बांदीकुई के पीचूपाड़ा टोल पर युवकों से मारपीट,टोलकर्मियों पर लाठी-डंडों से हमले के आरोप लगाए, मामला दर्ज बांदीकुई।।अलवर-सिकंदरा मेगा हाईवे पर स्थित पीचूपाड़ा टोल पर लाठी-डंडों से मारपीट का एक वीडियो सामने आया है। पुलिस इस वीडियो के आधार पर मामले की जांच कर रही है। इस घटना को लेकर बांदीकुई थाने में टोलकर्मियों के खिलाफ एक मामला भी दर्ज कराया गया है। पुलिस के अनुसार, बांदीकुई निवासी सुनील कुमार गुर्जर ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 17 अप्रैल की रात करीब 9 बजे वे अपने दोस्त सज्जन सिंह के साथ कार से सिकंदरा से बांदीकुई आ रहे थे। इस दौरान, फास्टैग में कम बैलेंस होने के कारण उन्होंने टोलकर्मियों से खुद को बांदीकुई का स्थानीय निवासी बताते हुए जाने देने का अनुरोध किया। आरोप है कि टोलकर्मियों ने उनकी बात नहीं मानी और उनसे 500 रुपए मांगने लगे। मना करने पर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी गई। सुनील कुमार गुर्जर ने अपनी शिकायत में यह भी बताया कि टोलकर्मियों के कहने पर कुछ लोग एक जीप में सवार होकर आए और लाठी-डंडों से उनके साथ मारपीट की। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो 17 अप्रैल की रात का है, जिसे वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने बनाया था।
बांदीकुई के पीचूपाड़ा टोल पर युवकों से मारपीट,टोलकर्मियों पर लाठी-डंडों से हमले के आरोप लगाए, मामला दर्ज बांदीकुई।।अलवर-सिकंदरा मेगा हाईवे पर स्थित पीचूपाड़ा टोल पर लाठी-डंडों से मारपीट का एक वीडियो सामने आया है। पुलिस इस वीडियो के आधार पर मामले की जांच कर रही है। इस घटना को लेकर बांदीकुई थाने में टोलकर्मियों के खिलाफ एक मामला भी दर्ज कराया गया है। पुलिस के अनुसार, बांदीकुई निवासी सुनील कुमार गुर्जर ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 17 अप्रैल की रात करीब 9 बजे वे अपने दोस्त सज्जन सिंह के साथ कार से सिकंदरा से बांदीकुई आ रहे थे। इस दौरान, फास्टैग में कम बैलेंस होने के कारण उन्होंने टोलकर्मियों से खुद को बांदीकुई का स्थानीय निवासी बताते हुए जाने देने का अनुरोध किया। आरोप है कि टोलकर्मियों ने उनकी बात नहीं मानी और उनसे 500 रुपए मांगने लगे। मना करने पर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी गई। सुनील कुमार गुर्जर ने अपनी शिकायत में यह भी बताया कि टोलकर्मियों के कहने पर कुछ लोग एक जीप में सवार होकर आए और लाठी-डंडों से उनके साथ मारपीट की। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो 17 अप्रैल की रात का है, जिसे वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने बनाया था।
- बांदीकुई।।अलवर-सिकंदरा मेगा हाईवे पर स्थित पीचूपाड़ा टोल पर लाठी-डंडों से मारपीट का एक वीडियो सामने आया है। पुलिस इस वीडियो के आधार पर मामले की जांच कर रही है। इस घटना को लेकर बांदीकुई थाने में टोलकर्मियों के खिलाफ एक मामला भी दर्ज कराया गया है। पुलिस के अनुसार, बांदीकुई निवासी सुनील कुमार गुर्जर ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 17 अप्रैल की रात करीब 9 बजे वे अपने दोस्त सज्जन सिंह के साथ कार से सिकंदरा से बांदीकुई आ रहे थे। इस दौरान, फास्टैग में कम बैलेंस होने के कारण उन्होंने टोलकर्मियों से खुद को बांदीकुई का स्थानीय निवासी बताते हुए जाने देने का अनुरोध किया। आरोप है कि टोलकर्मियों ने उनकी बात नहीं मानी और उनसे 500 रुपए मांगने लगे। मना करने पर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी गई। सुनील कुमार गुर्जर ने अपनी शिकायत में यह भी बताया कि टोलकर्मियों के कहने पर कुछ लोग एक जीप में सवार होकर आए और लाठी-डंडों से उनके साथ मारपीट की। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो 17 अप्रैल की रात का है, जिसे वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने बनाया था।1
