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विराटनगर विधायक कुलदीप धनखड़ के बेटे अनुज की शादी में पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री उत्तराखंड और कई बड़े मंत्री शामिल,VVIP विवाह में दोनों परिवारों की ओर से व्यापक मेहमाननवाजी और राजनीतिक दिग्गज नेता शामिल होंगे,यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा की बेटी अर्चना कि शादी विवाह स्थल निज आवास,भारणी (श्रीमाधोपुर)‌‌। शादी परंपराएं देखने को मिलीं, बारात पहुची *सब्सक्राइब-कमेंट-शेयर-फॉलो अवश्य करें वीडियो देखें*,

2 hrs ago
user_Raj.JANTA SEVA-84 NEWS
Raj.JANTA SEVA-84 NEWS
रिपोर्टर विराटनगर, जयपुर, राजस्थान•
2 hrs ago

विराटनगर विधायक कुलदीप धनखड़ के बेटे अनुज की शादी में पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री उत्तराखंड और कई बड़े मंत्री शामिल,VVIP विवाह में दोनों परिवारों की ओर से व्यापक मेहमाननवाजी और राजनीतिक दिग्गज नेता शामिल होंगे,यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा की बेटी अर्चना कि शादी विवाह स्थल निज आवास,भारणी (श्रीमाधोपुर)‌‌। शादी परंपराएं देखने को मिलीं, बारात पहुची *सब्सक्राइब-कमेंट-शेयर-फॉलो अवश्य करें वीडियो देखें*,

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  • Post by Raj.JANTA SEVA-84 NEWS
    1
    Post by Raj.JANTA SEVA-84 NEWS
    user_Raj.JANTA SEVA-84 NEWS
    Raj.JANTA SEVA-84 NEWS
    रिपोर्टर विराटनगर, जयपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • विराटनगर MLA Kuldeep Dhankar के बेटे अनुज कि भांकरी आवास से बारात रवाना होकर भारणी श्रीमाधोपुर पहुंची,सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात
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    विराटनगर MLA Kuldeep Dhankar के बेटे अनुज कि भांकरी आवास से बारात रवाना होकर भारणी श्रीमाधोपुर पहुंची,सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात
    user_Breaking Live News
    Breaking Live News
    Shahpura, Jaipur•
    1 hr ago
  • Post by Kotputli-Behror Breaking Live
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    Post by Kotputli-Behror Breaking Live
    user_Kotputli-Behror Breaking Live
    Kotputli-Behror Breaking Live
    Local News Reporter कोटपूतली, जयपुर, राजस्थान•
    28 min ago
  • झालावाड़ जिले की डग पुलिस ने ऑपरेशन दिव्य प्रहार 2.0 के तहत ड्रग माफिया पर आर्थिक रूप से सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए उनकी काली कमाई से अर्जित की हुई करोड़ की संपत्ति को स्थाई रूप से फ्रीज कर दिया गया है। डग पुलिस द्वारा काली कमाई से अर्जित सम्पत्ति वाले ड्रग माफिया लियाक़त खांन चाचुर्णी व राजपुरा मे 2 करोड़ 52 लाख के दो मकान को NDPS के तहत स्थाई किया फ्रिज। साथ ही आरोपी के 4 करोड़ 68लाख कीमत का 3120 किलो अवैध मादक पदार्थ डोडा चुरा, 15 लाख रुपए कीमत का 3 किलो अफीम, 2लाख की एक बुलेट, 38लाख कीमत की चौपहिया वाहन ट्रक जप्त। जिला पुलिस अधीक्षक अमित बुडानिया ने बताया कि नशा तस्करों को जड़ से समाप्त करने के लिए ऑपरेशन दिव्य प्रहार 2.0 प्रारंभ किया गया है, जिसके तहत तस्कर जिस काली कमाई के दम पर समाज में अपना रसूख जमते थे इसी काली कमाई को आर्थिक रूप से सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए स्थाई रूप से फ्रीज कर दिया गया। जिसके तहत पुलिस की गठित टीम ने सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहयोग से ड्रग माफिया लियाकत खान की चाचूर्णी व राजपुरा स्थित लगभग 2 करोड़ 52 लाख रुपए कीमत के दो मकानों को एनडीपीएस की धारा 68 के तहत स्थाई रूप से फ्रीज कर दिया गया। साथ ही बताया की कार्यवाही के दौरान आरोपी से 4 करोड़ 68 लाख रुपए कीमत का 3120 किलो अवैध मादक पदार्थ डोडा चूरा, 15 लाख रुपए कीमत का 3 किलो अफीम, ₹2 लाख कीमत की एक बुलेट मोटरसाइकिल व 38 लाख रुपए कीमत का चौपाहिया वाहन ट्रक जप्त किया गया था।
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    झालावाड़ जिले की डग पुलिस ने ऑपरेशन दिव्य प्रहार 2.0 के तहत ड्रग माफिया पर आर्थिक रूप से सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए उनकी काली कमाई से अर्जित की हुई करोड़ की संपत्ति को स्थाई रूप से फ्रीज कर दिया गया है।
डग पुलिस द्वारा   काली कमाई से अर्जित सम्पत्ति वाले ड्रग माफिया लियाक़त खांन चाचुर्णी व राजपुरा मे 2 करोड़ 52 लाख के दो मकान को NDPS के तहत स्थाई किया फ्रिज। साथ ही आरोपी के 4 करोड़ 68लाख कीमत का 3120 किलो अवैध मादक पदार्थ डोडा चुरा, 15 लाख रुपए कीमत का 3 किलो अफीम, 2लाख की एक बुलेट, 38लाख कीमत की चौपहिया वाहन ट्रक जप्त।
जिला पुलिस अधीक्षक अमित बुडानिया ने बताया कि नशा तस्करों को जड़ से समाप्त करने के लिए ऑपरेशन दिव्य प्रहार 2.0 प्रारंभ किया गया है, जिसके तहत तस्कर जिस काली कमाई के दम पर समाज में अपना रसूख जमते थे इसी काली कमाई को आर्थिक रूप से सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए स्थाई रूप से फ्रीज कर दिया गया। जिसके तहत पुलिस की गठित टीम ने सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहयोग से ड्रग माफिया लियाकत खान की चाचूर्णी व राजपुरा स्थित लगभग 2 करोड़ 52 लाख रुपए कीमत के दो मकानों को एनडीपीएस की धारा 68 के तहत स्थाई रूप से फ्रीज कर दिया गया। साथ ही बताया की कार्यवाही के दौरान आरोपी से 4 करोड़ 68 लाख रुपए कीमत का 3120  किलो अवैध मादक पदार्थ डोडा चूरा, 15 लाख रुपए कीमत का 3 किलो अफीम, ₹2 लाख कीमत की एक बुलेट मोटरसाइकिल व 38 लाख रुपए कीमत का चौपाहिया वाहन ट्रक जप्त किया गया था।
    user_Neeraj Maheshwari
    Neeraj Maheshwari
    Reporters राजगढ़, अलवर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • उत्तर पुस्तिका भी जमा कर दे, तब भी उसे 2 अंक दिए जाते हैं। मॉस्को विश्वविद्यालय में जब मुझे यह बात पहले दिन पता चली, तो मैं सचमुच हैरान रह गया। मुझे यह बिल्कुल तर्कसंगत नहीं लगा। मेरे मन में सवाल उठा — अगर किसी ने कुछ भी नहीं लिखा, तो उसे शून्य अंक क्यों नहीं मिलते? जिज्ञासा के कारण मैंने डॉ. थियोडोर मेद्रायेव से पूछा, “सर, यह कैसे सही है कि जिसने कुछ भी नहीं लिखा, उसे भी 2 अंक दिए जाएँ?” डॉ. मेद्रायेव मुस्कराए। फिर शांत और विचारशील स्वर में बोले : “शून्य का अर्थ है—अस्तित्वहीन। जब तक कोई व्यक्ति प्रयास कर रहा है, वह शून्य कैसे हो सकता है ? ज़रा सोचिए—कक्षा तक पहुँचने के लिए एक छात्र कितना प्रयास करता है। हो सकता है वह ठिठुरती ठंड में सुबह-सुबह उठा हो, दूर से बस, ट्राम या ट्रेन में खड़े-खड़े आया हो। भले ही उसने खाली काग़ज़ जमा किया हो, लेकिन उसका