिविर स्थल के पास से गुजरते हुए उमरिया की ओर चला गया। पाली नगर पालिका क्षेत्र में गायत्री मंदिर के सामने आयोजित इस शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए थे और प्रशासन ने हितग्राहियों को प्रमाण पत्र, खाद-बीज समेत कई योजनाओं का लाभ वितरित किया। कार्यक्रम के अनुसार मंत्री नागर सिंह चौहान को दोपहर 12:30 बजे शिविर में शामिल होना था, लेकिन वे नहीं आए। लोगों ने आरोप लगाया कि मंत्री का काफिला अंबेडकर चौक से गुजरा, जो शिविर स्थल से करीब ही है, फिर भी वे शामिल हुए बिना आगे बढ़ गए, जिससे उनमें निराशा और नाराजगी देखी गई। दूसरी ओर, कांग्रेस और यूथ कांग्रेस के पदाधिकारी भी अपने कार्यकर्ताओं के साथ मंत्री का इंतजार कर रहे थे। वे नगर पालिका पाली द्वारा बनाए जा रहे नए बस स्टैंड के निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं की शिकायत प्रभारी मंत्री को सौंपना चाहते थे। मंत्री के न पहुंचने पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रवि मिश्रा और यूथ कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष रजनीश तिवारी ने जिला कलेक्टर राखी सहाय को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच की मांग की। उन्होंने इसे जनता की अपेक्षाओं की अनदेखी बताया और कहा कि अगर मंत्री को नहीं आना था, तो लोगों को इंतजार नहीं कराना चाहिए था। हालांकि, मंत्री की अनुपस्थिति के बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने शिविर की गतिविधियां जारी रखीं। कलेक्टर राखी सहाय ने स्वयं शिविर पहुंचकर विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया और लोगों की समस्याएं सुनीं। अधिकारियों द्वारा हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ भी वितरित किया गया। जारी आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, मंत्री नागर सिंह चौहान को सुबह अमिलिहा और दोपहर 12:30 बजे पाली में जनकल्याण शिविर में शामिल होना था, जिसके बाद उन्हें अन्य कार्यक्रमों में भी भाग लेना था। पाली शिविर में उनके न पहुंचने से यह सवाल दिनभर चर्चा का विषय बना रहा।
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    उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली में आयोजित जनकल्याण शिविर उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब प्रदेश के अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री और जिला प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान निर्धारित कार्यक्रम के बावजूद शिविर में नहीं पहुंचे। लोग घंटों तक उनके आने का इंतजार करते रहे, जबकि मंत्री का काफिला शिविर स्थल के पास से गुजरते हुए उमरिया की ओर चला गया।

पाली नगर पालिका क्षेत्र में गायत्री मंदिर के सामने आयोजित इस शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए थे और प्रशासन ने हितग्राहियों को प्रमाण पत्र, खाद-बीज समेत कई योजनाओं का लाभ वितरित किया। कार्यक्रम के अनुसार मंत्री नागर सिंह चौहान को दोपहर 12:30 बजे शिविर में शामिल होना था, लेकिन वे नहीं आए। लोगों ने आरोप लगाया कि मंत्री का काफिला अंबेडकर चौक से गुजरा, जो शिविर स्थल से करीब ही है, फिर भी वे शामिल हुए बिना आगे बढ़ गए, जिससे उनमें निराशा और नाराजगी देखी गई।

दूसरी ओर, कांग्रेस और यूथ कांग्रेस के पदाधिकारी भी अपने कार्यकर्ताओं के साथ मंत्री का इंतजार कर रहे थे। वे नगर पालिका पाली द्वारा बनाए जा रहे नए बस स्टैंड के निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं की शिकायत प्रभारी मंत्री को सौंपना चाहते थे। मंत्री के न पहुंचने पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रवि मिश्रा और यूथ कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष रजनीश तिवारी ने जिला कलेक्टर राखी सहाय को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच की मांग की। उन्होंने इसे जनता की अपेक्षाओं की अनदेखी बताया और कहा कि अगर मंत्री को नहीं आना था, तो लोगों को इंतजार नहीं कराना चाहिए था।