- प्रयोगशाला सहायक को एसडीएम कार्यालय में लगा रखा था प्रतिनियुक्ति पर , जमीनी मामले में 15000 की रिश्वत लेते पकड़ा, क्षेत्र के सरकारी महकमों में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर सोशल मीडिया पर वाक् युद्ध जारी1
- वर्तमान में स्कूल का नया सत्र शुरू हो गया है ऐसे में अब गर्मी भी सताने लगी है तेज धूप क्षेत्र में देखी जा रही है सिकराय उपखंड क्षेत्र के छोटे-छोटे बच्चे धूप से और गर्मी से परेशान दिखने लगे हैं अभिभावकों का कहना है कि बच्चे जब स्कूल से वापस लौटते हैं तो दोपहर करीब 2:00 बज जाते हैं इस दौरान वह गर्मी में चलकर आते हैं और आते ही कलर या एसी के ठंडी हवा में बैठ जाते हैं जिसके कारण उनका स्वास्थ्य खराब होने का डर बना रहता है ऐसे में अब स्कूली बच्चों का समय बदल जाए या फिर स्कूली छोटे बच्चों की छुट्टी की जाए1
- झालावाड़ जिले की डग पुलिस ने ऑपरेशन दिव्य प्रहार 2.0 के तहत ड्रग माफिया पर आर्थिक रूप से सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए उनकी काली कमाई से अर्जित की हुई करोड़ की संपत्ति को स्थाई रूप से फ्रीज कर दिया गया है। डग पुलिस द्वारा काली कमाई से अर्जित सम्पत्ति वाले ड्रग माफिया लियाक़त खांन चाचुर्णी व राजपुरा मे 2 करोड़ 52 लाख के दो मकान को NDPS के तहत स्थाई किया फ्रिज। साथ ही आरोपी के 4 करोड़ 68लाख कीमत का 3120 किलो अवैध मादक पदार्थ डोडा चुरा, 15 लाख रुपए कीमत का 3 किलो अफीम, 2लाख की एक बुलेट, 38लाख कीमत की चौपहिया वाहन ट्रक जप्त। जिला पुलिस अधीक्षक अमित बुडानिया ने बताया कि नशा तस्करों को जड़ से समाप्त करने के लिए ऑपरेशन दिव्य प्रहार 2.0 प्रारंभ किया गया है, जिसके तहत तस्कर जिस काली कमाई के दम पर समाज में अपना रसूख जमते थे इसी काली कमाई को आर्थिक रूप से सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए स्थाई रूप से फ्रीज कर दिया गया। जिसके तहत पुलिस की गठित टीम ने सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहयोग से ड्रग माफिया लियाकत खान की चाचूर्णी व राजपुरा स्थित लगभग 2 करोड़ 52 लाख रुपए कीमत के दो मकानों को एनडीपीएस की धारा 68 के तहत स्थाई रूप से फ्रीज कर दिया गया। साथ ही बताया की कार्यवाही के दौरान आरोपी से 4 करोड़ 68 लाख रुपए कीमत का 3120 किलो अवैध मादक पदार्थ डोडा चूरा, 15 लाख रुपए कीमत का 3 किलो अफीम, ₹2 लाख कीमत की एक बुलेट मोटरसाइकिल व 38 लाख रुपए कीमत का चौपाहिया वाहन ट्रक जप्त किया गया था।3
- दौसा। कालिका पेट्रोलिंग यूनिट, दौसा द्वारा आज महिलाओं एवं छात्राओं की सुरक्षा व जागरूकता के उद्देश्य से विभिन्न स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान महिला कॉलेज, इंपीरियल इंटरनेशनल स्कूल, चुंगी क्षेत्र एवं नेहरू पार्क गुप्तेश्वर मंदिर में महिलाओं व छात्राओं को जागरूक किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं व छात्राओं को महिला सुरक्षा, कानून संबंधी अधिकारों एवं पुलिस द्वारा संचालित विभिन्न अभियानों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। उन्हें राजकोप सिटिजन ऐप के उपयोग के बारे में बताया गया, जिससे किसी भी आपात स्थिति में पुलिस से तुरंत सहायता प्राप्त की जा सकती है। इसके साथ ही यातायात नियमों का पालन, सड़क सुरक्षा, आत्म सुरक्षा के उपाय तथा महिला हेल्पलाइन 1090/1091 व पुलिस कंट्रोल रूम 112 के उपयोग के बारे में जानकारी दी गई, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता प्राप्त की जा सके। इस अवसर पर महिलाओं को महिला डेस्क, ऑपरेशन गरिमा, ऑपरेशन लाडली, सुरक्षा सखी अभियान एवं ऑपरेशन जागृति के बारे में भी अवगत कराया गया