शाहाबाद:- बरसों बाद भी ढूंढावर ढूंड़ रहा पीने पीने का पानी उपखंड के देवरी क्षेत्र का ढूंढावर गांव आदिवासी सहरिया बाहुल्य क्षेत्र में विकास के दावो की दम निकालता नजर आता है। एआई टेक्नोलॉजी के इस आधुनिक युग में पीने के पानी के इंतजाम के लिए पैदल लंबी दूरी तय कर पेयजल के जुगाड़ की कवायद यह दर्शाती है कि हमने कितना विकास किया है। ढूंढावर गांव आज भी बुनियादी सुविधाओ वंचित है। गांव के लोग वर्षों से कुन्नू और तिलपसी नदी के दूषित पानी को छानकर पीने को मजबूर है। एन.एच. -27 से 3 किमी की दूर बसे इस गांव में करीब 180 मतदाता हैं, लेकिन यहां अब तक स्थाई पेयजल व्यवस्था नहीं हो सकी है, गर्मी के दिनो में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है। ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि पूरे साल यही हाल रहता है। गांव की महिलाएं प्रतिदिन एक किलोमीटर दूर दुर्गम रास्तों से होकर नदी तक पहुंचती है। यहां कंकड़ पत्थर हटाकर छोटी-सी झिरियां (गड्डा) बनाती हैं। शुरुआत में गंदा पानी निकालकर फेकती हैं, बाद में उसे कपड़े से छानकर बर्तनों में भरकर घर लाती है। यही पानी पीने और घरेलू उपयोग में लिया जाता है। है। हलाकी दो दिन से सोशल मीडिया पर ढूंढावर गांव में पेयजल समस्या की खबरें चल रही इस दौरान जलदाय विभाग शाहाबाद ने ढूंढावर सहित जहां पेयजल की दिक्कत है जल्द ही समाधान की कोशिश की पोस्ट की है।
शाहाबाद:- बरसों बाद भी ढूंढावर ढूंड़ रहा पीने पीने का पानी उपखंड के देवरी क्षेत्र का ढूंढावर गांव आदिवासी सहरिया बाहुल्य क्षेत्र में विकास के दावो की दम निकालता नजर आता है। एआई टेक्नोलॉजी के इस आधुनिक युग में पीने के पानी के इंतजाम के लिए पैदल लंबी दूरी तय कर पेयजल के जुगाड़ की कवायद यह दर्शाती है कि हमने कितना विकास किया है। ढूंढावर गांव आज भी बुनियादी सुविधाओ वंचित है। गांव के लोग वर्षों से कुन्नू और तिलपसी नदी के दूषित पानी को छानकर पीने को मजबूर है। एन.एच. -27 से 3 किमी की दूर बसे इस गांव में करीब 180 मतदाता हैं, लेकिन यहां अब तक स्थाई पेयजल व्यवस्था नहीं हो सकी है, गर्मी के दिनो में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है। ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि पूरे साल यही हाल रहता है। गांव की महिलाएं प्रतिदिन एक किलोमीटर दूर दुर्गम रास्तों से होकर नदी तक पहुंचती है। यहां कंकड़ पत्थर हटाकर छोटी-सी झिरियां (गड्डा) बनाती हैं। शुरुआत में गंदा पानी निकालकर फेकती हैं, बाद में उसे कपड़े से छानकर बर्तनों में भरकर घर लाती है। यही पानी पीने और घरेलू उपयोग में लिया जाता है। है। हलाकी दो दिन से सोशल मीडिया पर ढूंढावर गांव में पेयजल समस्या की खबरें चल रही इस दौरान जलदाय विभाग शाहाबाद ने ढूंढावर सहित जहां पेयजल की दिक्कत है जल्द ही समाधान की कोशिश की पोस्ट की है।
- जानकारी रविवार शाम 7 बजे मिली शाहबाद में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई वहीं कस्बाथाना में दिनभर की तेज गर्मी के बाद शाम होते ही मौसम ने करवट ली और तेज बारिश शुरू हो गई। अचानक बदले मौसम से जहां लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली, वहीं सड़कों पर पानी भरने से कुछ देर के लिए आवागमन प्रभावित भी हुआ। बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों ने ठंडक का अहसास किया। बच्चे और युवा बारिश का आनंद लेते नजर आए। किसानों के लिए भी यह बारिश फायदेमंद मानी जा रही है। हालांकि, कुछ जगहों पर जलभराव की समस्या भी देखने को मिली।1
- Post by Narendra Kushwah1
