नवागत एएसपी ने पूरनपुर कोतवाली का किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं का लिया जायजा नवागत एएसपी ने पूरनपुर कोतवाली का किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं का लिया जायजा पूरनपुर। नवागत अपर पुलिस अधीक्षक हिमांशु गौरव ने रविवार दोपहर 12 बजे पूरनपुर कोतवाली का निरीक्षण कर पुलिस व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अचानक हुए निरीक्षण से पुलिसकर्मियों में हलचल रही। एएसपी ने कोतवाली परिसर में साफ-सफाई, कार्यालयों और अभिलेखों की स्थिति देखी तथा संबंधित पुलिसकर्मियों से आवश्यक जानकारी ली।निरीक्षण के दौरान उन्होंने मिशन शक्ति केंद्र का भी जायजा लिया। महिला संबंधी शिकायतों की सुनवाई, महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सहायता और जागरूकता गतिविधियों के बारे में जानकारी ली गई। इसके अलावा कोतवाली के डाक कार्यालय का निरीक्षण कर पत्रावलियों और डाक से संबंधित कार्यों की स्थिति देखी।एएसपी ने पुलिसकर्मियों को शिकायतों के त्वरित एवं निष्पक्ष निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि थाने आने वाले फरियादियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए। लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए विवेचनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर भी जोर दिया गया। निरीक्षण के दौरान अभिलेखों के रखरखाव, परिसर की व्यवस्था और पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस दौरान कोतवाली प्रभारी पवन पांडे समेत पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
नवागत एएसपी ने पूरनपुर कोतवाली का किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं का लिया जायजा नवागत एएसपी ने पूरनपुर कोतवाली का किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं का लिया जायजा पूरनपुर। नवागत अपर पुलिस अधीक्षक हिमांशु गौरव ने रविवार दोपहर 12 बजे पूरनपुर कोतवाली का निरीक्षण कर पुलिस व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अचानक हुए निरीक्षण से पुलिसकर्मियों में हलचल रही। एएसपी ने कोतवाली परिसर में साफ-सफाई, कार्यालयों और अभिलेखों की स्थिति देखी तथा संबंधित पुलिसकर्मियों से आवश्यक जानकारी ली।निरीक्षण के दौरान उन्होंने मिशन शक्ति केंद्र का भी जायजा लिया। महिला संबंधी शिकायतों की सुनवाई, महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सहायता और जागरूकता गतिविधियों के बारे में जानकारी ली गई। इसके अलावा कोतवाली के डाक कार्यालय का निरीक्षण कर पत्रावलियों और डाक से संबंधित कार्यों की स्थिति देखी।एएसपी ने पुलिसकर्मियों को शिकायतों के त्वरित एवं निष्पक्ष निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि थाने आने वाले फरियादियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए। लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए विवेचनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर भी जोर दिया गया। निरीक्षण के दौरान अभिलेखों के रखरखाव, परिसर की व्यवस्था और पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस दौरान कोतवाली प्रभारी पवन पांडे समेत पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
- बहगुल-नदी का पुल फिर डूबा, दर्जनों गांवों का रास्ता बंदः भुता-बिथरी मार्ग पर धरने के 15 दिन बाद भी नहीं सुधरा पुल, 4 फीट पानी से आवागमन ठप बरेली के सिंघाई मुराबान और केसरपुर के बीच बहगुल नदी पर बना पुल फिर पानी में डूब गया है। तीन दिन की लगातार बारिश के बाद इस साल दूसरी बार पुल के ऊपर से करीब चार फीट पानी बह रहा है, जिससे सड़क पर आना-जाना बंद हो गया है। रास्ता बंद होने से छात्रों और ग्रामीणों को 20 किलोमीटर ज्यादा चलना पड़ रहा है। करीब 15 दिन पहले ग्रामीणों ने पुल ठीक करने की मांग पर धरना दिया था। सदर तहसीलदार के भरोसे के बाद धरना खत्म हुआ, पर पुल की हालत वैसी ही बनी हुई है। ग्रामीणों ने जल्दी ही पुल में निर्माण कार्य अथवा सुधार कार्य शुरू न होने की दशा में विशाल धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि वादे के बाद भी कोई काम नहीं हुआ। ग्राम प्रधान अरुण पटेल, लेखपाल शिव शंकर और बजरंग सेना के जिला अध्यक्ष सत्यवीर पटेल समेत लोगों ने सरकार से पुल को जल्द दोबारा बनाने की मांग की है, ताकि अगली बारिश में रास्ता फिर बंद न हो।1