आना ही यह बताता है कि उसने कोशिश की। फिर मैं उसे शून्य कैसे दे सकता हूँ ?” उन्होंने आगे कहा : “हो सकता है छात्र उत्तर न लिख पाया हो। लेकिन क्या इसका मतलब यह है कि उसका पूरा प्रयास मिटा दिया जाए ? जिन रातों में वह जागा, जिन कॉपियों को उसने खरीदा, जिन किताबों को खोला, जिन संघर्षों से वह गुज़रा—क्या हम सब कुछ नज़रअंदाज़ कर दें ? नहीं, मेरे प्रिय ! *इंसान कभी शून्य नहीं होता। जब हम शून्य देते हैं, तो हम उसका आत्मविश्वास छीन लेते हैं, उसके भीतर की आग बुझा देते हैं।* एक शिक्षक के रूप में हमारा उद्देश्य छात्रों को बार-बार खड़ा होने में मदद करना है—उन्हें हार मानने पर मजबूर करना नहीं।” मैं चुपचाप सुनता रहा। उस क्षण मेरे भीतर कुछ हिल गया। तब मुझे समझ आया— *शिक्षा केवल अंकों या लिखे गए उत्तरों का नाम नहीं है। शिक्षा लोगों को जीवित रखने की प्रक्रिया है, प्रयास को पहचानने की कला है, आशा की रक्षा करने का माध्यम है।* उस दिन डॉ. मेद्रायेव ने मुझे एक गहरी सच्चाई सिखाई : *शिक्षा केवल ज्ञान का वितरण नहीं है, बल्कि मानवता का अभ्यास है।* काग़ज़ पर लगा शून्य अक्सर छात्रों के लिए मृत्यु-घंटी बन जाता है। वह शून्य उन्हें भय से भर देता है, रुचि छीन लेता है और धीरे-धीरे सीखने से घृणा पैदा कर देता है। लेकिन एक शिक्षक का दायित्व है प्रोत्साहित करना, आश्वस्त करना और कहना— _*“तुम कर सकते हो। फिर से कोशिश करो।”*_ जब हम खाली उत्तर पुस्तिका पर भी न्यूनतम अंक देते हैं, तो हम वास्तव में यह कहते हैं— “तुम शून्य नहीं हो। तुम अब भी महत्वपूर्ण हो। तुम सक्षम हो। तुम असफल नहीं हुए—बस इस बार सफल नहीं हो पाए। फिर से प्रयास करो।” यही सच्ची शिक्षा है। एक छात्र का भविष्य शिक्षक के हाथों में आकार लेता है। अगर शिक्षक थोड़ा और मानवीय बन जाएँ, अगर वे अंकों से परे प्रयास को देखना सीख लें, तो कितने ही हतोत्साहित छात्र फिर से सपने देखने का साहस कर सकते हैं। मुझे लगता है यह कहानी केवल रूस तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसे दुनिया भर के शिक्षकों तक पहुँचना चाहिए। क्योंकि शून्य अंक कभी शिक्षा नहीं होते। शून्य अंक अक्सर किसी की यात्रा का अंत होते हैं। जब तक कोई व्यक्ति प्रयास कर रहा है, वह कम से कम आश्वासन और पहचान का अधिकारी है। — *रूस में अध्ययनरत एक अज्ञात भारतीय छात्र द्वारा लिखित*
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    उत्तर पुस्तिका भी जमा कर दे, तब भी उसे 2 अंक दिए जाते हैं।
मॉस्को विश्वविद्यालय में जब मुझे यह बात पहले दिन पता चली, तो मैं सचमुच हैरान रह गया। मुझे यह बिल्कुल तर्कसंगत नहीं लगा। मेरे मन में सवाल उठा — अगर किसी ने कुछ भी नहीं लिखा, तो उसे शून्य अंक क्यों नहीं मिलते?
जिज्ञासा के कारण मैंने डॉ. थियोडोर मेद्रायेव से पूछा, “सर, यह कैसे सही है कि जिसने कुछ भी नहीं लिखा, उसे भी 2 अंक दिए जाएँ?”
डॉ. मेद्रायेव मुस्कराए। फिर शांत और विचारशील स्वर में बोले : “शून्य का अर्थ है—अस्तित्वहीन। जब तक कोई व्यक्ति प्रयास कर रहा है, वह शून्य कैसे हो सकता है ? ज़रा सोचिए—कक्षा तक पहुँचने के लिए एक छात्र कितना प्रयास करता है। हो सकता है वह ठिठुरती ठंड में सुबह-सुबह उठा हो, दूर से बस, ट्राम या ट्रेन में खड़े-खड़े आया हो। भले ही उसने खाली काग़ज़ जमा किया हो, लेकिन उसका आना ही यह बताता है कि उसने कोशिश की। फिर मैं उसे शून्य कैसे दे सकता हूँ ?”