हालांकि, मंत्री की अनुपस्थिति के बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने शिविर की गतिविधियां जारी रखीं। कलेक्टर राखी सहाय ने स्वयं शिविर पहुंचकर विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया और लोगों की समस्याएं सुनीं। अधिकारियों द्वारा हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ भी वितरित किया गया। जारी आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, मंत्री नागर सिंह चौहान को सुबह अमिलिहा और दोपहर 12:30 बजे पाली में जनकल्याण शिविर में शामिल होना था, जिसके बाद उन्हें अन्य कार्यक्रमों में भी भाग लेना था। पाली शिविर में उनके न पहुंचने से यह सवाल दिनभर चर्चा का विषय बना रहा।
    user_Tapas Gupta
    Tapas Gupta
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • शहडोल जिले के अमलाई स्थित ओरिएंट पेपर मिल के प्रशासक श्री अजय न्यूडिंग (आरएम/आरएमडी) की सेवानिवृत्ति पर कर्मचारियों ने एक भावभीनी विदाई और सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने श्री न्यूडिंग के साथ बिताए गए कार्यकाल की यादें साझा कीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कर्मचारियों ने श्री अजय न्यूडिंग को पिता तुल्य बताते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा उनके हितों का ध्यान रखा और अपने सरल, सौम्य तथा प्रेरणादायी नेतृत्व से सभी का विश्वास जीता। वक्ताओं ने उनके मार्गदर्शन में कार्य करने के अनुभव को सदैव प्रेरणादायक बताया। यह भी उल्लेख किया गया कि श्री न्यूडिंग के नेतृत्व में ओरिएंट पेपर मिल ने पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलताएं हासिल कीं। उनकी दूरदर्शी सोच और कार्यकुशलता के कारण मानसून सत्र के दौरान एक करोड़ पौधों के रोपण जैसे महत्वाकांक्षी लक्ष्य को सफलतापूर्वक पूरा किया गया, जिससे ओपीएम ने पर्यावरण संरक्षण में अग्रणी स्थान बनाए रखा। समारोह के अंत में कर्मचारियों ने उन्हें स्मृति-चिह्न और शुभकामनाएँ भेंट कीं। इस दौरान श्री अविनाश झा सीनियर मैनेजर आरएमडी, आरएम डॉ. बी.एम. ओझा सीनियर पर्यावरण अधिकारी, मैनेजर प्लांटेशन प्रेम सिंह, श्री गणेश शिप्पी मैनेजर, यार्ड इंचार्ज एसपी सिंह सहित कई कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मृगेन्द्र सिंह ने किया।
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    शहडोल जिले के अमलाई स्थित ओरिएंट पेपर मिल के प्रशासक श्री अजय न्यूडिंग (आरएम/आरएमडी) की सेवानिवृत्ति पर कर्मचारियों ने एक भावभीनी विदाई और सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने श्री न्यूडिंग के साथ बिताए गए कार्यकाल की यादें साझा कीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कर्मचारियों ने श्री अजय न्यूडिंग को पिता तुल्य बताते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा उनके हितों का ध्यान रखा और अपने सरल, सौम्य तथा प्रेरणादायी नेतृत्व से सभी का विश्वास जीता। वक्ताओं ने उनके मार्गदर्शन में कार्य करने के अनुभव को सदैव प्रेरणादायक बताया। यह भी उल्लेख किया गया कि श्री न्यूडिंग के नेतृत्व में ओरिएंट पेपर मिल ने पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलताएं हासिल कीं। उनकी दूरदर्शी सोच और कार्यकुशलता के कारण मानसून सत्र के दौरान एक करोड़ पौधों के रोपण जैसे महत्वाकांक्षी लक्ष्य को सफलतापूर्वक पूरा किया गया, जिससे ओपीएम ने पर्यावरण संरक्षण में अग्रणी स्थान बनाए रखा।