- उपखंड के देवरी क्षेत्र का ढूंढावर गांव आदिवासी सहरिया बाहुल्य क्षेत्र में विकास के दावो की दम निकालता नजर आता है। एआई टेक्नोलॉजी के इस आधुनिक युग में पीने के पानी के इंतजाम के लिए पैदल लंबी दूरी तय कर पेयजल के जुगाड़ की कवायद यह दर्शाती है कि हमने कितना विकास किया है। ढूंढावर गांव आज भी बुनियादी सुविधाओ वंचित है। गांव के लोग वर्षों से कुन्नू और तिलपसी नदी के दूषित पानी को छानकर पीने को मजबूर है। एन.एच. -27 से 3 किमी की दूर बसे इस गांव में करीब 180 मतदाता हैं, लेकिन यहां अब तक स्थाई पेयजल व्यवस्था नहीं हो सकी है, गर्मी के दिनो में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है। ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि पूरे साल यही हाल रहता है। गांव की महिलाएं प्रतिदिन एक किलोमीटर दूर दुर्गम रास्तों से होकर नदी तक पहुंचती है। यहां कंकड़ पत्थर हटाकर छोटी-सी झिरियां (गड्डा) बनाती हैं। शुरुआत में गंदा पानी निकालकर फेकती हैं, बाद में उसे कपड़े से छानकर बर्तनों में भरकर घर लाती है। यही पानी पीने और घरेलू उपयोग में लिया जाता है। है। हलाकी दो दिन से सोशल मीडिया पर ढूंढावर गांव में पेयजल समस्या की खबरें चल रही इस दौरान जलदाय विभाग शाहाबाद ने ढूंढावर सहित जहां पेयजल की दिक्कत है जल्द ही समाधान की कोशिश की पोस्ट की है।1
- शिवपुरी में आग का तांडव: दो गांव जलकर राख, तूफानी हवाओं ने बढ़ाई तबाही!"1
- शिवपुरी पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ के द्वारा जिले के समस्त थाना प्रभारीयों को अवैध मादक पदार्थ के विक्रय एवं सेवन करने वाले व्यक्तियों के विरूध्द कार्यवाही करने हेतु आदेशित किया गया है। कोतवाली टीआई रोहित दुबे द्वारा नशीले पदार्थो का विक्रय करने वाले एवं नशीले पदार्थों का सेवन करने वाले व्यक्तियों पर कार्यवाही करने हेतु टीम गठित कर कार्यवाही की गयी है, दिनांक 03.05.26 को सूचना मिली की एक व्यक्ति रेल्वे स्टेशन माल गोदाम के पास स्मैक विक्रय करने की नियत से खडा है फोर्स को सूचना की तस्दीक एवं कार्यवाही हेतु रवाना किया जो रेल्वे माल गोदाम के पास एक व्यक्ति पुलिस को आता देख भागने लगा जिसे पुलिस फोर्स द्वारा घेरकर पकडा जिसका नाम पता पूछने पर उसने अपना नाम राजू राठौर पुत्र रमेश राठौर उम्र 36 साल नि० फतेहपुर टोंगरा रोड शिवपुरी को होना बताया आरोपी की तलाश ली गयी तो उसके कब्जे से 17.60 ग्राम स्मैक कीमती करीबन 200000 रू की पायी गयी बाद गिरफ्तारी एवं जप्ती की कार्यवाही की गयी सम्पूर्ण कार्यवाही की वीडियोग्राफी की गयी बाद आरोपी के विरूध्द अप०क0 346/26 धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट का कायम कर विवेचना में लिया गया है आरोपी से स्मैक लाने के सोर्स के संबंध में पूछताछ की जा रही है। शिवपुरी शहर को नशा मुक्त बनाने के लिये नशीले पदार्थो का सेवन करने वाले एवं विक्रय करने वाले व्यक्तियों पर कोतवाली पुलिस द्वारा पूर्व में भी कार्यवाहियां की जा चुकीं है जिनमें कई आरोपीगण जेल में है एवं भविष्य में भी ऐसे व्यक्तियों पर कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी, शहर को नशा मुक्त करने के लिये दीगर जिले एवं दीगर राज्यों के ऐसे व्यक्ति जो बाहर से आकर शहर में नशीले पदार्थो परिवहन कर चले जाते है ऐसे व्यक्तियों के बारे में जानकारी एकत्रित की जा रही है सूचना प्राप्त होने पर उक्त व्यक्तियों के विरूध्द एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्यवाही की जावेगी।1
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- yada karta hu aap sab ka aayog milega4