उन्होंने आगे कहा : “हो सकता है छात्र उत्तर न लिख पाया हो। लेकिन क्या इसका मतलब यह है कि उसका पूरा प्रयास मिटा दिया जाए ? जिन रातों में वह जागा, जिन कॉपियों को उसने खरीदा, जिन किताबों को खोला, जिन संघर्षों से वह गुज़रा—क्या हम सब कुछ नज़रअंदाज़ कर दें ? नहीं, मेरे प्रिय ! *इंसान कभी शून्य नहीं होता। जब हम शून्य देते हैं, तो हम उसका आत्मविश्वास छीन लेते हैं, उसके भीतर की आग बुझा देते हैं।* एक शिक्षक के रूप में हमारा उद्देश्य छात्रों को बार-बार खड़ा होने में मदद करना है—उन्हें हार मानने पर मजबूर करना नहीं।”
मैं चुपचाप सुनता रहा। उस क्षण मेरे भीतर कुछ हिल गया। तब मुझे समझ आया— *शिक्षा केवल अंकों या लिखे गए उत्तरों का नाम नहीं है। शिक्षा लोगों को जीवित रखने की प्रक्रिया है, प्रयास को पहचानने की कला है, आशा की रक्षा करने का माध्यम है।*
उस दिन डॉ. मेद्रायेव ने मुझे एक गहरी सच्चाई सिखाई : *शिक्षा केवल ज्ञान का वितरण नहीं है, बल्कि मानवता का अभ्यास है।* काग़ज़ पर लगा शून्य अक्सर छात्रों के लिए मृत्यु-घंटी बन जाता है। वह शून्य उन्हें भय से भर देता है, रुचि छीन लेता है और धीरे-धीरे सीखने से घृणा पैदा कर देता है। लेकिन एक शिक्षक का दायित्व है प्रोत्साहित करना, आश्वस्त करना और कहना—
_*“तुम कर सकते हो। फिर से कोशिश करो।”*_
जब हम खाली उत्तर पुस्तिका पर भी न्यूनतम अंक देते हैं, तो हम वास्तव में यह कहते हैं—
“तुम शून्य नहीं हो। तुम अब भी महत्वपूर्ण हो। तुम सक्षम हो। तुम असफल नहीं हुए—बस इस बार सफल नहीं हो पाए। फिर से प्रयास करो।”
यही सच्ची शिक्षा है। एक छात्र का भविष्य शिक्षक के हाथों में आकार लेता है। अगर शिक्षक थोड़ा और मानवीय बन जाएँ, अगर वे अंकों से परे प्रयास को देखना सीख लें, तो कितने ही हतोत्साहित छात्र फिर से सपने देखने का साहस कर सकते हैं।
मुझे लगता है यह कहानी केवल रूस तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसे दुनिया भर के शिक्षकों तक पहुँचना चाहिए। क्योंकि शून्य अंक कभी शिक्षा नहीं होते। शून्य अंक अक्सर किसी की यात्रा का अंत होते हैं। जब तक कोई व्यक्ति प्रयास कर रहा है, वह कम से कम आश्वासन और पहचान का अधिकारी है।
— *रूस में अध्ययनरत एक अज्ञात भारतीय छात्र द्वारा लिखित*
    user_महेंद्र सिंह
    महेंद्र सिंह
    Local News Reporter अलवर, अलवर, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • खैरथल तिजारा जिले से बड़ी खबर मुंडावर उपखंड क्षेत्र मेघाला परशुराम कुंड के पास पहाड़ी पर लगी भीषण आग हवा के कारण आग ने लिया विकराल रूप आग लगने से पहाड़ी पर वन संपदा जलकर हुई राख आग की सूचना के बाद वन विभाग की टीम पहुंची मौके पर आग बुझाने का प्रयास जारी पहाड़ी पर लगी भीषण आग के कारण दमकल की गाड़ियों मौके पर नहीं पहुंच सकी वन कर्मचारी पेड़ों के पत्तों से बुझा रहे है आग पहाड़ी पर आग लगने से सो हेक्टेयर में वन संपदा को हुआ नुकसान मुंडावर थाना पुलिस भी पहुंची मौके पर घटना का लिया जायजा
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    खैरथल तिजारा जिले से बड़ी खबर 
मुंडावर उपखंड क्षेत्र मेघाला  परशुराम कुंड के पास पहाड़ी पर लगी भीषण आग 
हवा के कारण आग ने लिया विकराल रूप 
आग लगने से पहाड़ी पर वन संपदा जलकर हुई राख 
आग की सूचना के बाद वन विभाग की टीम पहुंची मौके पर आग बुझाने का प्रयास जारी 