समारोह के अंत में कर्मचारियों ने उन्हें स्मृति-चिह्न और शुभकामनाएँ भेंट कीं। इस दौरान श्री अविनाश झा सीनियर मैनेजर आरएमडी, आरएम डॉ. बी.एम. ओझा सीनियर पर्यावरण अधिकारी, मैनेजर प्लांटेशन प्रेम सिंह, श्री गणेश शिप्पी मैनेजर, यार्ड इंचार्ज एसपी सिंह सहित कई कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मृगेन्द्र सिंह ने किया।
    user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    Astrologer सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • शहडोल नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत जय स्तंभ चौक स्थित कलेक्ट्रेट कार्यालय के विराट सभागार में बुधवार को दोपहर करीब 4:00 बजे तक समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, अधिवक्ता और पत्रकार उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य UCC पर चर्चा करना और अंतिम ड्राफ्ट के लिए जनसुझाव आमंत्रित करना था। इस दौरान जनता से अंतिम जनसुझाव भी लिए गए।
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    शहडोल नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत जय स्तंभ चौक स्थित कलेक्ट्रेट कार्यालय के विराट सभागार में बुधवार को दोपहर करीब 4:00 बजे तक समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, अधिवक्ता और पत्रकार उपस्थित रहे।

बैठक का मुख्य उद्देश्य UCC पर चर्चा करना और अंतिम ड्राफ्ट के लिए जनसुझाव आमंत्रित करना था। इस दौरान जनता से अंतिम जनसुझाव भी लिए गए।
    user_Akhilesh Mishra
    Akhilesh Mishra
    सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • उमरिया जिले के प्रभारी मंत्री और अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने मंगलवार को जिले के एक दिवसीय दौरे पर रहते हुए विकासखंड पाली के ग्राम अमिलिहा में आयोजित जन कल्याण शिविर में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया और लाभार्थियों को प्रमाण पत्र, खाद व बीज, लाडली लक्ष्मी योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं की सामग्री व प्रमाण पत्र वितरित किए। इस शिविर का आयोजन मध्यप्रदेश सरकार द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में किया जा रहा है, ताकि जनता की समस्याओं का उनके गाँव और घर पर ही समाधान हो सके तथा उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। उमरिया जिले के सभी विकासखंडों, खंड स्तरीय, नगर निगमों और नगर परिषदों में ऐसे शिविर लगाए जा रहे हैं। प्रभारी मंत्री ने जोर दिया कि इन जनकल्याण शिविरों का मुख्य फोकस केंद्र सरकार की योजनाओं पर रहेगा। उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार ने विकास, सुशासन, गरीब कल्याण और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, आयुष्मान भारत योजना, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, मुद्रा योजना और जनधन योजना जैसी कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की हैं, जिनसे करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है। उन्होंने कहा कि इन शिविरों के माध्यम से इन योजनाओं की जानकारी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाई जाएगी और पात्र हितग्राहियों को इन योजनाओं से जोड़ने का विशेष अभियान चलाया जाएगा। नागर सिंह चौहान ने यह भी बताया कि शिविरों में मध्यप्रदेश सरकार की जनहितकारी योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार लाड़ली बहना योजना, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से जनकल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इन सभी योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को शिविरों में लाभ दिलाने की व्यवस्था की जाएगी, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के नागरिकों को सीधा फायदा मिलेगा। शिविरों की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी एक ही स्थान पर उपलब्ध रहेंगे, जिससे नागरिकों की शिकायतें, समस्याएँ और योजनाओं से संबंधित आवेदन मौके पर ही निपटाए जा सकेंगे। प्रशासन का प्रयास है कि अधिक से अधिक मामलों का समाधान मौके पर ही हो और जिन नागरिकों को किसी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है, उनके आवेदन स्वीकार कर उन्हें संबंधित योजना से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जा सके, जिससे उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी। प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान ने भाजपा कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के नागरिकों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनकल्याण शिविर शासन और जनता के बीच संवाद का एक प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गाँव-गाँव और वार्ड-वार्ड जाकर शिविरों की जानकारी पहुंचाने और पात्र लोगों को प्रेरित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत और मुख्यमंत्री मोहन यादव के विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प को जनभागीदारी के बिना पूरा नहीं किया जा सकता। उन्होंने क्षेत्रवासियों से 16, 17 और 18 जून को आयोजित शिविरों में अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर योजनाओं का लाभ लेने और समस्याओं का त्वरित समाधान कराने की अपील की। जनकल्याण शिविरों को सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और सुशासन को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इसी दौरे के दौरान, प्रभारी मंत्री ने पाली जनपद के ग्राम भिम्माडोंगरी में नल जल योजना का भी निरीक्षण किया, जहाँ विभाग के अधिकारी एच.एस. धुर्वे और सब इंजीनियर हिमांशु जायसवाल ने उन्हें निरीक्षण कराया। उन्होंने पाया कि इस गाँव के लोगों को शुद्ध पीने का पानी मिल रहा है और विभाग के अधिकारी शुद्ध जल उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
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    उमरिया जिले के प्रभारी मंत्री और अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने मंगलवार को जिले के एक दिवसीय दौरे पर रहते हुए विकासखंड पाली के ग्राम अमिलिहा में आयोजित जन कल्याण शिविर में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया और लाभार्थियों को प्रमाण पत्र, खाद व बीज, लाडली लक्ष्मी योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं की सामग्री व प्रमाण पत्र वितरित किए। इस शिविर का आयोजन मध्यप्रदेश सरकार द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में किया जा रहा है, ताकि जनता की समस्याओं का उनके गाँव और घर पर ही समाधान हो सके तथा उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। उमरिया जिले के सभी विकासखंडों, खंड स्तरीय, नगर निगमों और नगर परिषदों में ऐसे शिविर लगाए जा रहे हैं।