- अमरिया में भी भारी बारिश से किसानों की बढ़ी चिंता,धान और गन्ने को नुकसान1
- बरसात में भी धरने पर डटा किसान, गन्ना मूल्य ₹600 की मांग पीलीभीत। बरसात के बीच भी किसान धरने पर डटे रहे। किसानों ने गन्ने का मूल्य बढ़ाकर ₹600 प्रति क्विंटल किए जाने की मांग उठाई। किसानों का कहना है कि बढ़ती लागत को देखते हुए गन्ने का उचित मूल्य निर्धारित किया जाना चाहिए।1
- बाढ़ को लेकर किसान नेता देवस्वरूप पटेल ने अधिकारियों से की वार्ता। तेज हबाओं के साथ कई दिनों से भारी बारिश एवं डामों से नदियों में अत्यधिक छोड़े गए पानी से किसान भाइयों की धान गन्ने की फसलें बर्बाद होने कृषि भूमि एवं आवादी में देवहा नदी की बाढ़ से कई गांव में कटान करने की समस्या से बचाव को किसान नेता एवं प्रांतीय संरक्षक क्रांतिकारी विचार मंच उत्तर प्रदेश देव स्वरुप पटेल ने बाढ़ नियंत्रण एवं राहत प्रभारी अपर जिला अधिकारी राजस्व एवं वित्त से बाढ़ चौकिया एवं रेनवसेरों में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए वार्ता की है पटेल ने कहा कि वह स्वयं नदी के कटान वाले गांव में अपने संगठन के साथियों के माध्यम से लगातार संपर्क में हैं और उनसे लोगों का एवं प्रशासनिक टीम का सहयोग करने के लिए भी कहा है पटेल ने कहा कि पीलीभीत में देवहा नदी के कटान से अहिरवाड़ा कांधरपुर रसूला गुदरानपुर बहादुरपुर हुकुमी सुस्वार सैजना पियास नावकुड़ वेहरी में अत्यधिक नुकसान होने लगा है उन्होंने बताया कि उन्हें इन सभी गांव के ग्रामीणों ने दूरभाष पर वार्ता में बताया कि अभी तक वहां प्रशासन की कोई भी कर्मचारी अधिकारी नहीं पहुंचे हैं जिससे मदद नहीं मिल पा रही है जबकि अभी नदी में पानी लगातार बढ़ रहा है देवहा नदी के तटीय गांव के ग्रामीणाे की परेशानी पर किसान नेता देवस्वरुप पटेल ने प्रशासनिक अधिकारियों को ग्रामीणों की परेशानी से अवगत कराया है किसान नेता पटेल ने कहा कि कल ही पीलीभीत सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद ने जिलाधिकारी सहित सभी अधिकारियों को निर्देश दिए की बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी पटेल ने आज की बाढ़ की स्थिति से एवं ग्रामीणों की समस्या से केंद्रीय राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद जी को अवगत करा दिया है3
- कन्धरपुर में युवक की हत्या की सूचना के संबंध में प्राप्त तहरीर के आधार पर FIR दर्ज कर की जा रही पुलिस कार्यवाही के संबंध *थाना आंवला, बरेली क्षेत्रान्तर्गत ग्राम कन्धरपुर में युवक की हत्या की सूचना के संबंध में प्राप्त तहरीर के आधार पर FIR दर्ज कर की जा रही पुलिस कार्यवाही के संबंध में श्रीमती अंशिका वर्मा, #SPsouth बरेली की बाइट।*1
- पीलीभीत में बारिश का कहर! भरभराकर गिरा कच्चा मकान, बाल-बाल बचा परिवार1
- बारिश में ढहा कच्चा मकान, परिवार के सिर से छिनी छत गांव फैजनगर भुता। क्षेत्र के गांव फैजनगर में लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश के चलते हसन मोहम्मद का कच्चा मकान भरभराकर गिर गया। हादसे के दौरान परिवार के सदस्य बाल-बाल बच गए। मकान गिरने से परिवार के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई है। पीड़ित हसन मोहम्मद के अनुसार, मकान गिरने की सूचना गांव के लेखपाल को दी गई थी। आरोप है कि सूचना के बाद भी लेखपाल मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लेने नहीं आए। मकान गिरने से घरेलू सामान के साथ परिवार को आर्थिक नुकसान हुआ है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मौके पर जांच कराकर नुकसान का आकलन कराने तथा राहत और सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। लगातार बारिश के बीच कच्चे मकान के गिरने से ग्रामीणों में भी चिंता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षेत्र में जर्जर और कच्चे मकानों का सर्वे कराने की मांग की है।... #Bareilly #news..1