पहाड़ी पर लगी भीषण आग के कारण दमकल की गाड़ियों मौके पर नहीं पहुंच सकी 
वन कर्मचारी पेड़ों के पत्तों से बुझा रहे है आग 
पहाड़ी पर आग लगने से सो हेक्टेयर में वन संपदा को हुआ नुकसान 
मुंडावर थाना पुलिस भी पहुंची मौके पर घटना का लिया जायजा
    user_पत्रकार
    पत्रकार
    मंडावर, अलवर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • बांदीकुई।।अलवर-सिकंदरा मेगा हाईवे पर स्थित पीचूपाड़ा टोल पर लाठी-डंडों से मारपीट का एक वीडियो सामने आया है। पुलिस इस वीडियो के आधार पर मामले की जांच कर रही है। इस घटना को लेकर बांदीकुई थाने में टोलकर्मियों के खिलाफ एक मामला भी दर्ज कराया गया है। पुलिस के अनुसार, बांदीकुई निवासी सुनील कुमार गुर्जर ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 17 अप्रैल की रात करीब 9 बजे वे अपने दोस्त सज्जन सिंह के साथ कार से सिकंदरा से बांदीकुई आ रहे थे। इस दौरान, फास्टैग में कम बैलेंस होने के कारण उन्होंने टोलकर्मियों से खुद को बांदीकुई का स्थानीय निवासी बताते हुए जाने देने का अनुरोध किया। आरोप है कि टोलकर्मियों ने उनकी बात नहीं मानी और उनसे 500 रुपए मांगने लगे। मना करने पर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी गई। सुनील कुमार गुर्जर ने अपनी शिकायत में यह भी बताया कि टोलकर्मियों के कहने पर कुछ लोग एक जीप में सवार होकर आए और लाठी-डंडों से उनके साथ मारपीट की। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो 17 अप्रैल की रात का है, जिसे वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने बनाया था।
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    बांदीकुई।।अलवर-सिकंदरा मेगा हाईवे पर स्थित पीचूपाड़ा टोल पर लाठी-डंडों से मारपीट का एक वीडियो सामने आया है। पुलिस इस वीडियो के आधार पर मामले की जांच कर रही है। इस घटना को लेकर बांदीकुई थाने में टोलकर्मियों के खिलाफ एक मामला भी दर्ज कराया गया है।
पुलिस के अनुसार, बांदीकुई निवासी सुनील कुमार गुर्जर ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 17 अप्रैल की रात करीब 9 बजे वे अपने दोस्त सज्जन सिंह के साथ कार से सिकंदरा से बांदीकुई आ रहे थे।
इस दौरान, फास्टैग में कम बैलेंस होने के कारण उन्होंने टोलकर्मियों से खुद को बांदीकुई का स्थानीय निवासी बताते हुए जाने देने का अनुरोध किया। आरोप है कि टोलकर्मियों ने उनकी बात नहीं मानी और उनसे 500 रुपए मांगने लगे। मना करने पर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी गई।
सुनील कुमार गुर्जर ने अपनी शिकायत में यह भी बताया कि टोलकर्मियों के कहने पर कुछ लोग एक जीप में सवार होकर आए और लाठी-डंडों से उनके साथ मारपीट की।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो 17 अप्रैल की रात का है, जिसे वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने बनाया था।
    user_अमर चन्द बैरवा
    अमर चन्द बैरवा
    Local News Reporter Bandikui, Dausa•
    3 hrs ago
  • Post by Raj.JANTA SEVA-84 NEWS
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    Post by Raj.JANTA SEVA-84 NEWS
    user_Raj.JANTA SEVA-84 NEWS
    Raj.JANTA SEVA-84 NEWS
    रिपोर्टर विराटनगर, जयपुर, राजस्थान•
    23 hrs ago
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