प्रभारी मंत्री ने जोर दिया कि इन जनकल्याण शिविरों का मुख्य फोकस केंद्र सरकार की योजनाओं पर रहेगा। उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार ने विकास, सुशासन, गरीब कल्याण और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, आयुष्मान भारत योजना, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, मुद्रा योजना और जनधन योजना जैसी कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की हैं, जिनसे करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है। उन्होंने कहा कि इन शिविरों के माध्यम से इन योजनाओं की जानकारी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाई जाएगी और पात्र हितग्राहियों को इन योजनाओं से जोड़ने का विशेष अभियान चलाया जाएगा।

नागर सिंह चौहान ने यह भी बताया कि शिविरों में मध्यप्रदेश सरकार की जनहितकारी योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार लाड़ली बहना योजना, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से जनकल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इन सभी योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को शिविरों में लाभ दिलाने की व्यवस्था की जाएगी, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के नागरिकों को सीधा फायदा मिलेगा। शिविरों की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी एक ही स्थान पर उपलब्ध रहेंगे, जिससे नागरिकों की शिकायतें, समस्याएँ और योजनाओं से संबंधित आवेदन मौके पर ही निपटाए जा सकेंगे। प्रशासन का प्रयास है कि अधिक से अधिक मामलों का समाधान मौके पर ही हो और जिन नागरिकों को किसी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है, उनके आवेदन स्वीकार कर उन्हें संबंधित योजना से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जा सके, जिससे उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।

प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान ने भाजपा कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के नागरिकों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनकल्याण शिविर शासन और जनता के बीच संवाद का एक प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गाँव-गाँव और वार्ड-वार्ड जाकर शिविरों की जानकारी पहुंचाने और पात्र लोगों को प्रेरित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत और मुख्यमंत्री मोहन यादव के विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प को जनभागीदारी के बिना पूरा नहीं किया जा सकता। उन्होंने क्षेत्रवासियों से 16, 17 और 18 जून को आयोजित शिविरों में अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर योजनाओं का लाभ लेने और समस्याओं का त्वरित समाधान कराने की अपील की। जनकल्याण शिविरों को सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और सुशासन को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इसी दौरे के दौरान, प्रभारी मंत्री ने पाली जनपद के ग्राम भिम्माडोंगरी में नल जल योजना का भी निरीक्षण किया, जहाँ विभाग के अधिकारी एच.एस. धुर्वे और सब इंजीनियर हिमांशु जायसवाल ने उन्हें निरीक्षण कराया। उन्होंने पाया कि इस गाँव के लोगों को शुद्ध पीने का पानी मिल रहा है और विभाग के अधिकारी शुद्ध जल उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
    user_राहुल शीतलानीन्यूज़ रिपोर
    राहुल शीतलानीन्यूज़ रिपोर
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
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