- लगातार बारिश और बाढ़ के पानी से धान की फसल चौपट, किसानों की सालभर की मेहनत पर फिरा पानी बसेगा मार्ग के आसपास खेतों में जलभराव से धान की फसल गिरी, किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की बरेली। बरेली जनपद के नवाबगंज विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत टाहा प्यारी नवादा में लगातार बारिश और बाढ़ के पानी से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। गांव से बसेगा जाने वाले मार्ग के आसपास खेतों में जलभराव होने से धान की खड़ी फसल जमीन पर गिर गई है। बारिश और बाढ़ के पानी में डूबने से फसल खराब होकर नष्ट हो रही है। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से फसल नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। ग्राम पंचायत टाहा प्यारी नवादा निवासी रामपाल समेत ग्रामीण किसानों ने बताया कि क्षेत्र में लगातार बारिश होने और बाढ़ का पानी खेतों में पहुंचने से जलभराव की स्थिति बन गई है। खेतों में पानी जमा होने के कारण धान की खड़ी फसल जमीन पर गिर गई है। लगातार पानी भरा रहने से फसल खराब होकर नष्ट हो रही है। कई खेतों में धान की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। इससे किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया है। फसल बर्बाद होने से किसानों की बढ़ी चिंता किसानों का कहना है कि धान की फसल तैयार होने के समय लगातार बारिश और बाढ़ के पानी ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। फसल की बुवाई से लेकर देखभाल तक किसानों ने काफी मेहनत और खर्च किया था, लेकिन खेतों में पानी भरने से पूरी फसल बर्बाद होने की स्थिति में पहुंच गई है। इससे किसानों को परिवार के भरण-पोषण और अगली फसल की तैयारी की चिंता सताने लगी है। प्रशासन से सर्वे और मुआवजे की मांग ग्रामीण किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित खेतों का मौके पर निरीक्षण कराकर बारिश और बाढ़ से हुए फसल नुकसान का आकलन किया जाए। साथ ही शासन के नियमानुसार प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाया जाए, जिससे उन्हें आर्थिक राहत मिल सके। किसानों ने खेतों से पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था कराने की भी मांग की है, ताकि भविष्य में बारिश और बाढ़ के पानी से फसलों को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।1
- बैगुल नदी का पुल बना मुसीबत, चार फीट पानी से आवागमन ठप बरेली जनपद बरेली के बिथरी चैनपुर क्षेत्र के ग्राम सिंघाई मुराबान और केसरपुर के बीच बैगुल नदी पर बना पुल बारिश के दिनों में क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन रहा है। लगातार बारिश के बाद इस वर्ष दूसरी बार पुल के ऊपर पानी आ गया है। ग्रामीणों के अनुसार पुल के ऊपर करीब चार फीट तक पानी बहने के कारण सड़क मार्ग पूरी तरह बंद हो जाता है। इससे विद्यार्थियों, ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को मजबूरी में दूसरे रास्ते से करीब 20 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करके आना-जाना पड़ रहा है। बारिश के दौरान पुल के ऊपर पानी आने से स्कूली विद्यार्थियों की आवाजाही भी प्रभावित होती है। ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के मौसम में यही समस्या सामने आती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। इस समस्या को लेकर ग्राम प्रधान अरुण पटेल, लेखपाल शिव शंकर जी, श्री बजरंग सेना के जिला अध्यक्ष सत्यवीर पटेल सहित ग्रामवासियों एवं क्षेत्रवासियों ने सरकार और संबंधित विभाग से मांग की है कि बैगुल नदी के पुल का जल्द से जल्द निर्माण/पुनर्निर्माण कराया जाए, ताकि बारिश के समय आवागमन बाधित न हो और ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों को सुरक्षित रास्ता मिल सके। ग्रामीणों ने सरकार से पुल का कार्य शीघ्र शुरू कराने और समस्या का स्थायी समाधान करने की अपील की है।2