तथा बताया गया कि इन अभियानों के माध्यम से महिलाओं व बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु पुलिस निरंतर प्रयासरत है। इसके अतिरिक्त चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, गुड टच–बैड टच तथा पॉक्सो एक्ट के बारे में जानकारी देकर बाल सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही साइबर अपराधों से बचाव, ऑनलाइन ठगी से सतर्क रहने एवं सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। दौसा पुलिस द्वारा इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं व छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा उपायों एवं हेल्पलाइन सेवाओं के प्रति जागरूक कर उन्हें सुरक्षित व सशक्त बनाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।4
- बालाघाट क्षेत्र की ग्राम पंचायत उरदैन पानी की समस्या को लेकर महिला पुरुषों ने जमकर किया प्रदर्शन महिला को कहना है कि घरों में पानी को आए 10 दिन हो गए टैंकरों से ₹500 देकर पानी मंगवाया जा रहा है कई बार प्रशासन को अवगत करा चुके हैं 181 पर भी शिकायत दर्ज हो कर चुके हैं फिर भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया1
- जयपुर। दोसा सवाई माधोपुर कल अक्षय तृतीया का पावन पर्व प्रदेशभर में धार्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। जहाँ एक ओर यह तिथि श्री परशुराम जन्मोत्सव और पाप-नाशिनी शक्ति के रूप में पूजी गई, वहीं दूसरी ओर सामाजिक और प्रशासनिक मोर्चे पर यह दिन 'द्वंद्व' का गवाह बना। आज चतुर्थी के सूर्योदय के साथ जब हम पीछे मुड़कर देखते हैं, तो आस्था के उजियारे के बीच बाल विवाह जैसी कुरीति के काले धब्बे मिटाने की जद्दोजहद साफ दिखाई देती है। प्रशासनिक सतर्कता: ₹1100 का इनाम और गुप्त सूचना का असर इस बार प्रदेश का प्रशासनिक अमला पूरी तरह 'अलर्ट मोड' पर था। शारदा एक्ट के उल्लंघन को रोकने के लिए सरकार ने जो कड़ाई दिखाई, उसका व्यापक असर ज़मीनी स्तर पर नज़र आया: मुखबिर तंत्र की सक्रियता: नाम गुप्त रखते हुए सूचना देने वाले सजग नागरिकों के लिए ₹1100 की प्रोत्साहन राशि ने 'निगरानी तंत्र' को मजबूत किया। रुकते हाथ, बचता बचपन: पूरे प्रदेश में कई स्थानों पर ऐन वक्त पर पहुँचकर प्रशासन ने बाल विवाह जैसी कुरीति को नग्न रूप में ही रोक दिया। मासूमों के हाथों की मेहंदी कानून के पहरे में फीकी तो पड़ी, पर उनका भविष्य सुरक्षित हो गया। आर्थिक और सामाजिक संतुलन का गणित अक्षय तृतीया केवल पूजा-पाठ की तिथि नहीं, बल्कि भारत के 'अर्थशास्त्र' का एक बड़ा आधार रही है। बजट का संरक्षण: कल हुए सामूहिक विवाह सम्मेलनों के कारण प्रदेश का अरबों रुपया बर्बाद होने से बच गया। मध्यम वर्ग के लिए यह तिथि 'आर्थिक सुरक्षा कवच' साबित हुई। सामाजिक समरसता: एक ही जाजम पर संपन्न हुए विवाह संस्कारों ने सनातन की उस 'एकता' को परिभाषित किया, जो जाति और वर्ग के भेदों को पाटती है। क्या हम वाकई जागृत हैं? "अक्षय तृतीया पर धर्म की शरण लेना पुण्यकारी है, लेकिन धर्म की आड़ में कानून की अवहेलना अक्षम्य है। प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाई, इनाम रखे और शादियाँ रुकवाईं, लेकिन समाज को यह सोचना होगा कि आखिर कब तक हमें 'इनाम' और 'डंडे' के डर से अपनी बेटियों का बचपन बचाना पड़ेगा? सनातन की पहचान समरसता में है, कुरीति में नहीं।" निष्कर्ष: कल की अक्षय तृतीया ने यह स्पष्ट कर दिया कि जहाँ धर्म और अर्थ का संतुलन समाज को प्रगति की ओर ले जाता है, वहीं कानून के प्रति सजगता ही व्यवस्था को सुदृढ़ बनाती है। अब समय इन अनुभवों से सीख लेकर आगामी सावे के लिए मानसिक रूप से तैयार होने का है। ग्राउंड रिपोर्टर खेमराज जोशी शुरू न्यूज़1
- एसडीएम के नाम पर स्टे की एवज में 15000 की रिश्वत लेते ट्रैप1